Fri Sep 11, 2026 | 06:56 PM IST

Medically Reviewed by Dr Jayaditya Ghosh , Consultant Endocrinologist

इंसुलिन रेजिस्टेंस की परेशानी है, तो बदलें सुबह की ये 5 आदतें

सुबह की कुछ हेल्दी आदतें इंसुलिन रेजिस्टेंस को कम करने में मदद कर सकती हैं। यहां जानिए, दिन की शुरुआत किन आसान बदलावों के साथ करनी चाहिए जिनसे शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस की समस्या कम हो सके।

आज की बदलती लाइफस्टाइल में इंसुलिन रेजिस्टेंस एक गंभीर समस्या बनती जा रही है। इसमें शरीर की सेल्स इंसुलिन हार्मोन के प्रति सही रिएक्शन नहीं देतीं, जिसके कारण ब्लड शुगर को कंट्रोल करने के लिए शरीर ज्यादा इंसुलिन बनाने लगता है। लंबे समय तक यह स्थिति बनी रहने पर टाइप-2 डायबिटीज, वजन बढ़ने और कई अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। इंसुलिन रेजिस्टेंस को सुधारने के लिए केवल दवाओं पर निर्भर रहना जरूरी नहीं है। रोजाना की छोटी-छोटी आदतें, खासकर सुबह की रूटीन, शरीर के मेटाबॉलिज्म और ब्लड शुगर कंट्रोल में अहम भूमिका निभा सकता है। यशोदा हॉस्पिटल, हैदराबाद के एंडोक्राइनोलॉजिस्ट डॉ. जयादित्य घोष के अनुसार, सुबह का समय शरीर को एक्टिव करने और पूरे दिन के लिए हेल्दी रूटीन बनाने का सबसे अच्छा समय होता है।

इंसुलिन रेजिस्टेंस दूर करने के लिए अपनाएं ये आदतें

डॉ. जयादित्य घोष के अनुसार, ''सही मॉर्निंग रूटीन अपनाकर इंसुलिन सेंसिटिविटी को बेहतर करने में मदद मिल सकती है। सुबह की कुछ आसान आदतें शरीर के मेटाबॉलिज्म को एक्टिव करती हैं और ब्लड शुगर को बैलेंस रखने में सहायक हो सकती हैं।''

1. सुबह खाली पेट एक्टिव रहें

डॉ. जयादित्य घोष के अनुसार, सुबह हल्की एक्सरसाइज जैसे तेज चलना, योग या स्ट्रेचिंग करना शरीर को एक्टिव करने में मदद करता है। नियमित एक्सरसाइज मसल्स को ग्लूकोज का बेहतर इस्तेमाल करने में मदद करती है, जिससे इंसुलिन का फंक्शन बेहतर हो सकता है। सुबह की वॉक खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद हो सकती है जो लंबे समय तक बैठे रहते हैं या जिनका वजन बढ़ रहा है।

साल 2013 में Journal of Clinical & Diagnostic Research में प्रकाशित रिव्यू के अनुसार, डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए नियमित फिजिकल एक्टिविटी यानी एक्सरसाइज सबसे जरूरी और असरदार तरीका है। यह न सिर्फ वजन और शरीर की सूजन को कम करती है, बल्कि हमारे सेल्स में इंसुलिन के असर को भी काफी बढ़ा देती है। यह सुरक्षित और बैलेंस तरीका न केवल डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमंद है, बल्कि प्री-डायबिटीज वाले लोगों को भी गंभीर बीमारी से बचाने में मदद करता है।

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2. प्रोटीन और फाइबर से भरपूर नाश्ता

सुबह का नाश्ता छोड़ना या सिर्फ मीठी चीजें खाने से ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकता है। डॉ. जयादित्य घोष सलाह देते हैं कि इंसुलिन रेजिस्टेंस से बचने के लिए नाश्ते में प्रोटीन और फाइबर वाली चीजें शामिल करना बेहतर विकल्प हो सकता है। अंडे, दालें, पनीर, दही, बीज, साबुत अनाज और सब्जियों से बना नाश्ता लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद कर सकता है और अचानक भूख लगने की समस्या को कम कर सकता है।

साल 2025 में Clevelandclinic में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, इंसुलिन रेजिस्टेंस को कंट्रोल करने के लिए सही खान-पान बहुत जरूरी है। अपनी डाइट में फाइबर से भरपूर चीजें जैसे ओट्स, ब्राउन राइस, हरी सब्जियां ब्रोकोली, पालक और कम मीठे फल सेब, बेरीज शामिल करें, क्योंकि ये ब्लड शुगर को अचानक बढ़ने नहीं देते। इसके अलावा, प्रोटीन के लिए चिकन, टोफू या दालें और ओमेगा-3 के लिए मछली को खाने में जगह दें। ये सभी चीजें धीरे-धीरे पचती हैं, जिससे शरीर में एनर्जी बनी रहती है और शुगर लेवल कंट्रोल में रहता है। संक्षेप में, ज्यादा फाइबर और कम फैट वाला बैलेंस खाना ही इंसुलिन रेजिस्टेंस को ठीक करने में मदद करता है।

