Thu Oct 15, 2026 | 07:38 AM IST

Medically Reviewed by Dr Vikash Goyal , Cardiologist

पूरा दिन बैठे रहने से आपके दिल को क्या नुकसान होता है? डॉक्टर से जानें

लंबे समय तक लगातार बैठे रहना सिर्फ कमर और गर्दन के लिए ही नुकसानदायक नहीं है, बल्कि दिल की सेहत को भी प्रभावित कर सकता है। यहां डॉक्टर से जानिए, पूरे दिन बैठे रहने से हार्ट पर क्या असर पड़ता है और बचाव कैसे करें।
पूरा दिन बैठे रहने से आपके दिल को क्या नुकसान होता है? डॉक्टर से जानेंपूरा दिन बैठे रहने से आपके दिल को क्या नुकसान होता है? डॉक्टर से जानें

क्या आपका दिन सुबह से शाम तक कुर्सी पर बैठकर ही गुजरता है? ऑफिस में कंप्यूटर के सामने 8-10 घंटे बैठना, काम के बीच लगातार फोन चलाना और घर लौटने के बाद सोफे पर आराम करना आज की लाइफस्टाइल का हिस्सा बन गया है। ऐसा रूटीन आरामदायक लग सकता है, लेकिन शरीर के अंदर इसका असर धीरे-धीरे बुरा हो सकता है। गुरुग्राम के पारस हेल्थ के कार्डियोलॉजी के एसोसिएट डायरेक्टर डॉ. विकास गोयल के अनुसार, लंबे समय तक बैठे रहने की सबसे बड़ी परेशानी यह है कि लंबे समय तक बैठे रहने का असर तुरंत दिखाई नहीं देता। शुरुआत में केवल सुस्ती, पैरों में भारीपन या शरीर में अकड़न महसूस हो सकती है लेकिन अगर यही आदत महीनों तक बनी रहे, तो वजन बढ़ने, ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्याओं का जोखिम बढ़ सकता है।

लंबे समय तक बैठने से दिल की सेहत पर असर

कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. विकास गोयल बताते हैं कि जब शरीर लंबे समय तक एक ही जगह बैठा रहता है, तो मसल्स की एक्टिविटी बहुत कम हो जाती है। इससे शरीर द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली एनर्जी कम होती है और मेटाबॉलिज्म पर भी असर पड़ सकता है। लगातार बैठे रहने वाली लाइफस्टाइल (Sedentary lifestyle) समय के साथ मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर, हाई ब्लड शुगर और असामान्य कोलेस्ट्रॉल जैसी स्थितियों से जुड़ सकती है। ये सभी समस्याएं हार्ट और ब्लड वैसेल्स पर ज्यादा दबाव डाल सकती हैं।

1. ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना

फिजिकल एक्टिविटी की कमी हाई ब्लड प्रेशर और खराब कोलेस्ट्रॉल जैसे खतरों से जुड़ी है। जब ब्लड प्रेशर लंबे समय तक ज्यादा रहता है, तो हार्ट को शरीर में ब्लड पहुंचाने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। वहीं, ब्लड में LDL यानी खराब कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना धमनियों में प्लाक जमा होने के जोखिम को बढ़ा सकता है। इससे आगे चलकर हार्ट में खून की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।

2. ब्लड शुगर और इंसुलिन पर असर

पूरा दिन बैठे रहने से शरीर की इंसुलिन सेंसिटिविटी प्रभावित हो सकती है। इसका मतलब है कि शरीर के लिए ब्लड शुगर को कंट्रोल करना मुश्किल हो सकता है। लंबे समय तक ऐसी लाइफस्टाइल रहने पर टाइप-2 डायबिटीज और मेटाबोलिक समस्याओं का जोखिम बढ़ सकता है। डायबिटीज खुद हार्ट डिजीज के लिए जोखिम कारक है।

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3. वजन बढ़ने से हार्ट डिजीज का खतरा

कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. विकास गोयल के अनुसार, बैठे रहने के दौरान कैलोरी खर्च बहुत कम होता है। अगर खान-पान में कैलोरी की मात्रा ज्यादा हो और फिजिकल एक्टिविटी कम, तो धीरे-धीरे वजन और खासकर पेट के आसपास की चर्बी यानी फैट बढ़ सकता है। पेट का एक्स्ट्रा फैट मेटाबोलिक हेल्थ को प्रभावित कर सकता है और हाई बीपी, डायबिटीज तथा असामान्य कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ा सकता है।

