Wed Oct 14, 2026 | 06:19 PM IST

Medically Reviewed by Dr Brunda M S , Internal Medicine

खून की कमी से दिल की धड़कन कैसे तेज हो सकती है? डॉक्टर से जानें

आयरन की कमी से शरीर में कई प्रकार के लक्षण देखे जाते हैं, लेकिन यह दिल को कैसे प्रभावित कर सकती है, इसके बारे में लोग कम ही जानते हैं? आइए डॉक्टर से समझते हैं कि शरीर में आयरन की कमी का दिल पर कैसा असर होता है।
खून की कमी से दिल की धड़कन कैसे तेज हो सकती है? डॉक्टर से जानेंखून की कमी से दिल की धड़कन कैसे तेज हो सकती है? डॉक्टर से जानें

खून की कमी शरीर के कई अंगों को प्रभावित कर सकती है जिसमें से एक है आपका दिल। Dr. Brunda M S, Sr. Consultant - Internal Medicine, Aster CMI Hospital, Bangaluru कहती हैं कि जब शरीर में खून की कमी होती है तो शरीर तक पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाता है जिससे दिल को ब्लड पंप करने के लिए अतिरिक्त मेहनत करना पड़ता है। इससे दिल का आकार बढ़ सकता है और लंबे समय में यह हार्ट फेलियर का भी खतरा हो सकता है।

खून की कमी (एनीमिया) से दिल की धड़कन तेज क्यों हो सकती है?

Dr. Brunda M S कहती हैं कि एनीमिया तब होता है जब शरीर के टिशू तक जरूरी ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए खून में पर्याप्त मात्रा में स्वस्थ रेड ब्लड सेल्स या हीमोग्लोबिन नहीं होते हैं। हीमोग्लोबिन, रेड ब्लड सेल्स में पाया जाने वाला एक प्रोटीन है जो फेफड़ों से अंगों और मांसपेशियों तक ऑक्सीजन पहुंचाता है। जब हीमोग्लोबिन का लेवल कम हो जाता है, तो टिशू तक पहुंचने वाली ऑक्सीजन की मात्रा भी कम हो सकती है। ऐसे में शरीर दिल से ज्यादा खून पंप करवाकर इसकी भरपाई करने की कोशिश करता है ताकि जरूरी अंगों तक पर्याप्त ऑक्सीजन पहुंच सके। नतीजतन, एनीमिया से पीड़ित व्यक्ति को दिल की धड़कन तेज महसूस हो सकती है, खासकर शारीरिक गतिविधि के दौरान। कुछ लोगों को थकान, कमजोरी, सिरदर्द या एक्सरसाइज करने की क्षमता में कमी भी महसूस हो सकती है।

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लक्षण कितने गंभीर होंगे, यह अक्सर इस बात पर निर्भर करता है कि हीमोग्लोबिन का लेवल कितना कम है और एनीमिया कितनी तेजी से बढ़ा है। जब एनीमिया धीरे-धीरे बढ़ता है, तो शरीर कुछ समय के लिए कम ऑक्सीजन ले जाने की क्षमता के हिसाब से खुद को ढाल सकता है, और शुरुआत में लक्षण हल्के हो सकते हैं। हालांकि, जब हीमोग्लोबिन का लेवल काफी या तेजी से गिरता है, तो ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए दिल को ज्यादा मेहनत करनी पड़ सकती है। काम का यह बढ़ा हुआ बोझ, धड़कनें तेज होने या दिल की धड़कन साफ महसूस होने का कारण बन सकता है।

खून की कमी से दिल की धड़कन तेज होने के लक्षण 

डॉक्टर बताती हैं कि दिल की धड़कन तेज होने के कई लक्षण हैं जो आपको अपने शरीर में महसूस हो सकते हैं खाकर कि कुछ एक्टिविटी के दौरान आपको यह ज्यादा महसूस हो सकते हैं जैसे-

  • सीढ़ियां चढ़ने के दौरान साफ सुनाई दे सकती हैं दिल की तेज धड़कन
  • तेजी से चलने के दौरान
  • तेजी से बात करने के दौरान भी
  • आराम करते समय भी सांस फूलना और धड़कनों की आवाज आना
  • सीने में दर्द या दबाव महसूस करना जिसमें दिल की मांसपेशियों को कम ऑक्सीजन मिलने की वजह से सीने में जकड़न या बेचैनी महसूस हो सकती है
  • लगातार थकान महसूस होना और हर छोटे काम में सांस फूलना
  • बेहोशी या चक्कर जैसा महसूस करना

