Fri Sep 11, 2026 | 06:51 PM IST

Medically Reviewed by Dr. Aravinda S N , Lead Consultant – Internal Medicine

कई बार खाना खाते ही हिचकी क्यों आने लगती है? डॉक्टर से जानें

खाना खाते समय या उसके तुरंत बाद हिचकी आना एक आम समस्या है, जिसके कई कारण हो सकते हैं। डॉ. अरविंद एस एन के अनुसार, तेजी से खाना, ज्यादा खाना, मसालेदार खाना खाने और तापमान में बदलाव इसके कारण हो सकते हैं।

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पोषक तत्वों से युक्त खाना शरीर को एनर्जी देने और स्वास्थ्य को दुरुस्त करने के लिए फायदेमंद होता है, लेकिन कई बार खाना खाने के बाद लोगों को कई छोटी-छोटी परेशानियां होती हैं, जिनमें से एक है हिचकी आना। कुछ लोगों को खाना शुरू करने के कुछ ही टाइम बाद हिचकी आने लगती है। कई बार यह एक-दो मिनट में अपने आप रुक जाती है, जबकि कुछ स्थितियों में बार-बार हिचकी आने की समस्या हो सकती है। कई बार खाना खाने के दौरान लोगों को हिचकी आने लगती है, लेकिन ऐसा क्यों होता है? आइए इस बारे में Dr. Aravinda S N, Lead Consultant - Internal Medicine, Aster RV Hospital, Bengaluru से जानें।

खाना शुरु करते ही हिचकी क्यों आती है?

डॉ. अरविंद एस एन के अनुसार, खाना शुरू करते ही तुरंत हिचकी आ सकती है क्योंकि खाने से हिचकी के रिफ्लेक्स में शामिल नसों और मांसपेशियों में हलचल हो सकती है। हिचकी तब आती है, जब डायाफ्राम (सांस लेने में मदद करने वाली बड़ी मांसपेशियां) अचानक बिना हमारी मर्जी के सिकुड़ जाता है। इसके बाद वोकल कॉर्ड्स तेजी से बंद हो जाते हैं, जिससे जानी-पहचानी "हिक" (hic) वाली आवाज निकलती है।

खाना खाने की आदतें, जो बढ़ाती हैं हिचकी

डॉ. अरविंद आगे बताते हैं, कई लोगों को खाना खाने के बाद हिचकी आने की समस्या तेज खाना, ज्यादा खाना खाने, मसालेदार या ज्यादा गर्म खाना खाने, तापमान में बदलाव और खाना खाते समय इमोशन्स में बदलाव होने जैसी खाने से जुड़ी आदतों के कारण होती है।

1. जल्दी खाना खाने के कारण

हिचकी आने की एक आम वजह है बहुत तेजी से खाना खाना। जब हम तेजी से खाना खाते हैं, तो फूड के साथ ज्यादा हवा भी निगल सकते हैं। इससे पेट फूल सकता है और नसें (खासकर वेगस और फ्रेनिक नसें) जो डायाफ्राम को कंट्रोल करती हैं, वे उत्तेजित हो सकती हैं। इस वजह से नसों में होने वाली हलचल हिचकी का कारण बन सकती है।

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2. ज्यादा खाने की आदत

ज्यादा खाना खाने से भी ऐसा ही असर हो सकता है, क्योंकि बहुत ज्यादा भरा हुआ पेट डायाफ्राम पर दबाव डाल सकता है या उसमें जलन को बढ़ावा दे सकता है। इसका मतलब यह नहीं है कि हर बार ज्यादा खाना खाने पर हिचकी जरूर आएगी ही। अलग-अलग लोगों में इसके ट्रिगर अलग हो सकते हैं, लेकिन अगर किसी व्यक्ति को हैवी खाने के बाद बार-बार हिचकी आती है, तो भोजन की मात्रा पर ध्यान देना जरूरी हो सकता है।

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3. कुछ फूड्स और ड्रिंक्स बढ़ाते हैं ट्रिगर

कुछ खास तरह के खाने और ड्रिंक्स भी हिचकी का कारण बन सकते हैं। मसालेदार या बहुत गर्म खाना ऊपरी पाचन नली में जलन को बढ़ावा दे सकता है, जबकि कार्बोनेटेड ड्रिंक्स पेट में गैस की मात्रा बढ़ा सकते हैं।

4. तापमान में अचानक बदलाव

तापमान में बदलाव होना भी हिचकी का कारण बन सकता है। तापमान में अचानक से होने वाले बदलाव जैसे बहुत गर्म चीज खाने के तुरंत बाद बहुत ठंडी चीज खाने से भी कुछ लोगों में हिचकी की समस्या हो सकती है। हालांकि, इन चीजों का असर हर व्यक्ति में एक जैसा नहीं होता है, इसलिए यह पहचानना जरूरी है कि किन फूड्स या ड्रिंक्स के बाद आपको बार-बार हिचकी आती है।

5. खाते समय इमोशन्स से बढ़ती है समस्या

खाने के दौरान भावनात्मक उत्साह, हंसने या बात करने से हवा निगलने की संभावना बढ़ सकती है और इससे हिचकी आ सकती है।

क्या कहती है स्टडी?

