आयरन हमारे शरीर के लिए बहुत जरूरी पोषक तत्व है। यह रेड ब्लड सेल्स में मौजूद हीमोग्लोबिन को बनाता है, जो कि ऑक्सीजन को एक जगह से दूसरी जगह तक ले जाता है। शरीर में इस पोषक तत्व की कमी नहीं होनी चाहिए। हालांकि, देखने में आता है कि हाल के सालों में महिलाओं में आयरन की कमी अधिक देखी गई है। हैरानी बात यह है कि इसके मरीजों की संख्या बढ़ रही है। अच्छी बात यह है कि आप संकेतों को जानकर-समझकर समस्या को रोक सकते हैं, जैसे थकान, कमजोरी आदि। यहां नोएडा के मेदांता हॉस्पिटल में सीनियर कंसल्टेंट, मेडिकल ऑन्कोलॉजी, हेमेटोलॉजी और बोन मैरो ट्रांसप्लांट डॉ. अंकुर नंदन वार्ष्णेय आपको कुछ ऐसे ही संकेतों के बारे में बता रहे हैं।
महिलाओं में आयरन की कमी के संकेत
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WHO में प्रकाशित नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे (NFHS) सर्वे का हवाला देते हुए बताया गया है कि भारत के कई राज्यों में 2005-06 से 2015-16 के बीच महिलाओं में एनीमिया के मामलों में मामूली वृद्धि हुई है। हालांकि, पूरे देश में इसकी दर में कमी दर्ज की गई है, लेकिन कुछ शहरों को अनदेखा नहीं किया जा सकता है। इसलिए, जरूरी है कि महिलाओं को समय पर इसके लक्षणों की जानकारी हो-
1. बालों का झड़ना
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डॉ. अंकुर नंदन वार्ष्णेय के अनुसार, "आमतौर पर बाल झड़ना एक सामान्य प्रक्रिया है। हेयर वाॅश करते हुए या कंघी करते हुए बालों का झड़ना कोई हैरानी की बात नहीं होती है, इसलिए अक्सर महिलाएं हेयर फाॅल को एनीमिया से जोड़कर नहीं देखती हैं। असल बात यह है कि एनीमिया के कारण महिलाओं में हेयर फाॅल बढ़ सकता है। यही नहीं, नाखून का टूटना भी एनीमिया का एक लक्षण है।"
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2. बहुत ज्यादा थकान महसूस करना
American Society of Hematology के अनुसार, ज्यादातर लोगों को आयरन की कमी के सामान्य संकेत समझ नहीं आते हैं। वे इसे रोजमर्रा की थकान समझकर इग्नोर देते हैं। ज्यादातर महिलाएं ऐसा करती हैं। विशेषज्ञ स्पष्ट करते हैं कि अगर महिलाएं जरा सा काम करते ही थकान और कमजोरी महसूस करती हैं, तो उन्हें इस स्थिति को इग्नोर नहीं करना चाहिए। यह आयरन की कमी का सबसे शुरुआती संकेत होता है।
वास्तव में आयरन की कमी के कारण शरीर में हीमोग्लोबिन कम हो जाता है, जिससे ऑक्सीजन सप्लाई पर असर पड़ता है। ऐसे में शरीर प्रभावी तरीके से काम नहीं कर पाता है और व्यक्ति में थकान तथा कमजोरी आ जाती है।
3. त्वचा की रंगत में बदलाव
आयरन की कमी होने पर महिलाओं की त्वचा पर भी इसका असर पड़ता है। Nationwide Children's के अनुसार आयरन की कमी होने पर त्वचा की रंगत फीकी पड़ जाती है। सवाल है, ऐसा क्यों और कैसे होता है? इस प्रक्रिया को डॉक्टर समझाते हैं कि आयरन की कमी के कारण शरीर में हीमोग्लोबिन कम हो जाता है। हीमोग्लोबिन एक प्रोटीन है, जो खून को लाल रंग प्रदान करता है। यही कारण है कि आयरन की कमी होने पर त्वचा की रंगत पर असर नजर आने लगता है।
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4. सांस लेने में तकलीफ
डॉ. अंकुर नंदन वार्ष्णेय कहते हैं, "एनीमिया होने पर महिलाओं के लिए सीढ़ियां चढ़ना-उतरना या हैवी वर्कआउट करना काफी मुश्किल हो जाता है। यहां तक कि कई बार उन्हें सांस लेने में तकलीफ भी महसूस होने लगती है। यही नहीं, अगर किसी महिला को एनीमिया की समस्या लंबे समय से है, तो उन्हें साधारण वॉक करने में भी थकान और सांस लेने में तकलीफ हो सकती है। अगर महिला के साथ ऐसा हो, तो उन्हें इस संकेत को इग्नोर नहीं करना चाहिए।"
5. सिर भारी होना
