Fri Sep 11, 2026 | 06:52 PM IST

Medically Reviewed by Dr Chandni Jain Gupta , Dermatologist

चेहरे पर मुंहासे हैं तो आपको है अलग स्किनकेयर रूटीन की जरूरत, डॉक्टर से जानें क्या करें-क्या नहीं

मुंहासे वाली त्वचा के लिए एक सही स्किनकेयर रूटीन जरूरी है, जिसमें सही क्लींजिंग, मॉइस्चराइजिंग और सनस्क्रीन का इस्तेमाल शामिल हो। एक्ने को सही तरीके से मैनेज करने के लिए क्या करें?

एक्ने वाली स्किन के कारण कई लोग बहुत ज्यादा परेशान रहते हैं। एक्ने-प्रोन स्कीन को बेहतर रखने के लिए लोग कई तरह की स्किन केयर रूटीन फॉलो करते हैं। अक्सर कम लेकिन सही प्रोडक्ट और स्किनकेयर रूटीन फॉलो करना एक्ने वाली स्किन के लिए बहुत जरूरी होता है। चेहरे को बहुत ज्यादा स्क्रब करने, टोनर या अलग-अलग एक्टिव्स का इस्तेमाल करने से स्किन में जलन हो सकती है और एक्ने बढ़ सकते हैं। ऐसे में Dr. Chandani Jain Gupta, MBBS & MD - Dermatologist & Aesthetic Physician, Elantis Healthcare, New Delhi एक्ने-प्रोन स्किन के लिए जेंटल और सही स्किन केयर रूटीन फॉलो करने की सलाह देती हैं।

एक्ने वाली स्किन के लिए स्किनकेयर रूटीन

साल 2015 में Journal of Clinical and Aesthetic Dermatology में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, एक्ने को मैनेज करने के लिए एक असरदार प्लानिंग करते समय चार मुख्य बातों पर ध्यान देना जरूरी होता है, जिनमें स्किन की सफाई, ट्रीटमेंट, मॉइचराइजर लगाना और सूरज की रोशनी से बचाना शामिल है। यह रूटीन व्यक्ति के स्किन ट्रीटमेंट के बेहतर नतीजों को पाने में मदद करती है।

Dr. Chandani Jain Gupta के अनुसार, एक्ने-प्रोन स्किन होने पर आप इस स्किन केयर रूटीन को फॉलो कर सकते हैं-

1. चेहरा अच्छे से साफ करें

सुबह चेहरे को किसी माइल्ड, जेंटल और नॉन-कॉमेडोजेनिक क्लींजर से अच्छी तरह साफ करें। स्किन को साफ करने के दौरान अपने चेहरे को बहुत ज्यादा जोर से रगड़ने से बचें। उंगलियों से हल्के हाथों से क्लींजर लगाएं और नॉर्मल या गुनगुने पानी से चेहरा धो लें।

ध्यान रहे दिन में कई बार चेहरा धोना सही नहीं है। इससे स्किन में जलन और ड्राईनेस की समस्या बढ़ सकती है, जो एक्ने को और बढ़ा सकती है। आमतौर पर, सुबह और रात में चेहरा धोना काफी है। अगर आपको बहुत ज्यादा पसीना आता है तो चेहरे को ज्यादा साफ करने की जरूरत हो सकती है।

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2. स्किन मॉइश्चराइज करें

आमतौर पर, लोगों का मानना है कि एक्ने वाली स्किन को मॉइश्चराइज करने की जरूरत नहीं होती है, यह पूरी तरह एक गलतफहमी है। एक्ने के इलाज में इस्तेमाल होने वाले कुछ इंग्रेडिएंट्स स्किन को ड्राई बना सकते हैं। एक्ने वाली स्किन पर सही मॉइश्चराइजर का इस्तेमाल करने से त्वचा को हाइड्रेट रखने और इलाज को बेहतर करने में मदद कर सकता है।

एक्ने वाली स्किन के लिए आप ऐसे मॉइश्चराइजर का इस्तेमाल करें, जो ऑयल फ्री या नॉन-कॉमेडोजेनिक हो। अगर स्किन ऑयली है तो हल्का जेल या लोशन वाले मॉइश्चराइजर लगाएं। अगर स्किन ड्राई या सेंसिटिव है तो थोड़ा ज्यादा हाइड्रेटिंग मॉइश्चराइजर का इस्तेमाल कर सकते हैं।

3. सनस्क्रीन जरूर लगाएं

सुबह के स्किन केयर रूटीन में सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना न भूलें। सूरज की हानिकारक किरणें सनबर्न न सिर्फ सनबर्न का कारण बनती हैं, बल्कि यह एक्ने और उसके निशानों को और ज्यादा गंभीर बना सकती हैं। एक्ने-प्रोन स्किन के लिए ब्रॉड-स्पेक्ट्रम, वॉटर-रेसिस्टेंट SPF 30 या उससे ज्यादा का सनस्क्रीन इस्तेमाल कर सकते हैं। सनस्क्रीन को अपनी त्वचा पर हमेशा मॉइश्चराइजर के बाद और बाहर जाने से पहले लगाएं।

4. सोने से पहले मेकअप हटाएं

रात को सोने से पहले चेहरे से मेकअप और सनस्क्रीन को अच्छी तरह हटाएं। इसके बाद, हल्के फेस वॉश से चेहरा अच्छी तरह साफ करें। अगर आप मेकअप लगाती हैं, तो उसे लगाकर सोने से आपकी स्किन पर एक्ने की समस्या और बढ़ सकती है। चेहरा धोने के बाद स्किन को तौलिये के बजाए हल्के हाथ से थपथपाकर सुखाएं।

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एक्ने ट्रीटमेंट कब लें?

