मासिक धर्म शुरू होने से कुछ दिन पहले अगर अचानक चॉकलेट, मिठाई, केक या आइसक्रीम खाने का मन करने लगे, तो इसे केवल भूख या मीठे की आदत समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कई महिलाओं को पीरियड्स से पहले चिड़चिड़ापन, थकान, पेट फूलने, स्तनों में भारीपन और बार-बार कुछ खाने की इच्छा जैसे बदलाव महसूस होते हैं। ये लक्षण प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम (PMS) का हिस्सा हो सकते हैं। इस दौरान मीठा खाने की इच्छा बढ़ने के पीछे हार्मोन में बदलाव, मस्तिष्क में केमिकल इंबैलेंस, भूख और मनोदशा से जुड़े कई कारण हो सकते हैं।
वृंदावन स्थित Mumma's Blessing IVF और Birthing Paradise की मेडिकल डायरेक्टर, गायनेकोलॉजिस्ट और IVF स्पेशलिस्ट डॉ. शोभा गुप्ता के अनुसार, "पीरियड्स से पहले मीठा खाने की इच्छा होना कई महिलाओं में सामान्य है। हालांकि, अगर यह इच्छा बहुत अधिक बढ़ जाए, रोजमर्रा की दिनचर्या को प्रभावित करे या इसके साथ दूसरे गंभीर लक्षण दिखाई दें, तो इसके पीछे के कारणों को समझना जरूरी है।"
PMS में मीठा खाने का मन क्यों करता है?
Why Sugar Craving Increases During PMS
साल 2018 में RBGO Gynecology and Obstetrics (Revista Brasileira de Ginecologia e Obstetrícia) में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, मासिक धर्म के अलग-अलग चरणों में महिलाओं की कुछ खास चीजें खाने की इच्छा बढ़ जाती है। खासकर, उनमें मीठा (जैसे आइसक्रीम या चॉकलेट), नमकीन और कार्बोहाइड्रेट वाली चीजें खाने की लालसा बढ़ जाती है। ऐसा होने के पीछे कई कारण जिम्मेदार हैं, जैसे-
1. हार्मोन में उतार-चढ़ाव
- मासिक चक्र के दूसरे हिस्से में यानी अंडोत्सर्जन के बाद, एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन के स्तर में बदलाव होते हैं। यदि गर्भधारण नहीं होता, तो इन हार्मोनों का स्तर घटने लगता है और मासिक धर्म शुरू होता है। इस दौरान कुछ महिलाओं की भूख, मूड में बदलाव और खाने की पसंद प्रभावित हो सकती है।
- हार्मोन में होने वाले ये बदलाव हर महिला पर एक जैसा असर नहीं डालते। कुछ महिलाओं को नमकीन खाने की इच्छा होती है, जबकि कुछ का मन चॉकलेट या दूसरी मीठी चीजों की ओर अधिक जाता है।
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2. मूड बेहतर करने के लिए मीठे की इच्छा
- पीरियड्स से पहले कुछ महिलाओं को उदासी, बेचैनी, चिड़चिड़ापन या भावनात्मक बदलाव महसूस होते हैं। मीठा खाने से थोड़े समय के लिए अच्छा महसूस हो सकता है, इसलिए ऐसे समय में चॉकलेट या मिठाई खाने की इच्छा बढ़ सकती है।
- ब्रेन में सेरोटोनिन नामक हार्मोन भी मनोदशा और भावनात्मक संतुलन से जुड़ा होता है। हालांकि, PMS के दौरान मीठे की इच्छा को केवल सेरोटोनिन में कमी से जोड़ना सही नहीं है। इसके पीछे कई व्यवहार संबंधी कारक हो सकते हैं।
3. भूख और ऊर्जा की जरूरत में बदलाव
- कुछ महिलाओं को पीरियड्स से पहले सामान्य दिनों की तुलना में अधिक भूख लगती है। मासिक चक्र के इस चरण में ऊर्जा की जरूरत थोड़ी बढ़ सकती है। हालांकि, यह बदलाव हर महिला में हो, यह जरूरी नहीं है।
- अगर दिनभर पर्याप्त भोजन नहीं किया गया हो, नाश्ता छोड़ दिया गया हो या भोजन में प्रोटीन और फाइबर की मात्रा कम हो, तो मीठा खाने की इच्छा और अधिक महसूस हो सकती है। शुगर युक्त खाद्य पदार्थ तुरंत ऊर्जा देते हैं, लेकिन इनका असर थोड़े समय तक ही रह सकता है।
4. नींद की कमी और तनाव
