Wed Oct 21, 2026 | 03:20 PM IST

Medically Reviewed by Dr Rakhee Sharma , Obstetrician, Gynaecologist, Endoscopic Surgeon and Infertility Specialist - Cloudnine Hospital, Noida

15 साल की उम्र तक भी पीरियड्स नहीं आए? डॉक्टर से जानें 6 कारण और जरूरी जांच

लड़कियों में 11 साल के बाद पहली पीरियड शुरू हो जाता है और इसी दौरान उनमें कई शारीरिक और हार्मोनल बदलाव भी होने लगते हैं। अगर 15 साल तक लड़की को पीरियड न हो, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी होता है। इस लेख में डॉक्टर ने इसके कारणों को विस्तार से समझाया है।
15 साल की उम्र तक भी पीरियड्स नहीं आए? डॉक्टर से जानें 6 कारण और जरूरी जांच15 साल की उम्र तक भी पीरियड्स नहीं आए? डॉक्टर से जानें 6 कारण और जरूरी जांच

लड़कियों को पहले पीरियड 11 साल की उम्र के बाद कभी भी शुरू हो सकते हैं। कुछ लड़कियों को थोड़ा जल्दी तो कुछ को पहला पीरियड 12 से 13 साल की उम्र के आसपास आता है। अगर लड़की को 15 साल तक पहला पीरियड ही न हुआ हो, तो ध्यान देने की जरूरत होती है। इस बारे में Dr. Rakhee Sharma, Consultant - Gynaecologist and Obstetrician, Cloudnine Group of Hospitals, Greater Noida ने बताया कि लड़की को 15 साल तक पीरियड न आने को मेडिकल भाषा में प्राइमरी एमेनोरिया (Primary Amenorrhea) कहा जाता है। इसका कारण हार्मोनल असंतुलन, थायराइड की समस्या, PCOS या न्यूट्रिशन की कमी हो सकती है।

15 साल की उम्र तक पीरियड न होने के कारण

Cleveland Clinic के मुताबिक, प्राइमरी एमेनोरिया की कंडीशन में लड़़की को शुरुआती लक्षण दिखने के बावजूद 5 साल के अंदर पहला पीरियड शुरू नहीं होता। इसका कारण जेनेटिक कंडीशन, हार्मोनल बदलाव या सेहत से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं।

Dr. Rakhee Sharma कहती हैं कि लड़कियों के पैरेंट्स को खासतौर पर इस ओर ध्यान देना चाहिए कि बेटी को 15 साल की उम्र तक पहला पीरियड क्यों नहीं आया। इसके कारणों को जानने के लिए डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए। कई मामलों में पहला पीरियड न आने के ये कारण हो सकते हैं।

1. हार्मोन में बदलाव

Dr. Rakhee Sharma का कहना है, “पीरियड शुरू होने के लिए दिमाग के कुछ हिस्सों, पिट्यूटरी ग्रंथि और ओवरी के बीच हार्मोन का तालमेल जरूरी है। ये हार्मोन शरीर को प्यूबर्टी के लिए तैयार करते हैं। अगर इस प्रोसेस में गड़बड़ी होती है, तो ब्रेस्ट की ग्रोथ और पीरियड शुरू होने में देरी हो सकती है।”

2. वजन कम होना या न्यूट्रिशन की कमी

Dr. Rakhee Sharma ने बताया कि शरीर को सही तरीके से विकसित होने के लिए पूरी मात्रा में एनर्जी और न्यूट्रिशन की जरूरत होती है। अगर किसी लड़की का वजन बहुत कम है, उसे पर्याप्त खाना नहीं मिल रहा है या तेजी से वजन घट रहा है, तो इसका असर हार्मोन पर पड़ सकता है। अगर छोटी उम्र में लड़कियां बहुत ज्यादा एक्सरसाइज करती है या शरीर को जरूरत के अनुसार आराम नहीं मिलता, तो पीरियड पर असर पड़ सकता है।

3. थायराइड की समस्या

Dr. Rakhee Sharma ने कहा, “थायराइड ग्रंथि ऐसे हार्मोन बनाती हैं, जो शरीर के कई जरूरी काम को कंट्रोल करती है। अगर थायराइड हार्मोन का लेवल सामान्य से कम होता है, तो पहला पीरियड आने में दिक्कत हो सकती है। हालांकि, अगर पहला पीरियड नहीं आया, तो इसे सिर्फ थायराइड से न जोड़े। बीमारी को चेक करने के लिए डॉक्टर की सलाह जरूर लें और चेकअप कराएं।”

4. आनुवंशिक कारण

Cleveland Clinic के मुताबिक, क्रोमोसोमल या जेनेटिक समस्याओं के कारण रिप्रोडक्टिव सिस्टम पर असर पड़ता है। कई मामलों में फैमिली हिस्ट्री की वजह से भी लड़की को पहला पीरियड समय पर शुरू नहीं होता। कुछ मामलों में टर्नर सिंड्रोम जैसी कुछ आनुवंशिक कंडीशन ओवरी की ग्रोथ और हार्मोन बनने की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती हैं। ऐसे मामलों में डॉक्टर मेडिकल हिस्ट्री को देखकर ही आगे के चेकअप कराने की सलाह दे सकते हैं।

