Fri Sep 11, 2026 | 09:04 PM IST

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सर्दी-जुकाम में शरीर टूटने लगे तो अपनाएं ये 5 आयुर्वेद उपाय, बदन दर्द-जकड़न से म‍िलेगी राहत

सर्दी-जुकाम में बदन दर्द और जकड़न से परेशान हैं, तो कुछ आसान आयुर्वेद‍िक उपायों की मदद ले सकते हैं। ये ब‍िना क‍िसी साइड इफेक्‍ट के शरीर को मजबूत बनाने में मदद करते हैं।

सर्दी-जुकाम होने पर कुछ लोगों को बदन दर्द, जकड़न और शरीर में टूटन जैसा एहसास होता है। इस समस्‍या को दूर करने के ल‍िए आयुर्वेद कफ और वात दोष का संतुलन बनाने की सलाह देता है। कई ऐसे प्राकृत‍िक हर्ब्स हैं ज‍िनका सेवन करके शरीर की टूटन से राहत पा सकते हैं। आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से ये उपाय न स‍िर्फ शरीर की टूटन दूर करेंगे, बल्‍क‍ि सर्दी-जुकाम से राहत देंगे, इम्‍यून‍िटी मजबूत करेंगे और शरीर को एनर्जी की कमी से बचाएंगे। ऐसे 5 उपाय आगे व‍िस्‍तार से समझते हैं। इस व‍िषय पर बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Dr. Shrey Sharma, Ayurveda Expert, Ramhans Charitable Hospital, Haryana से बात की।

चिरायता का काढ़ा   तालीस पत्रों का काढ़ा  
हरड़ चूर्ण त्रिकटु चूर्ण
काली मिर्च, सोंठ और पिप्पली  

1. काली मिर्च, सोंठ और पिप्पली- Black Pepper, Dry Ginger & Pippali

Ayurveda Expert Dr. Shrey Sharma ने बताया क‍ि अगर आपकी तासीर ठंडी है, ठंड ज्यादा लग रही है और कंपकंपी के साथ शरीर दर्द हो रहा है, तो काली मिर्च, सोंठ और पिपली का काढ़ा या चूर्ण बेहद असरदार माना जाता है, इसे शहद के साथ ले सकते हैं।

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2. चिरायता का काढ़ा- Chirata Kadha

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  • सर्दी-जुकाम के दौरान अगर बदहजमी, भारीपन महसूस हो, तो च‍िरायता का काढ़ा प‍िएं।
  • आयुर्वेद में चिरायता का इस्‍तेमाल बुखार, बॉडी पेन और व‍िषैले तत्‍वों को बाहर न‍िकालने के ल‍िए क‍िया जाता है।
  • Ayurveda Expert Dr. Shrey Sharma ने बताया क‍ि अगर आपके शरीर की तासीर गर्म रहती है, तो च‍िरायता का सेवन करने से कफ-पित्त संतुलन में मदद म‍िलेगी। रोज एक बार गुनगुना काढ़ा पी सकते हैं।

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3. तालीस पत्रों का काढ़ा- Talis Patra Kadha

  • तालीस पत्रों को आयुर्वेद में श्वसन संबंधी समस्याओं और सर्दी-खांसी के लिए इस्‍तेमाल किया जाता है।
  • सर्दी-जुकाम में शरीर टूटने लगे, तो तासील पत्रों का काढ़ा प‍िएं या चूर्ण बनाकर खाएं।
  • तालीस पत्रों को चूर्ण बनाकर, शहद म‍िलाकर भी चाट सकते हैं और इसमें धागा म‍िश्री म‍िला सकते हैं।

4. हरड़ और त्रिकटु चूर्ण- Harad With Trikatu Churna

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  • हरड़ को त्रिकटु (पिप्पली, काली मिर्च और सोंठ) के साथ लेने से सर्दी-जुकाम में होने वाली शरीर की टूटन और दर्द में राहत मिलती है।
  • इससे पाचन सुधरता है और कफ दोष को संतुल‍ित करने में मदद म‍िलती है।

5. बच्चों के लिए हरड़ चूर्ण है फायदेमंद- Harad Powder Is Beneficial For Children

  • Ayurveda Expert Dr. Shrey Sharma ने बताया क‍ि छोटे बच्‍चों को सर्दी-जुकाम हो गया है और बदन दर्द हो रहा हो, तो हरड़ चूर्ण का सेवन करें।
  • हरड़ का चूर्ण शहद के साथ लेना आयुर्वेद में फायदेमंद माना जाता है।
  • यह बच्‍चों की पाचन शक्‍त‍ि और इम्‍यूनि‍टी को सपोर्ट करने में मदद करता है।

न‍िष्‍कर्ष:

सर्दी-जुकाम में शरीर टूटने लगे, तो हरड़ चूर्ण, त्रिकटु, तालीस पत्र का काढ़ा, काली मिर्च, सोंठ और पिप्पली, चिरायता का काढ़ा आद‍ि व‍िकल्‍पों का सेवन कर सकते हैं।

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Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Dec 15, 2025 15:51 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Dec 15, 2025 15:51 IST

    Published By : Yashaswi Mathur

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