Thu Oct 8, 2026 | 09:02 PM IST

Medically Reviewed by Dr Akshay Chugh

क्या दूध से बनी चीजें खाने से वाकई पिंपल्स होते हैं? बता रहे हैं डॉक्टर

दूध और डेयरी प्रोडक्ट्स का सेवन कुछ लोगों में पिंपल्स का कारण बन सकता है, खासकर स्किम्ड मिल्क। IGF-1, हार्मोनल बदलाव और इंसुलिन स्पाइक इसके मुख्य कारण हैं, जबकि दही और छाछ जैसे फर्मेंटेड मिल्क प्रोडक्ट्स सुरक्षित माने जाते हैं।
क्या दूध से बनी चीजें खाने से वाकई पिंपल्स होते हैं? बता रहे हैं डॉक्टरक्या दूध से बनी चीजें खाने से वाकई पिंपल्स होते हैं? बता रहे हैं डॉक्टर

क्या दूध और डेयरी प्रोडक्ट्स का सेवन करने से चेहरे पर पिंपल्स हो सकते हैं? यह सवाल आजकल काफी लोगों के मन में रहता है, खासकर उन लोगों के बीच जो मुंहासों की समस्या से परेशान रहते हैं। दूध हमारी डाइट का एक अहम हिस्सा होता है और इसमें कैल्शियम, प्रोटीन और कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। हालांकि, Dr. Akshay Chugh, Internal Medicine & Metabolic Disorders, Metro Hospital and Heart Institute, Noida का कहना है कि डेयरी प्रोडक्ट्स और मुंहासों के बीच कई अध्ययनों में भी कनेक्शन पाया गया है। खासकर ज्यादा मात्रा में दूध पीने पर कुछ लोगों में पिंपल्स बढ़ने की संभावना बढ़ जाती है। आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।

क्या वाकई दूध से पिंपल्स होते हैं?

Dr. Akshay Chugh का कहना है कि दूध हर किसी में पिंपल्स का सीधा कारण नहीं बनता है, लेकिन यह कई लोगों के लिए एक ट्रिगर जरूर हो सकता है। ऐसे में दूध या डेयरी प्रोडक्ट्स का सेवन एक्ने या पिंपल्स का कारण बन सकता है। 

1. IGF-1 (इंसुलिन-लाइक ग्रोथ फैक्टर-1) का बढ़ना

दूध पीने से शरीर में इंसुलिन-लाइक ग्रोथ फैक्टर-1 हार्मोन बढ़ता है, जो स्किन की सेबेशियस ग्लैंड्स को ज्यादा सीबम बनाने के लिए उत्तेजित करता है।

2. नेचुरल हार्मोन्स

दूध में नेचुरल तौर पर कई तरह के हार्मोन्स पाए जाते हैं, जो पशुओं के शरीर में नेचुरल तरीके से बनते हैं। ये हार्मोन्स शरीर में एंड्रोजन हार्मोन का लेवल बढ़ाते हैं, जिससे स्किन पोर्स ब्लॉक होते हैं।

3. इंसुलिन स्पाइक

दूध में मौजूद लैक्टोज से शरीर में इंसुलिन का लेवल तेजी से बढ़ता है, जिससे स्किन में सूजन और मवाद वाले पिंपल्स बन सकते हैं।

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4. स्किम्ड मिल्क का जोखिम

फैट-फ्री या स्किम्ड मिल्क में प्रोसेसिंग के दौरान व्हे और केसिन प्रोटीन का अनुपात बढ़ सकता है, जो कुछ लोगों में पिंपल्स को और बढ़ा सकता है।

क्या कहती है स्टडी?

साल 2018 में Nutrients जर्नल के अनुसार, 7 साल के बच्चे से लेकर 30 साल तक की उम्र के लोगों में किसी भी तरह के डेयरी प्रोडक्ट्स, दूध, फुल-फैट डेयरी, कम फैट वाला दूध और दही का सेवन करने से एक्ने होने का खतरा बढ़ जाता है। यह जोखिम उन लोगों की तुलना में ज्यादा होता है, जो दूध या मिल्क प्रोडक्ट्स का बिल्कुल सेवन नहीं करते हैं। इस रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि रोजाना 1 गिलास या उससे ज्यादा दूध पीने वाले लोगों में एक्ने होने का खतरा बढ़ जाता है।

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क्या सभी मिल्क प्रोडक्ट्स से पिंपल्स होता है?

