Sat Oct 17, 2026 | 05:50 AM IST

Medically Reviewed by Dr Sharad Malhotra , Senior Consultant & Director – Gastroenterology, Hepatology & Therapeutic Endoscopy

क्या कुछ फूड्स खाते ही आपको होने लगता है सिरदर्द? गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट से जानें फूड इनटॉलरेंस का कनेक्शन

कुछ लोगों में फूड इनटॉलरेंस के कारण सिरदर्द या माइग्रेन के एपिसोड ट्रिगर हो सकते हैं। बार-बार ऐसा होने पर कारण जानने के लिए डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
क्या कुछ फूड्स खाते ही आपको होने लगता है सिरदर्द? गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट से जानें फूड इनटॉलरेंस का कनेक्शन
क्या कुछ फूड्स खाते ही आपको होने लगता है सिरदर्द? गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट से जानें फूड इनटॉलरेंस का कनेक्शन

क्या आपने कभी महसूस किया है कि कुछ खास चीजें खाने के बाद आपका सिर भारी होने लगता है या सिरदर्द शुरू हो जाता है? ज्यादातर लोग सिरदर्द को तनाव, कम नींद या थकान से जोड़ते हैं, लेकिन कई बार इसका संबंध खानपान से भी हो सकता है। कुछ लोगों में फूड इनटॉलरेंस की वजह से पाचन संबंधी समस्याओं के साथ सिरदर्द या माइग्रेन जैसे लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं।

आकाश हेल्थकेयर के गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, हेपेटोलॉजी एवं थेराप्यूटिक एंडोस्कोपी विभाग के सीनियर कंसल्टेंट और डायरेक्टर, डॉ. शरद मल्होत्रा के अनुसार, हमारा डाइजेस्टिव सिस्टम और दिमाग एक-दूसरे से जुड़े होते हैं। इसे Gut-Brain Axis कहा जाता है। आंतों में होने वाले बदलाव शरीर के नर्वस सिस्टम और संपूर्ण स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकते हैं। यही कारण है कि कुछ लोगों में गलत भोजन लेने के बाद केवल पेट ही नहीं, बल्कि सिरदर्द जैसी समस्या भी महसूस हो सकती है।

क्या खाने-पीने की चीजों से सिरदर्द हो सकता है?

डॉ. शरद मल्होत्रा बताते हैं कि फूड इनटॉलरेंस के कारण पेट दर्द, गैस, ब्लोटिंग, दस्त या असहजता जैसे डाइजेशन संबंधी लक्षण दिखाई दे सकते हैं। कुछ लोगों में इसके साथ सिरदर्द भी महसूस हो सकता है। कुछ फूड्स को पचाने में परेशानी होने पर शरीर में कई तरह के रिएक्शन हो सकते हैं। डाइजेस्टिव सिस्टम में होने वाले बदलाव शरीर के नर्वस सिस्टम और मूड को प्रभावित कर सकते हैं। कुछ लोगों में फूड इनटॉलरेंस के कारण-

  • शरीर में सूजन से जुड़े रिएक्शन बढ़ सकते हैं।
  • डाइजेशन संबंधी परेशानी तनाव और असहजता बढ़ा सकती है।
  • आंतों के माइक्रोबायोम में बदलाव हो सकते हैं।

इन कारणों से कुछ सेंसिटिव लोगों में सिरदर्द या माइग्रेन जैसी समस्या ट्रिगर हो सकती है।

साल 2019 में Nutrients जर्नल में प्रकाशित रिव्यू के अनुसार, फूड इनटॉलरेंस की समस्या तब होती है जब आपका शरीर किसी खास भोजन को सही से पचा नहीं पाता। इसके लक्षण तुरंत दिखने के बजाय खाना खाने के कुछ घंटों बाद धीरे-धीरे उभरते हैं। पेट दर्द, ऐंठन, गैस, पेट फूलना, दस्त, जी मिचलाना और सीने में जलन इसके मुख्य पाचन संबंधी लक्षण हैं। इसके अलावा, कुछ लोगों में सिरदर्द या माइग्रेन की समस्या भी देखी जाती है। तबीयत कितनी खराब होगी, यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपने वह खाना कितनी मात्रा में खाया है।

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Food Intolerance Trigger HeadachesFood Intolerance Trigger Headaches

कौन से फूड्स सिरदर्द ट्रिगर कर सकते हैं?