पर्याप्त नींद न लेना और मानसिक तनाव भी खाने की इच्छा को प्रभावित कर सकते हैं। पीरियड्स से पहले शरीर में मौजूद थकान, बेचैनी या नींद में बदलाव के साथ मीठे खाद्य पदार्थों की चाह बढ़ सकती है। ऐसे में शरीर की भूख और भावनात्मक रूप से कुछ खाने की इच्छा के बीच अंतर समझना उपयोगी है।
PMS क्रेविंग्स को कंट्रोल करने के लिए हेल्दी टिप्स
डॉ. शोभा गुप्ता के अनुसार, मीठा खाने की इच्छा होने पर खुद को दोष देने या सभी मीठे खाद्य पदार्थों पर पूरी तरह रोक लगाने के बजाय संतुलित दिनचर्या अपनानी चाहिए। इसके लिए यहां बताए गए टिप्स को अपनाएं-
- समय पर भोजन करें: लंबे समय तक भूखे रहने से बचें। नियमित भोजन करने से अत्यधिक भूख और अचानक मीठा खाने की इच्छा को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।
- प्रोटीन और रेशे वाले खाद्य पदार्थ खाएं: दालें, दही, अंडे, साबुत अनाज, फल, सब्जियां और मेवे भोजन को संतुलित बनाने में मदद करते हैं।
- मीठा सीमित मात्रा में खाएं: अगर चॉकलेट या मिठाई खाने का मन है, तो थोड़ी मात्रा में इसका आनंद लिया जा सकता है। बार-बार बहुत अधिक मीठा खाने की आदत से बचें।
- नींद पूरी करें: रोजाना पर्याप्त नींद लेने और सोने-जागने का नियमित समय बनाए रखने से भूख और मनोदशा को संभालने में मदद मिल सकती है।
- शारीरिक गतिविधि जारी रखें: टहलना, हल्का व्यायाम और योग तनाव कम करने तथा पीएमएस के कुछ लक्षणों को संभालने में सहायक हो सकते हैं।
- लक्षणों का रिकॉर्ड रखें: लगातार दो से तीन मासिक चक्रों तक नोट करें कि मीठा खाने की इच्छा कब बढ़ती है, कितनी देर रहती है और इसके साथ कौन-से दूसरे लक्षण होते हैं।
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डॉक्टर की सलाह: कब चिंता करें?
यदि मीठा खाने की इच्छा के साथ बहुत अधिक थकान, अत्यधिक प्यास, बार-बार पेशाब आना या बिना किसी स्पष्ट कारण के वजन में बदलाव हो रहा है, तो डॉक्टर से परामर्श लें। ये लक्षण केवल पीएमएस के कारण नहीं होते और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं की जांच की जरूरत हो सकती है।
इसी तरह, यदि पीरियड्स से पहले उदासी, गुस्सा, बेचैनी या मनोदशा में बदलाव इतने गंभीर हों कि काम, रिश्तों या दैनिक जीवन पर असर पड़ने लगे, तो यह गंभीर प्रीमेंस्ट्रुअल लक्षणों या प्रीमेंस्ट्रुअल डिस्फोरिक डिसऑर्डर (PMDD) का संकेत हो सकता है।
निष्कर्ष
पीरियड्स से पहले मीठा खाने की इच्छा शरीर और मन में होने वाले बदलावों का हिस्सा हो सकती है। इसे केवल इच्छाशक्ति की कमी मानना सही नहीं है। अपने मासिक चक्र को समझना, संतुलित भोजन करना और लक्षणों पर ध्यान देना महिलाओं को इस अवधि में बेहतर महसूस करने में मदद कर सकता है।
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FAQ
क्या PMS के दौरान डार्क चॉकलेट खाना सामान्य चॉकलेट की तुलना में ज्यादा फायदेमंद होता है?
डार्क चॉकलेट मैग्नीशियम का एक बेहतरीन स्रोत है। PMS के दौरान शरीर में मैग्नीशियम का स्तर गिरने से मांसपेशियों में ऐंठन और मीठा खाने की क्रेविंग बढ़ती है। डार्क चॉकलेट खाने से शरीर को मैग्नीशियम मिलता है और कम चीनी के साथ मीठे की इच्छा भी पूरी हो जाती है।क्या PMS में जिंक और मैग्नीशियम के सप्लीमेंट्स लेने से शुगर क्रेविंग्स कम हो सकती हैं?
डॉक्टर की सलाह से मैग्नीशियम और जिंक के सप्लीमेंट्स लेने से ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में मदद मिलती है। मगर इसे खुद से कभी न लें। डॉक्टर सलाह पर ही PMS में सप्लीमेंट्स ले सकती हैं।
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Oct 23, 2026 14:14 IST
Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dr Shobha Gupta
