Fri Sep 11, 2026 | 06:52 PM IST

Medically Reviewed by Prof Dr Smriti Agrawal , Professor & Gynaecologist - Department of Obstetrics & Gynaecology

ओवेरियन हाइपरस्टिम्यूलेशन सिंड्रोम (OHSS) क्या है? डॉक्टर से जानें लक्षण, कारण और इलाज

ओवेरियन हाइपरस्टिम्यूलेशन सिंड्रोम (OHSS) एक ऐसी समस्‍या है जो इंफर्टि‍ल‍िटी ट्रीटमेंट जैसे IVF के दौरान होती है। इसमें ओवरीज दवाओं के असर से ज्‍यादा एक्‍ट‍िव हो जाती हैं।

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इंफर्टिलिटी (बांझपन) ट्रीटमेंट की मदद से गर्भधारण में मदद म‍िलती है। आमतौर पर यह सुरक्ष‍ित माना जाता है, लेक‍िन कुछ लोगों में इंफर्टिलिटी ट्रीटमेंट के दौरान एक दुर्लभ समस्‍या देखने को म‍िलती है ज‍िसे ओवेरियन हाइपरस्टिम्यूलेशन सिंड्रोम (Ovarian Hyperstimulation Syndrome या OHSS) कहा जाता है। इंफर्टि‍ल‍िटी के इलाज में ओवरीज को एग बनाने के ल‍िए जो दवाएं दी जाती हैं उनके र‍िएक्‍शन के कारण कुछ मामलों में OHSS जैसी समस्‍या देखने को म‍िलती हैं। OHSS क्‍या है और यह क्‍यों होता है? इसे समझने के ल‍िए हमने डॉ. स्मृति अग्रवाल, प्रोफेसर एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ, प्रसूति एवं स्त्रीरोग विभाग, केजीएमयू, यूपी लखनऊ (Dr. Smriti Agrawal, Professor & Gynaecologist At Department Of Obstetrics & Gynaecology, King George's Medical University, Lucknow) से बात की।

Mayo Clinic के मुताब‍िक, OHSS के लक्षण अक्सर ओव्यूलेशन को बढ़ावा देने वाली दवाओं को लेने के एक हफ्ते के भीतर शुरू हो जाते हैं। हालांक‍ि कभी-कभी लक्षणों को दिखाई देने में दो हफ्ते या उससे ज्‍यादा समय भी लग सकता है। लक्षण हल्के से लेकर गंभीर तक हो सकते हैं और समय के साथ वे बिगड़ भी सकते हैं या उनमें सुधार भी हो सकता है।

Ovarian Hyperstimulation Syndrome या OHSS क्या है?

Dr. Smriti Agrawal ने बताया क‍ि ओवेरियन हाइपरस्टिम्यूलेशन सिंड्रोम (OHSS) हार्मोन्‍स की अध‍िक मात्रा के कारण होने वाली एक प्रतिक्रिया है। यह समस्‍या ज्‍यादातर उन महिलाओं में होता है जो ओवरीज में अंडों के विकास को बढ़ावा देने के लिए इंजेक्शन द्वारा हार्मोनल दवाएं लेती हैं। ओवेरियन हाइपरस्टिम्यूलेशन सिंड्रोम (OHSS) के कारण ओवरीज में सूजन आ जाती है और दर्द होने लगता है।

OHSS उन महिलाओं में भी हो सकता है जो इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (IVF) या इंजेक्शन द्वारा ओव्यूलेशन इंडक्शन करवा रही हैं। कम ही मामलों में, OHSS ओरल दवाओं के इस्‍तेमाल से किए जाने वाले फर्टि‍ल‍िटी ट्रीटमेंट के दौरान होता है। OHSS का इलाज स्‍थ‍िति‍ की गंभीरता पर निर्भर करता है। कुछ मामलों में OHSS अपने आप ठीक हो सकता है, जबकि गंभीर मामलों में अस्पताल में भर्ती होकर इलाज कराने की जरूरत पड़ सकती है।

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OHSS कब होता है?

OHSS के लक्षण आमतौर पर ओव्यूलेशन के कुछ दिनों बाद शुरू होते हैं। अगर प्रेग्नेंसी नहीं होती है, तो लक्षण आमतौर पर दो हफ्तों के अंदर ठीक हो जाते हैं। American Society For Reproductive Medicine के मुताब‍िक, प्रेग्नेंट मह‍िलाओंं में, प्रेग्नेंसी टेस्ट पॉजि‍टिव आने के बाद भी अक्सर 2-3 हफ्तों तक या उससे ज्‍यादा समय तक लक्षण बने रह सकते हैं।

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OHSS के दौरान ओवरीज में क्या होता है?

