Fri Sep 11, 2026 | 06:53 PM IST

Medically Reviewed by Dr Smita Singh , Dietitian

100 ग्राम पनीर में कितना प्रोटीन होता है? एक्‍सपर्ट से जानें सेहत के लिए रोज सेवन की सही मात्रा

पनीर प्रोटीन का बेहतरीन स्रोत माना जाता है। इसमें प्रोटीन के अलावा कैल्शियम, फॉस्फोरस और फैट भी पाया जाता है। जानें 100 ग्राम पनीर में क‍ितना प्रोटीन होता है और इसे रोजाना क‍ितनी मात्रा में खाना चाह‍िए?

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1पनीर एक डेयरी उत्‍पाद है ज‍िसे दूध के साथ तैयार क‍िया जाता है। जो लोग प्रोटीन स्रोत चुनना चाहते हैं, वे पनीर का चुनाव करते हैं क्‍योंक‍ि यह खाने में स्‍वाद‍िष्‍ट होता है और साथ ही इसमें प्रोटीन की भरपूर मात्रा पाई जाती है। पर्याप्त प्रोटीन मांसपेशियों को बनाए रखने और एक्सरसाइज के बाद रिकवरी में मदद करता है। इसलिए पनीर को फिटनेस फ्रीक्‍स बेहद पसंद करते हैं। पनीर में मौजूद प्रोटीन और फैट पेट भरा होने का एहसास बढ़ाते हैं। इससे बार-बार खाने की इच्छा या फूड क्रेव‍िंग्‍स को कंट्रोल करने में मदद म‍िलती है। आइए जानते हैं पनीर में क‍ितना प्रोटीन होता है और रोज इसकी क‍ितनी मात्रा का सेवन सुरक्ष‍ित है? बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Smita Singh, Chief Dietitian At Midland Hospital & Director At Wellness Diet Clinic, Lucknow से बात की।

100 ग्राम पनीर में क‍ितना प्रोटीन होता है?

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100 ग्राम पनीर में लगभग 18.9 ग्राम प्रोटीन होता है। वहीं टोफू में लगभग 8 से 10 ग्राम प्रोटीन होता है, लेक‍िन यह मात्रा फ‍िक्‍स नहीं है। यह टोफू के ब्रैंड पर न‍िर्भर करता है। साथ ही, दो अंडों में लगभग 12 से 13 ग्राम प्रोटीन होता है। प्रोटीन की मात्रा अंडे के साइज पर भी न‍िर्भर करती है। 100 ग्राम पनीर में लगभग 305 कैलोरी हो सकती हैं।

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रोजाना क‍ितना पनीर खा सकते हैं?

स्वस्थ व्यक्ति के लिए 50 से 75 ग्राम पनीर जैसी पोर्शन मात्रा, व्यक्ति की कुल कैलोरी, प्रोटीन और फैट आवश्यकता के अनुसार तय की जा सकती है। एक स्वस्थ व्यक्ति में पनीर को रोजाना की संतुल‍ित डाइट का हिस्सा बना सकता है, यदि वह उसकी कुल कैलोरी और फैट जरूरतों के अनुरूप हो। अगर पनीर से एलर्जी नहीं है या डाइट में डॉक्‍टर की ओर से बताई हुई कोई पाबंदी नहीं है, तो रोज पनीर का सेवन कर सकते हैं। अगर डाइट में पहले से दूध, दही, चीज या अन्‍य चीजें को शाम‍िल क‍िया है, तो पनीर की मात्रा कम भी कर सकते हैं।

डाइट में पनीर को शाम‍िल करने का सही तरीका क्‍या है?

  • पनीर को सलाद और सब्‍ज‍ियों के साथ खाएं। पनीर को कम तेल के साथ ग्र‍िल करके खा सकते हैं।
  • पनीर को खाते समय सलाद और हरी सब्‍ज‍ियों को भी डाइट में शाम‍िल करें।
  • प्रोटीन के ल‍िए अलग-अलग स्रोतों को डाइट में शाम‍िल करें, केवल पनीर पर न‍िर्भर न रहें।
  • पनीर को कम तेल के साथ खाने की कोश‍िश करें और इसे डीप फ्राई करने से बचें।

पनीर खाने का सही समय क्‍या है?

पनीर को खाने का कोई तय समय नहीं है। इसे ब्रेकफास्‍ट, लंच या ड‍िनर कि‍सी भी समय डाइट का ह‍िस्‍सा बनाया जा सकता है। पूरे द‍िन की डाइट में पनीर के अलावा प्रोटीन के अन्‍य स्रोत जैसे दाल, अंडे, मछली, चिकन, सोया आदि को शाम‍िल करें तथा पर्याप्त फल-सब्जियां और फाइबर र‍िच फूड्स को भी डाइट का ह‍िस्‍सा बना सकते हैं।

लो-फैट पनीर vs फुल-फैट पनीर में से क्‍या चुनें?

