Thu Oct 15, 2026 | 06:20 AM IST

Medically Reviewed by Dr Akshay Chugh

दूध पीने से पेट में होती है गड़बड़ी? शरीर में नजर आने वाले ये 6 लक्षण लैक्टोज इनटोलरेंस का हो सकते हैं संकेत

दूध या डेयरी उत्पादों के सेवन के बाद पेट फूलना, गैस, दर्द या दस्त जैसे लक्षण लैक्टोज इनटॉलरेंस के संकेत हो सकते हैं। इन लक्षणों को नजरअंदाज करने से बचना चाहिए और सही पहचान के लिए डॉक्टर से कंसल्ट करना जरूरी है। 
दूध पीने से पेट में होती है गड़बड़ी? शरीर में नजर आने वाले ये 6 लक्षण लैक्टोज इनटोलरेंस का हो सकते हैं संकेत
दूध पीने से पेट में होती है गड़बड़ी? शरीर में नजर आने वाले ये 6 लक्षण लैक्टोज इनटोलरेंस का हो सकते हैं संकेत

कई लोगों को दूध और दूध से बनी चीजों के सेवन के बाद पाचन से जुड़ी समस्याएं होने लगती हैं। कई बार लोग इसे सामान्य पाचन समस्या, ज्यादा खाने या गैस की समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। हालांकि, अगर ये लक्षण बार-बार दूध, आइसक्रीम, मिल्कशेक या अन्य डेयरी प्रोडक्ट्स के सेवन के बाद नजर आते हैं तो इसके पीछे लैक्टोज इनटॉलरेंस एक कारण हो सकता है। Dr. Akshay Chugh, Internal Medicine & Metabolic Disorders, Metro Hospital and Heart Institute, Noida के अनुसार, "हर बार दूध पीने के बाद होने वाली पेट की परेशानी को सामान्य गैस समझकर लंबे समय तक नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। लक्षणों का पैटर्न, भोजन और शरीर की प्रतिक्रिया को समझना सही कारण तक पहुंचने में मदद कर सकता है।" इसलिए, आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं कि लैक्टोज इनटॉलरेंस के शुरुआती संकेत क्या हैं?

लैक्टोज इनटॉलरेंस के शुरुआती संकेत

साल 2006 में The Journal of Nutrition में प्रकाशित एक मेटा-एनालिसिस के अनुसार, लैक्टोज इनटोलरेंस के लक्षणों के उभरने में लैक्टोज की मात्रा मुख्य कारक होती है, जहां आमतौर पर 25 ग्राम यानी लगभग 2 कप दूध या उससे ज्यादा मात्रा का सेवन करने पर ही ज्यादा लोगों में लक्षण दिखाई देते हैं।

Dr. Akshay Chugh का कहना है कि दूध या डेयरी प्रोडक्ट्स के कारण लैक्टोज इनटॉलरेंस की समस्या होने पर इनके सेवन के 2 से 3 घंटे के अंदर इसके लक्षण नजर आ सकते हैं। इसलिए, आप शरीर में नजर आने वाले इन संकेतों को नजरअंदाज बिल्कुल न करें:

1. दूध पीने के बाद पेट फूलना

अगर दूध या डेयरी प्रोडक्ट लेने के कुछ समय बाद पेट सामान्य से ज्यादा फूला हुआ महसूस होता है तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। पेट फूलना लैक्टोज के पूरी तरह पच न पाने और आंतों में समस्या के कारण हो सकती है। हालांकि, सिर्फ ब्लोटिंग के आधार पर लैक्टोज इनटॉलरेंस होने का दावा नहीं किया जा सकता है, क्योंकि इसके पीछे के अन्य कई कारण भी हो सकते हैं।

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2. बार-बार गैस बनना

डेयरी प्रोडक्ट खाने के बाद ज्यादा गैस बनना भी एक शुरुआती संकेत हो सकता है। अगर आपने नोटिस किया है कि दूध, आइसक्रीम या मिल्कशेक लेने के बाद गैस बनती है, जबकि अन्य समय ऐसा नहीं होता है, तो इस पैटर्न पर ध्यान देना जरूरी होता है।

3. पेट में गुड़गुड़ाहट होना

कुछ लोगों को डेयरी प्रोडक्ट लेने के बाद पेट में लगातार गुड़गुड़ाहट या आंतों की आवाजें सुनाई देती हैं। यह आंतों में गैस और पाचन क्रिया में बदलाव के कारण हो सकता है। हालांकि ध्यान रहे, सिर्फ पेट की आवाजें किसी बीमारी का प्रमाण नहीं हैं, लेकिन अगर इनके साथ ब्लोटिंग, गैस या दस्त की समस्या होती है तो डॉक्टर से कंसल्ट करना जरूरी हो सकता है।

4. पेट में दर्द या ऐंठन

लैक्टोज को पचाने में मुश्किल होने पर कुछ लोगों को दूध या डेयरी प्रोडक्ट्स लेने के बाद पेट में दर्द,मरोड़ या ऐंठन की समस्या महसूस हो सकती है। यह लक्षण हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकती है और यह इस बात पर भी निर्भर कर सकती है कि व्यक्ति ने कितनी मात्रा में लैक्टोज का सेवन किया है।

5. दस्त

दूध या डेयरी प्रोडक्ट्स लेने के बाद बार-बार दस्त की समस्या होना भी लैक्टोज इनटॉलरेंस की समस्या से जुड़ा हो सकता है। कुछ लोगों में दूध लेने के बाद बाउल मूवमेंट बिगड़ सकता है। अगर यह समस्या लगातार एक ही तरह के भोजन के बाद होती है तो इसके कारण का पता लगाना जरूरी है।

6. मतली या पेट में भारीपन

कुछ लोगों को दूध या डेयरी प्रोडक्ट लेने के बाद मतली, पेट भरा-भरा लगना या असुविधा महसूस हो सकती है। हालांकि, ये लक्षण दूसरी पेट से जुड़ी समस्याओं में दिखाई दे सकते हैं। इसलिए, सिर्फ इन लक्षणों के आधार पर खुद से डायग्नोसिस करना सही नहीं है।

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क्या लैक्टोज इनटॉलरेंस के लक्षण तुरंत दिखाई देते हैं?

