आजकल फिटनेस और वजन घटाने के लिए फास्टिंग या इंटरमिटेंट फास्टिंग का चलन बढ़ रहा है। कई लोग लंबे समय तक खाना न खाने को अपनी डाइट का हिस्सा बना रहे हैं लेकिन जिन लोगों को पेट का अल्सर की समस्या रहती है, उनके मन में अक्सर यह सवाल आता है कि क्या खाली पेट रहने से उनकी परेशानी बढ़ सकती है? इस बारे में कैलाश अस्पताल, देहरादून के सीनियर कंसल्टेंट इंटरनल मेडिसिन डॉ. गोपाल जी शर्मा बताते हैं कि जब व्यक्ति लंबे समय तक कुछ नहीं खाता, तो कुछ लोगों में पेट में बनने वाला एसिड परेशानी बढ़ा सकता है लेकिन यह समझना जरूरी है कि फास्टिंग हर व्यक्ति पर एक जैसा प्रभाव नहीं डालती है।
क्या खाली पेट अल्सर का कारण बन सकता है?
डॉ. गोपाल जी शर्मा के अनुसार, ''फास्टिंग हर व्यक्ति पर अलग प्रभाव डाल सकती है। जिन लोगों को अल्सर, गैस्ट्राइटिस या एसिडिटी की समस्या है, उनमें लंबे समय तक खाली पेट रहने से कुछ लक्षण बढ़ सकते हैं। हालांकि, केवल फास्टिंग को अल्सर का सीधा कारण नहीं माना जाता। अल्सर के पीछे आमतौर पर H. pylori इंफेक्शन और लंबे समय तक पेन किलर दवाओं (NSAIDs) का सेवन जैसे कारण ज्यादा अहम होते हैं।''
डॉ. गोपाल जी शर्मा बताते हैं कि लंबे समय तक खाली पेट रहने पर पेट में एसिड बनना जारी रहता है। कुछ लोगों में जब पेट खाली होता है, तो यह एसिड पेट की सेंसिटिव लेयर पर ज्यादा असर डाल सकता है, जिससे जलन या दर्द महसूस हो सकता है। खासतौर से जिन लोगों को पहले से अल्सर या गैस्ट्राइटिस की समस्या है, उनमें लंबे समय तक भोजन न करने से-
- पेट में जलन बढ़ सकती है।
- ऊपरी पेट में दर्द महसूस हो सकता है।
- एसिडिटी और असहजता बढ़ सकती है।
हालांकि, हर व्यक्ति में ऐसा हो यह जरूरी नहीं है। कुछ लोग सीमित समय की फास्टिंग को बिना परेशानी के सहन कर सकते हैं।
इसे भी पढ़ें: पेट का अल्सर कितने दिनों में ठीक होता है? गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट से जानें
साल 2023 में British Journal of Hospital Medicine में प्रकाशित रिव्यू के अनुसार, फास्टिंग (व्रत) और हेलिकोबैक्टर पाइलोरी (H. pylori) के कारण होने वाले पेप्टिक अल्सर के विकास के बीच सीधा कोई संबंध नहीं है। हालांकि फास्टिंग के दौरान पेट के अंदरूनी वातावरण में कुछ बदलाव होते हैं और H. pylori की मात्रा में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की जाती है, लेकिन इसके कारण नए अल्सर के खतरे में कोई खास बढ़ोतरी नहीं होती है।
इसका मतलब यह है कि जिन लोगों को पहले से पेट में साधारण अल्सर (uncomplicated ulcers) की समस्या है, वे डॉक्टर की सलाह और उचित सावधानी बरतकर बिना किसी डर के फास्टिंग उपवास रख सकते हैं। इससे उनकी बीमारी के बिगड़ने का खतरा नहीं बढ़ता है। धार्मिक उपवास हों या स्वास्थ्य के लिए किए जाने वाले इंटरमिटेंट फास्टिंग, उचित देखभाल के साथ इन्हें आसानी से अपनाया जा सकता है।

इसे भी पढ़ें: अल्सर में सुबह गर्म पानी पीना सही या गलत? एक गलती बढ़ा सकती है दर्द
किन लोगों को फास्टिंग में सावधानी बरतनी चाहिए?
डॉ. गोपाल जी शर्मा बताते हैं कि कुछ लोगों को फास्टिंग शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए, जैसे कि जिनको पेट का एक्टिव अल्सर हो, जिनको बार-बार पेट दर्द या जलन होती हो, जिनका H. pylori इंफेक्शन का इलाज चल रहा हो या जिनको पहले अल्सर से ब्लीडिंग की समस्या हो चुकी है। इन लोगों में बिना डॉक्टर की सलाह के लंबे समय तक खाली पेट रहना परेशानी बढ़ा सकता है।
किन बातों का ध्यान रखें?
डॉ. गोपाल जी शर्मा कहते हैं कि यदि डॉक्टर की सलाह के बाद फास्टिंग कर रहे हैं, तो कुछ सावधानियां फायदेमंद हो सकती हैं-
- बहुत लंबे समय तक खाली पेट न रहें।
- फास्ट खोलते समय मसालेदार भोजन न लें।
- पर्याप्त पानी पिएं।
- पेट में जलन बढ़ाने वाले फूड्स से बचें।
- दवाएं डॉक्टर की सलाह के अनुसार लें।
क्या इंटरमिटेंट फास्टिंग अल्सर में सुरक्षित है?
डॉ. गोपाल जी शर्मा कहते हैं, ''इंटरमिटेंट फास्टिंग का असर हर व्यक्ति में अलग हो सकता है। हेल्दी व्यक्ति के लिए यह कुछ मामलों में सुरक्षित हो सकती है, लेकिन अल्सर वाले मरीजों में सावधानी जरूरी है। फास्टिंग शुरू करने से पहले यह समझना जरूरी है कि आपकी हेल्थ कंडीशन कैसी है और क्या आपका पेट लंबे समय तक बिना भोजन के रहने को सहन कर सकता है।''
निष्कर्ष
फास्टिंग खुद पेट के अल्सर का कारण नहीं है, लेकिन जिन लोगों को पहले से अल्सर या गैस्ट्रिक समस्या है, उनमें लंबे समय तक खाली पेट रहने से जलन, दर्द और असहजता बढ़ सकती है। इसलिए फास्टिंग करने से पहले अपनी स्वास्थ्य स्थिति को समझना और डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
FAQ
पेट में अल्सर की क्या पहचान है?
पेट के अल्सर में अक्सर पेट के ऊपरी हिस्से में जलन या दर्द महसूस होता है। यह दर्द खाली पेट या भोजन के कुछ घंटे बाद बढ़ सकता है।पेट के अल्सर का सबसे अच्छा इलाज क्या है?
पेट के अल्सर का इलाज उसके कारण पर निर्भर करता है। अगर अल्सर एच. पाइलोरी इंफेक्शन के कारण है, तो डॉक्टर आमतौर पर इंफेक्शन खत्म करने के लिए एंटीबायोटिक और पेट का एसिड कम करने वाली दवाएं देते हैं।पेट में अल्सर होने पर क्या नहीं खाना चाहिए?
अल्सर होने पर ऐसे फूड्स और ड्रिंक्स से बचना बेहतर है जो पेट में जलन बढ़ाते हैं।
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
-
Current Version
Aug 29, 2026 23:21 IST
Published By : Akanksha Tiwari
Reviewed By : Dr Gopal Jee Sharma