Fri Oct 9, 2026 | 07:56 PM IST

Medically Reviewed by Dr Chetna Jain , Gynecologist

डिलीवरी के बाद पीरियड कब आता है? डॉक्टर से जानें इससे जुड़ी 5 जरूरी बातें

बच्चे के जन्म के बाद महिलाओं को कई बार कुछ महीनों तक पीरियड नहीं आते। ऐसे में उन्हें समझ नहीं आता कि पीरियड क्यों नहीं आ रहे या फिर डिलीवरी के बाद पीरियड कब आते हैं? इस लेख में डॉक्टर ने इन सभी सवालों के जवाब विस्तार से दिए हैं।
डिलीवरी के बाद पीरियड कब आता है? डॉक्टर से जानें इससे जुड़ी 5 जरूरी बातेंडिलीवरी के बाद पीरियड कब आता है? डॉक्टर से जानें इससे जुड़ी 5 जरूरी बातें

महिला की डिलीवरी होने के बाद आमतौर पर उनके शरीर को पुरानी स्थिति में आने में थोड़ा समय लग सकता है। इस दौरान महिलाओं के हार्मोंस में तेजी से बदलाव होता है और महिलाएं शिशु को ब्रेस्टफीड भी कराती हैं, तो उनके पीरियड में बदलाव हो सकते हैं। ऐसे में महिलाओं को हमेशा यह सवाल होता है कि डिलीवरी के बाद पीरियड कब आएगा? इस बारे में गुरुग्राम के Cloudnine Group of Hospitals के Obstetrics & Gynecology विभाग की Director Dr. Chetna Jain कहती हैं कि डिलीवरी के बाद पहली बार आने वाले पीरियड्स पहले जैसे होना जरूरी नहीं होता। किसी महिला को पीरियड्स कुछ हफ्तों में वापस आ सकते हैं, तो स्तनपान कराने वाली महिलाओं को कई महीनों तक पीरियड्स नहीं आते।

1. डिलीवरी के कितने दिनों बाद पीरियड आता है?

Dr. Chetna Jain कहती हैं, “इसका कोई एक तय समय नहीं होता। पहला पीरियड कब आएगा, यह काफी हद तक इस बात पर भी निर्भर करता है कि महिला ब्रेस्टफीड करा रही है या नहीं। जो महिलाएं ब्रेस्टफीडिंग नहीं कराती या शिशु को फॉर्मूला मिल्क देती हैं, उनके पीरियड जल्दी आ सकते हैं। वहीं, जो महिलाएं रेगुलर स्तनपान करा रही हैं, उनमें प्रोलैक्टिन हार्मोन की वजह से ओव्यूलेशन और पीरियड्स लंबे समय तक नहीं आते।”

NHS के अनुसार, अगर महिला बोतल से दूध पिला रही है या स्तनपान के साथ फॉर्मूला मिल्क दे रही हैं, तो उनके डिलीवरी के बाद पहली बार पीरियड 5 से 6 हफ्ते के बाद शुरू हो सकता है। अगर महिला स्तनपान कराती है, तो जब तक वह ब्रेस्टफीड कम नहीं करती, तब तक उसके पीरियड आने के चांस काफी कम होते हैं।

2. डिलीवरी के बाद पीरियड में ज्यादा ब्लीडिंग होती है?

Dr. Chetna Jain का कहना है, “कई महिलाएं मुझे आकर कहती हैं कि उनका पहला पीरियड डिलीवरी के तुरंत बाद आ गया था, लेकिन बच्चे के जन्म के तुरंत बाद शुरू होने वाली ब्लीडिंग को लोशिया कहते हैं। मैं बताना चाहूंगी कि यह पीरियड में काउंट नहीं होता। दरअसल, प्रेग्नेंसी और डिलीवरी के बाद गर्भाशय से खून और बचे हुए टिश्यू बाहर निकलते हैं। इसमें शुरुआत में ब्लीडिंग ज्यादा हो सकती है, लेकिन इसकी मात्रा धीरे-धीरे कम होने लगती है। इसलिए डिलीवरी के बाद होने वाली ब्लीडिंग को पहला पीरियड नहीं माना जा सकता है।”

First Period After DeliveryFirst Period After Delivery

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3. डिलीवरी के बाद पहला पीरियड कैसा होता है?

