Tue Oct 27, 2026 | 05:12 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shobha Gupta , Medical Director and IVF Consultant

Ovarian Cyst: ओवेरियन सिस्ट होने पर नजर आते हैं ये 5 लक्षण? न करें नजरअंदाज

Symptoms Of Ovarian Cyst: वैसे तो ओवेरियन सिस्ट होने पर किसी तरह के लक्षण नहीं दिखते हैं, लेकिन कुछ समय बाद पीरियड्स में अनियमितता, पेट में दर्द, सूजन आदि समस्याएं होने लगती हैं। इस तरह के लक्षणों की अनदेखी कभी न करें।
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ओवेरियन सिस्ट, जिसे अंडाशय की गांठ भी कहा जाता है, तरल पदार्थ से भरी एक थैली होती है। अंडाशय की गांठ अंडाशय के ऊपर या इसके अंदर भी बन सकती है। आपको बता दें कि ओवरीज महिलाओं के लिए बहुत जरूरी अंग हैं। यह एक तरह का प्रजनन अंग है, जो शरीर में हार्मोन को संतुलित रखता है। अगर किसी महिला को ओवेरियन सिस्ट हो जाता है, तो ऐसे में महिला के लिए कंसीव करना मुश्किल हो सकता है।

आमतौर पर ओवेरियन सिस्ट होने पर इसके शुरुआती लक्षण नजर नहीं आते हैं। इस बारे में वृंदावन स्थित Mumma's Blessing IVF और Birthing Paradise की मेडिकल डायरेक्टर, गायनेकोलॉजिस्ट और IVF स्पेशलिस्ट डॉ. शोभा गुप्ता कहती हैं, "ज्यादातर ओवेरियन सिस्ट में किसी तरह के लक्षण नहीं दिखते हैं और समय के साथ-साथ ये अपने आप ठीक भी हो जाते हैं। हालांकि, कुछ सामान्य लक्षणों की बात करें, तो इसमें पेट के निचले हिस्से में दर्द, ब्लोटिंग, सूजन और यौन संबंध बनाने के दौरान दर्द जैसी कुछ समस्याएं हो सकती हैं।"

ओवेरियन सिस्ट क्या है और यह क्यों होता है?

NHS के अनुसार ओवेरियन सिस्ट तरल पदार्थ से भरी थैली है, जो कि ओवरी में विकसित होती है। ये सामान्य हैं और आमतौर पर किसी तरह की परेशानी या समस्या का कारण नहीं बनती है। ज्यादातर मामलों में अंडाशय की गांठ कुछ महीनों में अपने आप ठीक हो जाती है। 

जहां तक सवाल इस बात का है कि आखिर ओवेरियन सिस्ट यानी अंडाशय में गांठ क्यों बनती है? इस बारे में डाॅ. शोभा गुप्ता बताती हैं, "आमतौर पर महावारी के दौरान हो रहे हार्मोनल बदलाव के कारण महिलाओं में ओवेरियन सिस्ट की समस्या हो सकती है। इसके अलावा, कई स्वास्थ्य समस्याएं जैसे एंडोमेट्रियोसिस या PID ओवेरियन सिस्ट के कारण हो सकती हैं।" NCBI के Bookshelf के अनुसार, ज्यादातर सिस्ट फंक्शनल सिस्ट होती हैं, जो मासिक धर्म चक्र के दौरान सामान्य हार्मोनल बदलावों के कारण बनती हैं।

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ओवेरियन सिस्ट के 5 मुख्य संकेत

  1. दर्द होनाः अंडाशय में गांठ होने पर महिलाओं के पेल्विक, पेट के निचले हिस्से और कमर के निचले हिस्से में दर्द हो सकता है। कई बार नाभि के नीचे किसी एक तरफ हल्का यानी मीठा-मीठा दर्द, भारीपन या तेज चुभन तक महसूस हो सकती है।
  2. पेट फूलनाः अंडाशय में गांठ होने की स्थिति में पेट फूलना, पेट में भारीपन, दबाव या पेट के आकार में बढ़ोतरी महसूस हो सकती है। दिखने में लगता है कि जैसे वजन बढ़ गया है।
  3. पेनफुल सेक्सः ओवेरियन सिस्ट के कारण महिलाओं के लिए यौन संबंध बनाना काफी मुश्किल हो जाता है। यौन संबंध बनाते हुए दर्द (डिस्पायरुनिया) का एहसास होता है। इस दौरान दर्द के साथ-साथ असहजता भी बढ़ जाती है।
  4. अनियमित पीरियड्सः ओवरी से जुड़ी किसी भी तरह की परेशानी होने पर महिलाओं में पीरियड्स अनियमित हो जाते हैं या बहुत कम ब्लीडिंग होने लगती है। कुछ महिलाओं को पीरियड्स के दौरान असहनीय दर्द (ऐंठन), या दो पीरियड्स के बीच में स्पॉटिंग आने जैसी समस्या हो जाती है।
  5. पेशाब या शौच के पैटर्न में बदलावः ओवेरियन सिस्ट के कारण बार-बार पेशाब आना, ब्लैडर को पूरी तरह खाली करने में कठिनाई महसूस करना या मल त्याग करते समय दर्द महसूस होना जैसी परेशानियां भी हो सकती हैं।

