हम सभी को सिरदर्द इतनी सामान्य समस्या लगती है कि हम शायद ही इसे कभी किसी गंभीर बीमारी से जोड़कर देखते हैं। ऐसा हो भी क्यों न? जब आप लंबे समय तक किताब पढ़ते हैं, स्क्रीन को घंटों स्क्रॉल करते हैं या रात को अच्छी नींद नहीं लेते हैं, तो सिरदर्द हो सकता है। ये कुछ ऐसे कारक हैं, जो गंभीर नहीं है और सिरदर्द की समस्या कुछ ही समय बाद अपने आप ठीक भी हो जाती है। बहरहाल, क्या आप जानते हैं कि सिरदर्द को हमेशा सामान्य समझना सही नहीं है? कई बार यह शरीर में किसी तरह के पोषक तत्वों की कमी का लक्षण भी हो सकता है। आइए, जानते हैं कि क्या यह वाकई सच है? इस बारे में जानने के लिए हमने ग्रेटर नोएडा स्थित सर्वोदय अस्पताल में Director-Neurology डॉ. अभिनव गुप्ता से बात की।
सिरदर्द और पोषक तत्वों की कमी के बीच कनेक्शन
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डॉ. अभिनव गुप्ता कहते हैं, "सिरदर्द और पोषक तत्वों की कमी का आपस में गहरा तथा सीधा-सीधा संबंध है। इस स्थिति को डाॅक्टर समझाते हुए कहते हैं कि जब शरीर को सुचारू रूप से काम करने के लिए जरूरी विटामिन और मिनरल्स नहीं मिलते, तो इससे न्यूरोलॉजिकल फंक्शन प्रभावित होते हैं, जो कि सिरदर्द को बढ़ावा दे सकते हैं। यहां तक कि माइग्रेन के मरीजों में यह स्थिति अधिक देखने को मिलती है, इसलिए उन्हें इसका जरा भी इग्नोर नहीं करना चाहिए।"
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किन पोषक तत्वों की कमी से सिरदर्द हो सकता है?
मैग्नीशियम
मैग्नीशियम हमारे शरीर के जरूरी पोषक तत्वों में से एक है। यह उपयोगी मिनरल हमारी नसों को शांत रखने तथा ब्लड वेसेल्स (Blood Vessels) को सिकुड़ने और फैलाने में मदद करता है। जब शरीर में इसकी कमी होने लगती है, तो ब्रेन की नसें काफी सेंसिटिव हो जाती है, जो कि माइग्रेन या सामान्य सिरदर्द का मुख्य कारण हो सकता है। साल 2020 में Nutrients में प्रकाशित शोध के अनुसार, मैग्नीशियम मस्तिष्क की नसों में दर्द के संकेतों को रोकने, रक्त वाहिकाओं को सिकोड़ने से बचाने और न्यूरोट्रांसमीटर (हार्मोन) के संतुलन को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यही कारण है कि मैग्नीशियम की कमी होने पर बार-बार सिरदर्द या माइग्रेन की समस्या होने लगती है।
विटामिन डी
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कहने की जरूरत नहीं है कि विटामिन डी हमारे शरीर के लिए कितना आवश्यक पोषक तत्व है। इसकी कमी से हड्डियां कमजोर हो जाती हैं और हार्मोन इंबैलेंस भी हो सकता है। National Headache Institute के अनुसार, विटामिन डी की कमी से शरीर में सूजन बढ़ जाती है, जिससे नसों में दर्द होने लगता है और वे अधिक संवेदनशील भी हो जाती हैं। अगर समय रहते स्थिति को कंट्रोल न किया जाए, तो क्रोनिक सिरदर्द हो सकता है।
विटामिन बी12
डॉ. अभिनव गुप्ता बताते हैं कि अगर किसी को बार-बार सिरदर्द होता है, तो उन्हें एक बार विटामिन बी12 और रिबोफ्लेविन की जांच करवानी चाहिए। ये पोषक तत्व कामकाज और ऊर्जा उत्पादन के लिए जरूरी हैं। इनकी कमी से नसों को नुकसान होने लगता है, जिससे सिरदर्द ट्रिगर हो सकता है।
आयरन
डॉ. अभिनव गुप्ता की मानें, तो हमारे शरीर के लिए आयरन बहुत ही जरूरी पोषक तत्व है। इसकी मदद से शरीर में ऑक्सीजन सप्लाई बेहतर तरीके से होती है। अगर किसी वजह से शरीर में आयरन की कमी हो जाती है, तो यह एनीमिया का कारण बनता है। यह एक ऐसी बीमारी है, जिसमें मस्तिष्क तक ऑक्सीजन की आपूर्ति कम हो जाती है और बार-बार सिरदर्द या चक्कर आने की समस्या होती है।
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पोषक तत्वों की कमी से हो रहे सिरदर्द से कैसे निपटें?