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शरीर की ऑक्सीजन की जरूरत बढ़ाने वाली दूसरी गतिविधियां करने के बाद भी किसी व्यक्ति को दिल की धड़कन तेज महसूस हो सकती है। आयरन की कमी एनीमिया का एक आम कारण है, लेकिन विटामिन B12 या फोलेट की कमी, खून की कमी और कई पुरानी बीमारियां भी इसका कारण बन सकती हैं।

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एनीमिया से हो सकता है हार्ट फेलियर का खतरा

American Heart Association Journals के अनुसार एनीमिया और आयरन की कमी, हार्ट फेलियर के मरीजों में अक्सर साथ-साथ पाई जाने वाली अहम और आम बीमारियां हैं। यह पूरी तरह से साफ नहीं है कि एनीमिया और आयरन की कमी सिर्फ हार्ट फेलियर की गंभीरता के संकेत हैं या वे हार्ट फेलियर के बढ़ने और उसके नतीजों पर असर डालते हैं और इसलिए उनका इलाज किया जाना चाहिए।

निष्कर्ष:

दिल की तेज धड़कन को अपने-आप एनीमिया का कारण नहीं मान लेना चाहिए। धड़कनें तेज होने के कई अन्य कारण भी हो सकते हैं, जैसे डिहाइड्रेशन, बुखार, एंग्जायटी, बहुत ज्यादा कैफीन, थायरॉइड की समस्याएं, कुछ दवाएं और दिल की धड़कन की लय से जुड़ी गड़बड़ियां। अगर किसी को लगातार धड़कनें तेज महसूस हों, बहुत ज्यादा कमजोरी हो, सांस लेने में तकलीफ हो, सीने में बेचैनी हो, बेहोशी या चक्कर आए, तो डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी है।

डॉक्टर एनीमिया है या नहीं, यह पता लगाने और इसके असली कारण को जानने के लिए कम्प्लीट ब्लड काउंट और दूसरे टेस्ट करवाने की सलाह दे सकते हैं। इलाज का फोकस बिना डॉक्टरी सलाह के सिर्फ आयरन सप्लीमेंट लेने के बजाय, असल कारण को ठीक करने पर होना चाहिए। एक बार जब एनीमिया का सही इलाज हो जाता है, तो आम तौर पर पूरे शरीर में ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए दिल को उतनी मेहनत नहीं करनी पड़ती।

FAQ

  • एनीमिया को ठीक करने का सबसे तेज तरीका क्या है?

    एनीमिया को ठीक करने का सबसे तेज तरीका यह है कि आप अपनी डाइट में चुकंदर, गाजर और पालक को शामिल करें जो कि आयरन से भरपूर हैं और एनीमिया की दिक्कत को दूर करने में मददगार है।
  • एनीमिया में कौन सा फल खाना चाहिए?

    एनीमिया में आपको अनार, संतरा और खुबानी खाना चाहिए। यह शरीर को खून की कमी को दूर करने में मददगार है।

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Pallavi Kumari

चीफ सब-एडिटर

पल्लवी,  हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 8 साल का अनुभव रखती हैं। शुरुआती कई सालों तक All India Radio में सक्रिय रहीं, फिर विभिन्न वेब पोर्ट्ल्स जैसे TheHealthsite, Indiatv और Jansatta के लिए हेल्थ, लाइफस्टाइल, धर्म, स्त्री विमर्श और साहित्य से जुड़े विषयों पर खूब लिखा और संपादन किया। फिलहाल ओनलीमायहेल्थ में चीफ सब एडिटर के पद पर रहते हुए ये हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े गंभीर विषयों को आमजन की सरल-सहज भाषा में परोसने का काम कर रही हैं। इन लेखों को विश्वसनीय और तथ्यपरक बनाने के लिए ये न सिर्फ विषयों पर गहन शोध करती हैं बल्कि, एक्सपर्ट्स और डॉक्टर्स से बात भी करती हैं। Editorial Policy: पल्लवी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Oct 14, 2026 16:59 IST

    Published By : Pallavi Kumari
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