साल 2025 में Journal of American College of Cardiology में प्रकाशित रिसर्च के अनुसार-

  • रोजाना 10.6 घंटे से ज्यादा समय तक लगातार बैठे रहना दिल की बीमारियों, खासकर हार्ट फेलियर और दिल की बीमारी से होने वाली मौत के खतरे को काफी बढ़ा देता है।
  • रिसर्च से यह भी पता चला है कि हफ्ते में 150 मिनट की फिजिकल एक्टिविटी करने वाले लोगों में भी यह जोखिम पूरी तरह खत्म नहीं होता।
  • इसलिए, दिल को पूरी तरह सुरक्षित रखने के लिए केवल कसरत करना ही काफी नहीं है, बल्कि ज्यादा बैठने की आदत को कम करके उस समय को अन्य एक्टिविटीज में लगाना बेहद जरूरी है।

ऑफिस में बैठे-बैठे हार्ट को कैसे रखें हेल्दी?

अगर आपका काम लंबे समय तक बैठने वाला है, तो दिन में छोटे-छोटे मूवमेंट ब्रेक लेने की आदत डालें। हर घंटे कुछ मिनट के लिए उठकर चलें। लिफ्ट की जगह संभव हो तो सीढ़ियों का इस्तेमाल करें और लंच के बाद थोड़ी देर टहलें। इसके साथ सप्ताह में नियमित मीडियम इंटेंसिटी की फिजिकल एक्टिविटी और मसल्स को ताकत देने वाली एक्सरसाइज को अपने डेली रूटीन में शामिल करना फायदेमंद हो सकता है।

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किन लोगों को ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है?

कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. विकास गोयल सलाह देते हैं कि जिन लोगों को पहले से हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, मोटापा, हाई कोलेस्ट्रॉल या हार्ट डिजीज का जोखिम है, उन्हें लंबे समय तक बैठे रहने वाले डेली रूटीन से बचना चाहिए। अगर सीने में दर्द, सांस फूलना, असामान्य थकान, चक्कर या अचानक धड़कन में बदलाव जैसे लक्षण महसूस हों, तो इन्हें केवल बैठे रहने का असर मानकर नजरअंदाज न करें और डॉक्टर से सलाह लें।

निष्कर्ष

पूरा दिन बैठे रहना दिल के लिए सीधे तौर पर किसी एक बीमारी का कारण नहीं माना जा सकता, लेकिन लंबे समय तक ऐसी लाइफस्टाइल वजन, ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल जैसे कई जोखिम कारकों को बढ़ावा दे सकता है। इसलिए सिर्फ जिम जाना ही नहीं, बल्कि पूरे दिन बैठे रहने के बीच नियमित रूप से उठना और चलना भी जरूरी है। छोटी-छोटी फिजिकल एक्टिविटी को रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाकर लंबे समय तक दिल की सेहत को बेहतर रखने में मदद मिल सकती है।

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FAQ

  • क्या लगातार बैठने से पैरों में ब्लड सर्कुलेशन कम हो सकता है?

    लंबे समय तक बिना हिले-डुले बैठे रहने से पैरों में ब्लड फ्लो धीमा हो सकता है। इसी वजह से लंबे समय तक बैठे रहने के बाद पैरों में भारीपन या सूजन जैसी परेशानी महसूस हो सकती है।
  • क्या ज्यादा बैठने से पेट की चर्बी बढ़ सकती है?

    कम फिजिकल एक्टिविटी और ज्यादा कैलोरी के सेवन के कारण शरीर में अतिरिक्त फैट जमा हो सकता है। 

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Akanksha Tiwari

Health & Lifestyle Journalist

आकांक्षा तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। वह पोषण, आयुर्वेद, प्रेगनेंसी, हार्ट हेल्थ और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखती हैं और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास करती हैं। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह India TV, India Ahead और News Nation के साथ काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Aug 30, 2026 15:59 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
    Reviewed By : Dr Vikash Goyal