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5. गर्भाशय या योनि का विकास न होना

Dr. Rakhee Sharma कहती हैं, “कुछ लड़कियों में यूटरस या योनि का विकास पूरी तरह से सामान्य नहीं होता। इस वजह से पीरियड ब्लड को निकलने में दिक्कत हो सकती है। ऐसी कंडीशन में पीरियड नहीं आते, लेकिन शरीर के अंदर पीरियड का प्रोसेस चल रहा होता है। अगर किसी लड़की को पेट के निचले हिस्से में बार-बार दर्द हो और पीरियड शुरू न हुए हों, तो डॉक्टर को जरूर दिखाएं।”

6. प्यूबर्टी लेट होना

Dr. Rakhee Sharma के मुताबिक, कुछ लड़कियों को प्यूबर्टी दूसरों के मुकाबले देर से शुरू होती है, लेकिन इसे नॉर्मल समझकर टालना नहीं चाहिए। लोग आमतौर पर सोचते हैं कि पीरियड अपने-आप आ जाएगें, लेकिन इससे कंडीशन खराब हो सकती है। सही समय पर सलाह लेने पर लड़की के पीरियड न होने के कारणों की जांच की जा सकती है और इलाज हो सकता है।

15 साल तक पहला पीरियड न होने पर लक्षणों पर दें ध्यान

Dr. Rakhee Sharma ने बताया कि लड़कियों को अगर 15 साल तक पीरियड न आएं, तो उन्हें इन लक्षणों पर ध्यान देना चाहिए।

  • 13 साल की उम्र तक ब्रेस्ट ग्रोथ नहीं हुई।
  • 15 साल तक पहला पीरियड नहीं आया।
  • स्तनों का विकास होने के बावजूद तीन साल बाद तक पीरियड नहीं हुए।
  • लड़की का वजन तेजी से घट रहा है।
  • पेट के निचले हिस्से में लगातार दर्द रहता है।
  • खाना-पीना सही तरीके से नहीं ले रही है।

15 साल तक पीरियड न आने पर कौन सी जांच जरूरी

Cleveland Clinic के मुताबिक, अगर लड़की को 15 साल तक पीरियड न हो, तो डॉक्टर ये टेस्ट कराने की सलाह दे सकते हैं।

  • ब्लड टेस्ट के जरिए हार्मोन के स्तर की जांच करने और थायराइड से जुड़ी समस्याओं का पता लगाया जा सकता है।
  • अगर डॉक्टर को लगता है कि पिट्यूटरी ग्रंथि में समस्या है, तो MRI की सलाह दे सकते हैं।
  • ओवरीज या यूटरस में किसी भी तरह की समस्या को जानने के लिए अल्ट्रासाउंड टेस्ट कराया जा सकता है।

Dr. Rakhee Sharma कहती हैं, “लड़कियों से उनकी मेडिकल हिस्ट्री, खान-पान, वजन और शारीरिक विकास की भी जानकारी ली जाती है। लड़की से यह जानना भी जरूरी होता है कि उसके ब्रेस्ट की ग्रोथ कब शुरू हुई और क्या परिवार में किसी को देर से पीरियड आए थे या नहीं। पीरियड न आने के कारणों को जानने के बाद इलाज शुरू किया जा सकता है।”

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निष्कर्ष
Dr. Rakhee Sharma ने बताया कि अगर किसी लड़की को 15 साल की उम्र तक पहला पीरियड नहीं होता, तो घबराने की जरूरत नहीं है। बस, समय पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी होता है, ताकि समय पर बीमारी का कारण समझकर इलाज शुरू किया जा सके। ऐसी कंडीशन में लड़कियों के मां को खासतौर पर ध्यान देना चाहिए और समय पर डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।

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FAQ

  • क्या 15 साल तक पीरियड्स न आने पर बिना डॉक्टर की सलाह के खुद से हार्मोनल गोलियां ली जा सकती हैं?

    किसी भी लड़की को बिना कारण जाने हार्मोनल दवाएं लेने से गंभीर साइड-इफेक्ट्स और असंतुलन हो सकता है। सबसे पहले अल्ट्रासाउंड और हार्मोनल प्रोफाइल से सही कारण का पता लगाना जरूरी है।
  • क्या हाइपरप्रोलैक्टिनेमिया भी पहला पीरियड रोकने का कारण बन सकता है?

    दिमाग की पिट्यूटरी ग्रंथि से प्रोलैक्टिन हार्मोन का लेवल बहुत ज्यादा बढ़ जाने से यह शरीर के अन्य सेक्स हार्मोन्स जैसे FSH और LHS के स्राव को दबा देता है। इससे एग्ज बनना रुक जाता है, जिससे पहला पीरियड नहीं आता।

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Aneesh Rawat

Health & Lifestyle Journalist

अनीश रावत पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में चीफ सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। यहां वह महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, योग और मेडिटेशन जैसे विषयों पर शोध आधारित लेख लिखते हैं। उनका फोकस स्वास्थ्य से जुड़े विषयों को डेटा, रिसर्च और विशेषज्ञों की राय के आधार पर पाठकों तक पहुंचाना है। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह News 24, All India Radio और ThinkRight Meditation App के साथ काम कर चुके हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Oct 21, 2026 13:47 IST

    Published By : Aneesh Rawat
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