Fri Sep 11, 2026 | 08:19 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shrey Sharma , BAMS

सर्दियों में सिरदर्द बार-बार सताता है? इन 5 आयुर्वेद‍िक उपायों से पाएं राहत

सर्दि‍यों में बार-बार होने वाले स‍िर दर्द से परेशान है? इसे दूर करने के ल‍िए पांच असरदार आयुर्वेद‍िक उपायों की मदद ले सकते हैं ताक‍ि स‍िर दर्द, जकड़न और नसों की तकलीफ से तुरंत राहत म‍िल सके।

मुझे अक्‍सर सर्दि‍यों के द‍िनों में बार-बार स‍िर दर्द महसूस होता है। ठंडी हवा जैसे ही मेरे स‍िर को छूती है, तेज दर्द उठ जाता है। मेरी मां मुझे अक्‍सर इस बात के ल‍िए डांटती हैं क‍ि मैं अपने स‍िर को कवर क्‍यों नहीं करती हूं? सर्दि‍यों में ठंडी हवा, साइनस, धूप या पानी की कमी के कारण स‍िर में जकड़न या दर्द का एहसास हो सकता है। सर्दियों में वात और कफ दोष बढ़ने से भी स‍िर में भारीपन, दर्द और जकड़न होती है। आयुर्वेद‍िक उपायों की मदद से स‍िर दर्द को दूर क‍िया जा सकता है। आइए जानते हैं ऐसे पांच आयुर्वेद‍िक उपायों के बारे में। इस व‍िषय पर बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Dr. Shrey Sharma, Ayurveda Expert, Ramhans Charitable Hospital, Haryana से बात की। डॉ श्रेय शर्मा ने बताया क‍ि स‍िर दर्द को दूर करने के ल‍िए आयुर्वेद‍िक गुणों से भरपूर प्राकृत‍िक तेल का इस्‍तेमाल करें। इन ऑयल्‍स को स्‍टीम की तरह इस्‍तेमाल कर सकते हैं।

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1. नीलगिरी तेल- Eucalyptus Oil

नीलग‍िरी तेल में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, इसे स‍िर पर अप्‍लाई करने से स‍िर दर्द (Headache) दूर होता है और नसों को आराम म‍िलता है। तेल की कुछ बूंदों को लेकर हाथों पर लगाएं और नार‍ियल तेल या बादाम तेल के साथ म‍िलाकर स‍िर की माल‍िश करें।

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2. देवदार का तेल- Cedrus Deodara Oil

देवदार तेल को आयुर्वेद में देवदारु तेल भी कहा जाता है। इस तेल को लगाने से वात और कफ दोष संतुल‍ित होता है। Ayurveda Expert Dr. Shrey Sharma ने बताया क‍ि देवदार तेल नसों की जकड़न को कम करता है, ब्‍लड सर्कुलेशन को सुधारता है और स्‍ट्रेस से होने वाले स‍िरदर्द को दूर करने में मदद करता है। दो से तीन तेल की बूंदों को कैर‍ियर ऑयल में म‍िलाकर स‍िर पर लगाएं या उसे गर्म पानी में म‍िलाकर स्‍टीम लें।

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3. प‍िपरम‍िंट ऑयल- Peppermint Oil

प‍िपरम‍िंट ऑयल की मदद से स‍िरदर्द को दूर करने में मदद म‍िलती है। यह ब्‍लड सर्कुलेशन को बेहतर करता है और स‍िर की नसों को र‍िलैक्‍स करता है। प‍िपरम‍िंट ऑयल की बूंदों को माथे और कनपट‍ियों पर लगाएं। इसकी ठंडक से स‍िर दर्द की तीव्रता को कम करने में मदद म‍िलती है।

4. गंधपुरा तेल- Gandhapura Tel

Ayurveda Expert Dr. Shrey Sharma ने बताया क‍ि गंधपुरा तेल को आयुर्वेद में प्राकृत‍िक पेन र‍िलीवर माना जाता है। इसमें मिथाइल सैलिसिलेट होता है ज‍िससे स‍िर का दर्द और सूजन को कम करने में मदद म‍िलती है। गंंधपुरा तेल आसानी से क‍िसी आयुर्वेद‍ि‍क औषधी केंद्र पर म‍िल जाता है। इस तेल की कुछ बूंदों को कैर‍ियर ऑयल के साथ म‍िलाकर लगाएं ताक‍ि दर्द से राहत म‍िले।

5. दालचीनी कपूर तेल- Cinnamon Camphor Oil

Ayurveda Expert Dr. Shrey Sharma ने बताया क‍ि दालचीनी कपूर का तेल कफ दोष को संतुल‍ित करता है और शरीर में गर्माहट पैदा करता है। दालचीनी कपूर ऑयल से स‍िर में जमी ठंड को दूर करने में मदद म‍िलती है। दालचीनी कपूर ऑयल को नार‍ियल तेल में म‍िलाकर माथे पर हल्‍के हाथ से लगाकर माल‍िश करें। इसकी गर्म तासीर सर्दि‍यों में स‍िर दर्द से राहत देगी।

निष्कर्ष:

सर्दि‍यों में बार-बार होने वाले स‍िर दर्द को दूर करने के ल‍िए आसान आयुर्वेद‍िक उपायों की मदद ले सकते हैं। स‍िर दर्द दूर करने के ल‍िए दालचीनी कपूर तेल, गंधपुरा तेल, देवदार, नीलग‍िरी या मेंथॉल ऑयल का इस्‍तेमाल कर सकते हैं।

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FAQ

  • बार-बार स‍िर दर्द क्‍यों होता है?

    बार-बार स‍िर का दर्द गलत खानपान, ज्‍यादा स्‍क्रीन टाइम, तनाव, नींद की कमी, साइनस, हार्मोनल बदलाव, ड‍िहाइड्रेशन, वात-कफ असंतुलन के कारण हो सकता है।
  • सिरदर्द नहीं रुक रहा है तो क्या करें?

    स‍िर का दर्द लगातार बना हुआ है, तो कैफीन कम करें और पानी का सेवन करें। आराम करें और ठंडी हवा से बचें। बार-बार स‍िर दर्द माइग्रेन का लक्षण है इसल‍िए डॉक्‍टर से इलाज करवाएं।
  • किसकी कमी से सिर में दर्द होता है?

    स‍िर में दर्द व‍िटाम‍िन-डी, व‍िटाम‍िन-बी12, आयरन, मैग्नीशियम और पानी की कमी से हो सकता है। इन पोषक तत्‍वों की कमी से ब्‍लड सर्कुलेशन प्रभाव‍ित होता है और स‍िर में दर्द हो सकता है।

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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Dec 26, 2025 17:59 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Dec 26, 2025 17:59 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Dr Shrey Sharma

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