Fri Sep 11, 2026 | 06:53 PM IST

Medically Reviewed by Payal Asthana , Fitness Expert

घंटों जिम का टाइम नहीं तो घर पर करें ये स्मार्ट एक्सरसाइज, कम टाइम में सेहत रहेगी दुरुस्त

कुछ लोगों को लगता है क‍ि ज‍िम में लगातार लंंबा समय देकर ही व्‍यक्‍त‍ि फ‍िट रह सकता है जबक‍ि ऐसा करने से स‍िर्फ थकान और लो एनर्जी ही हाथ आती है। जानें स्‍मार्ट एक्‍सरसाइज करने के तरीके ज‍िससे कम समय में आप घर बैठे फ‍िट हो सकते हैं।

कई लोग घंटों ज‍िम में ब‍िताते हैं और इसके बाद भी वे फ‍िट नहीं हो पाते और न ही वजन घटा पाते हैं। दरअसल ज‍िम में ज्‍यादा समय ब‍िताने या ज्‍यादा एक्‍सरसाइज करने का फ‍िटनेस से कोई कनेक्‍शन नहीं है। फ‍िटनेस के ल‍िए एक ऐसा प्‍लान अपनाना चाह‍िएज‍िसे आप पूरी ज‍िंदगी फॉलो कर सकें। अगर जरूरत से ज्‍यादा एक्‍सरसाइज करने से अगर आप फि‍ट हो भी जाएंगे, तो कुछ समय बाद ऐसे रूटीन को फॉलो करना मुश्‍क‍िल हो जाएगा और वजन तेजी से बढ़ने लगेगा। इस गलती से बचने के ल‍िए हम आपको बताएंगे कुछ आसान ट‍िप्‍स जि‍नकी मदद से आप भी स्‍मार्ट वर्कआउट प्‍लान कर पाएंंगे। Director Ozefit Fitness Club, Australia & Certified Fitness Coach Payal Asthana ने बताया क‍ि स्‍मार्ट एक्‍सरसाइज करने के ल‍िए हर वर्कआउट को नोट करना जरूरी है। एक डायरी बनाकर अपनी एक्‍सरसाइज और परफाॅर्मेंस को ट्रैक करें। इससे स्‍मार्ट वर्कआउट प्‍लान करने में मदद म‍िलेगी।

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एक्‍सरसाइज के समय को चार भागों में बांट लें

  • सबसे पहले 10 से 15 मि‍नट वॉर्म अप करें।
  • फि‍र 20 से 30 म‍िनट कार्ड‍ियो और अन्‍य वर्कआउट करें।
  • 45 से 60 म‍िनट स्‍ट्रेंथ ट्रेन‍िंंग करें।
  • इसके बाद 10 से 15 मि‍नट शरीर को कूल डाउन करें।

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इंंटेंस‍िटी और र‍िकवरी को बैलेंस करें

ज‍िस तरह शरीर को फि‍ट रखना जरूरी है उसी तरह आराम करना भी जरूरी है। हेल्‍दी रहने के ल‍िए इंंटेंस‍िटी और रिकवरी को बैलेंस करना जरूरी है। हर हफ्ते एक पूरा द‍िन आराम करें। एक ही मसल ग्रुप की एक्‍सरसाइज को दोबारा करने के ल‍िए बीच में 45 से 48 घंटों का ब्रेक रखें। साथ ही मसल र‍िकवरी के ल‍िए हाइड्रेशन और पर्याप्‍त नींंद लें।

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हफ्ते में 150 म‍िनट एरोब‍िक एक्‍सरसाइज करें

Mayo Clinic के मुताब‍िक, हफ्ते में 150 म‍िनट एरोबि‍क एक्‍सरसाइज करें। इससे वेट लॉस करने में मदद म‍िलेगी। जंप रोप, स्क्वाट्स, पुश अप्‍स, ब्र‍िस्‍क वॉक, जॉग‍िंंग, साइक‍िलि‍ंग जैसे एरोब‍िक एक्‍सरसाइज को रूटीन में शाम‍िल करें।

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कार्डि‍यो और स्‍ट्रेंथ ट्रेन‍िंग अपनाएं

मसल गेन और फैट लॉस ल‍िए कार्डि‍यो और स्‍ट्रेंथ ट्रेन‍िंग अपनाएं। फैट के ल‍िए हाई इंटेंस‍िटी वर्कआउट अपनाएं और हफ्ते में तीन से बार कार्ड‍ियो एक्‍सरसाइज करें। सभी मसल ग्रुप के ल‍िए हफ्ते में कम से कम दो बार स्‍ट्रेंथ ट्रेन‍िंग एक्‍सरसाइज करे।

न‍िष्‍कर्ष:

घंटों ज‍िम में एक्‍सरसाइज करने के बजाय स्‍मार्ट एक्‍सरसाइज प्‍लान बनाएं। कार्ड‍ियो और स्‍ट्रेंथ ट्रेन‍िंग अपनाएं, हफ्ते में 150 म‍िनट एरोब‍िक एक्‍सरसाइज करें, इंंटेंस‍िटी और र‍िकवरी को बैलेंस करें और एक्‍सरसाइज को चार भागों में बांटें- वॉर्म अप, कार्ड‍ियो, स्‍ट्रेंथ ट्रेन‍िंग और कूल डाउन को अपनाएं।

FAQ

  • स्‍ट्रेंथ ट्रेन‍िंग के फायदे क्‍या हैं?

    स्‍ट्रेंथ ट्रेन‍िंंग से बोन डेंस‍िटी बढ़ती है, हार्ट डि‍जीज और टाइप 2 डायब‍िटीज का खतरा कम होता है और मोब‍िल‍िटी बढ़ती है।
  • घर पर स्‍ट्रेंथ ट्रेन‍िंग में कौन सी एक्‍सरसाइज शाम‍िल करें?

    स्‍ट्रेंथ ट्रेन‍िंंग करने के लि‍ए जि‍म जाना जरूरी नहीं है। घर बैठे लंंजेस, स्क्वाट्स, पुश अप्‍स, हील रेज, स‍िट टू स्‍टैंड जैसी एक्‍सरसाइज न करें।

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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jun 26, 2026 15:00 IST

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