Sun Oct 18, 2026 | 09:11 AM IST

Medically Reviewed by Dr Karuna Malhotra , Cosmetologist, Skin specialist & Homoeopath Physician

क्या बार-बार हो रहे हैं मस्से होने का कारण कहीं इंसुलिन रेजिस्टेंस तो नहीं? डॉक्टर से समझें कनेक्शन

बार-बार हो रहे मस्से इंसुलिन रेजिस्टेंस की ओर इशारा करते हैं, लेकिन समस्या को कंफर्म करने के लिए सही जांच की जरूरत होती है। जानें, इंसुलिन रेजिस्टेंस में कहां-कहां हो सकते हैं मस्से?
क्या बार-बार हो रहे हैं मस्से होने का कारण कहीं इंसुलिन रेजिस्टेंस तो नहीं? डॉक्टर से समझें कनेक्शनक्या बार-बार हो रहे हैं मस्से होने का कारण कहीं इंसुलिन रेजिस्टेंस तो नहीं? डॉक्टर से समझें कनेक्शन

शायद ही कभी कोई मस्सों को लेकर चिंतित होता है। हमें लगता है कि मस्सों का होना पूरी तरह प्राकृतिक है और यह किसी समस्या का संकेत नहीं है। हालांकि, कई बार मस्सों को इंसुलिन रेजिस्टेंस से जोड़कर देखा जाता है। चूंकि, मस्सों को लेकर दो तरह की राय है, इसलिए यह जानना जरूरी है कि मस्से आखिर होते क्यों हैं और क्या वाकई इसका इंसुलिन रेजिस्टेंस से कोई संबंध है? इस बारे में जानने के लिए हमने राजौरी गार्डन स्थित कॉस्मेटिक स्किन क्लिनिक की कॉस्मेटोलॉजिस्ट और त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. करुणा मल्होत्रा से बात की।

मस्से और इंसुलिन रेजिस्टेंस के बीच कनेक्शन

do skin tags indicate insulin resistance 01 (22)do skin tags indicate insulin resistance 01 (22)

भले ही मस्से प्राकृतिक महसूस हों, लेकिन अगर किसी को अचानक मस्से हो जाते हैं और बार-बार होते हैं, तो इसे सामान्य नहीं समझना चाहिए। इसका सीधा-सीधा संबंध इंसुलिन रेजिस्टेंस से है। डॉ. करुणा मल्होत्रा इसे अपने शब्दों में समझाती हैं, "आमतौर पर मस्से गर्दन, बगल या पलकों के आसपास होते हैं। लोगों के अनुसार यह महज कॉस्मेटिक समस्या होती है, जबकि यह सच नहीं है। मस्से और इंसुलिन रेजिस्टेंस आपस में कनेक्टेड हैं। दरअसल, जब बॉडी सेल्स इंसुलिन के प्रति सही तरह से प्रतिक्रिया नहीं देती हैं, तो ब्लड शुगर को कंट्रोल करने के लिए पैनक्रियाज अधिक मात्रा में इंसुलिन प्रोड्यूस करता है। ऐसे में ब्लड में इंसुलिन की मात्रा बढ़ जाता है, जो कि मस्से के होने के पीछे का मुख्य कारण बनता है।" डॉ. करुणा मल्होत्रा आगे बताती हैं कि अगर किसी को बार-बार मस्से होने की समस्या नजर आए, तो इसे हल्के में न लें। संभवतः आपकी बॉडी में इंसुलिन रेजिस्टेंस की दिक्कत हो रही है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

इसे भी पढ़ें: इंसुल‍िन रेज‍िस्‍टेंस क्‍या है? डॉक्‍टर से जानें लक्षण, कारण, जांच, इलाज और डायबिटीज से संबंध

मस्सों के लिए कब जाएं डॉक्टर के पास?

वैसे तो मस्से होने का कोई विशेष नुकसान नहीं है। हालांकि, ये दिखने में बुरे नजर आते हैं, इसलिए कई लोग काॅस्मेटिक सर्जरी के जरिए मस्से निकलवा देते हैं। बहरहाल, सवाल यह है कि मस्सों के लिए डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए? American Academy of Dermatology Association के अनुसार, मस्से किसी तरह से नुकसान नहीं पहुंचाते हैं और यह हमारी स्किन के कलर के ही नजर आते हैं। हालांकि, कुछ लोगों में यह अधिक डार्क होता है और कुछ लोगों में इसका रंग लाल नजर आता है। बहरहाल, अगर मस्से से खून आने लगे, उसमें जलन और दर्द हो, आंखों के आसपास मस्से होने लगे और अचानक उन्हें छूने पर असहनीय तकलीफ हो, तो इन स्थितियों को इग्नोर न करें। ऐसे में डॉक्टर की सलाह पर मस्सों को रिमूव किया जा सकता है।

इसे भी पढ़ें: गर्दन पर मस्से क्यों होते हैं? जानें मस्सों को दूर करने के उपाय

डॉक्टर की सलाह

इंसुलिन रेजिस्टेंस जैसी समस्या अनदेखी नहीं की जानी चाहिए। हालांकि, सिर्फ मस्सों को इस समस्या का संकेत समझने के बजाय त्वचा पर नजर आ रहे अन्य संकेतों पर भी गौर करें, जैसे गर्दन या बगल की त्वचा का काला, पेट के आसपास जिद्दी फैट का जमा होना और बार-बार मीठा खाने की क्रेविंग होना। ये सब इंसुलिन रेजिस्टेंस होने का संकेत हैं। बहरहाल, स्किन से जुड़ी कोई भी प्रॉब्लम हो, तो डॉक्टर से संपर्क करना न भूलें।

निष्कर्ष

इंसुलिन रेजिस्टेंस की समस्या में मस्से हो सकते हैं। हालांकि, अन्य लक्षण भी नजर आते हैं। अगर आपके साथ ऐसा है, तो खुद से किसी नतीजे पर न पहुंचे। बेहतर होगा कि आप डॉक्टर के पास जाएं और अपनी संपूर्ण जांच करवाएं। अगर मस्से रिमूव करवाने हैं, तो भी डॉक्टर की सलाह लेना आवश्यक है।

All Image Credit: Freepik

FAQ

  • क्या सभी तरह के मस्से डायबिटीज या इंसुलिन रेजिस्टेंस का संकेत हैं?

    नहीं, यह कहना पूरी तरह गलत होगा कि मस्से डायबिटीज या इंसुलिन रेजिस्टेंस का संकेत हैं। इंसुलिन रेजिस्टेंस की समस्या को कंफर्म करने के लिए डॉक्टर के पास जाएं और अपनी जांच करवाएं।
  • इंसुलिन ठीक होने पर क्या मस्से गायब हो जाते हैं?

    नहीं, इंसुलिन रेजिस्टेंस की समस्या से रिकवरी के बावजूद मस्से पूरी तरह गायब नहीं होते हैं। हालांकि, उनका आकार छोटा हो जाता है और नए मस्से बनना बंद हो जाते हैं।

Read Next

→ बीमारी के दौरान वजन क्यों घटने लगता है? डॉक्टर से जानें कारण

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Meera Tagore

Health Journalist

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Jun 26, 2026 11:16 IST

    Modified By : Meera Tagore
  • Jun 26, 2026 11:16 IST

    Modified By : Meera Tagore
  • Jun 26, 2026 11:16 IST

    Published By : Meera Tagore
    Reviewed By : Dr Karuna Malhotra