डॉ. शरद मल्होत्रा बताते हैं कि हर व्यक्ति के लिए ट्रिगर फूड अलग हो सकते हैं, लेकिन कुछ फूड्स से कुछ लोगों में समस्या बढ़ सकती है, जैसे-

  • यदि व्यक्ति को लैक्टोज इनटॉलेंस की समस्या है तो डेयरी प्रोडक्ट्स
  • कुछ लोगों में ग्लूटन युक्त फूड्स
  • प्रोसेस्ड फूड्स
  • आर्टिफिशियल स्वीटनर्स
  • ज्यादा कैफीन वाली ड्रिंक्स
  • कुछ लोगों में चॉकलेट या बहुत ज्यादा नमक वाले फूड्स

साल 2025 में American Migraine Foundation के अनुसार, माइग्रेन के दौरों को ट्रिगर करने के लिए कई तरह के खान-पान को जिम्मेदार माना गया है।

  • सबसे आम ट्रिगर्स में अल्कोहल (33%) और चॉकलेट (22%) सबसे ज्यादा रिपोर्ट किए जाने वाले ट्रिगर्स हैं।
  • शोधकर्ताओं का मानना है कि फूड्स में मौजूद कुछ केमिकल माइग्रेन बढ़ा सकते हैं, जैसे चीज और दही में टाइरामाइन, चॉकलेट में बीटा-फिनाइल-इथाइलामाइन, और प्रोसेस्ड मीट में मौजूद नाइट्रेट्स और सल्फाइट्स।
  • कैफीन और कुछ विटामिन या हर्बल सप्लीमेंट्स को भी ट्रिगर माना गया है।

भले ही अधिकांश फूड्स का वैज्ञानिक रूप से माइग्रेन से सीधा संबंध साबित न हुआ हो, फिर भी डॉक्टर खान-पान और लक्षणों पर नजर रखने की सलाह देते हैं। हर व्यक्ति का शरीर अलग तरह से रिएक्ट करता है, इसलिए भोजन के बाद अपने दर्द के पैटर्न को मॉनिटर करना ही आपके व्यक्तिगत ट्रिगर्स को पहचानने का सबसे सही तरीका है।

कब डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए?

अगर सिरदर्द बार-बार हो रहा है, बहुत तेज है, रोजाना के काम प्रभावित कर रहा है या इसके साथ वजन कम होना, लगातार पेट की समस्या, उल्टी या अन्य असामान्य लक्षण दिखाई देते हैं, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

निष्कर्ष

फूड इनटॉलरेंस कुछ लोगों में सिरदर्द या माइग्रेन जैसी समस्या को ट्रिगर कर सकता है, लेकिन हर सिरदर्द का कारण भोजन नहीं होता। शरीर के रिएक्शन को समझना, ट्रिगर फूड्स की पहचान करना और बैलेंस डाइट अपनाना जरूरी है। यदि सिरदर्द और पाचन संबंधी समस्याएं लगातार बनी रहती हैं, तो एक्सपर्ट से सलाह लेकर सही कारण और उपचार जानना बेहतर होता है।

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FAQ

  • क्या फूड इनटॉलरेंस से माइग्रेन की समस्या बढ़ सकती है?

    कुछ सेंसिटिव लोगों में कुछ फूड्स माइग्रेन को ट्रिगर कर सकते हैं, लेकिन यह हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकता है।
  • क्या फूड इनटॉलरेंस की पहचान घर पर की जा सकती है?

    लक्षणों को नोट करने से संभावित ट्रिगर फूड पहचानने में मदद मिल सकती है, लेकिन सही पुष्टि के लिए डॉक्टर की सलाह जरूरी होती है।
  • क्या फूड इनटॉलरेंस को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है?

    यह इसके कारण पर निर्भर करता है। कई लोग ट्रिगर फूड्स की पहचान करके और डाइट में बदलाव करके लक्षणों को बेहतर तरीके से कंट्रोल कर सकते हैं।

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Akanksha Tiwari

Health & Lifestyle Journalist

आकांक्षा तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। वह पोषण, आयुर्वेद, प्रेगनेंसी, हार्ट हेल्थ और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखती हैं और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास करती हैं। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह India TV, India Ahead और News Nation के साथ काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jul 31, 2026 22:10 IST

    Modified By : Akanksha Tiwari
  • Jul 31, 2026 22:10 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
    Reviewed By : Dr Sharad Malhotra