Tue Oct 6, 2026 | 08:20 AM IST

Medically Reviewed by Dr Sharad Malhotra , Senior Consultant & Director – Gastroenterology, Hepatology & Therapeutic Endoscopy

पेट का अल्सर कितने दिनों में ठीक होता है? गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट से जानें

पेट का अल्सर ठीक होने में लगने वाला समय उसके कारण, गंभीरता और सही इलाज पर निर्भर करता है। समय पर दवा और डॉक्टर की सलाह से अधिकांश मामलों में कम समय में ही रिकवरी शुरू हो सकती है।
पेट का अल्सर कितने दिनों में ठीक होता है? गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट से जानें
पेट का अल्सर कितने दिनों में ठीक होता है? गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट से जानें

क्या आपको लंबे समय से पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द, जलन या खाना खाने के बाद असहजता महसूस हो रही है? अगर जांच में पेट का अल्सर निकल आया है, तो आपके मन में सबसे पहला सवाल यही होगा कि पेट का अल्सर ठीक होने में कितना समय लगेगा? अच्छी बात यह है कि सही समय पर इलाज शुरू करने और डॉक्टर की सलाह का पालन करने से अधिकांश मरीजों में अल्सर कम समय में ही ठीक हो सकता है लेकिन इसकी रिकवरी हर व्यक्ति में एक जैसी नहीं होती।

आकाश हेल्थकेयर के गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, हेपेटोलॉजी एवं थेराप्यूटिक एंडोस्कोपी विभाग के सीनियर कंसल्टेंट और डायरेक्टर, डॉ. शरद मल्होत्रा बताते हैं कि पेट का अल्सर तब होता है, जब पेट की अंदरूनी परत पर घाव बन जाता है। इसके पीछे Helicobacter pylori (H. pylori) बैक्टीरिया का इंफेक्शन, लंबे समय तक पेन किलर दवाओं का सेवन और कुछ अन्य कारण जिम्मेदार हो सकते हैं। कई लोग दर्द कम होते ही दवा लेना बंद कर देते हैं, लेकिन ऐसा करना अल्सर के दोबारा होने या पूरी तरह ठीक न होने का कारण बन सकता है।

पेट का अल्सर कितने दिनों में ठीक होता है?

डॉ. शरद मल्होत्रा बताते हैं कि पेट का अल्सर, जिसे गैस्ट्रिक अल्सर भी कहा जाता है, तब होता है जब पेट की प्रोटेक्टिव लेयर डैमेज हो जाती है और एसिड उस पर असर डालने लगता है। H. pylori बैक्टीरिया का इंफेक्शन और पेन किलर के सेवन के अलावा धूम्रपान, ज्यादा शराब का सेवन, तनाव और अनियमित खानपान अल्सर के लक्षणों को बढ़ा सकते हैं, हालांकि ये हमेशा इसका मुख्य कारण नहीं होते।

  • डॉ. शरद मल्होत्रा के अनुसार, यदि मरीज सही दवाएं समय पर लेता है और डॉक्टर की सलाह का पालन करता है, तो अधिकांश साधारण गैस्ट्रिक अल्सर लगभग 5 से 7 सप्ताह में भर सकते हैं।
  • वहीं, ड्यूडेनल अल्सर यानी छोटी आंत का अल्सर कई मामलों में 4 से 6 सप्ताह के भीतर ठीक हो सकता है।
  • हालांकि, यह केवल एक सामान्य समय-सीमा है। यदि अल्सर बड़ा है, बार-बार हो रहा है या H. pylori इंफेक्शन पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है, तो इलाज लंबा चल सकता है।
  • इसलिए बिना जांच के यह तय नहीं किया जा सकता कि हर मरीज का अल्सर कितने दिनों में ठीक होगा।

साल 2021 में Stem Cell Research & Therapy में प्रकाशित रिव्यू से स्पष्ट होता है कि पेट के अल्सर का आकार उनके ठीक होने की स्पीड को प्रभावित करता है। बड़े अल्सर को पूरी तरह ठीक होने में ज्यादा समय लगता है। इसके अलावा, बड़े अल्सरों में फाइब्रोसिस का होना भी घाव भरने की नेचुरल प्रोसेस को बाधित करता है।

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अल्सर की रिकवरी में देरी के कारण

  • अल्सर का आकार और गंभीरता
  • H. pylori इंफेक्शन की मौजूदगी
  • पेन किलर दवाओं का लगातार सेवन
  • धूम्रपान और शराब की आदत
  • बिना डॉक्टर की सलाह के दवाओं को नियमित रूप से लेना
  • अन्य बीमारियां, जैसे डायबिटीज या लिवर की समस्या

यदि मरीज इलाज के दौरान दवा बीच में बंद कर देता है, तो अल्सर दोबारा होने का खतरा बढ़ सकता है।

साल 2026 में NIH की Bookshelf में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, गैस्ट्रिक अल्सर के गंभीर होने पर कई समस्याएं पैदा हो सकती हैं। इनमें पेट के भीतर आंतरिक रक्तस्राव यानी इंटरनल ब्लीडिंग होना, अल्सर के कारण पेट की दीवार में छेद होना और भोजन के आगे बढ़ने का रास्ता बंद होना (Gastric outlet obstruction) शामिल हैं। इसके अलावा, लंबे समय तक अल्सर रहने से कैंसर का खतरा भी बढ़ जाता है।

पेट के अल्सर के ठीक होने के क्या लक्षण हैं?

गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉक्टर शरद मल्होत्रा बताते हैं कि अल्सर भरने की प्रक्रिया के दौरान कुछ लक्षण धीरे-धीरे कम होने लगते हैं, जैसे-

  • पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द पहले के मुकाबले कम होने लगता है।
  • जलन और एसिडिटी में राहत मिलनी शुरू हो जाती है।
  • मतली या उल्टी की समस्या कम होने लगती है।
  • अगर भूख कम लगती है तो अब भूख में भी सुधार दिख सकता है।
  • खाना खाने के बाद होने वाली असहजता पहले के मुकाबले धीरे-धीरे कम होने लगती है।

ध्यान रखें कि लक्षणों में सुधार होने का मतलब यह नहीं है कि अल्सर पूरी तरह ठीक हो गया है। इसलिए डॉक्टर द्वारा बताई गई दवा का पूरा कोर्स करना जरूरी है।

 Time for Stomach Ulcer to HealTime for Stomach Ulcer to Heal

अल्सर जल्दी ठीक करने के लिए क्या करें?

डॉ. शरद मल्होत्रा के अनुसार, अल्सर की समस्या में रिकवरी बेहतर करने के लिए इन बातों का ध्यान रखें-

  • डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाएं नियमित रूप से लें।
  • यदि H. pylori इंफेक्शन है, तो एंटीबायोटिक का पूरा कोर्स पूरा करें।
  • बिना सलाह के पेन किलर दवाओं का सेवन न करें।
  • धूम्रपान और शराब से बचें।
  • बहुत मसालेदार, तला-भुना और ज्यादा अम्लीय भोजन सीमित करें।
  • समय पर और बैलेंस डाइट का सेवन करें।
  • पर्याप्त नींद लें और तनाव को कंट्रोल करने की कोशिश करें।

डॉक्टर की सलाह

डॉ. शरद मल्होत्रा बताते हैं कि यदि H. pylori इंफेक्शन का पूरी तरह इलाज नहीं होता, पेन किलर दवाओं का लंबे समय तक इस्तेमाल जारी रहता है या लाइफस्टाइल में जरूरी बदलाव नहीं किए जाते, तो अल्सर दोबारा हो सकता है। इसलिए इलाज पूरा करना और डॉक्टर की फॉलो-अप सलाह मानना बेहद जरूरी है। खून की उल्टी होना, अचानक बहुत तेज पेट दर्द होना, लगातार उल्टी होना और तेजी से वजन घटना या कमजोरी बढ़ना महसूस हो तो ये लक्षण अल्सर से ब्लीडिंग जैसी गंभीर स्थिति का संकेत हो सकते हैं। ऐसे में तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

निष्कर्ष

पेट का अल्सर ठीक होने में लगने वाला समय उसके कारण, गंभीरता और इलाज पर निर्भर करता है। सही दवाओं, H. pylori इंफेक्शन के इलाज और हेल्दी लाइफस्टाइल के साथ अधिकांश मरीजों में 4 से 8 सप्ताह के भीतर सुधार देखा जा सकता है। हालांकि, केवल लक्षण कम होने पर दवा बंद नहीं करनी चाहिए। यदि दर्द बना रहे, खून की उल्टी, काला मल या तेज पेट दर्द जैसे गंभीर लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट से संपर्क करना चाहिए।

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FAQ

  • क्या पेट का अल्सर बिना दवा के अपने आप ठीक हो सकता है?

    कुछ मामलों में हल्के लक्षण कम हो सकते हैं, लेकिन अधिकांश पेट के अल्सर को पूरी तरह ठीक करने के लिए डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाओं और उचित इलाज की जरूरत होती है।
  • क्या पेट का अल्सर कैंसर में बदल सकता है?

    सामान्य पेट का अल्सर सीधे कैंसर नहीं बनता, लेकिन कुछ मामलों में अल्सर जैसे लक्षण पेट के कैंसर से भी मिलते-जुलते हो सकते हैं। इसलिए सही जांच और फॉलो-अप जरूरी है।
  • क्या एसिडिटी अल्सर का लक्षण है?

    हर बार एसिडिटी का मतलब अल्सर नहीं होता, लेकिन यदि एसिडिटी लंबे समय तक बनी रहे या उसके साथ पेट दर्द, उल्टी या वजन कम होने जैसे लक्षण हों, तो जांच करानी चाहिए।

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Akanksha Tiwari

Health & Lifestyle Journalist

आकांक्षा तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। वह पोषण, आयुर्वेद, प्रेगनेंसी, हार्ट हेल्थ और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखती हैं और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास करती हैं। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह India TV, India Ahead और News Nation के साथ काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Aug 03, 2026 18:10 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
    Reviewed By : Dr Sharad Malhotra