हर महिला के लिए पीरियड्स से जुड़ा अनुभव अलग होता है। जैसे किसी का पीरियड्स के दौरान जरा भी तकलीफ नहीं होती है, तो कुछ महिलाएं ऐसी हैं, जिन्हें हैवी ब्लीडिंग होती है और पेट या कमर में तीव्र दर्द होता है। इसी तरह, कुछ महिलाओं को पीरियड्स में ब्लड क्लॉट्स आने की समस्या हो जाती है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर पीरियड्स में ब्लड क्लॉट क्यों आते हैं? क्या यह किसी गंभीर बीमारी का कारण हैं?
इस बारे में वृंदावन स्थित Mumma's Blessing IVF और Birthing Paradise की मेडिकल डायरेक्टर, गायनेकोलॉजिस्ट और IVF स्पेशलिस्ट डॉ. शोभा गुप्ता बताती हैं, "पीरियड्स के दौरान ब्लड क्लॉट होना सामान्य होता है। आमतौर पर पीरियड्स में ब्लड क्लॉटिंग तब होती है, जब फ्लो तेज होने पर शरीर में मौजूद एंटीकोएगुलेट्स (थक्का जमने से रोकने वाले तत्व) खून को पतला करने के लिए पर्याप्त समय नहीं पाते। ऐसे में यूटरीन लाइनिंग शेड (shed) होकर थक्के के रूप में बाहर निकल जाता है। इसी वजह से पीरियड्स में ब्लड क्लॉटिग होती है।"
पीरियड्स में ब्लड क्लॉटिंग होने के मुख्य कारण
causes of blood clots during periods
1. हैवी ब्लीडिंग होनाः जब पीरियड्स में हैवी ब्लीडिंग होती है, तो शरीर के प्राकृतिक एंटीकोगुलेंट अपना काम सही तरह से नहीं कर पाते हैं। नतीजनत, ब्लड क्लॉटिंग होने लगती है। NIH के अनुसार, सामान्य पीरियड्स में ब्लड क्लॉट नहीं होते हैं। इसके होने का जोखिम हैवी ब्लीडिंग में ही बना रहता है।
2. हार्मोनल असंतुलनः उन महिलाओं को भी पीरियड्स में ब्लड क्लॉटिंग की समस्या हो सकती है, जिनके शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन का संतुलन बिगड़ जाता है। ध्यान रखें कि हार्मोनल असंतुलन के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसे डायबिटीज, मोटापा आदि।
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3. यूटरिन फाइब्रॉएड्सः यह गर्भाशय में होने वाली समस्या है। यूटरिन फाइब्रॉएड्स गैर-कैंसरकारी गांठें होती हैं। इसकी वजह से पीरियड्स में न सिर्फ हैवी ब्लीडिंग शुरू हो जाती है, बल्कि हैवी क्लॉटस भी बनने लगते हैं। The Fibroid Foundation के अनुसार, यूटरिन फाइब्रॉएड्स के कारण हेवी ब्लीडिंग और रक्त के थक्के निकल सकते हैं।
4. थाइरायड की समस्याः थाइरायड, मासिक धर्म के दौरान अत्यधिक या लंबे समय तक होने वाले ब्लीडिंग का कारण बनकर अप्रत्यक्ष रूप से खून के थक्के बनने की वजह बन सकते हैं। इस बारे में विशेषज्ञ बताती हैं, जब थाइरायड ग्लैंड सही तरह से काम नहीं करता है, तो इसकी वजह से सेहत को भारी नुकसान होने लगता है। ऐसे में पीरियड्स भी प्रभावित होते हैं और ब्लड फ्लो भी असंतुलित होने लगता है। ऐसे में पीरियड्स में रक्त के थक्के भी निकलने लगते हैं। Italian Journal of Pediatrics में प्रकाशित एक मेडिकल केस रिपोर्ट के अनुसार गंभीर हाइपोथायरॉइडिज्म शरीर की रक्त थक्का बनाने वाली प्रणाली को प्रभावित कर सकता है, जिससे मासिक धर्म के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव (Menorrhagia) और एनीमिया का खतरा बढ़ जाता है।
5. एंडोमेट्रियोसिसः इस परेशानी में जब गर्भाशय जैसे टिश्यूज यूट्रस के बाहर विकसित होने लगते हैं, तो ऐसे में भी महिला के पीरियड्स भी प्रभावित होने लगते हैं। दरअसल, एंडोमेट्रियोसिस होने पर महिला को हैवी ब्लीडिंग होने लगती है। इसके अलावा, एंडोमेट्रियोसिस के कारण गर्भाशय के बाहर मौजूद ऊतकों में सूजन और ब्लीडिंग होने लगती है, जिससे पीरियड्स के दौरान भारी ब्लीडिंग और बड़े थक्के बनने लगते हैं। हालांकि, एंडोमेट्रियोसिस से पीड़ित हर महिला के साथ ऐसा हो, यह जरूरी नहीं है।