Dr. Akshay Chugh के अनुसार, यह जरूरी नहीं है कि हर व्यक्ति में लक्षण बिल्कुल एक ही समय पर शुरू हों। कई लोगों में डेयरी प्रोडक्ट लेने के बाद कुछ समय के अंदर पाचन संबंधी समस्याएं शुरू हो सकती हैं। इसलिए, मरीज सिर्फ एक बार दूध लेने के बाद होने वाली समस्या को लैक्टोज इनटॉलरेंस न समझें। कई बार नजर आने वाले लक्षणों और खाने के कनेक्शन का ध्यान रखना जरूरी होता है। अगर हर बार दूध पीने के बाद ब्लोटिंग और गैस की समस्या होती है या कुछ डेयरी प्रोडक्ट्स लेने पर ऐसा नहीं होता है तो यह जानकारी डॉक्टर को बताना महत्वपूर्ण हो सकता है।

क्या हर डेयरी उत्पाद समस्या पैदा करता है?

Dr. Akshay Chugh का कहना है कि लैक्टोज की मात्रा अलग-अलग डेयरी प्रोडक्ट्स में अलग हो सकती है और हर व्यक्ति की सहनशीलता भी अलग होती है। इसलिए, हर डेयरी प्रोडक्ट से लैक्टोज इनटॉलरेंस की समस्या नहीं होती है। कुछ लोग कम मात्रा में दूध या डेयरी प्रोडक्ट बिना परेशानी के ले सकते हैं, जबकि ज्यादा मात्रा में सेवन करने पर लक्षण दिखाई दे सकते हैं। इसलिए, बिना डॉक्टर की सलाह के सभी डेयरी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल पूरी तरह बंद करना जरूरी नहीं होता है।

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डॉक्टर लैक्टोज इनटॉलरेंस की पहचान कैसे करते हैं?

Dr. Akshay Chugh के अनुसार, लैक्टोज इनटॉलरेंस की पहचान करने के लिए सबसे पहले डॉक्टर आपके संकेतों, खाने की आदतों और लक्षणों के पैटर्न को समझते हैं। जरूरत पड़ने पर कुछ टेस्ट किए जा सकते हैं, जिनमें हाइड्रोजन ब्रेथ टेस्ट प्रमुख जांचों में से एक है। कुछ परिस्थितियों में डॉक्टर अन्य गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल कंडीशन को जानने के लिए टेस्ट करवाने की सलाह भी दे सकते हैं। डॉक्टर सलाह देते हैं कि मरीजों को खुद से बीमारी का अंदाजा लगाने से बचना चाहिए और हमेशा डॉक्टर से कंसल्ट करना चाहिए।

कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?

अगर दूध या डेयरी प्रोडक्ट्स लेने के बाद लगातार पेट में दर्द, दस्त, ब्लोटिंग या गैस बनने की समस्या होती है तो डॉक्टर से कंसल्ट करना जरूरी है। खासकर, बिना कारण वजन कम होना, मल में खून आना, लगातार उल्टी होना, रात में बार-बार दस्त लगना, तेज या लगातार पेट दर्द या लंबे समय तक बनी रहने वाली पाचन से जुड़ी समस्याओं को सिर्फ लैक्टोज इनटॉलरेंस मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

निष्कर्ष

Dr. Akshay Chugh सलाह देते हैं कि मरीजों को अपने शरीर के संकेतों को समझना चाहिए और भोजन के बाद शरीर में नजर आने वाले लक्षणों का पैटर्न देखना चाहिए। अगर दूध या किसी खास डेयरी प्रोडक्ट के बाद बार-बार एक जैसे लक्षण दिखाई देते हैं तो डॉक्टर से कंसल्ट करना जरूरी है। लैक्टोज इनटॉलरेंस आमतौर पर मैनेज की जाने वाली स्थिति है। सही पहचान, डाइट प्लानिंग और जरूरत के अनुसार मेडिकल गाइडेंस की मदद से व्यक्ति अपनी पोषण से जुड़ी जरूरतों को पूरा करते हुए रोजमर्रा की जिंदगी को जी सकते हैं।
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FAQ

  • लैक्टोज इनटॉलरेंस की समस्या कब तक रहती है?

    लैक्टोज इनटॉलरेंस की समस्या दूध या डेयरी प्रोडक्ट्स खाने के 30 मिनट से 2 घंटे के अंदर शुरू होती है और आमतौर पर कुछ घंटों से लेकर 48 घंटे तक रहती है। यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपने कितनी मात्रा में लैक्टोज का सेवन किया है।
  • लैक्टोज को पचाने के लिए क्या खाना चाहिए?

    लैक्टोज को आसानी से पचाने या लैक्टोज असहिष्णुता के लक्षणों से बचने के लिए आप प्रोबायोटिक से भरपूर, कम लैक्टोज वाले और लैक्टोज-फ्री फूड्स का सेवन कर सकते हैं।

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Disclaimer

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कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Aug 29, 2026 16:37 IST

    Published By : Katyayani Tiwari
    Reviewed By : Dr Akshay Chugh