Dr. Akshay Chugh का कहना है कि सभी डेयरी प्रोडक्ट्स पिंपल्स का कारण नहीं बनते हैं या उन्हें नहीं बढ़ाते हैं। स्किम्ड या टोंड मिल्क से पिंपल्स होने की संभावना सबसे ज्यादा होती है, जबकि इसमें दही और छाछ पूरी तरह सुरक्षित और फायदेमंद माने जाते हैं। इन्हें फर्मेंट प्रक्रिया द्वारा तैयार किया जाता है, जिसके दौरान हार्मोन्स खत्म हो जाते हैं और प्रोबायोटिक्स पेट की सेहत में सुधार करने में मदद करते हैं। वहीं शुद्ध देसी घी सीमित मात्रा में डाइट में शामिल करना सुरक्षित होता है क्योंकि इसमें लैक्टोज न के बराबर होता है।

दूध के कारण पिंपल्स होने की समस्या की पहचान कैसे करें?

Dr. Akshay Chugh का कहना है कि अगर आप दूध का नियमित सेवन करते हैं और पिंपल्स की समस्या से परेशान हैं तो बिना डॉक्टर की सलाह के दूध का सेवन पूरी तरह बंद न करें। दूध हमारे शरीर में विटामिन डी और कैल्शियम का अच्छा सोर्स होता है। अपनी स्किन की सेंसिटिविटी टेस्ट करने के लिए आप 21 दिनों तक दूध और स्किम्ड प्रोडक्ट्स बंद करके देखें। अगर 21 दिन बाद दोबारा दूध लेने पर 24 से 48 घंटे के अंदर नए पिंपल्स उभरते हैं तो समझ जाएं कि आपकी स्किन डेयरी प्रोडक्ट्स को लेकर सेंसिटिव है। ऐसे में आप नॉर्मल दूध के स्थान पर बादाम का दूध या ओट्स मिल्क का सेवन कर सकते हैं।

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डॉक्टर से कब मिलें?

एक्ने या पिंपल्स होना बहुत आम बात है, लेकिन इसके बार-बार और दर्दनाक होने जैसी स्थिति को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अगर दो महीने तक बिना डॉक्टर की सलाह के एक्ने क्रीम इस्तेमाल करने के बाद भी फायदा न हो, एक्ने गहरे, दर्दनाक या सिस्टिक हों या आपको काले धब्बे और निशान नजर आ रहे हों तो इन स्थितियों को अनदेखा नहीं करना चाहिए। इस स्थिति में आपको तुरंत डॉक्टर या स्किन स्पेशलिस्ट को दिखाना चाहिए।

निष्कर्ष

Dr. Akshay Chugh का कहना है कि एक्ने होने के पीछे सिर्फ दूध या डेयरी प्रोडक्ट्स कारण नहीं हैं, बल्कि जेनेटिक्स, तनाव, हार्मोनल बदलाव और पेट की खराबी भी इसके बड़े कारण हैं। अगर जिद्दी पिंपल्स की समस्या बनी रहे तो सिर्फ घरेलू नुस्खों को अपनाने के बजाय डर्मेटोलॉजिस्ट से कंसल्ट करें।
Image Credit: Freepik

FAQ

  • कौन सी विटामिन की कमी से चेहरे पर दाने निकलते हैं?

    चेहरे पर दाने या पिंपल्स अक्सर विटामिन ए, विटामिन डी और कुछ बी कॉम्प्लेक्स की कमी या असंतुलन के कारण हो सकते हैं। इसके अलावा, जरूरी पोषक तत्वों जैसे जिंक की कमी भी चेहरे पर सूजन वाले दाने का कारण बन सकती है।
  • एक्ने खत्म करने के लिए क्या करें?

    एक्ने को ठीक करने के दिन में दो बार हल्के फेसवॉश से चेहरा धोएं, सैलिसिलिक एसिड या बेंजोयल पेरोक्साइड वाली क्रीम का इस्तेमाल करें, चेहरे को बार-बार छूने से बचें और ऑयल फ्री प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करें।

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कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Modified By : Katyayani Tiwari
  • Aug 22, 2026 19:03 IST

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  • Aug 22, 2026 19:03 IST

    Published By : Katyayani Tiwari
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