अक्सर लोग स्किन से जुड़ी समस्याओं से परेशान रहते हैं। इनमें एक त्वचा के रंग में बदलाव आना भी शामिल है। इसको अक्सर लोग धूप की टैनिंग या कालापन समझ लेते हैं, लेकिन त्वचा के रंग में बदलाव या डिस्कलरेशन की समस्या शरीर में विटामिन्स की कमी के कारण भी हो सकता है। ऐसे में हेल्दी स्किन के लिए पोषक तत्वों से युक्त फूड्स को डाइट में शामिल करना जरूरी है, लेकिन कई बार लोगों के मन में ये सवाल आता है कि शरीर में कौन से विटामिन्स की कमी से ऐसा होता है? ऐसे में आइए इस बारे में Dr. Shireen Furtado, Sr. Consultant - Medical & Cosmetic Dermatology, Aster CMI Hospital, Bengaluru से जानें।
क्या विटामिन्स की कमी से स्किन का रंग बदलता है?
Dr. Shireen Furtado के अनुसार, हां, कुछ विटामिन्स और पोषक तत्वों की कमी से कभी-कभी स्किन के रंग में बदलाव आ सकता है। हालांकि, स्किन का रंग बदलना मुख्य रूप से इनकी वजह से नहीं होता है।
त्वचा के रंग बदलने के कई अन्य कारण भी हो सकते हैं, जैसे बहुत ज्यादा धूप में रहने, टैनिंग, मेलास्मा, हार्मोनल बदलाव, मुंहासे, एक्जिमा, स्किन इंफेक्शन, कुछ दवाएं और अन्य मेडिकल स्थितियां। इसलिए, यह मान लेना सही नहीं है कि त्वचा पर दिखने वाला हर गहरा धब्बा विटामिन की कमी के कारण ही होता है।
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त्वचा के रंग में बदलाव क्यों दिखता है?
Dr. Shireen Furtado के अनुसार, शरीर में विटामिन्स और पोषक तत्वों की कमी के कारण त्वचा के रंग में बदलाव आने और इससे जुड़ी कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
विटामिन बी12 की कमी
विटामिन बी12 की कमी एक जानी-मानी कमी है, जिससे स्किन पिग्मेंटेशन यानी त्वचा का रंग गहरा होने की समस्या बढ़ सकती है, खासकर हाथों, पैरों, जोड़ों या मुंह के अंदर। वहीं, दूसरी कमियों से त्वचा का रंग गहरा होने के बजाय त्वचा पीली, रूखी या अनहेल्दी दिख सकती है।
हालांकि, विटामिन बी12 की कमी के कारण हर व्यक्ति को पिग्मेंटेशन की समस्या हो, ऐसा जरूरी नहीं है। इसी तरह स्किन पर गहरे निशान दिखने का यह मतलब नहीं है कि व्यक्ति के शरीर में विटामिन बी12 की कमी है। इसकी कमी की जांच के लिए डॉक्टर की सलाह अनुसार ब्लड टेस्ट किया जा सकता है।
साल 2022 में Cureus Journal में प्रकाशित केस रिपोर्ट के अनुसार, हाइपरपिग्मेंटेशन से पीड़ित मरीजों की पूरी शारीरिक जांच की जानी चाहिए। अन्य कारणों को बाहर करने के अलावा, इसमें विटामिन बी12 की कमी की भी जांच की जानी चाहिए।
can vitamin deficiency cause change in skin colour 01
त्वचा पर अन्य पोषक तत्वों का असर
Dr. Shireen के अनुसार, शरीर में कुछ विटामिन्स और पोषक तत्वों की कमी के कारण त्वचा पर कई तरह के बदलाव और परेशानियां होती हैं। इनकों भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
विटामिन डी की कमी का स्किन पर असर
Dr. Shireen का कहना है, विटामिन डी शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्वों में से एक है। यह हड्डियों और मांसपेशियों को हेल्दी रखने के साथ-साथ शरीर के कई कामों को करने के लिए जरूरी है, लेकिन विटामिन डी की कमी से शरीर पर अलग-अलग गहरे धब्बे नहीं बनते हैं।
अन्य पोषक तत्वों की कमी का त्वचा पर असर
Dr. Shireen आगे बताती हैं, आयरन, फोलेट, विटामिन सी और अन्य पोषक तत्वों की कमी से भी त्वचा प्रभावित हो सकती है। इनके कारण त्वचा में पीलापन, रूखापन, घाव का धीरे भरना या बालों और नाखूनों में बदलाव जैसे लक्षण दिख सकते हैं, लेकिन ये लक्षण किसी खास समस्या की ओर इशारा नहीं करते और अकेले इनके आधार पर पोषक तत्वों की कमी का पता नहीं लगाया जा सकता हैं।
ध्यान रहे, सप्लीमेंट्स लेने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना और जरूरत के अनुसार जांच कराना बेहतर होगा।
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पिग्मेंटेशन होने पर खुद से विटामिन लेना सही है?
