Fri Oct 2, 2026 | 02:55 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shobha Gupta , Medical Director and IVF Consultant

बच्चेदानी में सिस्ट और फाइब्रॉएड में क्या फर्क है? डॉक्टर से जानें कैसे पहचानें अंतर

सिस्ट और फाइब्रॉएड, दोनों अलग-अलग समस्याएं हैं। हालांकि, महिलाएं अक्सर इन्हें एक मानने की भूल कर बैठती हैं। आपको बता दें कि ये न सिर्फ अलग हैं, बल्कि इनका इलाज भी भिन्न है। इस लेख में सरल भाषा में समझें इनके बीच क्या फर्क है?
बच्चेदानी में सिस्ट और फाइब्रॉएड में क्या फर्क है? डॉक्टर से जानें कैसे पहचानें अंतरबच्चेदानी में सिस्ट और फाइब्रॉएड में क्या फर्क है? डॉक्टर से जानें कैसे पहचानें अंतर

Ovarian Cyst Vs Fibroid: महिलाओं में अल्ट्रासाउंड के दौरान गर्भाशय या अंडाशय में किसी गांठ या सिस्ट का पता चलना चिंता का कारण बन सकता है। कई बार महिलाएं ओवेरियन सिस्ट और फाइब्रॉएड को एक ही समस्या समझ लेती हैं, जबकि दोनों एक दूसरे से अलग हैं और दोनों के होने का कारण, लोकेशन, नेचर और ट्रीटमेंट पूरी तरह अलग-अलग होते हैं। हालांकि, दोनों ही अक्सर गैर-कैंसरकारी होते हैं, लेकिन इनका असर महिला के मासिक धर्म, दर्द, कंसीव करने में दिक्कत और प्रजनन क्षमता को भी प्रभावित कर सकता है।

वृंदावन स्थित Mumma's Blessing IVF और Birthing Paradise की मेडिकल डायरेक्टर, गायनेकोलॉजिस्ट और IVF स्पेशलिस्ट डॉ. शोभा गुप्ता के अनुसार, "ओवेरियन सिस्ट और फाइब्रॉएड दो अलग स्थितियां हैं। फाइब्रॉएड गर्भाशय की मांसपेशियों से बनने वाली गांठ होती है, जबकि ओवेरियन सिस्ट अंडाशय के अंदर या उसकी सतह पर बनने वाली तरल पदार्थ से भरी थैली हो सकती है। इसलिए केवल यह सुनकर घबराने की जरूरत नहीं है कि शरीर में कोई गांठ या सिस्ट है।"

ओवेरियन सिस्ट क्या होता है?- What Is Ovarian Cyst In Female In Hindi

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NCBI Bookshelf (NIH) पर उपलब्ध एक मेडिकल आर्टिकल के अनुसार, ओवेरियन सिस्ट अंडाशय के अंदर या उसके आसपास बनने वाली थैली जैसी संरचना होती है। इसमें तरल पदार्थ, खून या अन्य सामग्री हो सकती है। महिलाओं में कई सिस्ट सामान्य मासिक चक्र का हिस्सा भी हो सकती हैं और कुछ समय बाद अपने आप खत्म हो जाती हैं।

खासकर युवा महिलाएं जिनकी प्रजनन आयु है, उनमें फंक्शनल सिस्ट आम होती हैं। हालांकि, सभी सिस्ट एक जैसी नहीं होतीं। एंडोमेट्रियोसिस से जुड़ी सिस्ट, डर्मॉइड सिस्ट या अन्य प्रकार की सिस्ट अलग तरह से व्यवहार कर सकती हैं। सिस्ट का आकार, उसकी बनावट और अल्ट्रासाउंड में दिखाई देने वाली विशेषताएं यह तय करने में मदद करती हैं कि केवल उस पर नजर रखने की जरूरत है या आगे जांच और उपचार की।

