Fri Sep 25, 2026 | 12:51 AM IST

Medically Reviewed by Dr. Aravinda S N , Lead Consultant – Internal Medicine

लंबे समय तक बैठने के बाद कमर दर्द क्यों बढ़ जाता है? डॉक्टर से जानें कारण और बचाव के उपाय

लंबे समय तक बैठे रहने से कमर दर्द की समस्या गलत पोश्चर, रीढ़ की हड्डी की परेशानी और खराब वर्कस्टेशन सेटअप के कारण होती है। इससे बचने के लिए हर 30-60 मिनट में उठें, टहलें और नियमित एक्सरसाइज करें, साथ ही सही एर्गोनॉमिक्स का ध्यान रखें।
लंबे समय तक बैठने के बाद कमर दर्द क्यों बढ़ जाता है? डॉक्टर से जानें कारण और बचाव के उपायलंबे समय तक बैठने के बाद कमर दर्द क्यों बढ़ जाता है? डॉक्टर से जानें कारण और बचाव के उपाय

आज के समय में ऑफिस और कई अन्य कारणों के लिए लोग लंबे समय के लिए बैठे रहते हैं। इसके कारण लोगों को कमर में दर्द और इससे जुड़ी परेशानियां बढ़ने लगती है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि कमर दर्द के क्या कारण हैं? और इससे राहत के लिए क्या करें? आइए इस बारे में Dr. Aravinda S N, Lead Consultant - Internal Medicine, Aster RV Hospital, Bengaluru से जानें।

बैठे रहने पर कमर दर्द के कारण

डॉ. अरविंद के अनुसार, लंबे समय तक बैठने के बाद पीठ के निचले हिस्से में होने वाला दर्द अक्सर पीठ के निचले हिस्से की मांसपेशियों, जोड़ों और अन्य हिस्सों पर लगातार दबाव पड़ने से होता है। ऐसा गलत पोश्चर में बैठने, रीढ़ की हड्डी में परेशानी होने, खराब कुर्सी या स्क्रीन का सेटअप और मेडिकल स्थितियों के कारण होता है।

1. गलत पोश्चर में बैठने से परेशानी

बैठना अपने आप में नुकसानदायक नहीं है, लेकिन लंबे समय तक एक ही स्थिति में रहने से पीठ पर लगातार तनाव पड़ सकता है, खासकर तब जब बैठने का तरीका (पोश्चर) सही न हो।

साल 2020 में Medicina में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, लंबे समय तक झुककर बैठने से मांसपेशियों के थके बिना भी पीठ के निचले हिस्से में दर्द और बेचैनी बढ़ जाती है। कमर दर्द (LBP) से पीड़ित किशोर (कम उम्र के मरीज) इस तरह के गलत पोश्चर से सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं।

इसे भी पढ़ें: कमर दर्द को न करें नजरअंदाज, डॉक्‍टर ने बताई इसके पीछे छुपी 5 आम स्पाइन समस्याएं

2. रीढ़ की हड्डी में परेशानी

जब कोई व्यक्ति कई घंटों तक बैठता है, खासकर आगे झुककर या झुककर बैठता है, तो रीढ़ की हड्डी के निचले हिस्से का नेचुरल घुमाव बदल सकता है। रीढ़ की हड्डी को सहारा देने वाली मांसपेशियों को उस स्थिति को बनाए रखने के लिए लगातार काम करना पड़ सकता है, जिससे वे आखिर में अकड़ सकती हैं या थक सकती हैं। इससे लंबे समय तक बैठने के बाद खड़े होने या हिलने-डुलने में परेशानी हो सकती है।

why does back pain worsen after sitting for a long time know causes and preventive tips 01why does back pain worsen after sitting for a long time know causes and preventive tips 01

3. खराब कुर्सी और स्क्रीन सेटअप

काम करने की जगह (वर्कस्टेशन) का गलत सेटअप समस्या को और बढ़ा सकता है। पीठ को ठीक से सहारा न देने वाली कुर्सी, गलत जगह पर रखी कंप्यूटर स्क्रीन या कूल्हों और घुटनों को असहज स्थिति में रखकर बैठने से बैठने का तरीका खराब हो सकता है।

4. लंबे समय तक गाड़ी चलाने

लंबे समय तक गाड़ी चलाने से भी ऐसा ही असर हो सकता है, क्योंकि शरीर काफी देर तक एक ही स्थिति में रहता है। इसके कारण व्यक्ति को कमर में दर्द और परेशानियां होने लगती है।

