सुबह आंख खुलते ही गले में कुछ जमा हुआ महसूस होना और बार-बार गला साफ करना कई लोगों की रोज की परेशानी बन जाती है। कुछ लोगों को सुबह उठकर सफेद या पारदर्शी यानी ट्रांसपेरेंट बलगम दिखाई देता है, तो कुछ को ऐसा लगता है जैसे गले में कुछ चिपका हुआ है। अक्सर इसका कारण मौसम में बदलाव, ठंडी हवा या सर्दी-जुकाम को माना जाता है लेकिन कैलाश अस्पताल, देहरादून के सीनियर कंसल्टेंट इंटरनल मेडिसिन डॉ. गोपाल जी शर्मा का कहना है कि अगर मौसम सामान्य होने के बावजूद रोज सुबह गले में कफ जमा रहता है, तो इसके पीछे दूसरी वजहें भी हो सकती हैं।
सुबह गले में कफ जमा क्यों रहता है?
डॉ. गोपाल जी शर्मा के अनुसार, सुबह गले में कफ महसूस होने की एक वजह नाक से जुड़ी समस्या भी हो सकती है। सर्दी-जुकाम, एलर्जी या नाक बंद रहने की स्थिति में म्यूकस ज्यादा बन सकता है। रात में लेटने पर यह म्यूकस नाक से पीछे की तरफ गले में पहुंच सकता है। इसे पोस्ट नेजल ड्रिप कहा जाता है। ऐसे में सुबह उठने पर गले में कुछ जमा हुआ महसूस हो सकता है और बार-बार गला साफ करने की इच्छा होती है।
1. रातभर मुंह से सांस लेना
- नाक बंद होने, एलर्जी या अन्य कारणों से कुछ लोग रात में मुंह से सांस लेते हैं। इससे गला सूख सकता है और सुबह उठने पर गले में चिपचिपाहट या बलगम जैसा महसूस हो सकता है।
- खर्राटे लेने वाले लोगों में भी मुंह से सांस लेने की समस्या देखी जा सकती है।
- इसलिए केवल कफ पर ध्यान देने के बजाय यह भी देखना जरूरी है कि रात में नाक खुली रहती है या नहीं।
2. एसिड रिफ्लक्स
- रात में देर से खाना खाने या खाने के तुरंत बाद सो जाने की आदत कुछ लोगों में एसिड रिफ्लक्स की समस्या बढ़ा सकती है।
- पेट का एसिड ऊपर की ओर आने पर गले में जलन और खराश हो सकती है।
- कई बार व्यक्ति को वास्तविक कफ कम होने के बावजूद गले में कुछ चिपका हुआ महसूस होता है।
- अगर सुबह गले में कफ के साथ खट्टी डकार, सीने में जलन या मुंह में खट्टा स्वाद भी रहता है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

3. धूम्रपान और प्रदूषण
- सिगरेट का धुआं, धूल और वायु प्रदूषण रेस्पिरेटरी सिस्टम को प्रभावित कर सकते हैं।
- इनके संपर्क में रहने पर शरीर वायुमार्ग को साफ रखने के लिए ज्यादा म्यूकस बना सकता है।
- अगर किसी व्यक्ति को नियमित रूप से सुबह कफ आता है और वह धूम्रपान करता है या प्रदूषण के संपर्क में रहता है, तो इसे केवल मौसम का असर मानना सही नहीं होगा।
साल 2020 में International Archives of Otorhinolaryngology में प्रकाशित रिव्यू के अनुसार,
- धूम्रपान करने से नाक की नेचुरल सफाई प्रणाली (नेल मिकोसिलिअरी क्लियरेंस या NMC) गंभीर रूप से प्रभावित और कमजोर हो जाती है।
- यह नुकसान केवल सिगरेट पीने वालों में ही नहीं, बल्कि पैसिव स्मोकिंग, बीड़ी, ई-सिगरेट और हुक्का पीने वाले लोगों में भी देखी गई है।
- धूम्रपान में मौजूद जहरीले तत्व, ज्यादा बलगम, ऑक्सीडेटिव तनाव और इम्यूनिटी में गिरावट का कारण बनते हैं। किसी भी रूप में धूम्रपान करना रेस्पिरेटरी सिस्टम के लिए बहुत नुकसानदायक है।
4. पानी कम पीना
- शरीर में पानी की कमी होने पर म्यूकस ज्यादा गाढ़ा हो सकता है।
- रातभर पानी न पीने के कारण सुबह गले में चिपचिपापन महसूस हो सकता है।
- दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना और सुबह उठकर पानी लेना कुछ लोगों में इस परेशानी को कम करने में मदद कर सकता है।
इसे भी पढ़ें: मुलेठी या लौंग: रात में ज्यादा खांसी आने पर किसका सेवन करें? खुद आयुर्वेदिक एक्सपर्ट ने बताया
कब डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है?
अगर सुबह का कफ कभी-कभार होता है और कुछ समय बाद ठीक हो जाता है, तो आमतौर पर घबराने की जरूरत नहीं होती लेकिन लंबे समय तक रोजाना कफ बने रहना, लगातार खांसी, सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द, बुखार, वजन कम होना या कफ में खून आना जैसे लक्षण हों तो डॉक्टर से जांच करानी चाहिए। खासकर लंबे समय से धूम्रपान करने वालों को लगातार बने रहने वाले कफ को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
इसे भी पढ़ें: खांसी में ठंडा दूध पीना सही या गलत? सच जानकर हैरान रह जाएंगे
निष्कर्ष
सुबह उठते ही गले में कफ जमा होना हमेशा मौसम बदलने की वजह से नहीं होता। पोस्ट नेजल ड्रिप, एलर्जी, एसिड रिफ्लक्स, मुंह से सांस लेना, पानी की कमी, धूम्रपान और प्रदूषण जैसे कई कारण इसके पीछे हो सकते हैं। इसलिए अगर यह समस्या लगातार बनी रहती है या इसके साथ अन्य लक्षण दिखाई देते हैं, तो कारण का पता लगाने के लिए डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।
All Image Credit- magnific
FAQ
सुबह कफ के साथ मुंह का स्वाद खराब क्यों लगता है?
रातभर मुंह में लार होने से सुबह स्वाद अलग महसूस हो सकता है। मुंह की सफाई और अन्य लक्षणों पर भी ध्यान देना चाहिए।क्या सुबह का कफ फेफड़ों की बीमारी का संकेत होता है?
हर बार ऐसा नहीं होता है लेकिन लंबे समय तक कफ, लगातार खांसी, सांस फूलना या सीने में परेशानी जैसे लक्षण हों तो डॉक्टर से जांच जरूरी हो सकती है।
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
-
Current Version
Sep 16, 2026 17:17 IST
Published By : Akanksha Tiwari
Reviewed By : Dr Gopal Jee Sharma