Food For Bronchitis: ब्रोंकाइटिस की बीमारी, फेफड़ों से जुड़ी एक गंभीर समस्या है जो कि लोगों को रह-रहकर परेशान कर सकती है। जिन लोगों को भी ब्रोंकाइटिस होता है उन्हें लंबे समय तक खूखी खांसी होती है और सांस लेने से जुड़ी समस्याओं का भी सामना करना पड़ता है। हालांकि, दवाओं के साथ इस बीमारी को कंट्रोल किया जा सकता है लेकिन रिकवरी के लिए कुछ फूड्स का सेवन करना बेहद जरूरी हो जाता है। ऐसे में ब्रोंकाइटिस के मरीजों को खान-पान कैसा होना चाहिए इस बारे में हमने Dr. Sunil Kumar K, Lead Consultant - Interventional Pulmonology, Aster CMI Hospital, Bangaluru से जाना।
ब्रोंकाइटिस में क्या खाएं?
Dr. Sunil Kumar K कहते हैं कि अगर आपको ब्रोंकाइटिस है, तो आपकी डाइट का मुख्य मकसद शरीर में पानी की कमी न होने देना, इम्यून सिस्टम को मजबूत करना और शरीर को ठीक होने में मदद करना होना चाहिए। इसलिए
1. तरह पदार्थों का सेवन करें
डॉ. सुनील बताते हैं कि ब्रोंकाइटिस में आपको तरह पदार्थों का सेवन करना चाहिए। आप खूब पानी पिएं और गर्म चीजे जैसे
- साफ सूप
- रसम
- हर्बल चाय
- गर्म पानी लें।
दरअसल, ब्रोंकाइटिस में तरल पदार्थों को लेना इसलिए जरूरी है क्योंकि ये गला सूखने से रोकते हैं और खराश कम करते हैं। इससे गले को राहत मिलती है और खांस कमी होती है। इसके अलावा ये तमाम चीजें फेफड़ों में गर्माहट पैदा करती है जो कि ब्रोंकाइटिस के मरीजों को थोड़ा बेहतर महसूस करवा सकती है।
इसे भी पढ़ें: बार-बार किसी को ब्रोंकाइटिस हो तो दिल्ली-NCR में रहते हुए इन बातों का रखें ध्यान, खुद Pulmonologist ने शेयर किया
2. ब्रोंकाइटिस में कौन सी सब्जियां खानी चाहिए?
डॉ. सुनील कहते हैं कि ब्रोंकाइटिस में आपको संतुलित डाइट पर खास ध्यान देना चाहिए और इसलिए डाइट में आपको तमाम सब्जियों और फलों को शामिल करना चाहिए जैसे सब्जियों की बात करें तो
- पालक, केल और मेथी का सेवन करना चाहिए। इनमें मैग्नीशियम और कैरोटीनॉयड होते हैं जो ब्रोन्कियल मांसपेशियों को आराम देने और फेफड़ों के ऊतकों में ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करने में मदद करते हैं।
- चुकंदर जिनमें नाइट्रेट की उच्च मात्रा होती है और ये फेफड़ों के फंक्शन को सहारा देते हुए ब्लड सर्कुलेशन और ऑक्सीजन की मात्रा में सुधार करते हैं।
- आप टमाटर और शिमला मिर्च खा सकते हैं जो कि विटामिन सी और लाइकोपीन से भरपूर, ये शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट के रूप में कार्य करते हैं जो श्वसन मार्ग में सूजन को कम करते हैं।
- लहसुन और अदरक का सेवन करें जो कि एंटी इंफ्लेमेटरी हैं और कंजेशन को दूर करके इम्यूनिटी बूस्ट करने में मददगार हैं।
3. ब्रोंकाइटिस में कौन सा फल खाना चाहिए?
इस पर डॉ. सुनील कहते हैं कि ब्रोंकाइटिस में आप फल जैसे संतरा, अमरूद, सेब और बेरी का सेवन कर सकते हैं। इनमें कई प्रकार के एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो कि फेफड़ों को साफ करने के साथ इम्यूनिटी बढ़ाने में मददगार हैं।
4. प्रोटीन वाली चीजें खाएं
ब्रोंकाइटिस में आपको दाल, बीन्स, पनीर, अंडे और दही का सेवन करना चाहिए। ये तमाम चीजें शरीर की हीलिंग में मदद करते हैं और इम्यूनिटी बढ़ाते हैं। इन्हें खाने से शरीर की गर्मी बढ़ती है, फेफड़ों का फंक्शन बेहतर होता है और इनकी हीलिंग में मदद मिलती है।
इसके अलावा आप साबुत अनाज जैसे ओट्स, ब्राउन राइस और मिलेट्स को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। साथ ही ध्यान रखें कि विटामिन C, विटामिन A, जिंक और दूसरे पोषक तत्वों से भरपूर खाना इम्यून सिस्टम को ठीक से काम करने में मदद कर सकता है, जबकि गर्म चीजें गले की खराश से कुछ समय के लिए राहत दे सकती हैं और बलगम को ढीला करने में मदद कर सकती हैं, हालांकि सिर्फ खाने से ब्रोंकाइटिस ठीक नहीं हो सकता।

इसे भी पढ़ें: एसिडिटी की तरह महसूस होता है ब्रोंकाइटिस का ये लक्षण, बनता है सीने में जलन का कारण
ब्रोंकाइटिस में क्या नहीं खाएं?
