Mon Oct 19, 2026 | 01:17 PM IST

Medically Reviewed by Dr Sunil Kumar K , Pulmonology

खांसी में सफेद बलगम होने का क्या मतलब है? खुद डॉक्टर से जानें

खांसी में सफेद बलगम आना सिर्फ फेफड़ों का कफ नहीं है बल्कि, यह समस्या GERD से परेशान लोगों को भी हो सकती है। इसके अलावा भी इसके कई कारण हैं, जानते हैं इस बारे में विस्तार से।
खांसी में सफेद बलगम होने का क्या मतलब है? खुद डॉक्टर से जानेंखांसी में सफेद बलगम होने का क्या मतलब है? खुद डॉक्टर से जानें

खांसी के दौरान बहुत से लोगों को रह-रहकर कफ आने की समस्या होती है और कई बार लोग कफ के रंग को देखकर परेशान हो जाते हैं कि यह समस्या हो क्यों रही है? आमतौर पर कफ दो प्रकार के होते हैं पहला सफेद कफ और दूसरा पीला कफ। शुरुआती खांसी में सफेद कफ आ सकता है और कई बार खांसी पुरानी होने पर कफ का रंग पीला पड़ जाता है। हालांकि, मेडिकल एक्सपर्ट इसे लेकर क्या कहते हैं? इस बारे में जानने के लिए हमने Dr. Sunil Kumar K, Lead Consultant - Interventional Pulmonology, Aster CMI Hospital, Bengaluru से बात की, जिन्होंने यह भी बताया कि कफ को लेकर हमें कब डॉक्टर के पास जाना चाहिए?

खांसी में सफेद बलगम आने का कारण

Dr. Sunil Kumar K कहते हैं कि सफेद बलगम, श्वसन मार्ग यानी सांस की नली द्वारा बनने वाला एक तरह का म्यूकस है और खांसने से यह सांस की नली से बाहर निकल जाता है। सर्दी-जुकाम जैसे सामान्य वायरल श्वसन संक्रमण के दौरान या सांस की नली में जलन होने पर, यह सफेद या धुंधला दिखाई दे सकता है।

क्या सफेद बलगम वायरल संक्रमण का संकेत है?

इस सवाल पर डॉ. सुनील कहते हैं कि हां, सफेद बलगम वायरल इंफेक्शन का भी कारण हो सकता है। इसके अन्य कारणों में एलर्जी, अस्थमा, धूल या प्रदूषण के संपर्क में आना और सांस संबंधी पुरानी बीमारियां शामिल हो सकती हैं। सफेद बलगम का मतलब यह नहीं है कि संक्रमण बैक्टीरियल ही है और न ही केवल इसके रंग से यह पता चलता है कि बीमारी कितनी गंभीर है। बलगम की मात्रा, खांसी कितने समय तक रहती है, साथ में दिखने वाले अन्य लक्षण और व्यक्ति का मेडिकल इतिहास—ये सभी बातें बीमारी के सही कारण का पता लगाने में ज्यादा मददगार होती हैं।

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खांसी में सफेद बलगम आना किस समस्या का संकेत

डॉ. सुनील कहते हैं कि खांसी में सफेद बलगम होने का मतलब है कि सांस की नलियों में सूजन है शरीर में पानी की कमी होने पर बलगम गाढ़ा या चिपचिपा सफेद हो गया है। इसके अलावा

  • अस्थमा के मरीजों को सफेद बलगम के साथ घरघराहट, छाती में जकड़न या सांस लेने में तकलीफ हो सकती है।
  • क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD) वाले लोगों को लगातार खांसी हो सकती है और बलगम बन सकता है।
  • 'पोस्टनेसल ड्रिप', जिसमें नाक से बलगम गले के पिछले हिस्से में गिरता है इसकी वजह से भी खांसी हो सकती है, खासकर रात के समय।
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डॉक्टर की सलाह: कब बलगम वाली खांसी गंभीर हो सकती है?

