Fri Sep 11, 2026 | 06:53 PM IST

Medically Reviewed by Dr Smita Singh , Dietitian

मानसून में दही, छाछ और दूध से बनी अन्य चीजें खाना कितना सुरक्षित? डायटिशियन से जानें

कई लोग मॉनसून में दूध, दही, छाछ जैसे डेयरी उत्‍पादों का सेवन करने से बचते हैं क्‍योंक‍ि नमी वाले मॉनसून में बैक्‍टीर‍िया जल्‍दी पनपते हैं, ऐसे में जानते हैं क‍ि डेयरी उत्‍पादों का सेवन बार‍िश में सुरक्ष‍ित है या नहीं?

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द‍िल्‍ली एनसीआर समेत कई शहरों में मॉनसून ने दस्‍तक दे दी है। नमी वाले मौसम में अक्‍सर लोगों को यह च‍िंता रहती है क‍ि वे क्‍या खाएं और क्‍या नहीं? खासकर रोज इस्‍तेमाल होने वाले डेयरी प्रोडक्‍ट्स को लेकर हमेशा मन में आशंका रहती है क‍ि आख‍िर नमी वाले मौसम में डेयरी प्रोडक्‍ट्स को डाइट में शाम‍िल करना भी चाह‍िए या नहीं? दरअसल मॉनसून के मौसम में वातावरण में नमी बढ़ जाती है ज‍िसके कारण बैक्‍टीर‍िया और फंगस तेजी से पनपते हैं। वहीं मॉनसून में अक्‍सर कई इलाकों में बार-बार ब‍िजली जाने की समस्‍या होती है ज‍िसके कारण फ्र‍िज के तापमान में उतार-चढ़ाव होता है और फ्र‍िज में स्‍टोर क‍िए हुए डेयरी उत्‍पाद खराब हो सकता है। ऐसे में यह जानना जरूरी हो जाता है क‍ि मॉनसून में आख‍िर डेयरी उत्‍पाद जैसे मक्‍खन, चीज, पनीर, दूध, दही वगैरह का सेवन करें या नहीं? बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Smita Singh, Chief Dietitian At Midland Hospital & Director At Wellness Diet Clinic, Lucknow से बात की।

मॉनसून में डेयरी प्रोडक्‍ट्स का सेवन करें या नहीं?

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मॉनसून में डेयरी प्रोडक्‍ट्स का सेवन कर सकते हैं। दही और छाछ में मौजूद प्रोबायोटिक्स आंतों के माइक्रोबायोम को संतुलित रखते हैं और पाचन में भी मदद कर सकते हैं। हालांक‍ि, मॉनसून में डेयरी उत्‍पादों के साथ सावधानी बरतने की जरूरत है, खासकर डेयरी प्रोडक्‍ट्स को स्‍टोर करने का सही तरीका अपनाना चाह‍िए क्‍योंक‍ि डेयरी प्रोडक्‍ट्स, मॉनसून में जल्‍दी खराब हो सकते हैं। नमी वाले मौसम में बैक्‍टीर‍िया पनपने के कारण दूध और दही का स्‍वाद खट्टा हो सकता है, पनीर में फफूंद लग सकती है, बटर और क्रीम में मौजूद फैट, नमी सोख सकते हैं और चीज का टेक्‍सचर खराब हो सकता है। कुछ डेयरी प्रोडक्‍ट्स जैसे योगर्ट और दही की तासीर ठंडी होती हैं। मॉनसून में इनका सेवन करने से गले में बलगम बन सकता है ज‍िससे सर्दी, जुकाम और छाती में जकड़न जैसी समस्‍याएं हो सकती हैं।

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मॉनसून में क‍िन डेयरी प्रोडक्‍ट्स से परहेज करें?

