Fri Sep 11, 2026 | 09:54 PM IST

Medically Reviewed by Archana Jain , Nutritionist

क्या रोज पनीर खाने से बढ़ने लगता है पेट और फैट? डाइटिशियन से सच्चाई जान लें

पनीर भारतीय घरों में सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली प्रोटीन रिच चीजों में से एक है। वजन बढ़ाने वाले हों या वजन घटाने की कोशिश कर रहे लोग, दोनों ही अपनी डाइट में पनीर को शामिल करते हैं। यहां जानिए, क्या रोज पनीर खाने से शरीर में फैट बढ़ता है?

आज के समय में किसी के लिए पनीर प्रोटीन का सुपरफूड है, तो किसी के लिए मोटापा बढ़ाने वाला दुश्मन। खासकर फिटनेस और वेट लॉस के दौर में पनीर को लेकर लोगों के मन में काफी कंफ्यूजन बना रहता है। कोई कहता है पनीर मसल्स बनाता है, तो कोई मानता है कि यह पेट और कमर की चर्बी बढ़ा देता है। भारतीय किचन में पनीर सालों से इस्तेमाल होता आ रहा है। शाकाहारी लोगों के लिए यह प्रोटीन का अहम सोर्स माना जाता है लेकिन आज की लाइफस्टाइल, कम फिजिकल एक्टिविटी और हाई-कैलोरी डाइट के बीच सवाल यह उठता है कि क्या रोज पनीर खाना सच में सेहत के लिए सही है या यह धीरे-धीरे शरीर में फैट बढ़ा देता है? इस बारे में सही जानकारी के लिए हमने जयपुर स्थित Angelcare-A Nutrition and Wellness Center की निदेशक, डाइटिशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन से बात की-

क्या रोज पनीर खाने से शरीर में फैट बढ़ता है?

पनीर को अक्सर हाई फैट फूड मान लिया जाता है, जिसकी वजह से लोग इसे मोटापे से जोड़ देते हैं। डाइटिशियन अर्चना जैन बताती हैं कि पनीर में फैट जरूर होता है, लेकिन यह इस बात पर निर्भर करता है कि पनीर किस तरह का है, कितनी मात्रा में खाया जा रहा है और आपकी कुल डेली कैलोरी इनटेक कितनी है। सिर्फ पनीर को दोष देना सही नहीं है।

डाइटिशियन अर्चना जैन साफ कहती हैं कि अगर पनीर सीमित मात्रा में और सही तरीके से खाया जाए, तो रोज पनीर खाने से जरूरी नहीं कि फैट बढ़े। फैट तब बढ़ता है जब आप जरूरत से ज्यादा कैलोरी लेते हैं और फिजिकल एक्टिविटी कम होती है। 100 ग्राम पनीर की जगह 40-60 ग्राम पनीर रोजाना लेना ज्यादा सुरक्षित और संतुलित माना जाता है।

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does paneer daily increase fat

  • डाइटिशियन अर्चना जैन के अनुसार, पनीर प्रोटीन, कैल्शियम और जरूरी अमीनो एसिड का अच्छा सोर्स है।
  • यह मसल्स को मजबूत बनाने, हड्डियों की सेहत सुधारने और लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद करता है।
  • खासकर शाकाहारी लोगों के लिए पनीर एक बेहतरीन प्रोटीन विकल्प है।
  • हालांकि, फुल फैट पनीर में कैलोरी ज्यादा होती है, इसलिए मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है।

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पनीर खाने का सही तरीका क्या है?

पनीर खाने का तरीका भी उतना ही अहम है जितनी उसकी मात्रा। डाइटिशियन अर्चना जैन सलाह देती हैं कि पनीर को सलाद, सब्जी या भुजिया के रूप में हल्के मसालों के साथ खाना बेहतर है। पनीर टिक्का, बटर पनीर या पनीर पकौड़े जैसे ऑप्शन फैट और कैलोरी दोनों बढ़ा सकते हैं। रात के समय बहुत ज्यादा पनीर खाने से भी परहेज करना चाहिए।

डाइटिशियन की सलाह

अगर आप रोज पनीर खाना चाहते हैं, तो अपनी डाइट को संतुलित रखना बेहद जरूरी है। डाइटिशियन अर्चना जैन बताती हैं कि पनीर के साथ हरी सब्जियां, फाइबर और पर्याप्त पानी शामिल करना चाहिए। साथ ही रोजाना वॉक, योग या एक्सरसाइज भी जरूरी है, ताकि अतिरिक्त कैलोरी फैट में न बदले।

निष्कर्ष

कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि रोज पनीर खाने से अपने आप शरीर में फैट नहीं बढ़ता। डाइटिशियन अर्चना जैन के अनुसार, पनीर एक पौष्टिक आहार है, जिसे सही मात्रा, सही समय और सही तरीके से खाने पर यह वजन बढ़ाने की बजाय सेहत को फायदा पहुंचा सकता है। फैट बढ़ना या न बढ़ना आपकी पूरी लाइफस्टाइल और डाइट बैलेंस पर निर्भर करता है, न कि सिर्फ पनीर पर।

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FAQ

  • शरीर में फैट बढ़ने के कारण क्या हैं?

    ज्यादा कैलोरी वाला खाना, फिजिकल एक्टिविटी की कमी, खराब लाइफस्टाइल, नींद की कमी और तनाव शरीर में फैट बढ़ने के मुख्य कारण माने जाते हैं।
  • क्या रोज एक्सरसाइज करने से फैट कम हो सकता है?

    हां, नियमित एक्सरसाइज, वॉक, योग और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग शरीर के फैट को कम करने में मदद करती है।
  • फैट कम होने में कितना समय लगता है?

    फैट कम होने का समय व्यक्ति की डाइट, लाइफस्टाइल और मेटाबॉलिज्म पर निर्भर करता है। आमतौर पर सही रूटीन अपनाने पर 3-4 हफ्तों में बदलाव दिखने लगता है।

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Akanksha Tiwari

Akanksha Tiwari

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आकांक्षा तिवारी हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 6 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की और फिलहाल जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। आकांक्षा को स्वास्थ्य, पोषण और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। वे पत्रकारिता और जनसंचार में पोस्ट ग्रैजुएट हैं। रिसर्च, SEO और फैक्ट-चेकिंग में उनकी खास पकड़ है और वे हमेशा प्रमाणिक और भरोसेमंद जानकारी देने की कोशिश करती हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Feb 01, 2026 07:02 IST

    Modified By : Akanksha Tiwari
  • Feb 01, 2026 07:02 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
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