स्किन पर होने वाली हर लाल फुंसी को आम एक्ने या पिंपल समझ लेना आम बात है। हालांकि, कई बार ये समस्या फंगल एक्ने हो सकती है। दिखने में यह दोनों ही एक्ने एक जैसे हो सकते हैं, लेकिन इनके होने के कारण और लक्षण पूरी तरह अलग होते हैं। Dr. Akshay Chugh, Internal Medicine & Metabolic Disorders, Metro Hospital and Heart Institute, Noida बताते हैं कि फंगल एक्ने बैक्टीरिया के कारण नहीं बल्कि स्किन पर यीस्ट के असंतुलन के कारण पैदा होता है, जिसके कारण इसका इलाज भी अलग होता है। इसलिए, आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं कि फंगल एक्ने सामान्य एक्ने से कैसे अलग है और इसके होने के कारण और लक्षण क्या हैं?
नॉर्मल एक्ने से कितना अलग है फंगल एक्ने?
Dr. Akshay Chugh बताते हैं कि फंगल एक्ने को पिथायरोस्पोरम फॉलिक्यूलाइटिस या मलासेजिया फॉलिक्यूलाइटिस कहते हैं। इसके नाम में भले ही एक्ने जुड़ा है, लेकिन असल में एक्ने नहीं, बल्कि बालों को रोम छिद्रों का एक फंगल इंफेक्शन है। हमारी स्किन पर नेचुरल तरीके से मलासेजिया नाम की एक यीस्ट या फंगस पाई जाती है। नॉर्मल स्थिति में यह हमें कोई नुकसान नहीं पहुंचाती है। हालांकि, जब गर्मी, पसीने या तेल के कारण यह फंगल बहुत ज्यादा बढ़ जाती है तो यह बालों की जड़ों में घुसकर इंफेक्शन और सूजन पैदा कर देती है। इसी कारण स्किन पर छोटे-छोटे दानें उभर आते हैं।
Cleveland Clinic के अनुसार, "फंगल एक्ने को अक्सर एक्ने वल्गारिस यानी नॉर्मल एक्ने समझ लिया जाता है। नॉर्मल एक्ने तब होता है जब बालों के रोम छिद्र बैक्टीरिया, तेल और डेड स्किन से बंद हो जाते हैं। फंगल एक्ने बालों के रोम छिद्रों में फंगल इंफेक्शन के कारण होता है। इनके मुख्य अंतर यह है कि फंगल एक्ने में खुजली हो सकती है जबकि एक्ने वल्गारिस में खुजली नहीं होती है।
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फंगल एक्ने के लक्षण
Dr. Akshay Chugh के अनुसार, नॉर्मल पिंपल्स और फंगल एक्ने में अंतर करना बहुत जरूरी है। फंगल एक्ने के लक्षणों की मदद से आप इसके बारे में जान सकते हैं-
1. दाने का रंग और आकार
नॉर्मल पिंपल्स अलग-अलग आकार के होते हैं, कोई छोटा, कोई बड़ा, कोई ब्लैकहेड तो कोई मवाद से भरा होता है। हालांकि, फंगल एक्ने के दाने एक ही आकार के होते हैं। ये छोटे, लाल या हल्के सफेद रंग के दानों जैसे दिखते हैं।
2. बहुत ज्यादा खुजली होना
यह फंगल एक्ने का सबसे बड़ा और आसानी से पहचाने जाने वाला लक्षण है। नॉर्मल पिंपल्स में आमतौर पर दर्द या खिंचाव होता है, लेकिन फंगल एक्ने में बहुत तेज खुजली होती है। खासकर पसीना आने पर यह खुजली और ज्यादा बढ़ जाती है।
3. दाने गुच्छों में निकलना
फंगल एक्ने चेहरे के किसी एक हिस्से पर या शरीर के किसी अन्य हिस्से पर एक साथ बहुत सारे गुच्छों में निकलते हैं।
4. शरीर के कई हिस्से प्रभावित होना
फंगल एक्ने सिर्फ चेहरे पर ही नहीं, बल्कि उन जगहों पर भी होता है, जहां पसीना और तेल ज्यादा बनता है। इस स्थिति में दानें माथा, हेयरलाइन, गाल और ठोड़ी, सीने और कंधा, पीठ और ऊपरी बांह पर निकलते हैं।
5. एंटी-एक्ने प्रोडक्ट्स से फायदा न मिलना
अगर आप बेंजोइल पेरोक्साइज, सैलिसिलिक एसिड या एंटीबायोटिक क्रीम लगा रहे हैं और आपके दाने ठीक होने के स्थान पर और ज्यादा लाल होकर बढ़ रहे हैं तो यह फंगल एक्ने होने का साफ संकेत है।

फंगल एक्ने के कारण
