दही हमारे खान-पान का खास हिस्सा है। इसे नाश्ते से लेकर लंच और डिनर तक अलग-अलग तरीकों से खाया जाता है। कोई इसे चावल या पराठे के साथ लेता है, तो कोई रायता, लस्सी या स्मूदी के रूप में इसका सेवन करता है। यही वजह है कि कई लोगों के मन में सवाल रहता है कि क्या रोज दही खाना सही है? क्या रोज इसका सेवन करने से शरीर को कोई नुकसान हो सकता है? दही की गुणवत्ता, उसकी ताजगी और उसे खाने का तरीका भी ध्यान में रखना जरूरी होता है। इसलिए रोज दही खाने से पहले अपनी जरूरत और शरीर की जरूरत को समझना जरूरी है। आइए जानते हैं रोज दही खाना क्या वाकई सेहतमंद है? बेहतर जानकार के लिए हमने Neha Sinha, Nutritionist At The Nutriwise Clinic, Lucknow से बात की।
साल 2023 में Public Health Nutrition में प्रकाशित एक स्टडी के मुताबिक, कम दही खाने वालों की तुलना में ज्यादा दही खाने वालों में किसी भी कारण से जान का जोखिम लगभग 7% कम था। वहीं हृदय रोग से जान का जोखिम करीब 11% कम पाया गया। हालांकि, दही खाने और कैंसर से मृत्यु के जोखिम में कोई संबंध नहीं मिला।
क्या रोज दही खाना सही है?
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दही की संतुलित मात्रा को डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है। दही से शरीर को प्रोटीन और कैल्शियम जैसे पोषक तत्व मिलते हैं। दही से किसी तरह की एलर्जी नहीं है, तो रोज इसका सेवन कर सकते हैं। दही को संतुलित डाइट के रूप में लेना चाहिए। साथ दही को ज्यादा नमक या चीनी के साथ लेने के बजाय सादे दही का सेवन करें।
ज्यादा दही खाने से क्या नुकसान हो सकता है?
सेहत के लिए दही पौष्टिक है, लेकिन जरूरत से ज्यादा मात्रा में इसे खाना नुकसानदायक हो सकता है। अगर आप वेट लॉस कर रहे हैं, तो फुल-फैट वाले दही का सेवन करने से बचें। वहीं बाजार में मिलने वाले फ्लेवर्ड या मीठे योगर्ट में अतिरिक्त चीनी हो सकती है। इन्हें रोज अधिक मात्रा में खाने से शुगर और कैलोरी का सेवन बढ़ सकता है। कुछ लोगों को अधिक मात्रा में डेयरी प्रोडक्ट्स जैसे दही लेने पर गैस, पेट फूलना, पेट में ऐंठन या दस्त जैसी समस्या हो सकती है।
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दही खाने की कितनी मात्रा सही है?
दही की कोई एक मात्रा सभी लोगों के लिए तय नहीं की जा सकती। यह व्यक्ति की उम्र, कुल डाइट, कैलोरी और प्रोटीन की जरूरत पर निर्भर करता है। एक स्वस्थ वयस्क के लिए एक छोटी कटोरी यानी लगभग 50 से 100 ग्राम सादा दही रोज की डाइट में शामिल कर सकते हैं। अगर आप दिन में दूध, पनीर या अन्य डेयरी उत्पाद भी पर्याप्त मात्रा में ले रहे हैं, तो कुल मात्रा को उसी अनुसार रखना चाहिए।
दही खाने का सही समय क्या है?
दही की तासीर ठंडी होती है इसलिए इसे दिन में भोजन के साथ या स्नैक के तौर पर लिया जा सकता है।
किन लोगों को दही खाने में सावधानी बरतनी चाहिए?
1. लैक्टोज इनटॉलरेंस वाले लोग
जिन लोगों को लैक्टोज इनटॉलरेंस है, उन्हें दूध और कुछ डेयरी उत्पादों से गैस, पेट फूलना, ऐंठन या दस्त जैसी समस्या हो सकती है। हालांकि, दही में लैक्टोज की मात्रा दूध की तुलना में कम हो सकती है। अगर दही खाने के बाद बार-बार पाचन संबंधित समस्या हो, तो एक्सपर्ट से सलाह लें।
2. मिल्क एलर्जी के शिकार लोग
मिल्क एलर्जी लैक्टोज इनटॉलरेंस से अलग होती है। दूध के प्रोटीन से एलर्जी होने पर दही भी समस्या पैदा कर सकता है। ऐसे लोगों को डॉक्टर की सलाह के बिना दही या अन्य डेयरी उत्पादों का सेवन नहीं करना चाहिए।
3. डायबिटिक मरीज
डायबिटीज होने पर सादा, बिना चीनी वाला दही बेहतर विकल्प हो सकता है। दूसरी ओर, मीठा या फ्लेवर्ड योगर्ट शुगर लेवल बढ़ा सकता है।
4. किडनी के मरीज
दही में प्रोटीन, कैल्शियम, फॉस्फोरस और पोटैशियम जैसे पोषक तत्व होते हैं। किडनी की बीमारी में इन पोषक तत्वों की मात्रा व्यक्ति की बीमारी के अनुसार सीमित की जा सकती है। इसलिए किडनी मरीजों को दही की मात्रा खुद से तय करने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए।
निष्कर्ष:
जिन लोगों को लैक्टोज इनटॉलरेंस है, दूध से एलर्जी है, डायबिटीज है या किडनी की शिकायत है, उन्हें दही का सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए। दही का सेवन रोज कर सकते हैं, लेकिन मात्रा का ख्याल रखना जरूरी है। दही को ज्यादा चीनी या नमक के बगैर खाना चाहिए वरना कैलोरी इंटेक बढ़ सकता है।
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FAQ
क्या डायबिटीज में दही खा सकते हैं?
डायबिटीज में सादा, बिना चीनी वाला दही का सेवन कर सकते हैं। मीठे और फ्लेवर्ड योगर्ट में अतिरिक्त शुगर हो सकती है इसलिए पहले लेबल चेक करें।क्या दही खाने से हड्डियां मजबूत होती हैं?
दही कैल्शियम और प्रोटीन जैसे पोषक तत्वों से भरपूर होता है जो हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हैं। संतुलित डाइट में पर्याप्त कैल्शियम लेने से हड्डियों को स्वस्थ रखने में मदद मिलती है।
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Aug 27, 2026 20:01 IST
Published By : Yashaswi Mathur
Reviewed By : Neha Mohan Sinha
