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Medically Reviewed by Dr Vineet Malhotra , Consultant Urologist, Andrologist & Microsurgeon

क्या बार-बार UTI होना किसी बड़ी समस्या का संकेत है? समझें डॉक्टर से

यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI) एक आम समस्या है, जो खासकर महिलाओं में ज्यादा देखी जाती है।  बार-बार UTI होना सिर्फ सामान्य इंफेक्शन नहीं है, यह किडनी या ब्लैडर की समस्या का संकेत हो सकता है।
क्या बार-बार UTI होना किसी बड़ी समस्या का संकेत है? समझें डॉक्टर सेक्या बार-बार UTI होना किसी बड़ी समस्या का संकेत है? समझें डॉक्टर से

यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI) एक सामान्य लेकिन परेशान करने वाली स्वास्थ्य समस्या है, जो महिलाओं में पुरुषों की तुलना में ज्यादा देखी जाती है। यह इंफेक्शन तब होता है जब बैक्टीरिया यूरिनरी सिस्टम यानी मूत्र मार्ग में प्रवेश कर जाते हैं और वहां सूजन व इंफेक्शन पैदा करते हैं। आमतौर पर यह समस्या दवा और सही देखभाल से ठीक हो जाती है, लेकिन जब यह बार-बार होने लगे तो इसे रिक्ररेंट UTI कहा जाता है। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या बार-बार UTI होना किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकता है? इस बारे में सही जानकारी के लिए हमने, Dr. Vineet Malhotra, Head of Urology at VNA Hospital, Delhi से बात की।

क्या बार-बार UTI होना किस समस्या का संकेत है?

डॉ. विनीत मल्होत्रा बताते हैं कि रिक्ररेंट UTI के कई कारण हो सकते हैं। इनमें गलत हाइजीन, कम पानी पीना, पेशाब रोककर रखना, फिजिकल एक्टिविटी के बाद साफ-सफाई की कमी और कमजोर इम्यून सिस्टम शामिल हैं। कुछ मामलों में डायबिटीज, किडनी स्टोन या यूरिनरी ट्रैक्ट में समस्या भी बार-बार इंफेक्शन का कारण बन सकती है। महिलाओं में हार्मोनल बदलाव और मेनोपॉज के बाद UTI का खतरा बढ़ सकता है। यदि इंफेक्शन बार-बार हो रहा है, तो यह जरूरी है कि इसके मूल कारण की जांच की जाए।

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  • डॉ. विनीत मल्होत्रा के अनुसार, यदि UTI बार-बार हो रहा है और समय पर इसका इलाज नहीं किया जाता, तो यह किडनी तक पहुंच सकता है और पायलोनेफ्राइटिस (Kidney Infection) जैसी गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है।
  • लंबे समय तक इंफेक्शन रहने से किडनी को नुकसान भी हो सकता है। हालांकि, हर केस गंभीर नहीं होता, लेकिन बार-बार इंफेक्शन होना शरीर के इम्यून सिस्टम या यूरिनरी सिस्टम में किसी असंतुलन का संकेत जरूर हो सकता है।
  • इसलिए यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI) की समस्या होने पर सही समय पर जांच और इलाज बेहद जरूरी है।

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recurrent uti infectionrecurrent uti infection

बार-बार UTI से कैसे बचा जा सकता है?

डॉ. विनीत मल्होत्रा बताते हैं कि UTI से बचाव के लिए सबसे जरूरी है पर्याप्त मात्रा में पानी पीना और नियमित रूप से यूरिन पास करना। साफ-सफाई का ध्यान रखना, टाइट कपड़े न पहनना और यौन संबंध के बाद हाइजीन का पालन करना भी जरूरी है। इसके अलावा, इम्यून सिस्टम मजबूत रखने के लिए हेल्दी बैलेंस डाइट और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनानी चाहिए। जिन लोगों को बार-बार UTI होता है, उन्हें डॉक्टर की सलाह के अनुसार चेकअप और दवा लेनी चाहिए।

निष्कर्ष

बार-बार UTI होना हमेशा गंभीर बीमारी नहीं होता, लेकिन यह शरीर में किसी अंदरूनी समस्या का संकेत हो सकता है। यदि समय पर ध्यान न दिया जाए, तो यह इंफेक्शन किडनी तक फैल सकता है और गंभीर समस्याएं पैदा कर सकता है। इसलिए डॉक्टर विनीत मल्होत्रा के अनुसार, बार-बार UTI होने पर जांच कराना, सही इलाज लेना और लाइफस्टाइल में सुधार करना बेहद जरूरी है।

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FAQ

  • क्या UTI किडनी को प्रभावित कर सकता है?

    हां, अगर इंफेक्शन बढ़ जाए तो यह किडनी तक फैल सकता है और गंभीर समस्या पैदा कर सकता है।
  • UTI के शुरुआती लक्षण क्या हैं?

    पेशाब में जलन, बार-बार पेशाब आना, पेट दर्द और बदबूदार यूरिन इसके लक्षण हैं।
  • UTI में कितना पानी पीना चाहिए?

    3-4 लीटर पानी पी सकते हैं, पर्याप्त पानी पीने से बैक्टीरिया शरीर से बाहर निकलने में मदद मिलती है।

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Akanksha Tiwari

Health & Lifestyle Journalist

आकांक्षा तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। वह पोषण, आयुर्वेद, प्रेगनेंसी, हार्ट हेल्थ और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखती हैं और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास करती हैं। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह India TV, India Ahead और News Nation के साथ काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jun 30, 2026 21:03 IST

    Modified By : Akanksha Tiwari
  • Jun 30, 2026 21:03 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
    Reviewed By : Dr Vineet Malhotra