मॉनसून में खुले में ब‍िक रहे क‍िसी भी उत्‍पाद का सेवन करने से बचें। ब्रांडेड डेयरी से ही दूध, दही जैसी चीजें खरीदें। लेबल पर FSSAI का लाइसेंस नंबर चेक करना न भूलें। साथ ही पॉश्चराइज क‍िए बगैर ब‍िकने वाले दूध और उससे बनने वाली म‍िठाई या खोया इस्‍तेमाल न करें। इससे पेट में इंफेक्‍शन या फूड पॉइजन‍िंग हो सकती है। कई ठेलों पर बादाम म‍िल्‍क या कुल्‍फी बेची जाती है ज‍िसका दूध या मलाई खराब हो सकता है इसल‍िए मॉनसून में इन चीजों के सेवन से भी बचना चाह‍िए।

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फ्र‍िज में भी खराब हो सकते हैं खाद्य उत्‍पाद

साल 2022 में Agri-Cosmos नामक जर्नल में प्रकाश‍ित एक स्‍टडी में मुताब‍िक, फ्र‍िज में भी खाना अक्‍सर खराब हो जाता है। अगर फ्र‍िज गंदा है, तो कीटाणु पनप सकते हैं इसल‍िए समय-समय पर फ्र‍िज की सफाई जरूरी है। साथ ही स्‍टडी में बताया गया है क‍ि पके हुए हुए खाने पर फफूंद आसानी से पनपती है इसल‍िए पके हुए खाने को ज्‍यादा समय के ल‍िए फ्रि‍ज में स्‍टोर न करें।

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डेयरी प्रोडक्‍ट्स को मॉनसून में कैसे स्‍टोर करें?

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फ्र‍िज की ठंडक में रखें डेयरी उत्‍पाद

मॉनसून में नमी बढ़ जाती है और तापमान घटता-बढ़ता रहता है, ऐसे में डेयरी प्रोडक्‍ट्स को सेहत के ल‍िए सुरक्ष‍ित रखना थोड़ा मुश्‍क‍िल हो सकता है। डेयरी प्रोडक्‍ट्स को सेफ रखने के ल‍िए उसे फ्र‍िज में रखें, बाहर नमी वाले वातावरण में न छोड़ें। इससे हान‍िकारक बैक्‍टीर‍िया की ग्रोथ घटेगी।

एयरटाइट कंटेनर का इस्‍तेमाल करें

मॉनसून में डेयरी प्राेडक्‍ट्स जैसे बटर और चीज को हान‍िकारक बैक्‍टीर‍िया और नमी से बचाने के ल‍िए एयरटाइट कंटेनर का इस्‍तेमाल करें। साथ ही जब तक आप क‍िसी उत्‍पाद को इस्‍तेमाल न करें, तब उसे ओर‍िजनल पैकेज‍िंग में ही रखें।

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इन चीजों को कैसे स्‍टोर करें?

1. दूध

दूध को कमरे के तापमान पर न रखें। इसे खरीदकर लाएं और तुरंत फ्र‍िज में रख दें।

2. दही

दही को फ्र‍ि‍ज में रखें। मॉनसून में नमी से दही खराब हो सकता है। अगर दही ज्‍यादा खट्टा लगे, तो उसका सेवन न करें।

3. बटर और घी

बटर को सील्‍ड कंटेनर में करके ही फ्र‍िज में रखें और घी को कमरे के तापमान पर रख सकते हैं, लेक‍िन उसे नमी से बचाना जरूरी है।

4. चीज

चीज को खराब होने से बचाने के ल‍िए फ्र‍िज में रखें। चीज को फ्रीजर में रखने से बचें, इससे स्‍वाद और रंग में बदलाव आ सकता है।

न‍िष्‍कर्ष:

मॉनसून में डेयरी प्रोडक्‍ट्स का सेवन कर सकते हैं। हालांक‍ि, डेयरी प्रोडक्‍ट्स को ताजा ही इस्‍तेमाल करें। मॉनसून के नमी वाले मौसम में डेयरी प्रोडक्‍ट्स के जल्‍दी खराब होने की आशंका बढ़ जाती है। मॉनसून में खुले में ब‍िक रहे क‍िसी भी उत्‍पाद का सेवन करने से बचें। साथ ही, ब्रांडेड डेयरी से ही दूध, दही जैसी चीजें खरीदें।

FAQ

  • कैसे पता चलेगा दूध खराब हो गया है?

    अगर खट्टी गंध है या दूध में गांठें नजर आंए, तो समझ लें दूध खराब है। खराब दूध का रंग पीला हो जाता है। 
  • मॉनसून में नॉन वेज फूड्स खा सकते हैं?

    मॉनसून में नॉन वेज खा सकते हैं, लेक‍िन कच्‍चा मीट खाने से बचना चाह‍िए। मीट को खाने से पहले चेक करें क‍ि वो अच्‍छी तरह से पका हो। हमेशा ताजा मीट या मछली ही चुनें।

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jul 13, 2026 16:24 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Dr Smita Singh

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