Fri Sep 11, 2026 | 06:53 PM IST

Medically Reviewed by Dr Jayaditya Ghosh , Consultant Endocrinologist

बार-बार भूख लगना क्या इंसुलिन रेजिस्टेंस का संकेत है? जानें किन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

आजकल कई लोग इस समस्या से परेशान रहते हैं कि उन्हें खाने के थोड़ी ही देर बाद फिर से भूख लग जाती है। बार-बार भूख लगना ब्लड शुगर में उतार-चढ़ाव और इंसुलिन रेजिस्टेंस का संकेत हो सकता है।

आज की तेज रफ्तार जिंदगी में जल्दी-जल्दी भूख लगना एक आम समस्या बनती जा रही है। कई लोग यह महसूस करते हैं कि उन्होंने अभी-अभी खाना खाया है और कुछ ही देर बाद फिर से भूख लगने लगती है। कुछ लोगों को बार-बार मीठा खाने की क्रेविंग होती है, तो कुछ को लगातार स्नैक्स की जरूरत महसूस होती है। अक्सर लोग इसे सामान्य आदत या खराब डाइट का रिजल्ट मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यह शरीर के अंदर हो रहे हार्मोनल और मेटाबॉलिक बदलाव का संकेत भी हो सकता है। इस लेख में यशोदा हॉस्पिटल्स, हैदराबाद के एंडोक्राइनोलॉजिस्ट डॉ. जयादित्य घोष से जानिए, बार-बार भूख लगना क्या इंसुलिन रेजिस्टेंस का संकेत है?

बार-बार भूख लगना क्या इंसुलिन रेजिस्टेंस का संकेत है?

डॉ. जयादित्य घोष के अनुसार, बार-बार भूख लगना, खासकर मीठे या हाई-कार्ब फूड की क्रेविंग होना, इंसुलिन रेजिस्टेंस का एक संभावित संकेत हो सकता है। जब शरीर में ब्लड शुगर तेजी से बढ़ता और गिरता है, तो दिमाग बार-बार खाने का संकेत देता है। इससे व्यक्ति को लगता है कि वह जल्दी-जल्दी भूखा हो रहा है। हालांकि, केवल भूख लगने के आधार पर इंसुलिन रेजिस्टेंस का रिजल्ट नहीं निकाला जा सकता, क्योंकि इसके पीछे कई अन्य कारण भी हो सकते हैं।

इसे भी पढ़ें: क्या Insulin Resistance की समस्या होने पर वजन कम करना मुश्किल हो जाता है? डॉक्टर से क्या करें

  • डॉक्टर ज्यादित्य घोष के अनुसार, बहुत जल्दी भूख लगने के पीछे खराब डाइट, ज्यादा प्रोसेस्ड फूड का सेवन, नींद की कमी, तनाव, डिहाइड्रेशन और प्रोटीन की कमी जैसे कारण भी हो सकते हैं।
  • यदि भोजन में फाइबर और प्रोटीन की मात्रा कम हो, तो पेट जल्दी खाली महसूस होता है।
  • इसके अलावा थायराइड की समस्या, हार्मोनल असंतुलन और ज्यादा फिजिकल एक्टिविटी भी भूख बढ़ा सकती है। इसलिए इस लक्षण को केवल इंसुलिन रेजिस्टेंस से जोड़ना सही नहीं है।

इसे भी पढ़ें: इंसुलिन रेजिस्टेंस को कंट्रोल करने के लिए पिएं ये खास चाय, जानें रेसिपी और फायदे

frequent hunger insulin resistance

बचाव के तरीके

डॉक्टर ज्यादित्य घोष सलाह देते हैं कि बैलेंस डाइट लेना, जिसमें प्रोटीन, फाइबर और हेल्दी फैट शामिल हों, बहुत जरूरी है। रिफाइंड शुगर, सफेद आटा और प्रोसेस्ड फूड से बचना चाहिए। नियमित एक्सरसाइज, खासकर वॉक और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, इंसुलिन सेंसिटिविटी को बेहतर बनाती है। पर्याप्त नींद लेना और तनाव को कंट्रोल करना भी बेहद जरूरी है। दिनभर छोटे-छोटे और बैलेंस मील लेना भूख को कंट्रोल करने में मदद करता है।

डॉक्टर की सलाह

यदि बहुत जल्दी भूख लगने के साथ-साथ वजन बढ़ना, पेट के आसपास चर्बी जमा होना, थकान, सुस्ती, बार-बार मीठा खाने की इच्छा, और ब्लड शुगर में उतार-चढ़ाव जैसे लक्षण दिखाई दें, तो यह इंसुलिन रेजिस्टेंस का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में ब्लड शुगर और इंसुलिन लेवल की जांच कराना जरूरी है। समय पर पहचान न होने पर आगे चलकर यह टाइप 2 डायबिटीज का जोखिम बढ़ा सकता है।

निष्कर्ष

डॉक्टर ज्यादित्य घोष के अनुसार, बहुत जल्दी भूख लगना हमेशा इंसुलिन रेजिस्टेंस का संकेत नहीं होता, लेकिन यह शरीर में हो रहे मेटाबॉलिक बदलाव का एक चेतावनी संकेत जरूर हो सकता है। सही खानपान, नियमित एक्सरसाइज और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाकर इस समस्या को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है। यदि लक्षण लगातार बने रहें, तो डॉक्टर से जांच कराएं।

All Image Credit- magnific

FAQ

  • इंसुलिन रेसिस्टेंस क्या होता है?

    यह वह स्थिति है जब शरीर की सेल्स इंसुलिन के प्रति कम सेंसिटिव हो जाती हैं।
  • इंसुलिन रेसिस्टेंस के लक्षण क्या हैं?

    वजन बढ़ना, थकान, पेट के आसपास फैट और मीठे की क्रेविंग इसके लक्षण हो सकते हैं।
  • क्या तनाव भी जल्दी भूख लगने का कारण है?

    हां, तनाव हार्मोन भूख और खाने की इच्छा को बढ़ा सकते हैं।

Read Next

क्या ज्यादा स्क्रीन टाइम से घट रहा है आपका Attention Span? जानें दिमाग पर इसका असर

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Akanksha Tiwari

Akanksha Tiwari

Senior Sub Editor

आकांक्षा तिवारी हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 6 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की और फिलहाल जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। आकांक्षा को स्वास्थ्य, पोषण और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। वे पत्रकारिता और जनसंचार में पोस्ट ग्रैजुएट हैं। रिसर्च, SEO और फैक्ट-चेकिंग में उनकी खास पकड़ है और वे हमेशा प्रमाणिक और भरोसेमंद जानकारी देने की कोशिश करती हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Jun 30, 2026 20:55 IST

    Modified By : Akanksha Tiwari
  • Jun 30, 2026 20:55 IST

    Modified By : Akanksha Tiwari
  • Jun 30, 2026 20:55 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
    Reviewed By : Dr Jayaditya Ghosh

Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content