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फाइब्रॉएड क्या होता है?- What Is Fibroid In Female In Hindi

यह NCBI Bookshelf पर उपलब्ध जर्मन इंस्टीट्यूट फॉर क्वालिटी एंड एफिशिएंसी इन हेल्थ केयर की एक मेडिकल हेल्थ गाइड के अनुसार, फाइब्रॉएड कैंसर-रहित ट्यूमर होते हैं। ये बहुत आम हैं और 40% से 80% महिलाओं में पाई जाती हैं। लेकिन इनका आकार इतना छोटा होता है कि अक्सर महिलाओं में इसके लक्षण नजर नहीं आते हैं। 

फाइब्रॉएड को गर्भाशय की रसौली भी कहा जाता है। यह गर्भाशय की बाहरी सतह, उसकी मांसपेशियों के भीतर या गर्भाशय की अंदरूनी गुहा की ओर विकसित हो सकती है। फाइब्रॉएड का प्रभाव काफी हद तक उसके स्थान, आकार और संख्या पर निर्भर करता है। कुछ महिलाओं में छोटे फाइब्रॉएड बिना किसी लक्षण के होते हैं, जबकि अन्य में अत्यधिक मासिक रक्तस्राव, पेट या कमर में दर्द, पेट में भारीपन या बार-बार पेशाब आने जैसी समस्या हो सकती है।

ओवेरियन सिस्ट और फाइब्रॉएड में अंतर- Ovarian Cysts vs Fibroids Differences In Hindi

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क्रम फाइब्रॉएड (Ovarian Cysts) ओवेरियन सिस्ट (Fibroids)
1. सबसे बुनियादी अंतर यह है कि फाइब्रॉएड गर्भाशय में बनता है। ओवेरियन सिस्ट अंडाशय से संबंधित होती है। दोनों की संरचना भी अलग होती है।
2. फाइब्रॉएड आमतौर पर ठोस ऊतक की गांठ होती है।  कई ओवेरियन सिस्ट तरल पदार्थ से भरी होती हैं।
3. फाइब्रॉएड के कारण मासिक धर्म ज्यादा दिनों तक चल सकता है। कुछ ओवेरियन सिस्ट हार्मोनल बदलावों से जुड़ी हो सकती हैं।
4. फाइब्रॉएड में हैवी ब्लीडिंग हो सकती है। ओवेरियन सिस्ट के कारण मासिक धर्म अनियमित हो सकता है।

डॉ. शोभा गुप्ता सलाह देती हैं, "सिर्फ लक्षणों के आधार पर यह तय करना मुश्किल है कि महिला को सिस्ट है या फाइब्रॉएड। सही स्थान और संरचना जानने के लिए स्त्री रोग विशेषज्ञ की जांच और आवश्यकता के अनुसार अल्ट्रासाउंड जरूरी होता है।"

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क्या दोनों गर्भधारण को प्रभावित कर सकते हैं?

हर सिस्ट या फाइब्रॉएड गर्भधारण में परेशानी पैदा करें, यह जरूरी नहीं है। कुछ ओवेरियन सिस्ट का प्रजनन क्षमता पर कोई महत्वपूर्ण असर नहीं होता। हालांकि, कुछ स्थितियों में सिस्ट अंडाशय के कामकाज या ओव्यूलेशन को प्रभावित कर सकती है। एंडोमेट्रियोसिस से जुड़ी सिस्ट भी प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर सकती है।

इसी तरह, फाइब्रॉएड की मौजूदगी का मतलब यह नहीं है कि महिला गर्भवती नहीं हो सकती। लेकिन यदि फाइब्रॉएड गर्भाशय की अंदरूनी गुहा को प्रभावित कर रहा हो, उसका आकार बड़ा हो या उसकी स्थिति गर्भधारण के लिए महत्वपूर्ण हो, तो डॉक्टर अधिक सावधानी से मूल्यांकन कर सकते हैं।

कब डॉक्टर से मिलना चाहिए?

