Mon Oct 5, 2026 | 06:42 PM IST

Medically Reviewed by Dr Jayaditya Ghosh , Consultant Endocrinologist

सुबह उठते ही मीठा खाने का मन क्यों करता है? डॉक्टर से जानिए, ब्लड शुगर और इंसुलिन का क्या है कनेक्शन

सुबह मीठा खाने की तेज इच्छा ब्लड शुगर, इंसुलिन और रात के खानपान से जुड़ी हो सकती है। यहां डॉक्टर से जानिए, सुबह शुगर क्रेविंग क्यों होती है और इंसुलिन रेजिस्टेंस से इसका क्या संबंध है।
सुबह उठते ही मीठा खाने का मन क्यों करता है? डॉक्टर से जानिए, ब्लड शुगर और इंसुलिन का क्या है कनेक्शनसुबह उठते ही मीठा खाने का मन क्यों करता है? डॉक्टर से जानिए, ब्लड शुगर और इंसुलिन का क्या है कनेक्शन

सुबह आंख खुलते ही अगर सबसे पहले चाय के साथ बिस्कुट, मिठाई या कोई मीठी चीज खाने का मन करता है, तो आप अकेले नहीं हैं। कई लोगों को सुबह उठते ही मीठा खाने की तेज इच्छा होती है। यशोदा हॉस्पिटल, हैदराबाद के एंडोक्राइनोलॉजिस्ट डॉ. जयादित्य घोष बताते हैं कि ब्लड शुगर और इंसुलिन इस पूरी प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाते हैं। भोजन से मिलने वाला ग्लूकोज शरीर के लिए एनर्जी का अहम सोर्स है और इंसुलिन इसे शरीर की सेल्स तक पहुंचाने में मदद करता है। हालांकि, सिर्फ सुबह मीठा खाने की इच्छा को इंसुलिन रेजिस्टेंस का पक्का संकेत नहीं माना जा सकता। डॉक्टर ज्यादित्य घोष से जानिए, सुबह उठते ही मीठा खाने का मन क्यों करता है, ब्लड शुगर और इंसुलिन का इससे क्या संबंध है और किन संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

सुबह उठते ही मीठा खाने का मन क्यों करता है?

एंडोक्राइनोलॉजिस्ट डॉ. जयादित्य घोष के अनुसार, रात में कई घंटे भोजन न करने के बाद शरीर को एनर्जी की जरूरत होती है। इस दौरान शरीर ब्लड में ग्लूकोज का लेवल बनाए रखने के लिए अपने एनर्जी स्टोरेज और हार्मोनल सिस्टम का इस्तेमाल करता है। सुबह उठने पर भूख लगना सामान्य है, लेकिन अगर खासतौर से मीठे की क्रेविंग हो, तो इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। रात में बहुत कम खाना, लंबे समय तक भोजन न करना या पिछले दिन का खान-पान भी सुबह की भूख और मीठे की इच्छा को प्रभावित कर सकता है।

  • रात में पर्याप्त नींद न लेना भूख और भोजन की पसंद को प्रभावित कर सकता है।
  • नींद की कमी के दौरान कुछ लोगों को ज्यादा कैलोरी और मीठे फूड्स खाने की इच्छा हो सकती है।
  • अगर कोई व्यक्ति रोज देर रात तक जागता है और सुबह उठने के बाद मीठी चीजों की तलाश करता है, तो सबसे पहले अपनी नींद की अवधि और क्वालिटी पर ध्यान देना चाहिए।

साल 2025 में Brain and Behavior जर्नल में प्रकाशित जानकारी के अनुसार, ज्यादा चीनी खाने से दिमाग के रिवार्ड सेंटर को बढ़ावा मिलता है और डोपामाइन निकलता है, जिससे ड्रग्स की तरह लत लग सकती है। लंबे समय तक ऐसा करने से शुगर की क्रेविंग, मूड स्विंग और मानसिक निर्भरता बढ़ जाती है। इसके अलावा, शुगर की लत से मोटापा, डायबिटीज और दिल की बीमारियां जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा होती हैं जो शरीर को बहुत नुकसान पहुंचाती हैं।

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ब्लड शुगर और इंसुलिन का क्या संबंध है?

