
आज के समय में बढ़ते इनफर्टिलिटी की समस्या में माता-पिता बनने के लिए कई लोग IVF (इन विट्रो फर्टिलाइजेशन) ट्रीटमेंट का सहारा ले रहे हैं। हालांकि IVF ट्रीटमेंट के दौरान महिलाएं कई तरह के मानसिक और शारीरिक प्रक्रियाओं से गुजरती हैं। यह एक मुश्किल लेकिन, काफी प्रभावी प्रक्रिया है उन कपल्स के लिए जो नेचुरल तरीके से कंसीव नहीं कर पाते हैं। IVF ट्रीटमेंट के दौरान, महिलाओं को कई हार्मोनल इंजेक्शन, दवाइयों और मेडिकल समस्याओं से गुजरना पड़ता है। हालांकि ऐसे समय में, कई महिलाएं बोटॉक्स जैसे कॉस्मेटिक ट्रीटमेंट कराने की भी इच्छी रखती हैं ताकि उनका कॉन्फिडेंस बढ़ सके। लेकिन, सवाल ये उठता है कि क्या IVF के दौरान बोटॉक्स सुरक्षित होता है? आइए एनआईआईएमएस मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के सोसिएट प्रोफेसर, प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की डॉ. काजल सिंह (Dr Kajal Singh, Associate Professor, Obstetrics and Gynaecology Department, NIIMS Medical College and Hospital) से जानते हैं-
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क्या आईवीएफ के दौरान बोटॉक्स ट्रीटमेंट करना सुरक्षित है? - Is It Safe To Do Botox During IVF in Hindi?
डॉ. काजल सिंह के अनुसार, "अब तक कोई भी वैज्ञानिक अध्ययन नहीं है, जो यह साफ तरीके से बता पाए कि IVF के दौरान बोटॉक्स लेना पूरी तरह से हानिकारक है या नहीं। इसका मुख्य कारण यह है कि बोटॉक्स स्थानीय प्रभाव वाली दवा है, जिसे त्वचा के नीचे खास मांसपेशियों में इंजेक्ट किया जाता है। इसका असर सिर्फ उस हिस्सा में होता है जहां यह दिया गया होता है, और यह खून में बहुत कम मात्रा में जाता है। इसका मतलब यह हुआ कि प्रेग्नेंसी के दौरान भ्रूण या गर्भाशय में हो रहे प्रक्रियाओं पर इसका सीधा प्रभाव पड़ने की संभावना बहुत कम होती है। लेकिन इसका यह मतलब भी नहीं कि यह पूरी तरह से सुरक्षित है।"
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IVF के दौरान बोटॉक्स से परहेज क्यों करना चाहिए?
IVF की प्रक्रिया हार्मोनल और फिजिकल तरीके से बहुत ज्यादा सेंसिटिव होती है। इस समय महिला का शरीर पहले ही कई तरह के हार्मोनल बदलावों और दवाओं के प्रभाव से गुजर रहा होता है। ऐसे में बोटॉक्स जैसे ट्रीटमेंट्स से शरीर की सामान्य प्रक्रिया में रुकावट आ सकती है। इसलिए, IVF के दौरान बोटॉक्स से परहेज करना बेहतर माना जाता है। इसके अलावा इसके अन्य कई कारण भी हो सकते हैं, जिनमें-
- IVF के दौरान शरीर कई हार्मोनल दवाओं से गुजर रहा होता है। ऐसे में बोटॉक्स जैसी दवाएं शरीर पर रिएक्ट कर सकती है।
- बोटॉक्स से कुछ महिलाओं में एलर्जी, ब्लोटिंग, सिरदर्द, इंजेक्शन साइट पर दर्द, और फ्लू जैसे लक्षण नजर आ सकते हैं। ये प्रभाव IVF प्रक्रिया को मुश्किल बना सकते हैं।
- IVF पहले से ही मानसिक तनाव का कारण बन सकती है। ऐसे में अगर बोटॉक्स से किसी तरह की समस्या हो जाए तो यह तनाव को और ज्यादा बढ़ा सकता है।
- बोटॉक्स भ्रूण पर सीधा असर नहीं डालता, लेकिन कोई भी दवा IVF के दौरान कंसीव करने की संभावना को प्रभावित कर सकती है।
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IVF के दौरान स्किन ट्रीटमेंट पर डॉक्टर की राय
ज्यादातर फर्टिलिटी एक्सपर्ट्स यह सलाह देते हैं कि IVF के दौरान कोई भी कॉस्मेटिक ट्रीटमेंट, खासकर इंजेक्शन के रूप में, टालना समझदारी होता है। उनका मानना है कि यह समय पूरी तरह से शरीर में बदलाव होने वाली प्रक्रिया को सपोर्ट करने का है, न कि किसी नए ट्रीटमेंट को करवाने का। डॉक्टर यह भी मानते हैं कि अगर बोटॉक्स लेना जरूरी है तो इसके लिए भी सावधानी बरतनी जरूरी है और डॉक्टर से सलाह जरूर लें। हालांकि, कॉस्मेटिक के लिए बोटॉक्स कराने की प्रक्रिया को टालना ज्यादा बेहतर होता है।
निष्कर्ष
IVF एक बहुत ही सेंसिटिव और महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जिसमें महिलाओं को अपना खास ध्यान रखने की जरूरत होती है। ऐसे समय में हर दवा, ट्रीटमेंट और लाइफस्टाइल में होने वाले बदलावों को सोच-समझकर अपनाना जरूरी होता है। बोटॉक्स एक सुरक्षित और प्रभावी कॉस्मेटिक ट्रीटमेंट हो सकता है, लेकिन IVF के दौरान इसे लेने से बचना चाहिए।
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FAQ
बोटॉक्स ट्रीटमेंट क्या है?
बोटॉक्स ट्रीटमेंट, जिसे बोटुलिनम टॉक्सिन इंजेक्शन भी कहा जाता है, एक कॉस्मेटिक प्रक्रिया है, जिसका इस्तेमाल चेहरे की झुर्रियों को कम करने के लिए किया जाता है। यह इंजेक्शन चेहरे की उन मांसपेशियों को आराम देता है, जो झुर्रियों का कारण बनती हैं।आईवीएफ के लिए सही उम्र क्या है?
आईवीएफ के लिए सबसे अच्छी उम्र 20s के आखिर से लेकर 30s की शुरुआत तक मानी जाती है। क्योंकि इस समय प्रजनन क्षमता काफी अच्छी होती है। 35 साल से ज्यादा उम्र की महिलाओं में सफलता दर कम होने लगती है।पीरियड के कितने दिन बाद आईवीएफ होता है?
आईवीएफ ट्रीटमेंट आमतौर पर पीरियड शुरू होने के 2 से 3 दिन बाद शुरू होता है। पूरी आईवीएफ प्रक्रिया में लगभग 4 से 6 हफ्ते का समय लगता है।
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