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अगर आपको पोषक तत्वों की कमी के कारण सिरदर्द हो रहा है, तो इससे निपटना मुश्किल नहीं है। बस, यहां बताए गए टिप्स को अपनाएं-
- अगर मैग्नीशियम की कमी है, तो डाइट में डार्क चाॅकलेट, टोफू और नट्स जैसी चीजों को शामिल करें।
- विटामिन बी काॅम्प्लेक्स भी बार-बार हो रहे सिरदर्द का कारण होता है। इससे छुटकारा पाने के लिए अंडे, लीन मीट और मशरूम आदि चीजों का सेवन करें। ध्यान रखें कि विटामिन बी कॉम्प्लेक्स एनर्जी और मेटाबाॅलिज्म के लिए जरूरी पोषकतत्व भी है।
- अगर आयरन की कमी हो रही है, तो ध्यान रखें कि यह ब्रेन फाॅग का बड़ा कारण हो सकता है। आयरन की कमी को पूरा करने के लिए हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें खाएं।
- यह भी सुनिश्चित करें कि शरीर में पोषक तत्वों की कमी न हो। इसका मतलब है कि किसी भी तरह का मील स्किप न करें। सुबह का नाश्ता जरूर करें ताकि शरीर में ब्लड शुगर का स्तर संतुलित बना रहे।
- सिरदर्द की समस्या से बचने के लिए बॉडी को हाइड्रेट रखना भी बहुत जरूरी होता है। विशेषज्ञ बताते हैं कि दिन भर में 8-10 गिलास पानी जरूर पिएं। इसके अलावा, पानी युक्त फल और सब्जियों का सेवन किया जाना भी फायदेमंद होता है।
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डाॅक्टर के पास कब जाएं?
पोषक तत्वों के कारण हो रहे सिरदर्द को कभी भी हल्के में न लें। अगर बार-बार सिरदर्द हो रहा है, तो कुछ लक्षणों पर गौर करें ताकि समय पर डाॅक्टर के पास जा सकें, जैसे-
- अगर एक ही लोकेशन पर दर्द हो, तो उसे इग्नोर न करें।
- सिरदर्द के साथ-साथ थकान, कमजोरी, चक्कर आना और मसल्स क्रैंप हो, तो तुरंत एक्सपर्ट से मिलें।
- अगर कोई नई खाने की चीज को डाइट का हिस्सा बनाया है, तो उस पर गौर करें। कहीं वही तो आपके सिरदर्द का कारण तो नहीं है।
- क्या आप कोई विशेष दवा ले रहे हैं, अगर हां, तो उसके प्रभाव पर भी नजर डालें। कई बार सिरदर्द का कारण लंबे समय से ली जा रही दवाओं के कारण भी हो सकता है।
निष्कर्ष
वैसे तो सिरदर्द एक सामान्य समस्या है, जिसे अक्सर लोग इग्नोर कर देते हैं। हालांकि, कई बार यह किसी गंभीर बीमारी या पोषक तत्वों की कमी का संकेत हो सकता है। इसलिए, जरूरी है कि बार-बार हो रहे सिरदर्द के लिए तुरंत डाॅक्टर के पास जाएं और उनकी सलाह पर दी गई दवाएं भी लें।
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FAQ
क्या बहुत अधिक मात्रा में चाय या कॉफी पीने से भी सिरदर्द बढ़ सकता है?
हां, अधिक मात्रा में कैफीन का सेवन करने से पेशाब आने की फ्रीक्वेंसी बढ़ जाती है, जिससे मैग्नीशियम और बी-विटामिंस जैसे वॉटर-सॉल्यूबल पोषक तत्व शरीर से बाहर निकल जाते हैं। अगर ज्यादा मात्रा में पोषक तत्व शरीर से बहार निकल जाएं, तो सिरदर्द हो सकता है।कैसे जानें सिरदर्द पोषक तत्वों की कमी से हो रहा है या साइनस के कारण?
पोषक तत्वों की कमी से हो रहा सिरदर्द पूरे सिर में एक हल्के खिंचाव या भारीपन के साथ होता है। वहीं, साइनस का दर्द माथे और गालों पर दबाव के साथ होता है।क्या सप्लीमेंट्स लेना शुरू करते ही सिरदर्द तुरंत ठीक हो जाता है?
नहीं, सप्लीमेंट्स सिरदर्द की दवा नहीं हैं। सिरदर्द होने पर तुरंत आराम चाहिए तो डॉक्टर से जांच करवाकर दवा ले सकते हैं।
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Jul 06, 2026 20:48 IST
Modified By : Meera Tagore Jul 06, 2026 20:48 IST
Modified By : Meera TagoreJul 06, 2026 20:48 IST
Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dr Abhinav Gupta