Back Stiffness Ayurvedic Remedies: कमर की अकड़न को दूर करने के लिए अभ्यंग यानी मालिश की मदद ले सकते हैं जिसमें सरसों या तिल का तेल इस्तेमाल किया जा सकता है, निर्गुंडी का काढ़ा पी सकते हैं, नीलगिरी तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं, अजवाइन और नमक की पोटली से सिंकाई कर सकते हैं। इसके अलावा प्राणायाम, उठक-बैठक, पुश अप्स, लो कैलोरी डाइट, सूप का सेवन करने से भी कमर की अकड़न से राहत पाई जा सकती है। आइए जानते हैं कमर में दर्द और अकड़न को दूर करने के लिए किस आयुर्वेदिक उपाय का प्रयोग कैसे करें? बेहतर जानकारी के लिए हमने Ayurveda Expert Dr. Shrey Sharma, Ramhans Charitable Hospital, Haryana से बात की।
| कमर की अकड़न दूर करने के आयुर्वेदिक उपाय | |
| प्राणायाम जैसे मकरासन, भुजंगासन, मार्जरी आसन | तिल या सरसों के तेल से अभ्यंग या मालिश |
| वेट ट्रेनिंग | निर्गुंडी काढ़ा |
| उठक-बैठक और पुश अप्स | नीलगिरी तेल |
| लो कैलोरी डाइट | अजवाइन और नमक की पोटली से सिंकाई करें |
| सूप का सेवन |
1. अभ्यंग की मदद लें
आयुर्वेद में अभ्यंग का मतलब है औषधीय तेल से शरीर की मालिश करना। इसे वात दोष को शांत करने और जकड़न को कम करने में मदद मिलती है।
कैसे करें?
- तिल का तेल या सरसों का तेल हल्का गुनगुना कर लें।
- कमर के आस-पास तेल लगाकर हथेलियों से हल्के हाथों से 5 से 10 मिनट मालिश करें।
- मालिश के बाद कुछ देर आराम करें।
- जरूरत हो, तो गुनगुने पानी से स्नान कर सकते हैं।
साल 2020 में World Journal Of Pharmaceutical Research में प्रकाशित एक समीक्षा लेख के मुताबिक, तेल से मालिश वात दोष को संतुलित करने में मदद करता है। समीक्षा में मालिश से दर्द कम होने, तनाव में राहत और ब्लड सर्कुलेशन में सुधार जैसे प्रभावों का जिक्र है।
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2. निर्गुंडी काढ़ा
निर्गुंडी का इस्तेमाल पारंपरिक आयुर्वेदिक इलाज में दर्द और सूजन को कम करने के लिए किया जाता है।
कैसे इस्तेमाल करें?
- निर्गुंडी जड़ी-बूटी के रस को पानी में मिलाकर काढ़ा तैयार करें।
- दिन में 1 से 2 बार काढ़ा का सेवन कर सकते हैं।
साल 2024 में International Journal Of Ayurveda And Medicine में प्रकाशित एक समीक्षा लेख के मुताबिक, निर्गुंडी की मदद से दर्द और सूजन को कम करने में मदद मिल सकती है। निर्गुंडी में दर्द कम करने वाले और सूजन घटाने वाले गुण पाए जाते हैं।
3.कमर की जकड़न दूर करने के लिए प्रभावी आयुर्वेदिक तेल मालिश
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नीलगिरी के तेल में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जिसे लगाने से जोड़ों और मांसपेशियों के दर्द से राहत मिलती है। कई स्टडीज में इसके फायदों पर चर्चा की गई है। कमर की जकड़न को दूर करने के लिए इस तेल की मालिश को असरदार माना जाता है।
कैसे करें?
नीलगिरी तेल की कुछ बूंदों को कैरियर तेल जैसे नारियल या बादाम तेल में मिलाकर लगाएं। इसे कैरियर ऑयल के बगैर लगाने से बचें।
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4. अजवाइन और नमक की पोटली से सिंकाई करें
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अजवाइन और नमक में दर्द कम करने वाले गुण पाए जाते हैं। इससे मांसपेशियों को आराम मिलता है और कमर की अकड़न से राहत मिल सकती है।
कैसे करें?