Dr. Akshay Chugh के मुताबिक, एक्ने स्किन पर मौजूद नॉर्मल फंगस अचानक इंफेक्शन में बदल जाते हैं और इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं-
1. ज्यादा पसीना
गर्म और उमस भरे मौसम में फंगल एक्ने होना बहुत आम है। वर्कआउट करने, दौड़ने या गर्मी के मौसम में जब पसीना स्किन पर लंबे समय तक जमा रहता है तो फंगस तेजी से पनपने लगता है।
2. टाइट कपड़े पहनना
जिन के टाइट कपड़े, नायलॉन या सिंथेटित फैब्रिक पहनने से पसीना स्किन के अंदर ही फंस जाता है। यह नमी फंगस के बढ़ने का माहौल बनाती है।
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3. एंटीबायोटिक्स का ज्यादा इस्तेमाल
जब आप बिना डॉक्टर की सलाह के लंबे समय तक एंटीबायोटिक दवाइयां या क्रीम लेते हैं तो वे स्किन पर मौजूद अच्छे बैक्टीरिया को मार देती हैं। बैक्टीरिया खत्म होने के कारण फंगस को बिना किसी रुकावट के बढ़ने का मौका मिलता है।
4. हैवी और ऑयली स्किनकेयर प्रोडक्ट्स
स्किन पर ऐसे मॉइस्चराइजर, सनस्क्रीन या फेशियल ऑयल का इस्तेमाल करना, जिनमें हैवी ऑयल या फैटी एसिड्स होते हैं, वे फंगस का भोजन बनते हैं। फंगस सीबम और तेल पर ही ज्यादा बढ़ते हैं।
5. कमजोर इम्युनिटी
अगर आपका इम्यून सिस्टम कमजोर है या आपका शुगर लेवल बढ़ा हुआ है तो शरीर इस फंगस की ओवरग्रोथ को रोक नहीं पाता है।
फंगल एक्ने से बचाव कैसे करें?
Dr. Akshay Chugh ने बताया कि अगर आप फंगल एक्ने की समस्या से बचना चाहते हैं या आपको लग रहा है कि इसकी शुरूआत हो रही है तो आप बचाव के लिए इन बातों का ध्यान रखें-
- एंटी-डैंड्रफ शैम्पू: हफ्ते में 2 से 3 एंटी डैंड्रफ शैम्पू को फेस वॉश या बॉडी वॉश की तरह इस्तेमाल करें। इसे प्रभावित स्किन पर लगाएं, 3 से 5 दिन तक छोड़ दें और फिर पानी से धो लें। यह फंगस को कम करने में बहुत असरदार होते हैं।
- वर्कआउट के बाद नहाएं: शारीरिक गतिविधियां करने के बाद पसीने से भीगे कपड़ों में ज्यादा देर रहने से बचें। जिम या एक्सरसाइज के तुरंत बाद नहाकर साफ और ढीले कपड़े पहनें।
- फंगल-एक्ने सेफ प्रोडक्ट्स: अपनी स्किन पर हैवी ऑयल, नारियल तेल या थिक क्रीम न लगाएं। ऑयल फ्री जेल बेस्ड मॉइश्चराइजर का इस्तेमाल करें।
- एंटीबायोटिक क्रीम न लगाएं: खुद से स्टेरॉयड या एंटीबायोटिक वाली क्रीन लगाने की भूल गलती से भी न करें। इससे फंगल एक्ने ज्यादा गंभीर हो सकते हैं।
निष्कर्ष
Dr. Akshay Chugh का कहना है कि हर दाना नॉर्मल पिंपल नहीं होता है। इसलिए, फंगल एक्ने की सही पहचान करना बहुत जरूरी है। अगर एंटी-डैंड्रफ वॉश और नॉर्मल साफ-सफाई के बाद भी 1 से 2 हफ्तों में आपकी खुजली और दाने कम नहीं हो रहे हैं तो बिना देर किए किसी डर्मेटोलॉजिस्ट से कंसल्ट करें। डॉक्टर आपकी स्किन की जांच करके आपको सही एंटी-फंगल दवा दे सकते हैं।
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FAQ
क्या फंगल एक्ने संक्रामक होता है?
नहीं, फंगल एक्ने एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलता है। यह किसी बाहरी इंफेक्शन के कारण नहीं होता है, बल्कि यह तब होता है जब शरीर के अपने ही पोर्स में यीस्ट बढ़ने के कारण होती है।फंगल एक्ने को ठीक होने में कितना समय लगता है?
अगर आप फंगल एक्ने ठीक होने के लिए सही ट्रीटमेंट ले रहे हैं तो आमतौर पर 1 से 2 हफ्ते में इसमें सुधार नजर आ सकता है और पूरी तरह ठीक होने में कुछ हफ्ते लग सकते हैं।
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Aug 13, 2026 15:01 IST
Published By : Katyayani Tiwari
Reviewed By : Dr Akshay Chugh