Fri Nov 6, 2026 | 06:26 PM IST

Medically Reviewed by Dr Chirag D , Consultant – Interventional Cardiology

आराम से बैठे हैं, फिर भी दिल तेजी से धड़कता है? डॉक्टर से जानें कारण

आराम करते समय दिल की धड़कन का तेज होना (टैकीकार्डिया) कई आंतरिक समस्याओं का संकेत हो सकता है, जिसके कारणों में डिहाइड्रेशन, कैफीन, नींद की कमी और गंभीर बीमारियां शामिल हैं।
आराम से बैठे हैं, फिर भी दिल तेजी से धड़कता है? डॉक्टर से जानें कारणआराम से बैठे हैं, फिर भी दिल तेजी से धड़कता है? डॉक्टर से जानें कारण

आज के समय में ज्यादातर लोग हाई कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्याओं से परेशान रहते हैं, जिसके कारण दिल से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ता है। कई बार तो लोगों को बैठे-बैठे या आराम करते समय दिल की धड़कन तेज होने जैसा महसूस होता है, लेकिन ऐसा क्यों होता है? यह सवाल कई लोगों के मन में आता है। ऐसे में आइए इस बारे में Dr. Chirag D, Consultant - Interventional Cardiology, Aster Whitefield Hospital से जानें।

बैठे रहने पर दिल की धड़कन तेज क्यों होती है?

डॉ. चिराग डी के अनुसार, आराम से बैठे रहने के बाद दिल की धड़कन के तेज होने की समस्या किसी अंदरूनी समस्या का संकेत हो सकती है। आराम करते समय दिल की धड़कन का 100 bpm (बीट्स प्रति मिनट) से ज्यादा हो जाना, टैकीकार्डिया (tachycardia) कहलाता है। इसके कई कारण हो सकते हैं, जैसे-

दिल की धड़कन बढ़ना हो सकता है, बीमारियों का लक्षण

डॉ. चिराग आगे कहते हैं, दिल की तेज धड़कन (palpitations) कई गंभीर बीमारियों का लक्षण भी हो सकती है। जैसे-

  • एनीमिया
  • हाइपरथायरॉयडिज्म
  • इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन
  • एरिथमिया (दिल की धड़कन का अनियमित होना)।

दिल की धड़कन के तेज होने की समस्या अगर बार-बार हो तो इसको नजरअंदाज न करें और तुरंत डॉक्टर से सलाह लें, ताकि समय रहते इससे बचा जा सके।

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क्या कहती है स्टडी?

साल 2025 में Cureus में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, आराम करते समय दिल की धड़कन तेज महसूस होना या घबराहट होना कई कारणों से हो सकता है। लेटने की स्थिति (जैसे बाईं करवट सोना) या शांत वातावरण के कारण व्यक्ति अपनी धड़कनों के प्रति अधिक जागरूक हो जाता है।

इसके अलावा, दिल की तेज धड़कनें (एक्टोपिक बीट्स), चिंता या तनाव, कैफीन, कुछ दवाइयां, एनीमिया और हाइपरथायरॉयडिज्म जैसी शारीरिक समस्याओं के कारण हो सकती हैं। एरिथमिया या दिल की धड़कन की अनियमितता जैसी दिल से जुड़ी स्थितियां भी इसके पीछे हो सकती हैं। अगर यह समस्या बार-बार हो या इसके साथ चक्कर आना या सीने में दर्द जैसे लक्षण दिखें, तो डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए।

डॉक्टर देते हैं जांच कराने की सलाह

डॉ. चिराग बताते हैं, दिल की धड़कन तेज होने का कारण जानने के लिए डॉक्टर कुछ जांच करवा सकते हैं। इनमें ECG, ब्लड टेस्ट या होल्टर मॉनिटर (holter monitor) शामिल हो सकते हैं।

टैकीकार्डिया के खतरे को कम करने के लिए क्या करें?

डॉ. चिराग का कहना है, टैकीकार्डिया के कुछ रिस्क फैक्टर्स को कम करने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखा जा सकता है।

  • पर्याप्त पानी पिएं
  • कैफीन या एनर्जी ड्रिंक्स का सेवन कम करें
  • पूरी नींद लें
  • अपने तनाव के स्तर को कम रखें।

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डॉक्टर से सलाह कब लें?

डॉ. चिराग का कहना है, आपको इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि आपको कितनी बार दिल की तेज धड़कन महसूस होती है और यह कितनी देर तक रहती है। अगर आपको इसके साथ-साथ सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द, चक्कर आना या बहुत ज्यादा पसीना आने जैसे लक्षण भी महसूस हो रहे हैं, तो आपको डॉक्टर को दिखाना चाहिए। इसे नजरअंदाज न करें, क्योंकि कोई अंदरूनी समस्या हो सकती है, जिसकी वजह से ये लक्षण बार-बार सामने आ रहे हैं।

अगर आपको टैकीकार्डिया के साथ-साथ सीने में दर्द और चक्कर आने की समस्या हो रही है, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। अगर आपको लगातार दिल की तेज धड़कन महसूस हो रही है, तो खुद से कोई अंदाजा लगाने के बजाय डॉक्टर से मिलें।

निष्कर्ष

आराम करते समय दिल की धड़कन का 100 बीट्स प्रति मिनट से ज्यादा होना टैकीकार्डिया कहलाता है। यह समस्या डिहाइड्रेशन यानी पानी की कमी, ज्यादा कैफीन का सेवन करने, नींद की कमी, एनीमिया, हाइपरथायरॉयडिज्म या एरिथमिया के कारण हो सकती है। इसे समझने के लिए डॉक्टर ईसीजी, ब्लड टेस्ट या होल्टर मॉनिटर की सलाह देते हैं।

इस समस्या से राहत के लिए पर्याप्त पानी पीने, कैफीन सीमित करने और तनाव कम करने जैसी आदतों को अपनाया जा सकता है। ध्यान रहे, अगर दिल की तेज धड़कन के साथ सीने में दर्द, सांस की परेशानी या चक्कर आने जैसे गंभीर लक्षण महसूस हों, तो इसे बिल्कुल नजरअंदाज न करें और तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।

All Images Credit- Freepik

FAQ

  • दिल की धड़कन तेज होने के क्या कारण है?

    कैफीन का अधिक सेवन करने, स्ट्रेस, चिंता, स्मोकिंग, अल्कोहल, शरीर में पानी की कमी होने, ज्यादा एक्सरसाइज करने, तेज बुखार, कमजोरी, खून की कमी और दिल से जुड़ी समस्याओं के कारण ये समस्याएं हो सकती हैं।
  • हार्ट की बीमारी के शुरुआती लक्षण क्या हैं?

    सीने में दर्द, सांस फूलना, बिना किसी कारण के थकान, शरीर में दर्द, पसीना आने, चक्कर आने, सिर घूमने, पेट से जुड़ी समस्याएं होने और दिल की धड़कन तेज होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

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Priyanka Sharma

Health & Lifestyle Journalist

प्रियंका शर्मा पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से 2 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर हैं। वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, प्रेगनेंसी, स्किनकेयर, हेयरकेयर, आयुर्वेद, योग और हार्ट हेल्थ जैसे विषयों पर शोध आधारित लेख लिखती हैं और जटिल स्वास्थ्य जानकारी को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञों की राय और भरोसेमंद मेडिकल स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह Grehlakshmi (महिला केंद्रित हिंदी पत्रिका) और Noida Khabar के साथ काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: प्रियंका द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Nov 06, 2026 17:14 IST

    Published By : Priyanka Sharma
    Reviewed By : Dr Chirag D