- अजवाइन और नमक को तवे पर हल्का गर्म करके सूती कपड़े में बांध लें।
- पोटली से कमर की सिंकाई करें।
- जलन महसूस होने पर पोटली को तुरंत हटा दें। सोते समय गर्म पोटली लगाकर न छोड़ें।
5. प्राणायाम करें
- कमर दर्द और अकड़न में मकरासन, भुजंगासन और मार्जरी आसन (कैट-काउ पोज) करने से राहत मिल सकती है।
- इन योग को धीरे-धीरे करें और किसी भी आसन में दर्द बढ़ने पर तुरंत रुक जाएं।
- अगर दर्द तेज है, पैर में फैलता है या सुन्नपन है, तो योग करने से पहले डॉक्टर की सलाह लें।
6. कमर की अकड़न से बचने के लिए वेट ट्रेनिंग की मदद लें
वेट ट्रेनिंग से शरीर की मांसपेशियों और कार्यक्षमता को मजबूत बनाने में मदद मिलती है और कमर दर्द से राहत मिल सकती है। हालांकि, कमर दर्द के दौरान भारी वजन नहीं उठाना चाहिए। यह केवल कमर दर्द एवं अकड़न से बचाव का एक तरीका है जिससे मसल्स मजबूत होती हैं।
7. उठक-बैठक और पुशअप्स करें
उठक-बैठक और पुश-अप्स शरीर की अलग-अलग मांसपेशियों को मजबूत करने वाले व्यायाम हैं। उठक-बैठक से मुख्य रूप से जांघों और कूल्हों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं, जबकि पुश-अप से छाती, कंधों और बाजुओं को मजबूती मिलती है। इस सही ढंग से करने पर कमर का दर्द दूर करने में मदद मिल सकती है।
8. लो कैलौरी डाइट लें
आयुर्वेद में अग्नि यानी पाचन क्षमता और उचित आहार-विहार को स्वास्थ्य के लिए अहम बताया गया है। आयुर्वेदिक एक्सपर्ट का मानना है कि भारी भोजन करने से बचना चाहिए। इससे मसल्स स्टिफ हो सकती हैं। आलू, मैदा जैसी चीजों का सेवन करने से बचें। लो कैलोरी डाइट से बैक स्टिफनेस को कम करने में मदद मिल सकती है।
9. सूप का सेवन करें
कमर की अकड़न को कम करने के लिए अदरक, लहसुन और उबली हुई सब्जियों का सूप बनाएं, उसमें नमक मिलाकर खाएं। दर्द और सूजन के दौरान सूप का सेवन लाभकारी माना जाता है।
कमर में अकड़न होने पर किन गलतियों से बचना चाहिए?
- लंबे समय तक लगातार एक ही स्थिति में बैठने से बचें।
- अचानक भारी वजन न उठाएं।
- दर्द बढ़ाने वाली एक्सरसाइज या मालिश न करें।
- बिना डॉक्टर की सलाह के दर्द की दवाएं या आयुर्वेदिक औषधियां न लें।
- लंबे समय तक बिस्तर पर लेटे रहने के बजाय हल्की गतिविधियां जारी रखें।
निष्कर्ष:
वात दोष के अंसतुलित होने के कारण कमर में अकड़न हो सकती है। कमर में अकड़न होने पर अभ्यंग की मदद लें, सरसों या तिल के तेल से मालिश करें। निर्गुंडी की मदद लें, नीलगिरी तेल का इस्तेमाल करें, अजवाइन और नमक की पाेटली से सिंकाई करें। प्राणायाम, उठक-बैठक, पुश अप्स, लो कैलोरी डाइट, सूप का सेवन करके भी आराम मिल सकता है। कमर में दर्द और अकड़न होने पर एक ही स्थिति में रहने से बचें, अचानक भारी वजन न उठाएं, लंबे समय तक बिस्तर पर लेटने से बचें।
image credit: magnific
FAQ
कमर की अकड़न में ठंडी सिंकाई करनी चाहिए या गर्म?
यह अकड़न के कारण पर निर्भर करता है। नई चोट या सूजन होने पर ठंडी सिंकाई करने से राहत मिल सकती है। मांसपेशियों की अकड़न में गर्म सिंकाई ज्यादा आरामदायक हो सकती है।कमर की अकड़न में क्या खाना चाहिए?
संतुलित आहार लें। दाल, दूध या अन्य प्रोटीन स्रोत जैसे अंडे, पनीर का सेवन करें। हरी सब्जियां, फल, साबुत अनाज और पर्याप्त पानी पिएं। इससे शरीर को पोषण मिलेगा और अकड़न कम होगी।
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Current Version
Oct 23, 2026 14:19 IST
Modified By : Yashaswi Mathur Oct 23, 2026 14:19 IST
Published By : Yashaswi Mathur
Reviewed By : Dr Shrey Sharma
