अक्सर लोग बाहर का खाना खाना पसंद करते हैं, लेकिन इसके कारण कई लोगों को बार-बार पेट खराब होने, मतली, उल्टी और पेट दर्द होने की समस्या हो जाती है। अक्सर इसका कारण लोग फूड पॉइजनिंग को मान लेते हैं, लेकिन कई बार ऐसा इनटॉलरेंस की समस्या के कारण भी हो सकता है। आइए इस बारे में Dr. Anupama N K, Senior Consultant - Medical Gastroenterology, Aster CMI Hospital, Bengaluru से जानें।
क्या बाहर का खाना खाने से पेट खराब होता है?
डॉ. अनुपमा के अनुसार, बाहर खाने से हमेशा पेट खराब नहीं होता है। हालांकि, खाना कैसे तैयार किया गया है, कैसे रखा गया है और उसे कैसे हैंडल किया गया है, यह उसकी सुरक्षा पर असर डाल सकता है।
क्यों होती है फूड पॉइजनिंग?
डॉ. अनुपमा बताती हैं, हानिकारक बैक्टीरिया, वायरस या टॉक्सिन्स से दूषित खाना फूड पॉइजनिंग का कारण बन सकता है। ऐसा तब हो सकता है, जब खाना ठीक से न पका हो, गलत तापमान पर रखा गया हो, गंदे हाथों से तैयार किया गया हो या दूषित पानी के संपर्क में आया हो। इसके कारण व्यक्ति बीमार पड़ जाता है।
फूड पॉइजनिंग के लक्षण
CDC के अनुसार, फूड पॉइजनिंग के लक्षणों में व्यक्ति को कई परेशानियां हो सकती हैं। जैसे-
- जी मिचलाना या उल्टी
- दस्त
- पेट में मरोड़ या दर्द
- बुखार
दूषित खाना खाने के कुछ घंटों के अंदर या कई दिनों बाद भी इसके लक्षण दिखाई दे सकते हैं, जो इस बात पर निर्भर करता है कि कारण क्या है।
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फूड पॉइजनिंग से बचने के लिए क्या करें?
डॉ. अनुपमा बताती हैं, फूड पॉइजनिंग किसी को भी हो सकती है, भले ही रेस्तरां देखने में साफ-सुथरा क्यों न लगे। अच्छी साफ-सफाई रखने वाली जगहों को चुनना, ताजा बना खाना खाना और ऐसा खाना न खाना जो लंबे समय तक बिना फ्रिज के रखा रहा हो, इस खतरे को कम करने में मदद कर सकता है।
upset stomach after eating outside food could be food poisoning or intolerance 01
क्यों होता है फूड इनटॉलरेंस?
डॉ. अनुपमा के अनुसार, दूसरी ओर, 'फूड इनटॉलरेंस' तब होता है, जब शरीर को किसी खास खाने या उसमें मौजूद किसी चीज को पचाने में परेशानी होती है। फूड पॉइजनिंग के उलट, यह आमतौर पर जर्म्स या दूषित खाने की वजह से नहीं होता है।
उदाहरण के लिए, जिन लोगों को 'लैक्टोज इनटॉलरेंस' होता है, उन्हें दूध या डेयरी प्रोडक्ट्स खाने के बाद पेट फूलना, गैस, पेट दर्द और दस्त की समस्या हो सकती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि, उनके शरीर में 'लैक्टेज' एंजाइम पर्याप्त मात्रा में नहीं बनता हैं, जो लैक्टोज को पचाने के लिए जरूरी होता है। कुछ लोगों को ऐसे फूड्स खाने के बाद भी लक्षण महसूस हो सकते हैं, जिनमें फर्मेंट होने वाले कार्बोहाइड्रेट होते हैं, जैसे कि प्याज, बीन्स या गेहूं से बनी कुछ चीजें।
फूड इनटॉलरेंस के लक्षण
डॉ. अनुपमा बताती हैं, फूड इनटॉलरेंस के लक्षण अक्सर समस्या पैदा करने वाला खाना खाने के कुछ घंटों के अंदर दिखाई देते हैं और जब भी व्यक्ति वह चीज खाता है, तो लक्षण फिर से आ सकते हैं। फूड पॉइजनिंग के उलट, इसमें आमतौर पर बुखार नहीं आता और न ही यह उन अन्य लोगों को प्रभावित करता है, जिन्होंने वही खाना खाया हो।
Cleveland Clinic के अनुसार, इस स्थिति में कई परेशानियां हो सकती हैं।
- हल्का पेट दर्द या ऐंठन
- सीने में जलन
- गैस या पेट फूलना यानी ब्लोटिंग
- मतली या उल्टी
- दस्त
- थकान
- एसिडिटी
- सिरदर्द या माइग्रेन
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फूड पॉइजनिंग और फूड इनटॉलरेंस में अंतर