Dr. Chetna Jain ने बताया कि डिलीवरी के बाद जो पीरियड होता है, जरूरी नहीं है कि वह बिल्कुल वैसा ही हो, जो प्रेग्नेंसी से पहले था। डिलीवरी के बाद पहले पीरियड में ब्लीडिंग कम या ज्यादा हो सकती है। कई महिलाओं को ऐंठन, कमर दर्द या थकान ज्यादा महसूस हो सकती है। शुरुआती कुछ पीरियड्स की साइकिल भी बदल सकती है। कई बार पीरियड जल्दी तो कभी लेट भी हो सकता है। इसलिए शुरुआती पीरियड को देखकर घबराना नहीं चाहिए, लेकिन अगर ब्लीडिंग बहुत ज्यादा हो और पीरियड कई दिन तक चले, तो डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।

Cleveland Clinic के अनुसार, डिलीवरी के बाद शुरुआती पीरियड अनियमित हो सकते हैं, लेकिन कुछ महीनों बाद धीरे-धीरे एक निश्चित पैटर्न बन जाता है। डिलीवरी के बाद कुछ महिलाओं को पीरियड फ्लो पहले से थोड़ा हल्का या भारी रह सकता है। कई महिलाओं को शिशु के जन्म के बाद पीरियड के दौरान होने वाला दर्द पहले के मुकाबले कम महसूस हो सकता है।

4. क्या ब्रेस्टफीडिंग के दौरान पीरियड नहीं होते?

Dr. Chetna Jain बताती हैं कि अगर महिला रेगुलर दिन और रात में भी ब्रेस्टफीड करा रही है, तो पीरियड आने में देरी हो सकती है। इसके लिए डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। हालांकि, पीरियड्स वापस आने के बाद भी शिशु को स्तनपान कराते रहना चाहिए, लेकिन कुछ महिलाओं में पीरियड्स के आसपास दूध की मात्रा में अस्थायी बदलाव महसूस हो सकता है। ऐसे में इस बात पर ध्यान देना जरूरी है कि बच्चे को पर्याप्त दूध मिल रहा है या नहीं। अगर दूध को लेकर कोई परेशानी महसूस हो रही है, तो डॉक्टर से सलाह लें।

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5. क्या पीरियड न आने तक प्रेग्नेंसी नहीं होती?

Dr. Chetna Jain ने कहा, “अक्सर महिलाएं मेरे पास आकर यही कहती हैं कि वह शिशु को ब्रेस्टफीड करा रही हैं और उन्हें पीरियड भी शुरू नहीं हुए। इसके बावजूद वह दोबारा प्रेग्नेंट हो गई है। यह बात डिलीवरी के बाद खास तौर पर ध्यान रखने वाली है कि पहला पीरियड आने से पहले ही ओव्यूलेशन हो सकता है। इसका मतलब यह है कि ब्रेस्टफीड करा रही महिलाओं को पीरियड्स वापस शुरू होने से पहले भी प्रेग्नेंसी हो सकती है।”

NHS के मुताबिक, डिलीवरी के करीब तीन हफ्ते बाद महिला दोबारा प्रेग्नेंट हो सकती है, भले ही उसके पीरियड्स शुरू भी न हुए हों। इसलिए जिन महिलाओं को प्रेग्नेंसी नहीं चाहिए, उन्हें डॉक्टर से गर्भनिरोधक ऑप्शंस के बारे में बात करनी चाहिए।

निष्कर्ष

Dr. Chetna Jain सलाह देती हैं कि डिलीवरी के बाद अगर पहले पीरियड में बहुत ज्यादा ब्लीडिंग हो, खून के थक्के आ रहे हो या पेल्विक एरिया में बहुत तेज दर्द हो, तो इसे नॉर्मल समझकर नजरअंदाज न करें। ऐसा होने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। इस बात का भी ध्यान रखें कि डिलीवरी के बाद पीरियड्स को लेकर हर महिला का अनुभव अलग हो सकता है। इसलिए महिलाओं को अपने शरीर के बदलावों पर ध्यान देना चाहिए और समस्या होने पर घरेलू नुस्खे आजमाने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर रहता है।

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FAQ

  • क्या पीरियड वापस आने से मां के दूध का स्वाद या मात्रा बदल जाती है?

    पीरियड के दिनों में हार्मोनल बदलाव के कारण दूध की मात्रा में अस्थायी कमी आ सकती है और स्वाद हल्का सा बदल सकता है, लेकिन यह पूरी तरह से सुरक्षित है और फीडिंग जारी रखनी चाहिए।
  • डिलीवरी के बाद पीरियड्स कितने महीनों तक अनियमित रह सकते हैं?

    डिलीवरी और ब्रेस्टफीडिंग बंद करने के बाद शुरुआती 3 से 6 महीने तक पीरियड चक्र का अनिश्चित होना पूरी तरह सामान्य है। शरीर में प्रोलैक्टिन, एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन का संतुलन बनने में थोड़ा समय लगता है।  

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Aneesh Rawat

Health & Lifestyle Journalist

अनीश रावत पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में चीफ सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। यहां वह महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, योग और मेडिटेशन जैसे विषयों पर शोध आधारित लेख लिखते हैं। उनका फोकस स्वास्थ्य से जुड़े विषयों को डेटा, रिसर्च और विशेषज्ञों की राय के आधार पर पाठकों तक पहुंचाना है। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह News 24, All India Radio और ThinkRight Meditation App के साथ काम कर चुके हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Oct 09, 2026 18:45 IST

    Published By : Aneesh Rawat
    Reviewed By : Dr Chetna Jain