सुबह उठते ही नाक बंद होने की समस्या से बचने के लिए देर रात भोजन करने से बचें, पान के पत्ते, लौंग, अदरक का काढ़ा बनाकर पी सकते हैं, नीलगिरी तेल और पानी के मिश्रण से भाप लें, शहद के साथ सोंठ, पिप्पली, काली मिर्च का चूर्ण लें और मुलेठी का सेवन करें। नाक बंद होने की समस्या को दूर करने के इन आयुर्वेदिक उपायों को आगे विस्तार से जानते हैं। बेहतर जानकारी के लिए हमने Ayurveda Expert Dr. Shrey Sharma, Ramhans Charitable Hospital, Haryana से बात की।
सुबह उठते ही नाक बंद होने के मुख्य कारण
- अगर सुबह उठते ही आपकी भी नाक बंद रहती है, तो इसका कारण एलर्जी हो सकती है। घर में धूल, परागकण के कारण एलर्जी हो सकती है जिससे छींक और नाक से पानी आने लगता है और सुबह नाक बंद रहती है।
- ठंडी या बहुत सूखी हवा, धुआं, तेज खुशबू और प्रदूषण से भी सांस लेने में परेशान और नाक बंद होने की समस्या हो सकती है।
- साइनस में सूजन या संक्रमण होने पर नाक बंद रह सकती है।
रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (CDC) के मुताबिक, बंद नाक से राहत के लिए नाक और माथे पर गर्म सिंकाई करें। इससे साइनस के दबाव और दर्द को कम करने में मदद मिल सकती है। साथ ही, गर्म पानी से निकलने वाली भाप या गर्म शॉवर की भाप में कुछ देर सांस लेने से बंद नाक में राहत मिल सकती है।
American Association Of Naturopathic Physicians के मुताबिक, साइनस इंफेक्शन के दौरान एंटीइंफ्लेमेटरी फूड्स को डाइट में शामिल करें जैसे अदरक, लहसुन, प्याज वगैरह। गर्म सूप जैसे पालक सूप या चिकन सूप का सेवन कर सकते हैं।
1. देर रात भोजन करने से बचें
देर रात खाने से शरीर में पानी का जमा होने की समस्या होती है जिससे कार्टिलेज में सूजन आ जाती है। ज्यादातर मामलों में सुबह नाक बंद होने के पीछे यही कारण होता है। सूर्यास्त के बाद पाचन कमजोर हो जाता है। इस दौरान भोजन करने से बचना चाहिए।
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2. पान के पत्ते, लौंग, अदरक का काढ़ा बनाकर पी सकते हैं
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पान के 1 से 2 साफ पत्ते, 2 से 3 लौंग और अदरक का छोटा टुकड़ा लेकर करीब डेढ़ कप पानी में उबालें। पानी आधा होने तक इसे छानकर हल्का गुनगुना होने दें। जरूरत हो, तो स्वाद के लिए थोड़ा शहद मिला सकते हैं। इस काढ़े का सेवन करने से सर्दी-जुकाम और बंद नाक जैसे लक्षणों को कंट्रोल करने में मदद मिलती है।
3. नीलगिरी तेल और पानी के मिश्रण से भाप लें
अगर नीलगिरी तेल से भाप लेनी है, तो गर्म पानी में 5 से 10 बूंदें नीलगिरी तेल की डालें। चेहरे को पानी से पर्याप्त दूरी पर रखकर आंखें बंद करें और सामान्य रूप से भाप लें। 5 से 10 मिनट से ज्यादा और बहुत गर्म भाप न लें, इससे जलन हो सकती है। ध्यान रखें, नीलगिरी तेल को सीधे नाक में न डालें और छोटे बच्चों में बिना डॉक्टर की सलाह के इसका इस्तेमाल न करें।
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बंद नाक से तुरंत राहत के लिए भाप लेने का सही तरीका
