कई लोग घंटों जिम में बिताते हैं और इसके बाद भी वे फिट नहीं हो पाते और न ही वजन घटा पाते हैं। दरअसल जिम में ज्यादा समय बिताने या ज्यादा एक्सरसाइज करने का फिटनेस से कोई कनेक्शन नहीं है। फिटनेस के लिए एक ऐसा प्लान अपनाना चाहिएजिसे आप पूरी जिंदगी फॉलो कर सकें। अगर जरूरत से ज्यादा एक्सरसाइज करने से अगर आप फिट हो भी जाएंगे, तो कुछ समय बाद ऐसे रूटीन को फॉलो करना मुश्किल हो जाएगा और वजन तेजी से बढ़ने लगेगा। इस गलती से बचने के लिए हम आपको बताएंगे कुछ आसान टिप्स जिनकी मदद से आप भी स्मार्ट वर्कआउट प्लान कर पाएंंगे। Director Ozefit Fitness Club, Australia & Certified Fitness Coach Payal Asthana ने बताया कि स्मार्ट एक्सरसाइज करने के लिए हर वर्कआउट को नोट करना जरूरी है। एक डायरी बनाकर अपनी एक्सरसाइज और परफाॅर्मेंस को ट्रैक करें। इससे स्मार्ट वर्कआउट प्लान करने में मदद मिलेगी।

एक्सरसाइज के समय को चार भागों में बांट लें
- सबसे पहले 10 से 15 मिनट वॉर्म अप करें।
- फिर 20 से 30 मिनट कार्डियो और अन्य वर्कआउट करें।
- 45 से 60 मिनट स्ट्रेंथ ट्रेनिंंग करें।
- इसके बाद 10 से 15 मिनट शरीर को कूल डाउन करें।
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इंंटेंसिटी और रिकवरी को बैलेंस करें
जिस तरह शरीर को फिट रखना जरूरी है उसी तरह आराम करना भी जरूरी है। हेल्दी रहने के लिए इंंटेंसिटी और रिकवरी को बैलेंस करना जरूरी है। हर हफ्ते एक पूरा दिन आराम करें। एक ही मसल ग्रुप की एक्सरसाइज को दोबारा करने के लिए बीच में 45 से 48 घंटों का ब्रेक रखें। साथ ही मसल रिकवरी के लिए हाइड्रेशन और पर्याप्त नींंद लें।
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हफ्ते में 150 मिनट एरोबिक एक्सरसाइज करें
Mayo Clinic के मुताबिक, हफ्ते में 150 मिनट एरोबिक एक्सरसाइज करें। इससे वेट लॉस करने में मदद मिलेगी। जंप रोप, स्क्वाट्स, पुश अप्स, ब्रिस्क वॉक, जॉगिंंग, साइकिलिंग जैसे एरोबिक एक्सरसाइज को रूटीन में शामिल करें।
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कार्डियो और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग अपनाएं
मसल गेन और फैट लॉस लिए कार्डियो और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग अपनाएं। फैट के लिए हाई इंटेंसिटी वर्कआउट अपनाएं और हफ्ते में तीन से बार कार्डियो एक्सरसाइज करें। सभी मसल ग्रुप के लिए हफ्ते में कम से कम दो बार स्ट्रेंथ ट्रेनिंग एक्सरसाइज करे।
निष्कर्ष:
घंटों जिम में एक्सरसाइज करने के बजाय स्मार्ट एक्सरसाइज प्लान बनाएं। कार्डियो और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग अपनाएं, हफ्ते में 150 मिनट एरोबिक एक्सरसाइज करें, इंंटेंसिटी और रिकवरी को बैलेंस करें और एक्सरसाइज को चार भागों में बांटें- वॉर्म अप, कार्डियो, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और कूल डाउन को अपनाएं।
FAQ
स्ट्रेंथ ट्रेनिंग के फायदे क्या हैं?
स्ट्रेंथ ट्रेनिंंग से बोन डेंसिटी बढ़ती है, हार्ट डिजीज और टाइप 2 डायबिटीज का खतरा कम होता है और मोबिलिटी बढ़ती है।घर पर स्ट्रेंथ ट्रेनिंग में कौन सी एक्सरसाइज शामिल करें?
स्ट्रेंथ ट्रेनिंंग करने के लिए जिम जाना जरूरी नहीं है। घर बैठे लंंजेस, स्क्वाट्स, पुश अप्स, हील रेज, सिट टू स्टैंड जैसी एक्सरसाइज न करें।
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Jun 26, 2026 15:00 IST
Modified By : Yashaswi Mathur Jun 26, 2026 15:00 IST
Modified By : Yashaswi MathurJun 26, 2026 15:00 IST
Published By : Yashaswi Mathur
Reviewed By : Payal Asthana