डॉक्टर बताते हैं कि ब्रोंकाइटिस के लिए कोई खास डाइट नहीं है, लेकिन ऐसी चीजों से बचना या उन्हें कम करना समझदारी है जिनसे आपके लक्षण और बिगड़ सकते हैं। इनमें शामिल हैं
- शराब क्योंकि इससे डिहाइड्रेशन हो सकता है और यह कुछ दवाओं के असर में रुकावट डाल सकती है।
- स्मोकिंग और दूसरों के धुएं के संपर्क में आना क्योंकि इनसे सांस की नली में और जलन हो सकती है। Medicine जर्नल की इस स्टडी में बताया गया है कि 10 साल पहले की तुलना में अब शराब का अधिक सेवन ब्रोंकाइटिस के खतरे को बढ़ाता है।
- बहुत ज्यादा मीठा और ज्यादा प्रोसेस्ड खाना भी ब्रोंकाइटिस की दिक्कत बढ़ा सकती है क्योंकि इनमें शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्व कम होते हैं।
- बहुत ज्यादा तेल वाला, तला-भुना या मसालेदार खाना खाने से बचें। इनसे एसिडिटी, जी मिचलाना या खांसी की समस्या बढ़ सकती है।
ठंडी चीजों और डेयरी प्रोडक्ट्स से अपने-आप बचने की जरूरत नहीं है, क्योंकि इस बात का कोई ठोस सबूत नहीं है कि दूध या दही (Is curd good for bronchitis) से बलगम ज्यादा बनता है लेकिन अगर किसी खास खाने की चीज से गले में बेचैनी होती है या एसिडिटी बढ़ती है, तो आप कुछ समय के लिए उसे कम कर सकते हैं।
निष्कर्ष:
पल्मोनोलॉजिस्ट इस बात पर जोर देंगे कि खाने-पीने के कड़े नियमों का पालन करने से ज्यादा जरूरी है शरीर में पानी की कमी न होने देना, भरपूर आराम करना, पौष्टिक खाना खाना और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की बताई दवाएं लेना। ब्रोंकाइटिस के मरीजों को डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए अगर उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो, लगातार या बढ़ता हुआ बुखार हो, सीने में दर्द हो, खांसने पर खून आए, होंठ नीले पड़ जाएं, उलझन महसूस हो, या खांसी ठीक होने के बजाय बनी रहे या और खराब हो जाए खासकर बुज़ुर्गों, छोटे बच्चों या फेफड़ों की पहले से कोई बीमारी वाले लोगों में।
एक्यूट ब्रोंकाइटिस अक्सर वायरल इन्फेक्शन की वजह से होता है और आम तौर पर समय के साथ ठीक हो जाता है, इसलिए एंटीबायोटिक्स की जरूरत हमेशा नहीं पड़ती, जब तक कि डॉक्टर को बैक्टीरियल इंफेक्शन या ऐसी कोई और स्थिति न दिखे जिसके लिए उनकी जरूरत हो।
Image credit: Freepik
FAQ
फेफड़ों में इन्फेक्शन होने के बाद क्या खाना चाहिए?
फेफड़ों में इंफेक्शन होने के बाद आपको ज्यादा से ज्यादा गर्म और एंटी इंफ्लेमेटरी चीजों को सेवन करना चाहिए जो कि फेफड़ों की सूजन कम करने के साथ इंफेक्शन कम करने में मदद करते हैं जैसे अदरक, लौंग, काली मिर्च, मुलेठी और गिलोय।कौन सी चीज खाने से फेफड़े मजबूत होते हैं?
फेफड़ों की मजबूती के लिए आप ड्राई फ्रूट्स, ताजे फल और मीट का सेवन कर सकते हैं जो फेफड़ों को मजबूती देते हैं।
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
-
Current Version
Sep 03, 2026 22:43 IST
Published By : Pallavi Kumari
Reviewed By : Dr Sunil Kumar K