एंडोक्राइनोलॉजिस्ट डॉ. जयादित्य घोष बताते हैं कि खाने के बाद कार्बोहाइड्रेट पचकर ग्लूकोज में बदलते हैं और ब्लड में शुगर का लेवल बढ़ता है। इसके जवाब में शरीर इंसुलिन बनाता है।

  • इंसुलिन ग्लूकोज को ब्लड से शरीर की कोशिकाओं यानी सेल्स तक पहुंचाने में मदद करता है, जहां इसका इस्तेमाल एनर्जी के लिए किया जाता है।
  • अगर शरीर की सेल्स इंसुलिन के प्रति कम संवेदनशील हो जाएं, तो इसे इंसुलिन रेजिस्टेंस कहा जाता है।
  • ऐसी स्थिति में शरीर को ब्लड शुगर को कंट्रोल करने के लिए ज्यादा इंसुलिन बनाने की जरूरत पड़ सकती है।

साल 2024 में CDC में प्रकाशित जानकारी के अनुसार, इंसुलिन हमारे शरीर का एक बहुत ही जरूरी हार्मोन है, जो खून में शुगर के लेवल को कंट्रोल करता है। जब हम खाना खाते हैं, तो वह शुगर में बदल जाता है, जिससे अग्न्याशय यानी पैंक्रियाज इंसुलिन छोड़ता है। इंसुलिन एक 'चाबी' की तरह काम करता है जो सेल्स के दरवाजे खोलता है ताकि शरीर को एनर्जी मिल सके। संक्षेप में, इंसुलिन हमारे शरीर में एनर्जी का संतुलन बनाए रखता है।

कब डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए?

अगर मीठा खाने की इच्छा लगातार बनी रहती है और इसके साथ बहुत ज्यादा प्यास लगना, बार-बार पेशाब आना, असामान्य थकान, धुंधला दिखाई देना या बिना वजह वजन में बदलाव जैसे लक्षण दिखाई दें, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। ये लक्षण ब्लड शुगर से जुड़ी समस्या की ओर इशारा कर सकते हैं, इसलिए जरूरत पड़ने पर जांच कराई जा सकती है।

निष्कर्ष

सुबह उठते ही मीठा खाने का मन करना हमेशा किसी बीमारी का संकेत नहीं होता। रात के भोजन, लंबे समय तक खाली पेट रहने, नींद की कमी और रोजमर्रा की खाने की आदतों का इसमें असर हो सकता है। वहीं कुछ लोगों में लगातार मीठे की क्रेविंग मेटाबोलिक हेल्थ से जुड़े बदलावों के साथ भी देखी जा सकती है। इसलिए केवल एक लक्षण के आधार पर इंसुलिन रेजिस्टेंस का निष्कर्ष निकालने के बजाय डॉक्टर की सलाह पर पूरा हेल्थ चेकअप करवाना चाहिए।

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FAQ

  • क्या तनाव से मीठा खाने की इच्छा बढ़ सकती है?

    तनाव भोजन की पसंद और भूख को प्रभावित कर सकता है। कुछ लोगों में तनाव के दौरान मीठे या ज्यादा कैलोरी वाले फूड्स खाने की इच्छा बढ़ जाती है।
  • क्या ज्यादा मीठा खाने का मतलब डायबिटीज है?

    केवल मीठा खाने की इच्छा के आधार पर डायबिटीज का पता नहीं लगाया जा सकता। डायबिटीज की पुष्टि के लिए चेकअप और ब्लड शुगर की जांच जरूरी होती है।

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Akanksha Tiwari

Health & Lifestyle Journalist

आकांक्षा तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। वह पोषण, आयुर्वेद, प्रेगनेंसी, हार्ट हेल्थ और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखती हैं और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास करती हैं। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह India TV, India Ahead और News Nation के साथ काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Aug 20, 2026 17:26 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
    Reviewed By : Dr Jayaditya Ghosh