मौजूदा समय में ऐसे लोगों की संख्या काफी ज्यादा बढ़ गई है, जो एक ही जगह बैठकर घंटों काम करते हैं यानी डेस्क जाॅब करते हैं। इसकी वजह से मोटापा, डायबिटीज और न जाने किस-किस तरह की परेशानियां बढ़ने लगती हैं। बहरहाल, नियमित रूप से एक्सरसाइज करने वाले अक्सर निश्चिंत रहते हैं। उन्हें लगता है कि उनकी जीवनशैली स्वस्थ है और इसका उनकी हार्मोनल हेल्थ पर किसी तरह का बुरा असर नहीं पड़ेगा। इसलिए, यहां यह सवाल जरूर उठता है कि आखिर एक्सरसाइज करने के बाद भी लंबे समय तक बैठने का हार्मोन हेल्थ किस तरह प्रभावित होती है? इस बारे में जानने के लिए हमने डॉ. हिमिका चावला, Senior Consultant, Endocrinology and Diabetology, PSRI Hospital से बात की।
एक्सरसाइज के बावजूद लंबे समय तक बैठे रहने का हार्मोनल हेल्थ पर असर
एक्सरसाइज करने के बावजूद अगर आप ज्यादातर समय एक ही जगह पर बैठकर बिताते हैं, तो यह हार्मोनल हेल्थ के लिए सही नहीं माना जाता है। साल 2020 में Korean Journal of Family Medicine में प्रकाशित एक शोध पत्र के अनुसार, जब आप शारीरिक रूप से कम सक्रिय रहते हैं यानी अक्सर बैठे-बैठे समय बिताते हैं, तो ऐसे में शरीर में इंसुलिन सेंसिटिविटी कम हो जाती है। जब इंसुलिन सही तरह से काम नहीं करता है, तो ऐसे में ब्लड शुगर का स्तर बढ़ जाता है, जो कि भविष्य में टाइप 2 डायबिटीज के जोखिम को बढ़ा देता है। इसी तरह, शारीरिक कम सक्रिय होने के कारण कई अन्य परेशानियां भी हो सकती हैं, जैसे ट्राइग्लिसराइड्स बढ़ जाता है और हार्मोनल असंतुलन के कारण मोटापा और मेटाबॉलिक सिंड्रोम का रिस्क भी बना रहता है।
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लंबे समय तक बैठे रहने से कौन-से हार्मोन प्रभावित होते हैं?
1. इंसुलिन रेजिस्टेंस
डॉ. हिमिका चावला के अनुसार, "जब आप एक्सरसाइज कम करते हैं और घंटों एक ही जगह बैठे रहते हैं, तो इसकी वजह से मांसपेशियां ग्लूकोज का सही तरह से उपयोग नहीं कर पाती हैं। ऐसे में शरीर अधिक इंसुलिन बनाने लगता है और धीरे-धीरे सेल्स इसके प्रति कम संवेदनशील हो जाती हैं। ऐसे में वेट गेन होने लगता है और भविष्य में टाइप 2 डायबिटीज का रिस्क भी बढ़ जाता है।"
2. एस्ट्रोजन का बढ़ना
जब आप एक्सरसाइज करने के बावजूद घंटों एक ही जगह पर बैठे रहते हैं, तो इसका बुरा प्रभाव सेक्स हार्मोन्स पर भी पड़ता है। विशेषकर, महिलाओं में लंबे समय तक बैठे रहने से एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन का संतुलन बिगड़ सकता है, जिससे अनियमित पीरियड्स, पेल्विक एरिया में सूजन और पीसीओएस जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
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3. कोर्टिसोल का बढ़ना
डॉ. हिमिका चावला बताती हैं, "जब आप घंटों डेस्क जाॅब करते हैं, तो ऐसे में लगातार आंखें स्क्रीन के सामने होती है। इसकी वजह से मानसिक तनाव बढ़ने लगता है, जिससे कोर्टिसोल का स्तर बढ़ जाता है। लंबे समय तक कोर्टिसोल का स्तर हाई रहने से नींद बाधित होती है, पेट की चर्बी बढ़ सकती है और मांसपेशियों को भी नुकसान होने लगता है।"
4. थायराइड फंक्शन पर असर
अगर आप उन लोगों में से हैं, जो कम सक्रिय रहते हैं, तो इसका सीधा-सीधा असर मेटाबॉलिज्म पर पड़ता है। इसका मतलब है कि पाचन क्षमता धीमे काम करती है। ऐसे में थायराइड हार्मोन का उत्पादन कम हो सकता है, जो आपके शरीर की एनर्जी और मेटाबोलिक रेट को कंट्रोल करने के लिए जरूरी होते हैं।
बेहतर हार्मोनल हेल्थ के लिए कितनी एक्सरसाइज जरूरी है?