साल 2012 में Bioessays में प्रकाशित रिसर्च के अनुसार, हिचकी आना एक बहुत आम प्रक्रिया है। पेट में हवा भर जाने की वजह से हिचकी शुरू होती है। इसकी वजह से अचानक सांस अंदर खिंचता है और पेट में फंसी हुई हवा बाहर निकल जाती है। यह कभी-कभार होने वाली एक समस्या है, यह याद दिलाती है कि शायद हमने बहुत जल्दी-जल्दी खाना खा लिया है।

किन लक्षणों पर तुरंत ध्यान देना चाहिए?

डॉ. अरविंद के अनुसार, अगर हिचकी बहुत बार आती है, आसामान्य रूप से लंबे समय तक रहती है या इसके साथ निगलने में परेशानी, उल्टी, छाती या पेट में तेज दर्द, सांस लेने में समस्या या न्यूरोलॉजिकल लक्षण जैसे लक्षण दिखते हैं, तो डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी है।

हिचकी से बचने के लिए किन बातों का रखें ध्यान

डॉ. अरविंद का कहना है, ज्यादातर मामलों में, खाना खाते समय या उसके तुरंत बाद आने वाली हिचकी कुछ समय के लिए होती है और नुकसानदायक नहीं होती है। वे आमतौर पर बिना किसी इलाज के कुछ ही मिनटों में ठीक हो जाती हैं। खाना खाते समय हिचकी की समस्या से बचने के लिए कुछ बातों पर ध्यान देना जरूरी है। जैसे-

  • धीरे-धीरे खाना खाएं।
  • छोटे निवाले लें।
  • खाना अच्छी तरह से चबाएं।
  • बहुत ज्यादा कार्बोनेटेड ड्रिंक्स से बचना हिचकी को कम करने में मदद कर सकता है।

डॉक्टर से सलाह कब लें?

डॉ. अरविंद के अनुसार, बार-बार या लगातार आने वाली हिचकी को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। 48 घंटे से ज्यादा समय तक रहने वाली हिचकी को लगातार रहने वाली हिचकी माना जाता है और कभी-कभी यह किसी अंदरूनी बीमारी, दवा या रिफ्लेक्स में शामिल नसों में जलन से जुड़ी हो सकती है। ये खाने, सोने और सांस लेने में भी रुकावट डाल सकती हैं।

निष्कर्ष

खाना शुरू करते ही हिचकी आना नुकसानदायक नहीं होता है। यह समस्या कई बार खाने की स्पीड, पेट के ज्यादा भरने, हवा निगलने या कुछ फूड्स से जुड़े नॉर्मल ट्रिगर के कारण हो सकता है। थोड़े टाइम के लिए होने वाली हिचकी चिंता का कारण नहीं होती है, लेकिन अगर हिचकी बहुत बार होने लगे, लंबे समय तक बनी रहे या उसके साथ दूसरे असामान्य लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।

All Images Credit- Freepik

FAQ

  • हिचकी आने के क्या कारण है?

    डायफ्राम के सिकुड़ने, नसों के अनियंत्रित होने, खान-पान, हवा निगलने और मौसम में बदलाव होने की स्थिति में हिचकी आने की समस्या हो सकती है।
  • खाना खाने के बाद क्या करना चाहिए?

    खाना खाने के बाद व्यक्ति को 10-15 मिनट के लिए हल्की वॉक करें और तुरंत लेटने से बचें। ऐसा करने से खाने को अच्छे से पचाने में मदद मिलती है।

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Priyanka Sharma

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Sub Editor

प्रियंका शर्मा हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की है। फिलहाल प्रियंका जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में बतौर सब एडिटर काम कर रही हैं। प्रियंका को स्वास्थ्य, पोषण, स्किन केयर और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नलिज्म की है। Editorial Policy: प्रियंका द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Aug 29, 2026 22:01 IST

    Modified By : Priyanka Sharma
  • Aug 29, 2026 22:01 IST

    Published By : Priyanka Sharma
    Reviewed By : Dr. Aravinda S N

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