Fri Sep 11, 2026 | 05:58 PM IST

Medically Reviewed by Dr. Aravinda S N , Lead Consultant – Internal Medicine

Vitamin B12 क्यों जरूरी है? शरीर में इसकी कमी होने से क्या होता है?

विटामिन बी12 रेड ब्लड सेल्स, तंत्रिका तंत्र और डीएनए के लिए जरूरी है। इसकी कमी से थकान, कमजोरी, सांस फूलने और तंत्रिका संबंधी समस्याएं हो सकती हैं, खासकर शाकाहारी लोगों में। ऐसे में इसके लक्षणों को नजरअंदाज न करें।

अच्छे स्वास्थ्य के लिए जरूरी पोषक तत्वों की बात जरूरी होती है, जिसमें विटामिन बी12 का नाम जरूरी आता है। इसको स्वास्थ्य के लिए जरूरी माना जाता है। ज्यादातर लोग विटामिन बी12 की कमी से परेशान रहते हैं, खासकर शाकाहारी लोग। ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल आता है कि विटामिन-बी12 है क्या, यह कैसे काम करता है और शरीर में इसकी कमी हो जाए तो क्या होता है? आइए इस बारे में Dr. Aravinda S N, Lead Consultant - Internal Medicine, Aster RV Hospital, Bengaluru से जानें।

विटामिन बी12 क्या है?

डॉ. अरविंद के अनुसार, विटामिन B12 पानी में घुलने वाला एक जरूरी विटामिन है, जो रेड ब्लड सेल्स (लाल रक्त कोशिकाओं) को बनाने, नर्व सेल्स (तंत्रिका कोशिकाओं) को हेल्दी रखने और DNA बनाने में अहम भूमिका निभाता है।

शरीर विटामिन बी12 को लंबे समय तक जमा करके रख सकता है। इसी वजह से इसकी कमी अचानक होने के बजाय धीरे-धीरे होती है। जब शरीर में इसका स्तर लंबे समय तक कम रहता है, तो इससे अलग-अलग तरह की स्वास्थ्य समस्याएं दिखाई दे सकती हैं।

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StatPearls मेडिकल रिसोर्स के अनुसार, विटामिन B12, जिसे कोबालामिन भी कहा जाता है, पानी में घुलने वाला एक विटामिन है, जो रेड मीट, डेयरी और अंडे जैसी पशुओं से मिलने वाली चीजों से प्राप्त होता है। इंट्रिंसिक फैक्टर एक खास प्रोटीन है, जो पेट के सेल्स (पैरिएटल सेल्स) द्वारा बनता है और छोटी आंत के आखिरी हिस्से (इलियम) में विटामिन B12 को शरीर में सोखने (अवशोषित करने) के लिए बहुत जरूरी होता है।

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शरीर में विटामिन B12 की कमी होने पर क्या होता है?

डॉ. अरविंद बताते हैं, जब शरीर में विटामिन बी12 का स्तर कम हो जाता है, तो शरीर ठीक से हेल्दी रेड ब्लड सेल्स नहीं बना पाता है, जिससे एक तरह का एनीमिया हो सकता है। इससे व्यक्ति को शरीर में कई तरह की समस्याएं महसूस हो सकती हैं, जो विटामिन बी12 के लक्षण भी हैं। जैसे-

  • लगातार थकान।
  • कमजोरी महसूस होने।
  • सांस फूलना।
  • चक्कर आना।
  • त्वचा का पीला पड़ना।

हालांकि, विटामिन B12 नर्वस सिस्टम के लिए जरूरी है, इसलिए इसकी कमी से व्यक्ति को कई अन्य परेशानियां भी हो सकती हैं।

  • हाथों और पैरों में झुनझुनी या सुन्नपन।
  • मांसपेशियों में कमजोरी।
  • बैलेंस बनाने में परेशानी।
  • लंबे समय तक कमी रहने पर सोचने-समझने या याददाश्त से जुड़ी समस्याएं भी हो सकती हैं।

ऐसे में इन लक्षणों को थकान या कमजोरी समझकर नजरअंदाज न करें। हालांकि, इन लक्षणों का मतलब हमेशा विटामिन बी12 की कमी होना नहीं है। कई दूसरी स्वास्थ्य समस्याओं में भी ऐसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।

क्या कहती है स्टडी?