डॉ. हिमिका चावला के मुताबिक, "हार्मोनल हेल्थ में सुधार के लिए जरूरी है कि आप नियमित रूप से वर्कआउट करें। विशेषज्ञ बताते हैं कि सेडेंटरी लाइफस्टइाल को सुधारने के लिए आप सप्ताह में कम से कम 150 मिनट एरोबिक एक्टिविटी करें। इसमें ब्रिस्क वाॅकिंग और साइकिलिंग शामिल कर सकते हैं। इसके अलावा, 75 मिनट की विगरस एक्सरसाइज भी फायदेमंद हो सकती है और सप्ताह में दो बार मसल स्ट्रेंथ ट्रेनिंग की जा सकती है। हालांकि, आपको अपनी सेहत के अनुसार ही वर्कआउट के लिए समय को निश्चित करना चाहिए। अगर कोई स्वास्थ्य समस्या है, तो बेहतर है कि एक्सपर्ट की सलाह के आधार पर ही वर्कआउट को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाएं।"
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निष्कर्ष
कुल मिलाकर, कहने की बात यह है कि अगर आप लंबे समय तक एक ही जगह बैठकर बिताते, तो यह सही नहीं है। जरूरी है कि आप नियमित रूप से एक्सरसाइज करें और घंटों लगातार बैठे रहने से बचें। हालांकि, एक्सरसाइज करना कुछ हद तक फायदेमंद हो सकता है, लेकिन लंबे समय तक बैठे रहने से मांसपेशियों पर बुरा असर पड़ता है और स्ट्रेस हार्मोन का स्तर भी बढ़ जाता है। ऐसे में इंसुलिन रेजिस्टेंस, मोटापा और हार्मोनल इंबैलेंस का रिस्क बढ़ जाता है। ये तमाम चीजें भविष्य में गंभीर बीमारी की वजह बन सकती हैं।
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FAQ
डेस्क जॉब के दौरान हार्मोनल असंतुलन से बचने के लिए क्या करें?
इससे बचने के लिए हर 30 से 45 मिनट में अपनी सीट से उठकर 2-3 मिनट का ब्रेक लें, थोड़ा टहलें या स्ट्रेचिंग करें। इसके अलावा दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी जरूर पिएं।बेहतर हार्मोनल और मेटाबोलिक हेल्थ के लिए हफ्ते में कितनी एक्सरसाइज जरूरी है?
विशेषज्ञ बताते हैं कि एक वयस्क को स्वस्थ रहने के लिए सप्ताह में कम से कम 150 मिनट की मध्यम एरोबिक एक्टिविटी या 75 मिनट की भारी एक्सरसाइज के साथ-साथ दो दिन स्ट्रेंथ ट्रेनिंग जरूर करनी चाहिए।
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Jul 06, 2026 19:49 IST
Modified By : Meera Tagore Jul 06, 2026 19:49 IST
Modified By : Meera TagoreJul 06, 2026 19:49 IST
Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dr Himika Chawla