अगर खांसी तीन हफ्ते से ज्यादा समय तक बनी रहे, बार-बार वापस आए या इसके साथ बुखार, बिना किसी स्पष्ट कारण के वजन कम होना, रात में पसीना आना या सांस लेने में तकलीफ का बढ़ना जैसे लक्षण दिखें, तो डॉक्टर से सलाह लें। फेफड़ों की पहले से कोई बीमारी होने पर, अगर लक्षणों में कोई बदलाव दिखे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। अगर सांस लेने में बहुत ज्यादा दिक्कत हो या छाती में भारीपन महसूस हो, तो तुरंत इमरजेंसी मेडिकल मदद लें, भले ही बलगम सफेद ही क्यों न हो।

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Scandinavian Journal of Primary Health Care नामक इस स्टडी की मानें तो बलगम (Sputum) का पीला या हरा रंग होना यह साबित नहीं करता कि मरीज को कोई बैक्टीरियल इंफेक्शन हुआ है। यह वायरल संक्रमण में भी आम हो सकता है। पीले या हरे बलगम और बैक्टीरियल संक्रमण के बीच संबंध बहुत कमजोर होता है, इसलिए केवल इसके आधार पर डॉक्टर किसी बीमारी की पक्की पुष्टि नहीं कर सकते।

बलगम से राहत पाने के लिए डॉक्टरी सुझाव

डॉ. सुनील कहते हैं कि पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ पीने, धूम्रपान से बचने और धूल या अन्य परेशान करने वाली चीजों से दूर रहने से लक्षणों में राहत मिल सकती है। हालांकि, सफेद बलगम के लिए आमतौर पर एंटीबायोटिक्स की जरूरत नहीं होती है, और खांसी की दवाएं समस्या के मूल कारण के आधार पर चुनी जानी चाहिए।

निष्कर्ष:

डॉ. सुनील कहते हैं कि भारत में, अगर दो हफ्ते या उससे ज्यादा समय तक लगातार खांसी रहे खासकर बुखार, रात में पसीना आना, वजन कम होना, दर्द, होंठों का नीला पड़ना या भ्रम की स्थिति जैसे लक्षणों के साथ तो यह टीबी का संकेत हो सकता है और इसकी जांच करानी चाहिए। डॉक्टर द्वारा शारीरिक जांच और जरूरत पड़ने पर छाती की इमेजिंग (जैसे एक्स-रे) या बलगम की जांच से समस्या के कारण का पता लगाने में मदद मिल सकती है।

FAQ

  • बलगम वाली खांसी में क्या खाना चाहिए?

    बलगम वाली खांसी में आपको कुछ फूड्स के सेवन से बचना चाहिए जैसे दूध से बनी चीजों से और ठंडी चीजों के सेवन से जो कि बलगम बढ़ा सकते हैं। 
  • बहुत ज्यादा बलगम वाली खांसी हो तो क्या करें?

    बहुत ज्यादा बलगम वाली खांसी हो तो आपको सबसे पहले डॉक्टर को दिखाना चाहिए और भाप लेना चाहिए जिससे फेफड़ों का कफ पिघले। इसके अलावा लौंग की चाय पिएं। 

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Pallavi Kumari

चीफ सब-एडिटर

पल्लवी,  हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 8 साल का अनुभव रखती हैं। शुरुआती कई सालों तक All India Radio में सक्रिय रहीं, फिर विभिन्न वेब पोर्ट्ल्स जैसे TheHealthsite, Indiatv और Jansatta के लिए हेल्थ, लाइफस्टाइल, धर्म, स्त्री विमर्श और साहित्य से जुड़े विषयों पर खूब लिखा और संपादन किया। फिलहाल ओनलीमायहेल्थ में चीफ सब एडिटर के पद पर रहते हुए ये हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े गंभीर विषयों को आमजन की सरल-सहज भाषा में परोसने का काम कर रही हैं। इन लेखों को विश्वसनीय और तथ्यपरक बनाने के लिए ये न सिर्फ विषयों पर गहन शोध करती हैं बल्कि, एक्सपर्ट्स और डॉक्टर्स से बात भी करती हैं। Editorial Policy: पल्लवी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Oct 19, 2026 11:54 IST

    Published By : Pallavi Kumari
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