5. मेडिकल स्थितियों के कारण

कुछ लोगों में, पीठ का लगातार दर्द मांसपेशियों में खिंचाव, रीढ़ की हड्डी के जोड़ों या डिस्क की समस्याओं या नस में जलन जैसी स्थितियों से भी जुड़ा हो सकता है। अगर दर्द पैर तक जाता है या सुन्नपन, झुनझुनी या कमजोरी महसूस होती है, तो डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी हो जाता है।

इसे भी पढ़ें: कमर दर्द में झटपट आराम दिलाएंगी ये 5 एक्‍सरसाइज, बेड पर भी कर सकते हैं आसानी से

कमर दर्द से बचने के लिए क्या करें?

डॉ. अरविंद के अनुसार, बैठने से होने वाले पीठ दर्द से बचने का सबसे आसान तरीका है कि बहुत देर तक एक ही स्थिति में न रहें। इसके लिए कुछ बातों का ध्यान रखें। जैसे-

  • हर 30-60 मिनट में उठें।
  • थोड़ा टहलें और पीठ को धीरे-धीरे हिलाएं-डुलाएं।
  • कुर्सी ऐसी होनी चाहिए, जो पीठ के निचले हिस्से को अच्छा सहारा दे।
  • कंप्यूटर स्क्रीन को इस तरह रखा जाना चाहिए कि व्यक्ति को गर्दन या शरीर के ऊपरी हिस्से को बार-बार आगे न झुकाना पड़े।
  • नियमित फिजिकल एक्टिविटीज करें।
  • सही एर्गोनॉमिक्स का ध्यान रखें।
  • पेट, पीठ एवं कूल्हे की मांसपेशियों को मजबूत करने वाले एक्सरसाइज भी रीढ़ की हड्डी को बेहतर सहारा दे सकती हैं।
  • हल्की स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज अकड़न को कम करने में मदद कर सकती हैं, खासकर लंबे समय तक बैठने के बाद।

डॉक्टर से सलाह कब लें?

डॉ. अरविंद का कहना है, अगर इन उपायों को अपनाने के बाद भी पीठ दर्द बना रहता है, बार-बार होता है, गंभीर हो जाता है या इसके साथ पैर में कमजोरी, सुन्नपन, ब्लैडर या आंतों की आदतों में बदलाव, बुखार, बिना किसी कारण वजन कम होना या कोई गंभीर चोट जैसी समस्याएं होती हैं, तो डॉक्टर से जांच कराने में देरी नहीं करनी चाहिए।

निष्कर्ष

लंबे समय तक बैठे रहने पर कमर के निचले हिस्से में दर्द होने की समस्या गलत पोश्चर में बैठने, रीढ़ की हड्डी से जुड़ी परेशानी, खराब कुर्सी या स्क्रीन सेटअप, लंबे समय तक गाड़ी चलाने और मेडिकल स्थितियों के कारण हो सकती है। ऐसे में इससे बचने के लिए हर आधे से एक घंटे में उठें, हल्की वॉक करें, नियमित रूप से फिजिकल एक्टिविटीज करें और स्क्रीन सेटअप सही करें।

ध्यान रहे, इन उपायों को अपनाने के बाद भी पीठ दर्द, बुखार, कमजोरी, सुन्नपन और पीठ दर्द के गंभीर होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।

All Images Credit- Freepik

FAQ

  • कमर दर्द किन कारणों से होता है?

    गलत पोश्चर में बैठने, भारी वजन उठाने, उम्र बढ़ने, कमजोरी और डिस्क से जुड़ी समस्या होने पर व्यक्ति को कमर में दर्द होने की समस्या हो सकती है।
  • किसकी कमी से कमर में दर्द होता है?

    शरीर में विटामिन डी, कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्वों की कमी के कारण लोगों को कमर में दर्द की समस्या हो सकती है।

Read Next

→ घर पर ब्लड शुगर कैसे चेक करें? डॉक्‍टर से जानें ग्लूकोमीटर इस्तेमाल करने का सही तरीका और सावधान‍ियां

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Priyanka Sharma

Priyanka Sharma

Sub Editor

प्रियंका शर्मा हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की है। फिलहाल प्रियंका जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में बतौर सब एडिटर काम कर रही हैं। प्रियंका को स्वास्थ्य, पोषण, स्किन केयर और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नलिज्म की है। Editorial Policy: प्रियंका द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Sep 24, 2026 23:25 IST

    Published By : Priyanka Sharma
    Reviewed By : Dr. Aravinda S N

Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content