Fri Sep 11, 2026 | 07:32 PM IST

Medically Reviewed by Dr Sunil Kumar K , Pulmonology

बार-बार किसी को ब्रोंकाइटिस हो तो दिल्ली-NCR में रहते हुए इन बातों का रखें ध्यान, खुद Pulmonologist ने शेयर किया

Recurrent bronchitis: अगर आप उन लोगों में हैं जो कि दिल्ली-NCR में रहते हैं और बार-बार होते ब्रोंकाइटिस से परेशान हैं तो आपको डॉक्टर के बताय इन टिप्स को फॉलो करना चाहिए।

Recurrent bronchitis: दिल्ली-NCR में रहने वाले साल के आधे महीने प्रदूषित हवा में सांस लेते हैं और इसी के साथ मौसमी बदलाव कमजोर फेफड़ों वाले लोगों को ज्यादा परेशान करता है। खासकर कि बात करें तो जिन लोगों को अस्थमा, निमोनिया और ब्रोंकाइटिस की दिक्कत पहले से रही है वो हर बदलते मौसम में बहुत परेशान रहते हैं। इन लोगों की बीमारियां हर कुछ दिनों पर लौट आती हैं। इसलिए आज हमने Dr. Sunil Kumar K, Lead Consultant - Interventional Pulmonology, Aster CMI Hospital, Bangalore से उन लोगों के बारे में बात की जो कि बार-बार ब्रोंकाइटिस के शिकार हो जाते हैं। साथ ही जानें कि बार-बार ब्रोंकाइटिस होने से कैसे बचें (how to prevent recurring bronchitis)

अगर किसी को बार-बार ब्रोंकाइटिस हो तो क्या करना चाहिए-How to prevent getting bronchitis again

Dr. Sunil Kumar K बताते हैं कि अगर किसी को बार-बार ब्रोंकाइटिस होता है, तो कुछ आसान बचाव के उपाय अपनाने से दोबारा बीमार होने की संभावना कम हो सकती है। सबसे पहले, स्मोकिंग से बचें और पैसिव तरीके से निकलने वाले धुएं से दूर रहें, क्योंकि धुआं श्वसन मार्ग में जलन पैदा करता है और फेफड़ों को कमजोर बनाता है। प्रदूषित हवा, धूल और तेज रासायनिक गंध से बचने की कोशिश करें क्योंकि ये खांसी और सांस लेने में तकलीफ पैदा कर सकते हैं। भीड़भाड़ वाली या धूल भरी जगहों पर मास्क पहनना फायदेमंद हो सकता है।

इंफेक्शन से बचें

डॉ. सुनील बताते हैं कि बार-बार होने वाली ब्रोंकाइटिस का एक कारण इंफेक्शन भी है। ऐसे में इंफेक्शन से बचने के लिए नियमित रूप से साबुन और पानी से हाथ धोएं, क्योंकि वायरस और बैक्टीरिया ब्रोंकाइटिस का एक आम कारण हैं। बिना धोए हाथों से चेहरे को छूने से बचें। सर्दी, फ्लू या सीने में संक्रमण वाले लोगों से दूर रहने की कोशिश करें।

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हर साल फ्लू का टीका लें

दरअसल, अगर आप उन लोगों में हैं जिन्हें रह-रहकर ब्रोंकाइटिस की दिक्कत होती है तो आपको हर साल फ्लू का टीका लगवाना और डॉक्टर की सलाह पर निमोनिया का टीका लगवाना फेफड़ों की रक्षा कर सकता है। इससे आपकी इम्यूनिटी कुछ इस तरह से तैयार हो जाती है कि आपको बार-बार ब्रोंकाइटिस ट्रिगर न करे।

recurrent bronchitis

इम्यूनिटी बूस्टर फूड्स का सेवन करें

डॉक्टर की सलाह है कि फल, सब्जियां, मेवे और साबुत अनाज युक्त पौष्टिक आहार खाकर अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत रखें। बलगम को पतला रखने और फेफड़ों से आसानी से निकालने के लिए पर्याप्त पानी पिएं। अगर बहुत ठंडे पेय पीने से खांसी होती है, तो उनसे बचें। हर रात पर्याप्त नींद लें, क्योंकि आराम शरीर को संक्रमण से बेहतर तरीके से लड़ने में मदद करता है।