लो-फैट और फुल फैट दोनों में ही प्रोटीन और कैल्‍श‍ियम की जैसे पोषक तत्‍व मौजूद होते हैं। फुल फैट पनीर में फैट और कैलोरी की मात्रा ज्‍यादा होती है। जो लोग वेट लॉस कर रहे हैं, उनके ल‍िए लो-फैट पनीर बेहतर व‍िकल्‍प है। लो-फैट पनीर में फैट की मात्रा 4 से 8 ग्राम के बीच हो सकती है वहीं फुल-फैट पनीर में फैट की मात्रा 20 से 25 ग्राम के बीच हो सकती है।

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ज्‍यादा पनीर खाने के नुकसान भी हैं

साल 2011 में Journal Of Food Science And Technology में प्रकाश‍ित एक स्‍टडी के मुताब‍िक, पनीर पौष्टिक होता है, लेक‍िन इसके बावजूद यह जल्दी खराब हो सकता है। सामान्य तापमान पर पनीर लगभग 2 दिन और रेफ्रिजरेटर में 7 से 10 दिन तक ही यह सुरक्षित रह सकता है।

  • पनीर को प्रोटीन का स्रोत समझकर ज्‍यादा मात्रा में सेवन न करें। इसमें कैलोरी और फैट की मात्रा ज्‍यादा होती है ज‍िससे वजन बढ़ सकता है। इसल‍िए मात्रा पर कंट्रोल जरूरी है।
  • फुल फैट पनीर का सेवन करने से भी वजन बढ़ सकता है क्‍योंक‍ि इससे कुल कैलोरी इंटेक बढ़ सकता है और यह वेट गेन में योदगान दे सकता है।
  • ज्‍यादा पनीर खाने से कुछ लोगों में कब्‍ज, ब्‍लोट‍िंग या पाचन संबंध‍ित कोई अन्‍य श‍िकायत हो सकती है।

पनीर को वीगन डाइट में शाम‍िल कर सकते हैं?

पनीर को वीगन डाइट का ह‍िस्‍सा नहीं बना सकते क्‍योंक‍ि यह दूध से तैयार क‍िया जाता है, जबक‍ि टोफू एक वीगन प्रोडक्‍ट है क्‍योंक‍ि उसे आमतौर पर सोया म‍िल्‍क से तैयार क‍िया जाता है।

पनीर खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखें?

  • बाजार से पनीर खरीदते समय केवल उसकी कीमत या ब्रांड देखकर फैसला नहीं करना चाहिए। अच्छी क्वालिटी और ताजे पनीर का चुनाव करने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
  • सबसे पहले न्यूट्रिशन लेबल देखें। पैकेज्ड पनीर खरीदते समय प्रोटीन, कैलोरी, फैट और सोडियम की मात्रा जरूर चेक करना चाह‍िए।
  • पैकिंग और एक्सपायरी डेट भी चेक करें। पैकेट फूला हुआ, लीक या डैमेज नहीं होना चाहिए।
  • पनीर की बनावट पर ध्यान दें। ताजा पनीर आमतौर पर सफेद या हल्के क्रीम रंग का और मुलायम होता है। उसमें बहुत ज्यादा चिपचिपापन, असामान्य रंग या खराब गंध नहीं होनी चाहिए।

न‍िष्‍कर्ष:

100 ग्राम पनीर में लगभग 18.9 ग्राम प्रोटीन होता है। 100 ग्राम प्रोटीन में लगभग 305 कैलोरी होती हैं। संतुल‍ित डाइट के साथ इसे रोजाना खा सकते हैं, लेक‍िन 50 से 90 ग्राम से ज्‍यादा मात्रा का सेवन न करें। पनीर को सब्‍ज‍ियों के साथ पेयर करें, कम तेल में पकाएं और ग्र‍िल करके खा सकते हैं। प्रोटीन को ब्रेकफास्‍ट, लंच या ड‍िनर तीनों का ह‍िस्‍सा बना सकते हैं। अगर आप वेट लॉस कर रहे हैं, तो फुल फैट पनीर को चुनने के बजाय लो-फैट प्रोटीन का चुनाव करें।

image source: magnific

FAQ

  • क्या रात में पनीर खा सकते हैं?

    हां, रात में पनीर खा सकते हैं। पनीर को कम तेल में भुर्जी, ग्र‍िल्‍ड पनीर या सब्‍ज‍ियों के साथ म‍िलाकर खा सकते हैं।
  • क्या जिम जाने वालों के लिए पनीर हेल्‍दी व‍िकल्‍प है?

    हां, जिम और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करने वाले लोगों के लिए पनीर प्रोटीन का एक अच्छा स्रोत हो सकता है। प्रोटीन मांसपेशियों की मरम्मत और विकास में अहम भूमिका निभाता है। 

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Sep 08, 2026 18:14 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Dr Smita Singh

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