StatPearls मेडिकल रिसोर्स के अनुसार, विटामिन B12 की कमी से मैक्रोसाइटिक एनीमिया (खून की कमी) हो सकता है, इसलिए इसके लक्षणों में अक्सर थकान और पीलापन जैसे एनीमिया के निशान शामिल होते हैं। रेड ब्लड सेल्स के ठीक से न बन पाने की वजह से होने वाले ज्यादा टूटने (हीमोलिसिस) के कारण पीलिया भी इसका एक लक्षण हो सकता है। इसके अलावा, हाथ-पैर सुन्न होना या दर्द होना (पेरिफेरल न्यूरोपैथी), जीभ पर सूजन (ग्लोसिटिस), दस्त, सिरदर्द और मानसिक परेशानियां भी इसके अन्य लक्षण हो सकते हैं।

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किन फूड्स से मिलता है विटामिन बी12?

डॉ. अरविंद आगे कहते हैं, विटामिन बी12 मुख्य रूप से जानवरों से मिलने वाले फूड्स जैसे मीट, मछली, अंडे और डेयरी प्रोडक्ट में नेचुरल रूप से पाया जाता है, जबकि कुछ फूड्स में विटामिन B12 मिलाया (फोर्टिफाइड किया) जाता है। जो लोग लंबे समय तक ऐसे फूड्स नहीं खाते हैं, जिनसे विटामिन बी12 मिलता है, उन्हें अपनी डाइट पर खास ध्यान देने की जरूरत होती है।

किन लोगों में विटामिन B12 की कमी का खतरा ज्यादा होता है?

डॉ. अरविंद के अनुसार, हर व्यक्ति में विटामिन B12 की कमी का खतरा एक जैसा नहीं होता है, जो लोग स्ट्रिक्ट वेजिटेरियन या वीगन डाइट लेते हैं, उनमें इसका खतरा बढ़ सकता है क्योंकि नेचुरल विटामिन बी12 मुख्य रूप से पशु सोर्स से मिलने वाले फूड में पाया जाता है।

इसके अलावा, पोषक तत्वों को सोखने की क्षमता को प्रभावित करने वाली बीमारियों से जूझ रहे लोग और कुछ खास दवाएं लेने वाले लोगों में भी विटामिन बी12 की कमी का खतरा ज्यादा हो सकता है।

जांच कराना है जरूरी

डॉ. अरविंद बताते हैं, अहम बात यह है कि विटामिन B12 की कमी के लक्षण कई दूसरी बीमारियों जैसे भी हो सकते हैं। इसलिए, सिर्फ लक्षणों के आधार पर सप्लीमेंट लेने के बजाय ब्लड टेस्ट और मेडिकल जांच करवाना बेहतर होता है।

निष्कर्ष

विटामिन बी12 शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्व है, जो रेड ब्लड सेल्स, तंत्रिका तंत्र और DNA के निर्माण जैसी जरूरी प्रक्रियाओं में भूमिका निभाता है। इसकी कमी धीरे-धीरे बढ़ती है और इसके कारण थकान, कमजोरी, चक्कर, सांस फूलना, हाथ-पैर में झनझनाहट या सुन्नपन जैसी परेशानियां हो सकती हैं।

यह समस्या स्ट्रिक्ट वेजिटेरियन डाइट लेने वाले, पोषक तत्वों को सोखने की क्षमता को प्रभावित करने वाली बीमारियों और कुछ खास दवाइयों का सेवन करने वाले लोगों को विटामिन बी12 का खतरा ज्यादा बढ़ जाता है। हालांकि, अगर ऐसी समस्याएं लगातार बनी हुई हैं, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।

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FAQ

  • विटामिन बी12 की कमी में क्या खाना चाहिए?

    विटामिन बी12 की कमी को दूर करने के लिए डाइट में दूध, दही, पनीर, फोर्टिफाइड अनाज, अंडे, मछली और मीट जैसे फूड्स को शामिल करें।
  • विटामिन बी12 क्या काम करता है?

    विटामिन बी12 शरीर को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी पोषक तत्व है। यह रेड ब्लड सेल्स को बनाए रखने, नसों को हेल्दी रखने, शरीर को एनर्जी देने और थकान से बचाव करने में मदद करता है। 

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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Priyanka Sharma

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Sub Editor

प्रियंका शर्मा हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की है। फिलहाल प्रियंका जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में बतौर सब एडिटर काम कर रही हैं। प्रियंका को स्वास्थ्य, पोषण, स्किन केयर और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नलिज्म की है। Editorial Policy: प्रियंका द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Sep 11, 2026 13:39 IST

    Published By : Priyanka Sharma
    Reviewed By : Dr. Aravinda S N

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