Dr. Smriti Agrawal ने बताया क‍ि जब शरीर में फर्ट‍िल‍िटी के ल‍िए इंजेक्‍शन की मदद से HCG हार्मोन को शरीर में भेजा जाता है, तो ओवरीज कभी-कभी असामान्‍य रूप से प्रत‍िक्र‍िया करती हैं। ओवरीज में सूजन आ सकती है और तरल पदार्थ र‍िसने लगता है। इस वजह से OHSS होता है। इंफर्ट‍िल‍िटी ट्रीटमेंट के दौरान हर मह‍िला को OHSS नहीं होता।

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OHSS के लक्षण

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OHSS के लक्षण उसकी तीन स्‍टेज पर न‍िर्भर करते हैं-

Mild OHSS

  • जी म‍िचलाना।
  • उल्‍टी आना।
  • एब्‍डोम‍िनल ड‍िसकंफर्ट (पेट की समस्‍या)।

Moderate OHSS

  • पेट में पानी भर सकता है।
  • पेट में पानी भरने के कारण उल्‍टी और जी म‍िचलाने की समस्‍या बढ़ सकती है।

Severe OHSS

  • पेट के साथ-साथ लंग्‍स में भी पानी भर सकता है।
  • लंग्‍स में पानी भर जाने के कारण सांस लेने में द‍िक्‍कत होती है।
  • पैरों में सूजन हो सकती है।
  • दुर्लभ मामलों में ब्‍लड क्‍लॉट भी हो सकता है।

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OHSS के कारण

  • फर्टि‍ल‍िटी ट्रीटमेंट के दौरान HCG हार्मोन के इंजेक्‍शन से OHSS हो सकता है।
  • जब ओवरीज फर्ट‍िल‍िटी ट्रीटमेंट के दौरान एग बनाने के ल‍िए दी जाने वाले दवाओं के कारण ज्‍यादा एक्‍ट‍िव हो जाती हैं तब OHSS हो सकता है।
  • ओवरीज में ज्यादा फॉलिकल्‍स बनना।
  • हाई एस्ट्रोजन लेवल के कारण भी OHSS हो सकता है।

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क्या OHSS खतरनाक होता है?

Dr. Smriti Agrawal ने बताया क‍ि OHSS खतरनाक हो सकता है। आजकल सभी IVF क्‍लि‍न‍िक यह कोश‍िश करते हैं क‍ि उनके पास आने वाले मरीजों में OHSS न हो। OHSS के गंभीर मामलों में ये समस्‍याएं हो सकती हैं-

  • सांस लेने में द‍िक्‍कत होना।
  • क‍िडनी फेल होना।
  • ओवरीज में ब्‍लीड‍िंग।
  • गर्भपात का जोख‍िम
  • ब्‍लड क्‍लॉट।
  • इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन।

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OHSS क‍िन मह‍िलाओं को हो सकता है?

  • MedlinePlus के मुताब‍िक, OHSS उन तीन से छह प्रत‍िशत महिलाओं को प्रभावित करता है जो विट्रो फर्टिलाइजेशन (IVF) से गुजरती हैं।
  • अगर पहले फर्टि‍ल‍िटी ट्रीटमेंट में OHSS हुआ है, तो दोबारा भी इसके होने की संभावना बढ़ जाती है।
  • गंभीर PCOS होने पर।
  • LH (Luteinizing Hormone) लेवल ज्‍यादा होने पर OHSS हो सकता है।
  • फर्टि‍ल‍िटी ट्रीटमेंट के दौरान एस्ट्रोजन का स्तर बहुत अधिक होना।
  • PCOS होना।
  • ओवरी में बड़ी सिस्ट होना।

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OHSS की पुष्टि कैसे होती है?

OHSS की पुष्टि के ल‍िए ये जांच की जाती हैं-

  • पेट का अल्ट्रासाउंड या वजाइनल अल्ट्रासाउंड
  • एक्स-रे
  • कंप्‍लीट ब्लड काउंट
  • लिवर फंक्शन टेस्ट
  • यूर‍िन टेस्ट
  • ब्‍लड टेस्‍ट

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OHSS का इलाज क्‍या है?

  • OHSS में दर्द होने पर डॉक्‍टर की सलाह पर पेनक‍िलर्स ले सकते हैं। साथ ही पर्याप्‍त मात्रा में पानी का सेवन करना चाह‍िए।
  • अगर दर्द बढ़ रहा है, तो डॉक्‍टर से संपर्क करें।
  • OHSS केस में डॉक्‍टर जांच करते हैं ज‍िससे पता चलता है क‍ि यह कंडीशन अन्‍य अंग जैसे ल‍िवर या क‍िडनी को प्रभाव‍ित कर रही है या नहीं।
  • दर्द और उल्‍टी के ल‍िए दवाएं दी जाती है।
  • साथ ही ब्‍लड क्‍लाॅट होने पर भी दवाओं की मदद ली जाती है।
  • OHSS में ओवेरियन सिस्ट फटने पर सर्जरी की जा सकती है।

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OHSS से कैसे बचें?