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अगर किसी महिला को बार-बार सिरदर्द होने की समस्या होती है, अक्सर सिर घूमता है, तो उन्हें इस स्थिति को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यह भी एनीमिया का एक शुरुआती लक्षण है। जैसा कि हमने पहले भी जिक्र किया है कि आयरन की कमी के कारण शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर कम हो जाता है, जिससे पूरे शरीर में ऑक्सीजन सप्लाई बाधित हो जाती है। ऐसे में सिर तक भी ऑक्सीजन कम पहुंचता है, जिससे भारीपन और सिरदर्द की समस्या होने लगती है।
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6. हाथ-पांव का ठंडा पड़ना
आपको यह जानकर हैरानी हो सकती है कि आयरन की कमी का हाथ-पांव ठंडे पड़ने से गहरा संबंध है। इस प्रक्रिया को ध्यान से समझें। डॉ. अंकुर नंदन वार्ष्णेय ने आगे बताया, "जब शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी हो जाती है, जिससे ऑक्सीजन सप्लाई बाधित होने लगती है। ऐसे में शरीर खुद ब खुद एक एलर्ट मोड में आ जाता है और जरूरी ऑर्गन तक ऑक्सीजन सप्लाई को बढ़ा देता है। ऐसे में हाथ-पांव की ओर ऑक्सीजन सप्लाई कम हो जाती है, जिससे गर्म माहौल में भी हाथ-पांव ठंडे होने लगते हैं। ऐसे में मेटाबॉलिज्म भी प्राकृतिक रूप से धीमा हो जाता है।"
7. अनियमित दिल का धड़कना
American Society of Hematology की मानें, तो आयरन की कमी के कारण दिल अनियमित या तेज धड़कने लगता है। सवाल है, ऐसा क्यों होता है? असल में, आयरन की कमी की वजह से जब शरीर में ऑर्गन और टिश्यूज तक कम ऑक्सीजन सप्लाई होने लगती है, तो ऐसे में हार्ट को ब्लड पंप करने के लिए अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ती है। नतीजतन, हार्ट रेट बढ़ जाता है।
किन महिलाओं को एनीमिया का रिस्क अधिक होता है?
American Society of Hematology के अनुसार कई महिलाओं को एनीमिया होने का रिस्क होता है। जैसे-
- जिन महिलाओं को पीरियड्स के दौरान हैवी ब्लीडिंग होती है।
- जो महिलाएं प्रेग्नेंट हैं या ब्रेस्टफीड कराती हैं।
- जिन महिलाओं की कोई मेजर सर्जरी हुई है, जैसे गैस्ट्रिक बायपास या ड्युओडेनल की सर्जरी।
- जिन महिलाओं को गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल (Gastrointestinal) डिजीज जैसे सीलिएक डिजीज है।
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निष्कर्ष
हमारे देश में ज्यादातर महिलाएं थकान, कमजोरी, सिरदर्द आदि समस्याओं को गंभीरता से नहीं लेती हैं, जबकि इस तरह की तमाम परेशानियां एनीमिया का संकेत हो सकती हैं। इसलिए, अगर कोई महिला लंबे समय से इस तरह की परेशानी से जूझ रही है, तो उन्हें इसे इग्नोर नहीं करना चाहिए। इसके साथ-साथ नजर आ रहे अन्य लक्षणों पर भी उन्हें गौर करना चाहिए, जैसे चलने-फिरने के दौरान सांस फूलना या सीढ़ियां चढ़ने-उतरने में दिक्कत आना आदि। ऐसा हो, तो आप जल्द से जल्द डॉक्टर के पास जाएं और अपना ट्रीटमेंट करवाएं।
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FAQ
क्या आयरन की कमी होने के बावजूद चाय या कॉफी पीना सेफ है?
हां, आयरन की कमी होने पर भी आप चाय या कॉफी पी सकते हैं। हालांकि, खाना खाने के तुरंत बाद इनका सेवन करना सही नहीं है। असल में, चाय और कॉफी में टैनिन (Tannins) और पॉलीफेनॉल्स पाए जाते हैं, जो कि आयरन के अवशोषण को कम करते हैं।आयरन सप्लीमेंट या गोलियां लेते समय विटामिन C का सेवन करना क्यों जरूरी माना जाता है?
विटामिन C आयरन सप्लीमेंट्स के अबशोषण में मदद करता है। इसलिए डॉक्टर अक्सर आयरन टैबलेट को नींबू पानी या विटामिन C के साथ लेने की सलाह देते हैं।
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Sep 02, 2026 16:01 IST
Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dr Ankur Nandan Varshney
