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Medically Reviewed by Archana Jain , Nutritionist

खांसी में ठंडा दूध पीना सही या गलत? सच जानकर हैरान रह जाएंगे

Does Cold Milk Increase Cough: खांसी होने पर सबसे पहले घर के बड़े अक्सर एक ही सलाह देते हैं कि ठंडा दूध मत पीना, खांसी बढ़ जाएगी। यह बात पीढ़ियों से चली आ रही है और ज्यादातर लोग इसे बिना सवाल किए मान भी लेते हैं। यहां जानिए, खांसी में ठंडा दूध पीना सही या गलत?
खांसी में ठंडा दूध पीना सही या गलत? सच जानकर हैरान रह जाएंगेखांसी में ठंडा दूध पीना सही या गलत? सच जानकर हैरान रह जाएंगे

Does Cold Milk Increase Cough: खांसी होना एक आम समस्या है, लेकिन जब इसे लेकर रोजाना परिवार और दोस्तों की सलाहें आती हैं, तो अक्सर भ्रम और डर भी बढ़ जाता है। सबसे मशहूर सलाह यही है कि खांसी में ठंडा दूध मत पीना, इससे खांसी बढ़ जाती है। यह बात कई पीढ़ियों से चली आ रही है, लेकिन क्या वाकई ठंडा दूध खांसी बढ़ाता है या यह सिर्फ एक परंपरागत मान्यता है? मॉडर्न लाइफस्टाइल, बदलते मौसम और एलर्जी जैसी समस्याओं के कारण खांसी अब सिर्फ बच्चों तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं और बुजुर्गों को भी परेशान कर रही है। ऐसे में यह समझना जरूरी हो जाता है कि दूध वास्तव में खांसी को बढ़ाता है या नहीं। इस बारे में सही जानकारी के लिए हमने जयपुर स्थित Angelcare-A Nutrition and Wellness Center की निदेशक, डाइटिशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन से बात की-

खांसी में ठंडा दूध पीना सही या गलत?

डाइटिशियन अर्चना जैन बताती हैं कि दूध अपने आप में खांसी की वजह नहीं बनता, लेकिन इसे किस तापमान पर और किस समय लिया जा रहा है, यह काफी मायने रखता है।

  • डाइटिशियन अर्चना जैन के अनुसार, ठंडा दूध पीने से गले और श्वसन तंत्र में ठंडक बढ़ जाती है, जिससे कुछ लोगों में खांसी के लक्षण बढ़ सकते हैं।
  • खासकर जिन लोगों को कफ वाली खांसी या एलर्जी की समस्या होती है, उनके लिए ठंडा दूध बलगम को गाढ़ा कर सकता है।
  • हालांकि, यह असर हर व्यक्ति में एक जैसा नहीं होता।
  • डाइटिशियन अर्चना जैन के अनुसार, जिन लोगों को सूखी खांसी या गले में सिर्फ हल्की खराश होती है, उन पर ठंडे दूध का असर कम देखने को मिलता है लेकिन बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को खांसी के दौरान ठंडा दूध पीने से बचना चाहिए।

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खांसी में दूध पीने का सही तरीका क्या है?

अगर खांसी के दौरान दूध पीना है, तो उसका सही तरीका अपनाना जरूरी है। डाइटिशियन अर्चना जैन सलाह देती हैं कि दूध को हल्का गुनगुना करके पीना बेहतर होता है। इसमें हल्दी या थोड़ी सी काली मिर्च मिलाने से इसके फायदे और बढ़ सकते हैं। रात के समय ठंडा दूध पीने से खासतौर पर परहेज करना चाहिए।

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खांसी में किन लोगों को दूध से परहेज करना चाहिए?

कुछ लोगों को खांसी के दौरान दूध बिल्कुल नहीं लेना चाहिए। डाइटिशियन अर्चना जैन के मुताबिक, जिन लोगों को दूध से एलर्जी, लैक्टोज इनटॉलरेंस या बहुत ज्यादा बलगम की समस्या रहती है, उन्हें खांसी के दौरान दूध से दूरी बनानी चाहिए। इसके अलावा अस्थमा के मरीजों को भी दूध लेने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।

निष्कर्ष

कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि ठंडा दूध पीने से खांसी कुछ लोगों में बढ़ सकती है, खासकर कफ वाली खांसी में। डाइटिशियन अर्चना जैन के अनुसार, खांसी के दौरान दूध को पूरी तरह छोड़ने की जरूरत नहीं है, बल्कि इसे सही तापमान और सही तरीके से लेना ज्यादा जरूरी है। हर व्यक्ति का शरीर अलग होता है, इसलिए अपनी स्थिति के अनुसार ही दूध का सेवन करना समझदारी भरा कदम है।

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FAQ

  • क्या ठंडा दूध पीने से खांसी बढ़ सकती है?

    कुछ लोगों में खांसी या कफ की समस्या होने पर ठंडा दूध पीने से गले में बलगम बढ़ सकता है, जिससे खांसी ज्यादा हो सकती है। इसे गुनगुना करके पीना फायदेमंद माना जाता है।
  • दूध कब नहीं पीना चाहिए?

    दूध पीना उन लोगों के लिए सुरक्षित नहीं होता जिन्हें लैक्टोज इनटॉलरेंस, दूध एलर्जी या पाचन संबंधी समस्या है। ऐसे लोग दूध पीने से परहेज करें।
  • दूध पीने से बलगम क्यों बढ़ता है?

    ठंडा दूध शरीर में शीतलता बढ़ाता है, जिससे गले और श्वसन तंत्र में बलगम जम सकता है। यह खासकर कफ वाली खांसी में समस्या बढ़ा सकता है।

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Akanksha Tiwari

Health & Lifestyle Journalist

आकांक्षा तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। वह पोषण, आयुर्वेद, प्रेगनेंसी, हार्ट हेल्थ और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखती हैं और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास करती हैं। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह India TV, India Ahead और News Nation के साथ काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Feb 01, 2026 12:02 IST

    Modified By : Akanksha Tiwari
  • Feb 01, 2026 12:02 IST

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