Fri Sep 11, 2026 | 08:59 PM IST

Medically Reviewed by Dr Kamalesh A , Senior Consultant Physician - Internal Medicine

बीमारी के दौरान वजन क्यों घटने लगता है? डॉक्टर से जानें कारण

आपने अक्‍सर नोट‍िस क‍िया होगा क‍ि जब कोई व्‍यक्‍त‍ि बीमार होता है, तो धीरे-धीरे कमजोर नजर आने लगता है और उसका वजन कम हो जाता है। डॉक्‍टर से जानते हैं इसके पीछे क्‍या कारण हो सकता है?

कई बार बुखार या लंबी बीमारी के बाद या उस दौरान लोगों का वजन कम हो जाता है। लोगों को यह लगता है क‍ि यह बीमारी या दवा का साइड इफेक्‍ट है, जबक‍ि ऐसा नहीं होता। बीमारी के दौरान शरीर में कमजोरी और खानपान में बदलाव के कारण लोग पतले नजर आने लगते हैं। हालांक‍ि ऐसा हर मरीज के साथ नहीं होता, लेक‍िन जो मरीज लंबे समय तक हॉस्‍प‍िटल में भर्ती रहते हैं या लंबी बीमारी के बाद ठीक होते हैं उनके वजन में बदलाव नजर आता है। जानें बीमारी के बाद या उस दौरान वजन कम होने के पीछे क्‍या कारण हो सकते हैं? बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Dr. Kamalesh A, Senior Consultant Physician At Yashoda Hospitals, Hyderabad से बात की।

बीमारी के दौरान वजन क्‍यों घटने लगता है?

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Senior Consultant Physician Dr. Kamalesh A ने बताया क‍ि बीमारी के दौरान वजन घटने के पीछे कई कारण हो सकते हैं जैसे कम डाइट लेना, भूख न लगना, जी म‍िचलाने के कारण खाने का मन न होना, दस्‍त होना, बुखार होना वगैरह। साथ ही अगर क‍िसी व्‍यक्‍त‍ि को लंंबे समय से थायराइड ड‍िसऑर्डर, पाचन की समस्‍याएंं, ड‍िप्रेशन या इंफेक्‍शन वगैरह है, तो बीमार पड़ने पर व्‍यक्‍त‍ि का वजन लगातार कम हो सकता है।

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वजन घटने के पीछे ये बीमार‍ियां भी हो सकती हैं

Mayo Clinic के मुताब‍िक, अगर वजन तेजी से घट रहा है, तो इसके पीछे कुछ बीमार‍ियां भी हो सकती हैं जैसे- डायब‍िटीज, हाइपरथायरायडिज्म, डेंटल समस्‍याएं, ड‍िप्रेशन, ईट‍ि‍ंग ड‍िसऑर्डर, इंफ्लेमेटरी बाउल ड‍िजीज, ड‍िमेंश‍िया वगैरह।

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बीमारी के दौरान वजन घटने पर परेशान न हों

अगर केवल बीमारी के कारण वजन कम हो रहा है और कोई गंभीर कारण नहींं है, तो च‍िंता न करें बीमारी या इंफेक्‍शन ठीक होने के बाद वजन भी धीरे-धीरे सामान्‍य हो जाएगा। अगर बुखार या सर्दी-जुकाम के साथ दस्‍त हो जाएंं, तो शरीर में पानी कम हो जाता है और वजन नापने वाली मशीन पर वजन कम द‍िखता है। र‍िकवरी के बाद सामान्‍य रूप से डाइट लेने से वजन दोबारा ठीक हो जाता है।

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डॉक्‍टर से संंपर्क कब करें?

अगर वजन तेजी से लगातार कम होता जा रहा है, तो डॉक्‍टर से तुरंत संंपर्क करें। वजन कम होने के साथ थकान, कमजोरी, ठीक से खाना न खा पाना या अन्‍य लक्षण नजर आएं, तो भी डॉक्‍टर से सलाह लें। अगर ब‍िना वेट लॉस प्‍लान या डाइट अपनाएंं, 6 से 12 महीनों के समय में शरीर का पांंच प्रत‍िशत से ज्‍यादा वजन कम हो रहा है, तो डॉक्‍टर से सलाह लें। इसके पीछे कोई शारीर‍िक या मानस‍िक समस्‍या हो सकती है।

न‍िष्‍कर्ष:

बीमारी के दौरान वजन घट रहा है, तो इसके पीछे दस्‍त, कमजोरी, भूख न लगना, कम डाइट लेने जैसे कारण हो सकते हैं। अगर कोई गंभीर कारण नहीं है, तो जैसे-जैसे इंफेक्‍शन या बीमारी ठीक होगी, वजन भी खुद ही सामान्‍य हो जाएगा। अगर लगातार वजन कम हो रहा हो, तो डॉक्‍टर से संपर्क करना न भूलें।

FAQ

  • बीमारी के बाद कमजोरी कैसे दूर करें?

    प्रोटीन, व‍िटाम‍िन, आयरन र‍िच फूड्स का सेवन करें, हाइड्रेशन बनाएं रखें और कमजोरी दूर करने के ल‍िए आराम करें। 
  • बीमारी के बाद र‍िकवरी फेज में क्‍या न करें?

    भले ही र‍िकवरी फेज में बीमारी के लक्षण कम हो जाएं, लेक‍िन दवा का कोर्स अधूरा न छोड़ें और इस दौरान कैफीन एवं अल्‍कोहल से परहेज करें।

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jun 25, 2026 18:12 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
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