क्या आपका दिन सुबह से शाम तक कुर्सी पर बैठकर ही गुजरता है? ऑफिस में कंप्यूटर के सामने 8-10 घंटे बैठना, काम के बीच लगातार फोन चलाना और घर लौटने के बाद सोफे पर आराम करना आज की लाइफस्टाइल का हिस्सा बन गया है। ऐसा रूटीन आरामदायक लग सकता है, लेकिन शरीर के अंदर इसका असर धीरे-धीरे बुरा हो सकता है। गुरुग्राम के पारस हेल्थ के कार्डियोलॉजी के एसोसिएट डायरेक्टर डॉ. विकास गोयल के अनुसार, लंबे समय तक बैठे रहने की सबसे बड़ी परेशानी यह है कि लंबे समय तक बैठे रहने का असर तुरंत दिखाई नहीं देता। शुरुआत में केवल सुस्ती, पैरों में भारीपन या शरीर में अकड़न महसूस हो सकती है लेकिन अगर यही आदत महीनों तक बनी रहे, तो वजन बढ़ने, ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्याओं का जोखिम बढ़ सकता है।
लंबे समय तक बैठने से दिल की सेहत पर असर
कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. विकास गोयल बताते हैं कि जब शरीर लंबे समय तक एक ही जगह बैठा रहता है, तो मसल्स की एक्टिविटी बहुत कम हो जाती है। इससे शरीर द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली एनर्जी कम होती है और मेटाबॉलिज्म पर भी असर पड़ सकता है। लगातार बैठे रहने वाली लाइफस्टाइल (Sedentary lifestyle) समय के साथ मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर, हाई ब्लड शुगर और असामान्य कोलेस्ट्रॉल जैसी स्थितियों से जुड़ सकती है। ये सभी समस्याएं हार्ट और ब्लड वैसेल्स पर ज्यादा दबाव डाल सकती हैं।
1. ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना
फिजिकल एक्टिविटी की कमी हाई ब्लड प्रेशर और खराब कोलेस्ट्रॉल जैसे खतरों से जुड़ी है। जब ब्लड प्रेशर लंबे समय तक ज्यादा रहता है, तो हार्ट को शरीर में ब्लड पहुंचाने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। वहीं, ब्लड में LDL यानी खराब कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना धमनियों में प्लाक जमा होने के जोखिम को बढ़ा सकता है। इससे आगे चलकर हार्ट में खून की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।
2. ब्लड शुगर और इंसुलिन पर असर
पूरा दिन बैठे रहने से शरीर की इंसुलिन सेंसिटिविटी प्रभावित हो सकती है। इसका मतलब है कि शरीर के लिए ब्लड शुगर को कंट्रोल करना मुश्किल हो सकता है। लंबे समय तक ऐसी लाइफस्टाइल रहने पर टाइप-2 डायबिटीज और मेटाबोलिक समस्याओं का जोखिम बढ़ सकता है। डायबिटीज खुद हार्ट डिजीज के लिए जोखिम कारक है।
Heart health When You Sit All Day
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3. वजन बढ़ने से हार्ट डिजीज का खतरा
कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. विकास गोयल के अनुसार, बैठे रहने के दौरान कैलोरी खर्च बहुत कम होता है। अगर खान-पान में कैलोरी की मात्रा ज्यादा हो और फिजिकल एक्टिविटी कम, तो धीरे-धीरे वजन और खासकर पेट के आसपास की चर्बी यानी फैट बढ़ सकता है। पेट का एक्स्ट्रा फैट मेटाबोलिक हेल्थ को प्रभावित कर सकता है और हाई बीपी, डायबिटीज तथा असामान्य कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ा सकता है।
साल 2025 में Journal of American College of Cardiology में प्रकाशित रिसर्च के अनुसार-
- रोजाना 10.6 घंटे से ज्यादा समय तक लगातार बैठे रहना दिल की बीमारियों, खासकर हार्ट फेलियर और दिल की बीमारी से होने वाली मौत के खतरे को काफी बढ़ा देता है।
- रिसर्च से यह भी पता चला है कि हफ्ते में 150 मिनट की फिजिकल एक्टिविटी करने वाले लोगों में भी यह जोखिम पूरी तरह खत्म नहीं होता।
- इसलिए, दिल को पूरी तरह सुरक्षित रखने के लिए केवल कसरत करना ही काफी नहीं है, बल्कि ज्यादा बैठने की आदत को कम करके उस समय को अन्य एक्टिविटीज में लगाना बेहद जरूरी है।
ऑफिस में बैठे-बैठे हार्ट को कैसे रखें हेल्दी?
अगर आपका काम लंबे समय तक बैठने वाला है, तो दिन में छोटे-छोटे मूवमेंट ब्रेक लेने की आदत डालें। हर घंटे कुछ मिनट के लिए उठकर चलें। लिफ्ट की जगह संभव हो तो सीढ़ियों का इस्तेमाल करें और लंच के बाद थोड़ी देर टहलें। इसके साथ सप्ताह में नियमित मीडियम इंटेंसिटी की फिजिकल एक्टिविटी और मसल्स को ताकत देने वाली एक्सरसाइज को अपने डेली रूटीन में शामिल करना फायदेमंद हो सकता है।
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किन लोगों को ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है?
कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. विकास गोयल सलाह देते हैं कि जिन लोगों को पहले से हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, मोटापा, हाई कोलेस्ट्रॉल या हार्ट डिजीज का जोखिम है, उन्हें लंबे समय तक बैठे रहने वाले डेली रूटीन से बचना चाहिए। अगर सीने में दर्द, सांस फूलना, असामान्य थकान, चक्कर या अचानक धड़कन में बदलाव जैसे लक्षण महसूस हों, तो इन्हें केवल बैठे रहने का असर मानकर नजरअंदाज न करें और डॉक्टर से सलाह लें।
निष्कर्ष
पूरा दिन बैठे रहना दिल के लिए सीधे तौर पर किसी एक बीमारी का कारण नहीं माना जा सकता, लेकिन लंबे समय तक ऐसी लाइफस्टाइल वजन, ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल जैसे कई जोखिम कारकों को बढ़ावा दे सकता है। इसलिए सिर्फ जिम जाना ही नहीं, बल्कि पूरे दिन बैठे रहने के बीच नियमित रूप से उठना और चलना भी जरूरी है। छोटी-छोटी फिजिकल एक्टिविटी को रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाकर लंबे समय तक दिल की सेहत को बेहतर रखने में मदद मिल सकती है।
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FAQ
क्या लगातार बैठने से पैरों में ब्लड सर्कुलेशन कम हो सकता है?
लंबे समय तक बिना हिले-डुले बैठे रहने से पैरों में ब्लड फ्लो धीमा हो सकता है। इसी वजह से लंबे समय तक बैठे रहने के बाद पैरों में भारीपन या सूजन जैसी परेशानी महसूस हो सकती है।क्या ज्यादा बैठने से पेट की चर्बी बढ़ सकती है?
कम फिजिकल एक्टिविटी और ज्यादा कैलोरी के सेवन के कारण शरीर में अतिरिक्त फैट जमा हो सकता है।
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Aug 30, 2026 15:59 IST
Published By : Akanksha Tiwari
Reviewed By : Dr Vikash Goyal