OHSS से बचने के ल‍िए इन तरीकों की मदद ली जा सकती है-

जांच

ओवेरियन हाइपरस्टिम्यूलेशन सिंड्रोम होने की संभावना को कम करने के लिए हर ट्रीटमेंट साइकिल पर बारीकी से नजर रखी जाती है, जिसमें फॉलिकल के विकास की जांच के लिए अल्ट्रासाउंड और हार्मोन लेवल की जांच के लिए ब्लड टेस्ट शामिल हैं।

कोस्टिंग

Dr. Smriti Agrawal ने बताया क‍ि अगर एस्ट्रोजन (Estrogen) लेवल ज्‍यादा है या शरीर में ज्‍यादा मात्रा में विकसित फॉलिकल्स हैं, तो डॉक्‍टर इंजेक्टेबल दवाएं बंद करने और HCG or Human Chorionic Gonadotropin (भ्रूण के विकास और ओव्यूलेशन में मदद करने वाला हार्मोन) देने से पहले कुछ दिन इंतजार करने के लिए कहते हैं। इस प्रक्र‍िया को कोस्टिंग (Coasting) कहा जाता है। इस प्रक्र‍िया से OHSS से बचने में भी मदद म‍िलती है।

Embryo को फ्रीज करना

अगर आप इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (IVF) करवा रही हैं, तो OHSS की संभावना को कम करने के लिए आपकी ओवरीज से सभी फॉलिकल्स निकाले जा सकते हैं। परिपक्व फॉलिकल्स को फर्टिलाइज करके फ्रीज कर दिया जाता है। ऐसा ओवरीज को आराम देने के ल‍िए क‍िया जाता है। बाद में IVF प्रक्रिया फिर से शुरू की जा सकती है।

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क्या OHSS दोबारा हो सकता है?

हां, OHSS दोबारा हो सकता है। ज‍िन मह‍िलाओं को पहले OHSS हो चुका है, उनमें इसका खतरा ज्‍यादा होता है। जो मह‍िलाएंं दोबारा फर्टि‍ल‍िटी ट्रीटमेंट लेती हैं, उनमें भी यह समस्‍या फ‍िर से हो सकती है।

क्या OHSS का इलाज पूरी तरह संभव है?

हां ज्‍यादातर मामलों में OHSS ठीक हो जाता है। गंभीर मामलोंं में इलाज के ल‍िए ज्‍यादा द‍िन लग सकते हैं। इसके ल‍िए डॉक्‍टर लगातार मॉन‍िटर‍िंग करते हैं और दवाओंं की मदद ली जाती है।

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डॉक्‍टर से संपर्क कब करें?

  • अगर आप फर्टि‍ल‍िटी ट्रीटमेंट करवा रही हैं और OHSS के लक्षण द‍िखाई देते हैं, तो डॉक्‍टर से संपर्क करें।
  • अचानक वजन बढ़ने या लक्षणों के बिगड़ने पर भी गौर करें।
  • फर्टिलिटी ट्रीटमेंट के दौरान आपको सांस लेने में दिक्कत या पैरों में दर्द होता है, तो तुरंत डॉक्‍टर से संपर्क करें।

न‍िष्‍कर्ष:

Gynaecologist Dr. Smriti Agrawal से हुई बातचीत के आधार पर हमें पता चलता है क‍ि इंफर्टिलिटी ट्रीटमेंट के दौरान HCG हार्मोन के इंजेक्‍शन से OHSS हो सकता है। OHSS से बचने के ल‍िए जांच, दवाएं, एम्ब्रियो फ्रीज‍िंग, कोस्‍ट‍िंग जैसे व‍िकल्‍पों की मदद ली जाती है। इलाज में OHSS के लक्षणों को कम करने की दवाएं दी जाती हैं। स‍िस्‍ट फटने की स्‍थ‍ित‍ि में सर्जरी भी की जा सकती है।

FAQ

  • OHSS में वजन बढ़ता है?

    OHSS होने पर शरीर में तरल जमा होने लगता है ज‍िसके कारण वजन ज्‍यादा हो सकता है। ओवरीज के ज्‍यादा एक्‍ट‍िव होने से पानी पेट में भरने लगता है ज‍िससे पेट फूलता है और वजन बढ़ता है।
  • क्या OHSS प्रेग्नेंसी को प्रभावित करता है?

    OHSS के ज्यादातर मामलों में सही इलाज और मॉन‍िटर‍िंंग के साथ प्रेग्नेंसी सुरक्षित रहती है। प्रेग्नेंसी में OHSS की समस्‍या लंबे समय तक बनी रह सकती है।  
  • क्या OHSS में IVF रोकना पड़ता है?

    OHSS होने पर IVF प्रक्रि‍या को रोकना पड़ सकता है। इसे दवाओं से ठीक करने के बाद प्रक्र‍िया जारी रहती है।
  • OHSS कितने दिनों तक रहता है?

    OHSS माहवारी शुरू होने के बाद ठीक हो जाता है। अगर स्‍थ‍ित‍ि ज्‍यादा गंभीर है, तो सुधार होने में कई दिन लग सकते हैं। अगर OHSS के दौरान आप गर्भवती हो जाती हैं, तो लक्षण और भी बिगड़ सकते हैं और उन्हें ठीक होने में कई हफ्ते लग सकते हैं।

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Yashaswi Mathur

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Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Apr 25, 2026 12:07 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
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