Dr. Shireen का कहना है, सिर्फ पिग्मेंटेशन दिखने पर ही लोगों को ज्यादा डोज वाले विटामिन सप्लीमेंट नहीं लेने चाहिए, क्योंकि बिना जरूरत के सप्लीमेंट लेने से त्वचा में सुधार नहीं होता है और कुछ विटामिन की ज्यादा मात्रा से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।
हेल्दी स्किन के लिए खान-पान पर ध्यान देना है जरूरी
Dr. Shireen बताती हैं, स्किन को हेल्दी रखने के लिए सप्लीमेंट्स लेने के बजाय, सब्जियों, फलों, साबुत अनाज, दालों, नट्स, सीड्स और प्रोटीन के अच्छे सोर्स वाली बैलेंस डाइट लेनी चाहिए, वहीं त्वचा में लगातार या बिना किसी साफ वजह के होने वाले बदलावों के लिए डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।
कब डॉक्टर से सलाह लें?
Dr. Shireen के अनुसार, अगर बिना किसी साफ वजह के पिग्मेंटेशन हो जाए, यह बढ़ता रहे और शरीर के कई हिस्सों में दिखे या इसके साथ व्यक्ति को असामान्य थकान, कमजोरी, वजन में बदलाव आने, बालों या नाखूनों में बदलाव या स्वास्थ्य संबंधी अन्य समस्याएं हों, तो तुरंत डर्मेटोलॉजिस्ट या डॉक्टर से सलाह लें।
इस दौरान डॉक्टर त्वचा की जांच कर सकते हैं और तय कर सकते हैं कि समस्या त्वचा से जुड़ी है या किसी अन्य जांच की जरूरत है। विटामिन या पोषक तत्वों की कमी की जांच के लिए ब्लड टेस्ट की जरूरत है या नहीं, क्योंकि सिर्फ रंग बदलने का इलाज करने के बजाय उसकी असली वजह का पता लगाना और उसका इलाज करना ज्यादा जरूरी होता है।
Dr. Shireen आगे कहती हैं, अगर विटामिन बी12 की कमी जैसी कोई कमी पाई जाती है, तो सही डाइट, सप्लीमेंट्स या इलाज से त्वचा में आए कुछ बदलावों को ठीक किया जा सकता है, हालांकि पिग्मेंटेशन हमेशा पूरी तरह से खत्म नहीं हो सकता है।
विटामिन की कमी कभी-कभी त्वचा का रंग बदलने का कारण बन सकती है, लेकिन इसे सिर्फ अंदाजा लगाने के बजाय कन्फर्म करना चाहिए और जब पिग्मेंटेशन लगातार बनी रहे या उसका कोई साफ कारण न पता चले, तो सही मेडिकल जांच जरूरी है।
निष्कर्ष
विटामिन बी12 की कमी में पिग्मेंटेशन की समस्या होती है, लेकिन हर गहरे निशान या त्वचा के रंग में बदलाव को विटामिन की कमी मान लेना सही नहीं है। त्वचा में रंग बदलने की समस्या धूप, टैनिंग, मेलाज्मा, हार्मोनल बदलाव, मुंहासे, एक्जिमा, इंफेक्शन, दवाएं और दूसरी स्वास्थ्य कारणों से भी हो सकती है। ध्यान रहे, लगातार या बिना कारण होने वाली पिग्मेंटेशन में खुद से सप्लीमेंट लेने के बजाय डॉक्टर की सलाह से इलाज कराएं, ताकि स्किन को हेल्दी रखा जा सके। स्किन से जुड़ी कोई भी परेशानी होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
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FAQ
चेहरे का ग्लो बढ़ाने के लिए क्या खाना चाहिए?
स्किन को हेल्दी और ग्लोइंग बनाने के लिए डाइट में ओमेगा-3 फैटी एसिड, विटामिन सी, ई और एंटीऑक्सीडेंट्स के गुण से भरपूर संतरा, आंवला, गाजर, चुकंदर और बादाम जैसे फूड्स को शामिल करें। इसके अलावा, दिनभर में पर्याप्त पानी पिएं।चेहरे को हेल्दी रखने के लिए क्या करें?
चेहरे को हेल्दी रखने के लिए दिन में दो बार क्लींज करें, धूप में निकलने से पहले सनस्क्रीन लगाएं, भरपूर पानी पिएं, ताजा फल और सब्जियां खाएं, स्किन को नियमित रूप से मॉइस्चराइज करें, भरपूर नींद लें, स्ट्रेस कम करें और रात को सोने से पहले मेकअप हटाकर सोएं।
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Aug 14, 2026 23:24 IST
Modified By : Priyanka Sharma Aug 14, 2026 23:24 IST
Published By : Priyanka Sharma
Reviewed By : Dr Shireen Furtado