Dr. Chandani Jain Guptaका कहना है कि अगर आपको लगातार एक्ने होते हैं तो स्किनकेयर रूटीन में एक्ने को ठीक करने वाली दवा या सही ट्रीटमेंट की जरूरत पड़ सकती है। सैलिसिलिक एसिड और बेंजॉयल पेरोक्साइड एक्ने के लिए आमतौर पर इस्तेमाल किए जाने वाले इंग्रेडिएंट्स हैं। बेंजॉयल पेरोक्साइड एक्ने के कारण बनने वाले बैक्टीरिया को कम करने में मदद करता है, जबकि सैलिसिलिक एसिड पोर्स को खोलने में मदद कर सकता है।

ध्यान रहे शुरुआत में आप कई एक्टिव इंग्रेडिएंट्स का एक साथ इस्तेमाल करने से बचें। इससे ड्राईनेस, चेहरे पर जलन और इरिटेशन हो सकती है। किसी एक्ने ट्रीटमेंट को सही तरह से इस्तेमाल करें और स्किन पर होने वाले रिएक्शन पर ध्यान दें। इसके साथ ही, अगर आपको ज्यादा एक्ने से जुड़ी समस्या है तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही अपना स्किन केयर रूटीन रखें।

एक्ने होने पर किन चीजों से बचना चाहिए?

Dr. Chandani Jain Gupta बताती है कि स्किन पर एक्ने होने पर उन्हें बार-बार छूने या दबाने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे इंफ्लेमेशन बढ़ सकता है और दाग या पिग्मेंटेशन का खतरा बढ़ सकता है। इसी तरह ज्यादा हार्श स्क्रब, अल्कोहल बेस्ड प्रोडक्ट्स, ओवर एक्सफोलिएट करना और बार-बार एक्ने प्रोडक्ट्स बदलने से बचें। स्किन को ज्यादा साफ करने की कोशिश इरिटेशन बढ़ा सकती है। एक्ने ट्रीटमेंट को बार-बार बदलने के बजाय उसे काम करने के लिए पर्याप्त समय दें।

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डर्मेटोलॉजिस्ट से कब मिलें?

अगर एक्ने बहुत ज्यादा हैं, दर्दनाक या गहरे हैं, बार-बार वापस होते हैं, निशान पड़ रहे हैं या नॉर्मल स्किनकेयर रूटीन से सुधार नहीं हो रहा है तो डर्मेटोलॉजिस्ट से सलाह लेना बेहतर होता है। एक्ने को कंट्रोल करने में कई हफ्ते लग सकते हैं और सही ट्रीटमेंट एक्ने के प्रकार और गंभीरता पर निर्भर करता है।

निष्कर्ष

Dr. Chandani Jain Gupta का कहना है कि एक्ने-प्रोन स्किन के लिए सबसे अच्छी रूटीन अक्सर वही होती है, जिसे आप लगातार निभा सकें। जेंटल क्लींजिंग, हल्का नॉन-कॉमेडोजेनिक मॉइश्चराइजर, रोज सनस्क्रीन और जरूरत के अनुसार सही एक्ने ट्रीटमेंट फायदेमंद हो सकता है। स्किन को रगड़ने, पिंपल दबाने और बहुत सारे प्रोडक्ट्स का एक साथ इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। ध्यान रहे, एक्ने को पूरी तरह कंट्रोल होने में समय लग सकता है। इसलिए, हर कुछ दिनों में रूटीन बदलने के बजाए एक सिंपल रूटीन अपना सकते हैं।
Image Credit: Freepik

FAQ

  • एक्ने ठीक करने के लिए चेहरे को दिन में कितनी बार धोना चाहिए?

    चेहरे को दिन में दो बार जेंटल क्लींजर से धोना काफी है। बार-बार चेहरा धोने से स्किन का नेचुरल ऑयल खत्म हो जाता है, जिससे शरीर और ज्यादा सीबम पैदा कर सकता है और एक्ने की समस्या बढ़ सकती है।
  • क्या मेकअप का इस्तेमाल करने से एक्ने और ज्यादा बढ़ सकते हैं?

    अगर आप सही प्रोडक्ट्स को नहीं चुन रही हैं तो मेकअप से एक्ने बढ़ सकते हैं। हमेशा ऐसे प्रोडक्ट्स चुनें, जिन पर नॉन-कॉमेडोजेनिक या हाइपोएलर्जेनिक लिखा हो।

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

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