Wed Oct 7, 2026 | 06:00 PM IST

Medically Reviewed by Dr Brunda M S , Internal Medicine

विटामिन B12 का ज्यादा होना भी है नुकसानदेह, जानें लक्षण और खतरे

Vitamin b12 jyada hone ke nuksan: विटामिन बी12 ज्यादा होने से नसों से जुड़ी समस्याएं बढ़ सकती हैं। इसके अलावा पीलिया भी हो सकता है, आइए जानते हैं विटामिन बी12 की अधिकता से होने वाले रोग और इनसे कैसे बचा जाए।
विटामिन B12 का ज्यादा होना भी है नुकसानदेह, जानें लक्षण और खतरेविटामिन B12 का ज्यादा होना भी है नुकसानदेह, जानें लक्षण और खतरे

विटामिन B12 एक जरूरी पोषक तत्व है जो रेड ब्लड सेल्स को बनाने, नसों के कामकाज और DNA बनाने में मदद करता है। विटामिन बी12 की कमी होने पर शरीर में लगातार थकान बनी रहती है। साथ ही पैरों में झनझनाहट भी महसूस होती है। इस स्थिति में Dr. Brunda M S, Sr. Consultant - Internal Medicine, Aster CMI Hospital, Bangaluru कहती हैं कि आपको अपने शरीर में विटामिन बी12 के लेवल को लेकर ध्यान रखना चाहिए, लेकिन सवाल यह कि विटामिन B12 का शरीर में सामान्य स्तर क्या है और किस लेवल पर जानकर यह ज्यादा हो सकता है? साथ ही जानेंगे विटामिन बी12 की अधिकता से होने वाले रोग के बारे में।

विटामिन B12 का शरीर में सामान्य स्तर क्या है?

Dr. Brunda M S कहती हैं कि हर व्यक्ति के लिए B12 की कितनी मात्रा ''बहुत ज्यादा" है, इसे तय करने वाला कोई एक ब्लड लेवल नहीं है, जिसे सब मानते हों। लैब के रेफरेंस रेंज अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन आम तौर पर लैब की ऊपरी रेफरेंस लिमिट से ज्यादा सीरम B12 कंसंट्रेशन को बढ़ा हुआ माना जाता है। आमतौर पर 160 और 950 pg/mL के बीच विटामिन बी12 रहना नॉर्मल माना जाता है इससे ऊपर हाई माना जाता है और 1,500 से 2,000+ pg/m लेवल को बहुत ज्यादा बढ़ा हुआ माना जाता है।

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खाने से विटामिन B12 बढ़ता है?

Dr. Brunda M S कहते हैं कि B12 का लेवल ज्यादा होने की वजह अक्सर सिर्फ B12 से भरपूर खाना खाना नहीं होता है। यह सप्लीमेंट या इंजेक्शन लेने के बाद हो सकता है, लेकिन अगर किसी व्यक्ति में सप्लीमेंट न लेने के बावजूद लेवल लगातार बढ़ा हुआ रहता है, तो यह कभी-कभी किसी छिपी हुई मेडिकल कंडीशन से जुड़ा हो सकता है इसलिए इसे नुकसान न पहुंचाने वाली चीज मानकर नजरअंदाज करने के बजाय इसकी जांच करवानी चाहिए।

विटामिन बी12 बढ़ने के कारण

अगर ब्लड टेस्ट में B12 का लेवल बढ़ा हुआ दिखता है, तो सही कदम इस बात पर निर्भर करता है कि व्यक्ति सप्लीमेंट ले रहा है या नहीं, कौन सी दवाएं ले रहा है, उसकी मेडिकल हिस्ट्री क्या है और लैब के दूसरे नतीजे क्या हैं। जो व्यक्ति बी12 सप्लीमेंट ले रहा है या इंजेक्शन लगवा रहा है, उसमें बिना किसी बीमारी के भी विटामिन बी 12 का लेवल बढ़ा हुआ हो सकता है।

विटामिन B12 ज्यादा होने के लक्षण?