- नाक बंद होने पर भाप लेने के लिए एक बर्तन में गर्म पानी करके रख लें।
- बहुत गर्म पानी या उबलते पानी के पास चेहरा न ले जाएं क्योंकि इससे त्वचा जल सकती है।
- लगभग 5 से 10 मिनट तक आराम से भाप लेना पर्याप्त हो सकता है।
4. शहद के साथ सोंठ, पिप्पली, काली मिर्च का चूर्ण लें
- सोंठ, पिप्पली और काली मिर्च को बराबर मात्रा में लेकर बारीक पीसकर चूर्ण तैयार कर सकते हैं।
- इसमें थोड़ी मात्रा शहद मिला सकते हैं।
- इन मसालों में सूजन रोधी और एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं इसलिए यह गले में जमा बलगम और सर्दी-जुकाम से जुड़े लक्षणों में अस्थायी राहत दे सकता है।
5. मुलेठी का सेवन कर सकते हैं
मुलेठी का इस्तेमाल आयुर्वेद में गले और श्वसन संबंधित समस्याओं में किया जाता है। मुलेठी में मौजूद यौगिक गले की खराश और जलन को शांत करने में मदद कर सकते हैं। बंद नाक के साथ गले में कफ या खराश हो, तो इसकी गर्म चाय आराम दे सकती है।
नाक की सूजन कम करने के लिए खान-पान में बदलाव
- हल्दी में करक्यूमिन पाया जाता है, जिसमें सूजन-रोधी गुण होते हैं। इसे डाइट में शामिल कर सकते हैं।
- फल, सब्जियां, साबुत अनाज, दालें, नट्स, बीज को डाइट में शामिल करें।
- पालक, मेथी, ब्रोकोली जैसी सब्जियों को नियमित डाइट का हिस्सा बनाएं। इनमें कई एंटीऑक्सीडेंट और माइक्रोन्यूट्रिएंट्स होते हैं जिससे इम्यूनिटी मजबूत करने में मदद मिल सकती है और इंफेक्शन से बचाव होता है।
डॉक्टर से संपर्क कब करें?
- सुबह नाक बंद होने की समस्या कई हफ्तों तक बनी रहे,
- बार-बार नाक बंद हो, तो ENT विशेषज्ञ से जांच कराएं।
- नाक से ब्लीडिंग होना, सूंघने की क्षमता लगातर कम होना, चेहरे में दर्द या सूजन होने पर भी डॉक्टर से संपर्क करें।
निष्कर्ष:
सुबह उठते ही नाक बंद हो जाती है, तो ये आयुर्वेदिक उपाय आजमां सकते हैं जैसे देर रात भोजन करने से बचें, पान के पत्ते, लौंग, अदरक का काढ़ा बनाकर पी सकते हैं, नीलगिरी तेल और पानी के मिश्रण से भाप लें, शहद के साथ सोंठ, पिप्पली, काली मिर्च का चूर्ण लें और मुलेठी का सेवन करें। सुबह नाक बंद होने की समस्या हफ्तों तक बनी रहे, बार-बार नाक बंद हो, नाक से ब्लीडिंग हो, सूंघने की क्षमता लगातार कम हो, चेहरे में दर्द या सूजन हो, तो भी डॉक्टर से संपर्क करें।
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FAQ
क्या बंद नाक में अंदर तेल डालना सही है?
खुद से नाक के अंदर तेल डालना सही नहीं है और डॉक्टर ऐसा करने की सलाह नहीं देते हैं। तेल सांस के साथ फेफड़ों में पहुंच सकते हैं। नस्य जैसी आयुर्वेदिक प्रक्रिया को विशेषज्ञ की सलाह के बगैर नहीं करना चाहिए।बंद नाक से बचने के लिए क्या करें?
धूल-धुएं और एलर्जिक तत्वों से बचें, हाथों को साफ रखें, पर्याप्त पानी पिएं और कमरे में बहुत सूखी हवा होने पर नमी बनाए रखें।
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Oct 07, 2026 20:40 IST
Published By : Yashaswi Mathur
Reviewed By : Dr Shrey Sharma