6. गर्भपात या मिसकैरेजः आमतौर पर प्रेग्नेंसी कंसीव करने के बाद पीरियड्स नहीं होते हैं। हालांकि, शुरुआती समय में ऐसा हो सकता है। कुछ महिलाएं माइल्ड ब्लीडिंग या स्पॉटिंग का अनुभव कर सकती हैं। वहीं, अगर किसी महिला का मिसकैरेज हो जाता है, तो ब्लीडिंग होने लगती है। इसे अक्सर महिलाएं सामान्य पीरियड समझ लेती हैं। हालांकि, शुरुआती गर्भावस्था में हल्की स्पॉटिंग को इम्प्लांटेशन ब्लीडिंग कहा जाता है, लेकिन अगर ब्लीडिंग के साथ बड़े क्लॉट्स निकलें, तो यह गर्भपात (miscarriage) का संकेत हो सकता है। तुरंत डाॅक्टर से संपर्क कर अपनी जांच करवाएं। NIH में प्रकाशित एक लेख से पता चलता है कि गर्भपात में रक्त के थक्के निकल सकते हैं और इसका आकार हर महिला के लिए अलग-अलग होता है।
7. ब्लीडिंग डिसऑर्डर:अगर किसी महिला को ब्लीडिंग डिसऑर्डर जैसी समस्या है, तो उन्हें भी पीरियड्स के दौरान ब्लड क्लॉट आने की परेशानी हो सकती है। वास्तव में, ब्लीडिंग डिसऑर्डर में खून का थक्का जमने की प्रक्रिया प्रभावित होती है, जिससे पीरियड्स के दौरान सामान्य से बहुत ज्यादा ब्लीडिंग और लंबे समय तक बड़े-बड़े थक्के बन सकते हैं।
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क्या करें?
डाॅ. शोभा गुप्ता बताती हैं, "वैसे तो पीरियड्स में ब्लड क्लॉट आना कोई गंभीर समस्या नहीं है। यह सामान्य प्रक्रिया है। हां, अगर किसी को ब्लीडिंग डिसऑर्डर, एंडोमेट्रियोसिस जैसी कोई गंभीर समस्या है, तो वे इस संबंध में डाॅक्टर से परामर्श कर सकते हैं।" हां, अगर पीरियड्स के दौरान ब्लड क्लॉट के साथ-साथ पेट दर्द या अन्य समस्या हो, तो यहां बताए गए टिप्स को अपनाएं-
- दिन भर में पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
- आयरन युक्त खाद्य पदार्थ का सेवन करें।
- योगा या अन्य लाइट एक्सरसाइज करें।
- पेट के निचले हिस्से की गर्म सिकाई करें।
- पर्याप्त रेस्ट करें ताकि दर्द कम हो सके।
निष्कर्ष
पीरियड्स में सामान्य ब्लड क्लॉट होना कोई हैरानी की बात नहीं है और न ही यह किसी तरह की समस्या का विषय है। हालांकि, किसी को पीरियड्स में हैवी क्लॉटिंग हो, तो इसके स्वास्थ्य समस्याएं जिम्मेदार होती हैं। इसमें थायराइड की समस्या, एंडोमेट्रियोसिस आदि शामिल हैं। अगर आपको ऊपर बताई गई कोई भी परेशानी है, तो इस बारे में डाॅक्टर को बताने में देरी न करें। इसके अलावा, अगर आप प्रेग्नेंट हैं और स्पॉटिंग या ब्लीडिंग हो रही है, तो अपने स्वास्थ्य को लेकर जरा भी लापरवाही न करें। अगर ब्लड के थक्के निकल रहे हैं, तो यह गर्भपात का संकेत हो सकता है, तुरंत डाॅक्टर से मिलें।
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FAQ
पीरियड्स के दौरान थक्कों का आकार कब चिंताजनक हो जाता है?
अगर क्लॉट्स का आकार एक 5 रूपए के सिक्के से बड़ा होता है, तो यह असामान्य है। तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।क्या डाइट में बदलाव करने से हैवी ब्लीडिंग को नियंत्रित किया जा सकता है?
सिर्फ डाइट से हैवी ब्लीडिंग को नियंत्रित नहीं किया जा सकता है। हैवी ब्लीडिंग क्यों हो रही है, इस बारे जानकारी होना आवश्यक है। अगर यह समस्या नहीं है, तो इसे नियंत्रित करने की जरूरत भी नहीं होती है।
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Oct 02, 2026 16:32 IST
Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dr Shobha Gupta
