अक्सर सर्दी-जुकाम होने पर छाती में बलगम जम जाता है। खान-पान और आदतों में बदलाव करके इस समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है। कई मामलों में डॉक्टर की जांच भी जरूरी हो जाती है, ताकि छाती में जमा बलगम निकाला जा सके। बहरहाल, आप यह नोटिस करें कि कहीं आपकी छाती में बार-बार बलगम तो नहीं जम रहा है? असल में, यह किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है। सवाल है, क्या इसका कनेक्शन फेफड़ों से हो सकता है?
इस बारे में हमने Dr. Neetu Jain, Senior Consultant – Pulmonary, Critical Care, PSRI Hospital बताती हैं, "अगर छाती में बार-बार बलगम जम रहा है, तो इस स्थिति को हल्के में न लें। यह लंग या रेस्पिरेटरी सिस्टम से जुड़ी गंभीर समस्या हो सकती है। ऐसे में समय पर सही ट्रीटमेंट न मिले, तो संभवतः बीमारी गंभीर हो सकती है।"
बार-बार छाती में बलगम जमना फेफड़ों की किस समस्या का संकेत है?- Is Frequent Mucus Buildup A Sign Of Lung Problem
Is Frequent Mucus Buildup a Sign Of Lung Problem
क्रॉनिक ऑब्स्ट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (Chronic Obstructive Pulmonary Disease-COPD)
Dr. Neetu Jain के अनुसार, "इसे हम हिंदी में काला दमा भी कहते हैं। यह एक गंभीर और क्रॉनिक बीमारी है। इस समस्या में एयरवेज में सूजन आ जाती है, जिससे वे पतली हो जाती हैं। ऐसे में हवा आने-जाने में मुश्किल होती है।" National Heart, Lung, and Blood Institute के अनुसार, क्रॉनिक ऑब्स्ट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज यानी सीओपीडी में सीने में बार-बार बलगम जमना एक प्रमुख लक्षण है।
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अस्थमा (Asthma)
Is Frequent Mucus Buildup a Sign Of Lung Problems
American Lung Association के अनुसार, अस्थमा एक गंभीर और जानलेवा बीमारी है। बदलते मौसम में अक्सर अस्थमा के लक्षण ट्रिगर हो जाते हैं, जिसकी वजह से मरीजों की छाती में बार-बार बलगम जमा होने लगता है। ध्यान रखें कि अस्थमा का कोई स्थायी इलाज नहीं है। इसे सिर्फ मैनेज किया जा सकता है। दरअसल, अस्थमा के कारण एयरवेज में सूजन आ जाती है, जिससे मरीज के लिए खुलकर सांस लेना काफी मुश्किल हो जाता है। ऐसे में मरीज को लंग्स से जुड़ी समस्या हो जाती है।
ब्रोंकिएक्टेसिस (Bronchiectasis)
Dr. Neetu Jain बताती हैं, "यह भी लंग्स से जुड़ी एक गंभीर और क्रॉनिक बीमारी है। आपको जानकर हैरानी होगी कि इस बीमारी में एयरवेज स्थायी रूप से फैल सकती हैं, उसमें सूजन आ सकती है और बार-बार बलगम भी जमा हो सकता है। विशेषज्ञ बताते हैं कि सिस्टिक फाइब्रोसिस से पीड़ित व्यक्ति में आगे चलकर ब्रोंकिएक्टेसिस (फेफड़ों की नलियों का स्थायी नुकसान) विकसित होने का जोखिम सबसे अधिक होता है। इससे निपटने के लिए आवश्यक है कि व्यक्ति अपनी इम्यूनिटी को बूस्ट करे। कमजोर इम्यूनिटी वालों में यह संक्रमण बार-बार होता रहता है।"
सिस्टिक फाइब्रोसिस (Cystic Fibrosis)
यह एक तरह की आनुवंशिक बीमारी है। यह बीमारी होने पर लंग्स और एयरवेज में गाढ़ा और स्टिकी बलगम जमा हो जाता है। Mayo Clinic के अनुसार यह बीमारी उन सेल्स को प्रभावित करती है, जो बलगम, पसीना और डाइजेस्टिव जूस बनाती हैं। ये सभी तरल पदार्थ शरीर के इंटरनल ट्यूब्स को सुरक्षा प्रदान करते हैं और रास्तों को स्मूद बनाए रखते हैं। वहीं, सिस्टिक फाइब्रोसिस एक ऐसी कंडीशन है, जिसे सही समय पर ट्रीटमेंट और देखरेख की जरूरत है। सही केयर न मिलने पर मरीज की स्थिति बिगड़ती चली जाती है।
बार-बार संक्रमण या निमोनिया (Recurring Infections)
अगर आपको रेस्पिरेटरी सिस्टम से जुड़ी परेशानी है, तो छाती में बार-बार संक्रमण होने का जोखिम तो बना रहता है, साथ ही निमोनिया भी हो सकता है। Dr. Neetu Jain बताती हैं कि अगर किसी को एक साल में दो या इससे अधिक बार निमोनिया होता है, तो इसे बार-बार होने वाला संक्रमण कहा जाता है। यह समस्या लंग्स और एयरवेज से जुड़ी परेशानियों के कारण हो सकती है। इसकी अनदेखी नहीं करनी चाहिए। यह मरीज के लिए जानलेवा भी हो सकती है।
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कब जाएं डॉक्टर के पास?- When To Visit A Doctor In Hindi
अगर छाती में बार-बार बलगम जम रहा है, तो अपनी स्थिति को इग्नोर न करें। बेहतर होगा कि आप यहां बताए गए लक्षणों पर गौर करें और तुरंत डॉक्टर के पास जाएं-
- सांस लेने में तकलीफ।
- सांस लेते हुए सीटी जैसी आवाज आना।
- सीने में दर्द और जकड़न महसूस होना।
- बुखार, कंपकंपी और रात में पसीना आना।
- बलगम का रंग पीला या हरा होना।
- बलगम के साथ खून निकलना।
- अचानक वजन का कम होना।
- बहुत ज्यादा थकान महसूस होना।
निष्कर्ष
अगर बार-बार छाती में बलगम जम रहा है, तो इसकी अनदेखी न करें। यह कई गंभीर बीमारियों की ओर इशारा करता है। इसमें अस्थमा, सिस्टिक फाइब्रोसिस आदि बीमारियां शामिल हैं। ध्यान रखें कि इनमें से कुछ बीमारियां न सिर्फ गंभीर हैं, बल्कि जानेलवा भी हैं और उनका कोई स्थायी इलाज नहीं है। इसलिए, बार-बार छाती में जम रहे बलगम को इग्नोर न करें। अगर लंबे समय से यह बीमारी चल रही है, तो समय पर डॉक्टर से अपना ट्रीटमेंट करवाएं।
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FAQ
छाती में जमे गाढ़े बलगम से छुटकारा पाने के लिए क्या करें?
दिन में 2 से 3 बार स्टीम लें और दिन भर में पर्याप्त गुनगुना पानी पिएं। इससे बलगम पतला होकर आसानी से बाहर निकल जाता है।फेफड़ों की कार्यक्षमता की जांच करने के लिए कौन सा टेस्ट किया जाता है?
स्पायरोमेट्री (पल्मोनरी फंक्शन टेस्ट - PFT) और छाती के सीटी स्कैन के जरिए फेफड़ों की कार्यक्षमता की जांच की जाती है।
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Nov 02, 2026 16:34 IST
Modified By : Meera Tagore Nov 02, 2026 16:34 IST
Modified By : Meera TagoreNov 02, 2026 16:34 IST
Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dr Neetu Jain