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Habits To Reduce Insulin Resistance

3. सुबह की धूप और अच्छी नींद

डॉ. जयादित्य घोष बताते हैं कि सुबह कुछ समय नेचुरल रोशनी में बिताना शरीर की सर्केडियन रिद्म को बैलेंस करने में मदद कर सकता है। हार्मोन बैलेंस के लिए अच्छी नींद और सही बॉडी क्लॉक जरूरी है। नींद पूरी न होने पर शरीर में तनाव हार्मोन बढ़ सकते हैं, जो ब्लड शुगर कंट्रोल और इंसुलिन के फंक्शन को प्रभावित कर सकते हैं।

4. शुगर ड्रिंक्स से बचें

कई लोग दिन की शुरुआत मीठी चाय, जूस या अन्य शुगर ड्रिंक्स से करते हैं। इससे ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकता है और लंबे समय में इंसुलिन रेजिस्टेंस का खतरा बढ़ सकता है। इसके बजाय पानी, बिना चीनी वाली चाय या पोषक तत्वों से भरपूर अन्य ऑप्शन लिए जा सकते हैं।

5. तनाव कम करें

सुबह की शुरुआत तनाव और जल्दबाजी के साथ करने से शरीर पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है। लंबे समय तक तनाव रहने से कोर्टिसोल जैसे हार्मोन बढ़ सकते हैं, जो ब्लड शुगर और इंसुलिन सेंसिटिविटी को प्रभावित कर सकते हैं। मेडिटेशन, सांस लेने की एक्सरसाइज या कुछ समय शांत रहने की आदत तनाव को कंट्रोल करने में मदद कर सकती है।

डॉक्टर की सलाह

यदि आपको प्रीडायबिटीज, टाइप-2 डायबिटीज, मोटापा, पीसीओएस (PCOS), मेटाबॉलिक डिसफंक्शन एसोसिएटेड स्टीएटोटिक लिवर डिजीज (MASLD) है या परिवार में डायबिटीज का इतिहास रहा है, तो नियमित मेटाबॉलिक चेकअप कराना जरूरी है। डॉक्टर की सलाह से अपनी जरूरत के अनुसार डाइट और एक्सरसाइज प्लान बनाना लंबे समय तक बेहतर रिजल्ट देता है। डॉ. जयादित्य घोष के अनुसार, क्रैश डाइट या फैड डाइट की बजाय बैलेंस लाइफस्टाइल अपनाना सबसे असरदार होता है।

निष्कर्ष

इंसुलिन रेजिस्टेंस को कंट्रोल करने के लिए केवल दवाओं पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं होती, बल्कि रोजमर्रा की छोटी-छोटी आदतें भी अहम भूमिका निभाती हैं। सुबह नियमित एक्सरसाइज, बैलेंस नाश्ता, पर्याप्त नींद, तनाव कंट्रोल और हेल्दी डेली रूटीन अपनाकर इंसुलिन सेंसिटिविटी को बेहतर किया जा सकता है। अगर आपको लंबे समय से वजन कम करने में परेशानी या ब्लड शुगर से जुड़ी समस्या है, तो डॉक्टर की सलाह लेकर समय पर जांच जरूर कराएं।

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FAQ

  • क्या चलने से इंसुलिन रेजिस्टेंस कम हो सकता है?

    चलने से इंसुलिन रेजिस्टेंस कम हो सकता है, सुबह हल्की वॉक या एक्सरसाइज मसल्स को ग्लूकोज का बेहतर इस्तेमाल करने में मदद कर सकती है और मेटाबॉलिक हेल्थ सुधार सकती है।
  • क्या योग इंसुलिन रेजिस्टेंस में फायदेमंद हैं?

    योग और मेडिटेशन तनाव को कम करने में मदद कर सकते हैं, जिससे हार्मोन बैलेंस हो सकता है और इंसुलिन रेजिस्टेंस की समस्या भी कम हो सकती है।

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Akanksha Tiwari

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आकांक्षा तिवारी हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 6 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की और फिलहाल जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। आकांक्षा को स्वास्थ्य, पोषण और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। वे पत्रकारिता और जनसंचार में पोस्ट ग्रैजुएट हैं। रिसर्च, SEO और फैक्ट-चेकिंग में उनकी खास पकड़ है और वे हमेशा प्रमाणिक और भरोसेमंद जानकारी देने की कोशिश करती हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jul 15, 2026 16:21 IST

    Modified By : Akanksha Tiwari
  • Jul 15, 2026 16:21 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
    Reviewed By : Dr Jayaditya Ghosh

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