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ओवेरियन सिस्ट का निदान

  • पेल्विक की जांचः ओवेरियन सिस्ट का निदान करने के लिए डॉक्टर पेल्विक एरिया को छूकर गांठ, सूजन या अंडाशय के आकार में आए बदलाव की जांच करते हैं।
  • पेल्विक अल्ट्रासाउंडः इसके जरिए गर्भाशय और अंडाशय की इमेज स्पष्ट होती है। इससे पता चलता है कि सिस्ट पानी से भरी हुई है या ठोस है।
  • ब्लड टेस्ट/ट्यूमर मार्कर्सः अगर ओवेरियन सिस्ट ठोस या जटिल है या महिला को मेनोपॉज हो चुका है, तो डॉक्टर CA-125 ब्लड टेस्ट कराने की सलाह दे सकते हैं। यह टेस्ट उन प्रोटीनों की जांच करता है, जो कभी-कभी ओवेरियन कैंसर में बढ़ जाते हैं। 

ओवेरियन सिस्ट से बचाव के लिए जीवनशैली में बदलाव

क्रम क्या करें? लाभ
1. वजन संतुलित रखें
  • वजन कम करने से बाॅडी मास इंडेक्स कम रहता है।
  • इससे इंसुलिन और एस्ट्रोजन प्रोडक्शन के संतुलन में मदद मिलती है।
2. एक्सरसाइज करें
  • नियमित रूप से एक्सरसाइज करने पर मेटाबाॅलिज्म रेट सही रहता है।
  • इससे इंसुलिन रेजिस्टेंस में भी सुधार होता है।
  • रिप्रोडक्टिव हार्मोन में भी सुधार देखने को मिलता है।
3. पोषक तत्व लें
  • ओवेरियन सिस्ट से बचाव के लिए सही डाइट लेना भी बहुत जरूरी है।
  • डाइट में सब्जियां और फलों का सेवन करना आवश्यक है।
  • शुगर और कार्ब्स से दूर रहें तथा हेल्दी फैट का सेवन करें।
4. स्मोकिंग न करें
  • ओवेरियन सिस्ट से बचाव के लिए जरूरी है कि आप शराब का सेवन न करें और स्मोकिंग से भी दूर रहें।
  • असल में, अधिक स्मोकिंग करने और शराब का से हार्मोनल बदलाव हो सकते हैं।
  • स्मोकिंग न करने से स्वास्थ्य में सुधार होता है। 

निष्कर्ष

ओवेरियन सिस्ट होने पर अक्सर महिलाओं को शुरुआती लक्षण नजर नहीं आते हैं। इसलिए, अगर कभी भी पीरियड्स संबंधी परेशानी होने लगे, तो तुरंत डाॅक्टर के पास जाएं और इसकी जांच करवाएं। कई बार सही जांच की मदद से समय पर ओवेरियन सिस्ट का पता चल जाता है, जिससे समय पर सही इलाज संभव हो पाता है। ध्यान रखें कि अगर इसके इलाज में देरी की गई तो भविष्य में कंसीव करने की संभावना काफी कम हो जाती है।

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FAQ

  • क्या ओवेरियन सिस्ट अपने आप फट सकती है?

    हां, सिस्ट का आकार बहुत बड़ा होने या दबाव बढ़ने के कारण यह फट सकती है, जिससे अचानक असहनीय पेट दर्द और इंटरनल ब्लीडिंग शुतु हो सकती है।
  • ओवेरियन टॉरशन क्या होता है?

    भारी या बड़ी सिस्ट के कारण अंडाशय अपनी जगह पर मुड़ जाता है, जिससे उसकी रक्त आपूर्ति रुक जाती है; यह एक मेडिकल इमरजेंसी है।
  • क्या गर्भनिरोधक गोलियां ओवेरियन सिस्ट के इलाज में मदद करती हैं?

    गर्भनिरोधक गोलियां पहले से मौजूद सिस्ट को खत्म नहीं करतीं। हालांकि, नए ओव्यूलेशन को रोककर भविष्य में नए फंक्शनल सिस्ट बनने से रोकने में मदद कर सकती है।

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Meera Tagore

Health Journalist

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Oct 27, 2026 16:02 IST

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