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फेफड़ों को मजबूत करने वाली एक्सरसाइज करें

फेफड़ों की मजबूती और समग्र स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए नियमित रूप से एक्सरसाइज करें, जैसे चलना या हल्का योग। फेफड़ों को साफ रखने के लिए गहरी सांस लेने वाली ब्रीदिंग एक्सरसाइज पर ध्यान दें। हालांकि, ठंडी या प्रदूषित हवा में इंटेंस एक्सरसाइज करने से बचें।

अपने घर को साफ और हवादार रखें। घर के अंदर धूल, फफूंद और नमी को कम करें। अगर हवा बहुत शुष्क है तो ह्यूमिडिफायर का उपयोग करना फायदेमंद हो सकता है, लेकिन इसे नियमित रूप से साफ करते रहें। अगर आपको एलर्जी या एसिड रिफ्लक्स है, तो उसका इलाज करें, क्योंकि ये दोनों ब्रोंकाइटिस के लक्षणों को बढ़ा सकते हैं। अंत में, अगर आपको लगातार खांसी, बुखार या सांस लेने में तकलीफ हो तो जल्द से जल्द डॉक्टर से मिलें, ताकि समय पर इलाज शुरू हो सके।

FAQ

  • ब्रोंकाइटिस के लिए कौन सा फल सबसे अच्छा है?

    विटामिन सी से भरपूर फल जैसे संतरे, नींबू और अनार ब्रोंकाइटिस में फायदेमंद हो सकता है। यह ब्रोंकाइटिस में सूजन को कम करता है और आपको बेहतर महसूस करने में मदद कर सकता है।
  • ब्रोंकाइटिस को तेजी से कैसे ठीक करें?

    ब्रोंकाइटिस को तेजी से ठीक करने के लिए आप भाप लें और नमक के पानी का गरारा करें। इसके अलावा लौंग की चाय पिएं जो कि कफ तोड़ने के साथ इस बीमारी से जल्दी रिकवरी में मदद करे।
  • ब्रोंकाइटिस कितने दिनों में ठीक हो जाता है?

    ब्रोंकाइटिस को ठीक होने में लंबा समय भी लग सकता है और कई बार ये हफ्तों तक चलता है। इस हिसाब से किसी भी मरीज को ठीक होने में हफ्ते से लेकर 20 दिन तक का समय लग सकता है।

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Pallavi Kumari

Pallavi Kumari

चीफ सब-एडिटर

पल्लवी,  हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 8 साल का अनुभव रखती हैं। शुरुआती कई सालों तक All India Radio में सक्रिय रहीं, फिर विभिन्न वेब पोर्ट्ल्स जैसे TheHealthsite, Indiatv और Jansatta के लिए हेल्थ, लाइफस्टाइल, धर्म, स्त्री विमर्श और साहित्य से जुड़े विषयों पर खूब लिखा और संपादन किया। फिलहाल ओनलीमायहेल्थ में चीफ सब एडिटर के पद पर रहते हुए ये हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े गंभीर विषयों को आमजन की सरल-सहज भाषा में परोसने का काम कर रही हैं। इन लेखों को विश्वसनीय और तथ्यपरक बनाने के लिए ये न सिर्फ विषयों पर गहन शोध करती हैं बल्कि, एक्सपर्ट्स और डॉक्टर्स से बात भी करती हैं। Editorial Policy: पल्लवी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jan 10, 2026 18:57 IST

    Modified By : Pallavi Kumari
  • Jan 10, 2026 18:57 IST

    Published By : Pallavi Kumari
    Reviewed By : Dr Sunil Kumar K

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