अगर मासिक धर्म बहुत ज्यादा या लंबे समय तक हो, लगातार पेट या पेल्विक हिस्से में दर्द रहे, पेट फूलने या भारीपन की शिकायत हो, मासिक धर्म में अचानक बदलाव आए या गर्भधारण में परेशानी हो रही हो, तो प्रोफेशनल से मिलने में देरी नहीं करनी चाहिए। अचानक बहुत तेज पेट दर्द, चक्कर, कमजोरी या बेहोशी जैसी स्थिति में तुरंत मेडिकल हेल्प लेना जरूरी है, क्योंकि कुछ प्रकार की ओवेरियन सिस्ट में जटिलताएं हो सकती हैं।

क्या हर सिस्ट या फाइब्रॉएड का इलाज जरूरी है?

डॉ. शोभा गुप्ता के मुताबिक, "हर सिस्ट या फाइब्रॉएड का इलाज जरूरीनहीं है। ट्रीटमेंट होगा या नहीं और किस तरह का ट्रीटमेंट होगा, इसका फैसला केवल इस आधार पर नहीं किया जाता कि अल्ट्रासाउंड में सिस्ट या फाइब्रॉएड दिखाई दिया है। डॉक्टर आमतौर पर उसका आकार, स्थान, लक्षण, उम्र, प्रजनन की योजना और अल्ट्रासाउंड की विशेषताओं को ध्यान में रखते हैं।"

डॉक्टर की सलाह 

डॉ. शोभा गुप्ता कहती हैं, "कई महिलाएं जो सिस्ट या फाइब्रॉएड से जूझ रही हैं, उनमें सिर्फ नियमित निगरानी ही काफी होती है। कुछ मामलों में दवाओं, आगे की जांच या सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है। इसलिए, डॉक्टर की सलाह के बिना कुछ न करें। हां, इंटरनेट पर पढ़कर स्वयं अपना इलाज न करें। इसके बजाय आपकी मेडिकल रिपोर्ट को स्त्री रोग विशेषज्ञ को दिखाएं। वे जरूरी कदम उठाएंगे।"

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निष्कर्ष

कुल मिलाकर, ओवेरियन सिस्ट और फाइब्रॉएड एक जैसी बीमारी नहीं हैं। दोनों का सही अंतर समझने के लिए यह देखना जरूरी है कि समस्या किस अंग में है, उसकी प्रकृति क्या है और महिला को किस तरह के लक्षण हो रहे हैं। सही समय पर जांच और व्यक्तिगत चिकित्सा सलाह से अनावश्यक चिंता और गलत उपचार दोनों से बचा जा सकता है।

All Image Credit: Magnific

FAQ

  • क्या ओवेरियन सिस्ट या फाइब्रॉएड मेनोपॉज के बाद अपने आप ठीक हो जाते हैं?

    मेनोपॉज के एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन का स्तर कम जाता है। ऐसे में फाइब्रॉएड का आकार अपने आप छोटा होने लगता है। हालांकि, मेनोपॉज के बाद अगर कोई भी नया सिस्ट या गांठ दिखाई दे, तो उसकी तुरंत इलाज करवाएं।
  • क्या जीवनशैली में परिवर्तन से फाइब्रॉएड और सिस्ट के जोखिम को कम किया जा सकता है?

    हां, संतुलित जीवनशैली फाइब्रॉएड और सिस्ट के जोखिम को कम करने में मददगार हो सकती है। फाइबर युक्त आहार, हरी सब्जियां और नियमित व्यायाम को शामिल करने से हार्मोनल संतुलन बना रहता है, जिससे इन समस्यायों के होने का जोखिम कम होता है।

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Meera Tagore

Health Journalist

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Oct 02, 2026 13:42 IST

    Published By : Meera Tagore
    Reviewed By : Dr Shobha Gupta