Fri Sep 11, 2026 | 08:43 PM IST

Medically Reviewed by Dr KS Somasekhar Rao , Senior Consultant Gastroenterologist | Hepatologist | Advanced Therapeutic Endoscopist

पेट दर्द है फंक्शनल डिस्पेप्सिया (Functional Dyspepsia) का लक्षण, डॉक्‍टर से जानें कारण, इलाज

पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द, जल्दी पेट भरना, सूजन वगैरह फंक्शनल डिस्पेप्सिया के लक्षण हैं। जानें इसके अन्‍य लक्षण, कारण और इलाज के बारे में।

फंक्शनल डिस्पेप्सिया (Functional Dyspepsia) को नॉन-अल्सर डिस्पेप्सिया भी कहा जाता है। यह एक आम पाचन समस्या है, जिसमें पेट के ऊपरी हिस्से में बार-बार दर्द या बेचैनी होती है, लेकिन जांच में अल्सर या कैंसर जैसी कोई साफ बीमारी नहीं मिलती। दुनिया की करीब 10 से 20% आबादी इससे प्रभावित है। सही इलाज से इसे कंट्रोल किया जा सकता है। इस लेख में हम जानेंगे फंक्शनल डिस्पेप्सिया के लक्षण, कारण और सही इलाज। इस व‍िषय पर बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Dr. K. S. Somasekhar Rao, Senior Consultant Gastroenterologist, Hepatologist, Clinical Director, Yashoda Hospitals, Hyderabad से बात की।

फंक्शनल डिस्पेप्सिया के लक्षण- Symptoms Of Functional Dyspepsia

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Dr. K. S. Somasekhar Rao ने बताया क‍ि फंक्शनल डिस्पेप्सिया होने पर एंडोस्कोपी में कोई खास समस्या नहीं दिखती। कुछ मामलों में बार-बार डकार आना, भूख न लगना या वजन कम होने जैसे लक्षण भी नजर आ सकते हैं।

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फंक्शनल डिस्पेप्सिया के कारण- Causes Of Functional Dyspepsia

इसका सटीक कारण पूरी तरह स्पष्ट नहीं है, लेकिन माना जाता है कि पेट और दिमाग के बीच तालमेल बिगड़ने से यह समस्या होती है। Dr. K. S. Somasekhar Rao ने बताया क‍ि पेट का धीरे खाली होना, हल्की सूजन, पेट की नसों का ज्यादा संवेदनशील होना, और भोजन के समय पेट का ठीक से न फैल पाना इसके कारण हो सकते हैं। तनाव, चिंता, H. pylori संक्रमण, दर्द निवारक दवाएं, तला-भुना और मसालेदार खाना भी इसे बढ़ा सकते हैं।

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फंक्शनल डिस्पेप्सिया की जांंच कैसे होती है?- Diagnosis Of Functional Dyspepsia

डॉक्टर सबसे पहले मरीज की पूरी जानकारी और शारीरिक जांच करते हैं। Dr. K. S. Somasekhar Rao ने बताया क‍ि जरूरत पड़ने पर एंडोस्कोपी, अल्ट्रासाउंड या खून की जांच कराकर दूसरी गंभीर बीमारियों को बाहर किया जाता है।

फंक्शनल डिस्पेप्सिया का इलाज- Treatment Of Functional Dyspepsia

  • इलाज में जीवनशैली सुधार सबसे जरूरी है। कम-कम और बार-बार खाना, अल्‍कहोल-कॉफी और गैस वाले पेय से बचना, सोते समय सिर थोड़ा ऊंचा रखना और योग या ध्यान से तनाव कम करना मददगार होता है।
  • Dr. K. S. Somasekhar Rao ने बताया क‍ि दवाओं में पेट की गति बढ़ाने वाली दवाएं, एसिड कम करने वाली दवाएं और जरूरत पड़ने पर H. pylori का इलाज किया जाता है। गंभीर मामलों में विशेष दवाएं या काउंसलिंग भी फायदेमंद हो सकती हैं।

न‍िष्‍कर्ष:

फंक्शनल डिस्पेप्सिया का इलाज जांच, सही दवाओं और डाइट सलाह के साथ किया जाता है। अगर दो हफ्ते में लक्षण ठीक न हों, तो गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट से जरूर संपर्क करें।

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Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Dec 25, 2025 09:33 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Dec 25, 2025 09:33 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Dr KS Somasekhar Rao

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