डॉ. अनुपमा के अनुसार, फूड पॉइजनिंग और फूड इनटॉलरेंस के बीच का अंतर समझने से लोगों को सही कदम उठाने में मदद मिलती है। अगर एक ही खाना खाने वाले कई लोगों को उल्टी या दस्त हो जाते हैं, तो इसका कारण फूड पॉइजनिंग हो सकता है, हालांकि हमेशा ऐसा ही हो, यह जरूरी नहीं है।
अगर कोई खास खाना खाने के बाद बार-बार लक्षण दिखाई देते हैं, लेकिन उस खाने को न खाने पर स्थिति में सुधार हो जाता है, तो इसके पीछे 'फूड इनटॉलरेंस' हो सकता है।
| फूड पॉइजनिंग (Food Poisoning) | फूड इनटॉलरेंस (Food Intolerance) | |
| कारण | दूषित खाना या पानी, जिसमें बैक्टीरिया, वायरस या टॉक्सिन्स होते हैं। | पाचन तंत्र का किसी खास भोजन को पचा न पाना (जैसे दूध में मौजूद लैक्टोज को न पचा पाना)। |
| शुरुआत | यह समस्या अचानक (खाना खाने के कुछ घंटों या दिनों के अंदर) शुरू हो जाती है। | यह समस्या धीरे-धीरे या उस भोजन की अधिक मात्रा खाने पर दिखाई देती है। |
| लक्षण | • तेज उल्टी और जी मिचलाना • दस्त (Diarrhea) • तेज पेट दर्द और मरोड़ • बुखार और कमजोरी |
• पेट फूलना (Bloating) • गैस बनना • हल्का पेट दर्द • कभी-कभी सिरदर्द |
| किसे हो सकता है? | कोई भी व्यक्ति जो दूषित खाना खा ले। उनको फूड पॉइजनिंग हो सकती है। | यह सिर्फ उन्हीं लोगों को होता है, जिनका पाचन तंत्र किसी खास फूड के प्रति सेंसिटिव होता है। |
| ड्यूरेशन | यह समस्या आमतौर पर कुछ दिनों में ठीक हो जाती है। | यह एक लंबी या बार-बार होने वाली समस्या है, जो तभी होती है, जब आप वह खास खाना खाते हैं। |
डॉक्टर से सलाह कब लें?
डॉ. अनुपमा बताती हैं, ध्यान रहे, दस्त या उल्टी होने पर शरीर में फ्लूइड्स की पर्याप्त मात्रा बनाए रखना जरूरी है। हालांकि, अगर मल में खून आए, पेट में तेज दर्द हो, तेज बुखार हो, लगातार उल्टी हो, या डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) के लक्षण दिखें, जैसे कि बहुत कम पेशाब आना या चक्कर आना, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
अगर पेट की समस्याएं बार-बार होती हैं, तो बिना किसी सलाह के अपनी डाइट से कई चीजों को हटाने के बजाय, डॉक्टर से मिलकर समस्या का असली कारण पता करें।
निष्कर्ष
फूड पॉइजनिंग और फूड इनटॉलरेंस पेट से जुड़ी दो अलग समस्याएं हैं। फूड पॉइजनिंग दूषित खाने या पानी में मौजूद बैक्टीरिया और वायरस के इंफेक्शन से होती है, जो अचानक किसी को भी हो सकती है और इसमें उल्टी, दस्त व बुखार जैसे तेज लक्षण दिखते हैं।
वहीं, फूड इनटॉलरेंस तब होती है, जब पाचन तंत्र किसी खास फूड्स, जैसे लैक्टोज, को पचा नहीं पाता है। यह सिर्फ सेंसिटिव लोगों को बार-बार परेशान करती है और इसमें आमतौर पर बुखार नहीं आता है। पेट की किसी भी गंभीर स्थिति या बार-बार होने वाली परेशानी में तुरंत डॉक्टर की सलाह लें।
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FAQ
बाहर का खाना खाने के क्या नुकसान हैं?
ज्यादा बाहर का खाना खाने के कारण व्यक्ति को पेट में गड़बड़ी, अपच, फूड पॉइजनिंग, इंफेक्शन, लिवर, किडनी की समस्या, सुस्ती और थकान होने की समस्या हो सकती है।फूड पॉइजनिंग के लक्षण क्या है?
फूड पॉइजनिंग में मतली, उल्टी, दस्त, बुखार, कमजोरी, थकान, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द और ठंड लगने जैसी समस्याएं होती हैं।
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Oct 24, 2026 13:19 IST
Published By : Priyanka Sharma
Reviewed By : Dr Anupama N K