डॉ. बताती हैं कि B12 का लेवल बहुत ज्यादा होने पर आमतौर पर वैसे लक्षण नहीं दिखते जो बिलकुल अलग हो। जब सप्लीमेंट लेने की वजह से लेवल बढ़ता है, तो कई लोगों में कोई लक्षण नहीं दिखते। हालांकि, खून में B12 के लेवल बहुत ज्यादा होना कभी-कभी लिवर, किडनी या खून बनाने वाले सिस्टम से जुड़ी किसी अंदरूनी समस्या का संकेत हो सकता है। कुछ सूजन वाली या दूसरी मेडिकल स्थितियां भी B12 का लेवल बढ़ने से जुड़ी हो सकती हैं।

हालांकि, Acta Clinica Croatica जर्नल में प्रकाशित यह शोध बताती है कि विटामिन बी12 की कमी, खून की कमी से जुड़ी हुई हो सकती है। इससे

  • हाइपोटोनिया
  • चक्कर आना
  • चलने में असंतुलन महसूस करना
  • थकान
  • देखने में धुंधलापन
  • हाथों में कंपन जैसे लक्षण महसूस होते हैं।

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NHS. UK के अनुसार विटामिन बी12 की कमी से शरीर में कई लक्षण देखने को मिलते हैं जैसे

  • बहुत ज्यादा थकान होना
  • एनर्जी की कमी महसूस करना
  • जीभ में दर्द और छाले
  • मांसपेशियों में कमजोरी
  • मानसिक समस्याएं, जैसे एंग्जायटी और डिप्रेशन महसूस कर सकते हैं।

विटामिन बी 12 की अधिकता से होने वाले रोग

इस सवाल पर Dr. Brunda M S कहती हैं कि विटामिन बी12 पानी में घुलनशील तो पेशाब में इसके लक्षण नजर आते हैं जो कि किडनी फंक्शन को प्रभावित कर सकते हैं। ध्यान न देने पर

  • यह क्रोनिक किडनी फेलियर का कारण हो सकता है
  • लिवर की बीमारी हो सकती है जैसे हेपेटाइटिस और लिवर सिरोसिस।
  • खून से जुड़ी बीमारी हो सकती है।

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हालांकि, बिना वजह थकान, वजन कम होना, भूख में बदलाव, पीलिया, पेट से जुड़ी तकलीफ या सेहत में लगातार बदलाव जैसे लक्षणों को सिर्फ ज्यादा B12 की वजह नहीं मानना चाहिए, बल्कि उनकी पूरी मेडिकल स्थिति के आधार पर जांच करनी चाहिए। लैब में आई ज्यादा वैल्यू से ही बीमारी का पता नहीं चल जाता।

निष्कर्ष:

डॉक्टर डोज की समीक्षा कर सकते हैं और यह तय कर सकते हैं कि सप्लीमेंट लेना वाकई जरूरी है या नहीं, बजाय इसके कि यह मान लिया जाए कि B12 का ज्यादा लेवल सेहत के लिए और फायदेमंद होगा। अगर लेवल बढ़ने का कोई साफ कारण न हो या मेडिकल तौर पर सही होने पर सप्लीमेंट बंद करने के बाद भी लेवल ज्यादा बना रहे, तो आगे और जांच की सलाह दी जा सकती है। B12 का कोई एक ऐसा नंबर नहीं है जिसे अकेले ही खतरनाक माना जाए, इसलिए नतीजों की तुलना हमेशा उस लैब की रेफरेंस रेंज और व्यक्ति की क्लिनिकल स्थिति से की जानी चाहिए।

FAQ

  • विटामिन बी की कमी से कौन सा अंग प्रभावित होता है?

    विटामिन बी की कमी से आपको ब्रेन से जुड़ी बीमारी हो सकती है। इसके अलावा तंत्रिका तंत्र की समस्याएं हो सकती हैं।
  • विटामिन B12 कम करने के लिए क्या करें?

    विटामिन बी12 कम करने के लिए आपको बस अपनी दवाओं और सप्लीमेंट्स को बंद करना है। इसके अलावा आप डॉक्टर का सुझाव मान सकते हैं और उसकी मदद से इसकी कमी को कंट्रोल कर सकते हैं।

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Pallavi Kumari

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पल्लवी,  हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 8 साल का अनुभव रखती हैं। शुरुआती कई सालों तक All India Radio में सक्रिय रहीं, फिर विभिन्न वेब पोर्ट्ल्स जैसे TheHealthsite, Indiatv और Jansatta के लिए हेल्थ, लाइफस्टाइल, धर्म, स्त्री विमर्श और साहित्य से जुड़े विषयों पर खूब लिखा और संपादन किया। फिलहाल ओनलीमायहेल्थ में चीफ सब एडिटर के पद पर रहते हुए ये हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े गंभीर विषयों को आमजन की सरल-सहज भाषा में परोसने का काम कर रही हैं। इन लेखों को विश्वसनीय और तथ्यपरक बनाने के लिए ये न सिर्फ विषयों पर गहन शोध करती हैं बल्कि, एक्सपर्ट्स और डॉक्टर्स से बात भी करती हैं। Editorial Policy: पल्लवी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Oct 07, 2026 16:14 IST

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