Sat Oct 24, 2026 | 08:43 PM IST

Medically Reviewed by Dr. Pooja Pillai , Internal Medicine

बार-बार हिचकी आना क्या किसी बीमारी का संकेत है? डॉक्टर से जानें

शरीर में कोई भी चीज अगर बार-बार हो रही हो तो ये किसी समस्या का लक्षण हो सकता है। ऐसे में आपको जानना चाहिए बार-बार हिचकी आना क्या कोई बीमारी तो नहीं? जानते हैं एक्सपर्ट से।
बार-बार हिचकी आना क्या किसी बीमारी का संकेत है? डॉक्टर से जानेंबार-बार हिचकी आना क्या किसी बीमारी का संकेत है? डॉक्टर से जानें

आपने कई बार गौर किया होगा कि हिचकी अगर एक बार शुरू हो जाए तो लगातार आती रहती है लेकिन तब क्या जब ये लंबे तक आए और बार-बार आए। Dr. Pooja Pillai, Consultant - Internal Medicine, Aster CMI Hospital, Bangaluru बताती हैं कि इस तरह से आती हिचकी को कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए क्योंकि ये सेहत से जुड़ी समस्याओं का संकेत हो सकती हैं। कई बार तो ये किसी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकती हैं, कैसे? जानते हैं विस्तार से।

बार-बार हिचकी आना क्या किसी बीमारी का संकेत है?

अगर हिचकी थोड़े समय के लिए आती है तो आमतौर पर यह नुकसानदायक नहीं होती, लेकिन अगर यह 48 घंटे से ज्यादा समय तक बनी रहे या बार-बार आए, तो यह नसों, दिमाग, छाती या पाचन तंत्र को प्रभावित करने वाली किसी अंदरूनी बीमारी का संकेत हो सकती है।

बार-बार हिचकी आने का कारण

डॉ. पूजा पिल्लई कहती हैं कि बार-बार हिचकी आने के पीछे कई कारण हो सकते हैं जैसे

1. एसिड रिफ्लक्स (GERD)

एसिड रिफ्लक्स की वजह से बार-बार हिचकी आती है क्योंकि पेट का एसिड उन नसों में जलन पैदा करता है जो सांस लेने वाली मांसपेशियों को कंट्रोल करती हैं। ऐसे में खट्टी डकारें निचले हिस्से में ऊपर की ओर आती हैं। एसिड के लगातार संपर्क से टिश्यू में सूजन आ जाती है और वेगस नर्व (vagus nerve) और फ्रेनिक नर्व (phrenic nerve) एक्टिवेट हो जाती हैं। जब इन नसों में जलन होती है, तो वे गलत सिग्नल भेजती हैं जिससे डायाफ्राम अचानक सिकुड़ जाता है और हिचकी आती है।

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2. गैस्ट्राइटिस

डॉ. पूजा पिल्लई कहती हैं कि एसिड रिफ्लक्स की तरह ही पेट फूलने या गैस्ट्राइटिस की वजह से जब आपके डायाफ्राम को कंट्रोल करने वाली आस-पास की फ्रेनिक और वेगस नर्व्स में जलन होती है, तो बार-बार हिचकी आती है। ऐसे में जरूरी है कि आप सबसे पहले गैस्ट्राइटिस का इलाज करें तभी बार-बार हिचकी आने की समस्या से बचाव होगा।

3. निमोनिया और अस्थमा

निमोनिया और अस्थमा वाले लोगों को बार-बार हिचकी की समस्या हो सकती है। Curues जर्नल में प्रकाशित इस शोध की मानें तो निमोनिया और अस्थमा में फ्रेनिक नर्व में जलन के कारण डायाफ्राम में अनियंत्रित ऐंठन होती है, जिससे लगातार हिचकी आती है। इसके अलावा इन दोनों ही बीमारियों में जब तक फेफड़ों में सूजन रहती है तब तक बार-बार हिचकी आने की समस्या ज्यादा महसूस हो सकती है।

4. दिल के आस-पास सूजन

दिल के आस-पास सूजन की वजह से भी लोगों को बार-बार हिचकी आने की समस्या हो सकती है। Case Reports in Cardiology में प्रकाशित एक शोध की मानें तो कोरोनरी आर्टरी डिजीज के जोखिम वाले बुज़ुर्गों में लगातार हिचकी आने की समस्या देखी जा सकती है। ये कुछ मामलों में हार्ट अटैक का दुर्लभ लक्षण हो सकता है। नसों में जलन, वेगस और फ्रेनिक नसें की सूजन भी डायाफ्राम पर प्रेशर डालती है जिससे बार-बार हिचकी आने की समस्या हो सकती है।

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5. स्ट्रोक या दिमाग की चोट

Indian Journal of Critical Care Medicine जर्नल में प्रकाशित स्ट्रोक या दिमाग की चोट की वजह से बाप-बार हिचकी आने की समस्या हो सकती है। स्ट्रोक दिमाग के उन हिस्सों को नुकसान पहुंचा सकती है जो सांस लेने और हिचकी के रिफ्लेक्स आर्क को कंट्रोल करते हैं। कई बार दिमाग में चोट लगने पर ब्रेनस्टेम जैसे हिस्सों को नुकसान पहुंचने से वेगस और फ्रेनिक नसों से जुड़े रास्तों में परेशानी हो सकती है।

इन सब के अलावा पूजा पिल्लई बताती है कि मल्टीपल स्केलेरोसिस, पार्किंसंस रोग, किडनी की बीमारी, डायबिटीज या कुछ तरह के कैंसर शामिल हो सकते हैं। साथ ही, कुछ दवाएं और शराब भी हिचकी का कारण बन सकते हैं।

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बार-बार हिचकी आने के आम कारण

कुछ कम आम कारणों में फ्रेनिक और वेगस नसों में जलन शामिल है, जो डायाफ्राम को कंट्रोल करती हैं। इन नसों पर थायराइड का बढ़ना, कान या गले में जलन, छाती का इन्फेक्शन, ट्यूमर या सर्जरी जैसी समस्याओं का असर पड़ सकता है। इसके अलावा स्ट्रोक, मेनिन्जाइटिस, एन्सेफलाइटिस या ब्रेन ट्यूमर जैसी दिमाग से जुड़ी स्थितियां सांस लेने को कंट्रोल करने वाले सामान्य सिग्नलों में रुकावट डाल सकती हैं, जिससे बार-बार या लंबे समय तक हिचकी आ सकती है।

कब हो जाएं सतर्क?

अगर बिना किसी साफ वजह के बार-बार हिचकी आती है, जिससे नींद या खाने-पीने में बार-बार रुकावट आती है, या हिचकी 48 घंटे से ज्यादा समय तक बनी रहती है, तो डॉक्टर को दिखाना जरूरी है। ऐसा इसलिए है क्योंकि लंबे समय तक रहने वाली हिचकी कभी-कभी किसी अंदरूनी बीमारी का संकेत हो सकती है और इससे डिहाइड्रेशन, नींद की कमी, खाने में परेशानी या थकान हो सकती है।

अगर लगातार हिचकी के साथ सीने में तेज दर्द, सांस लेने में तकलीफ, उलझन, शरीर के एक तरफ कमजोरी, तेज सिरदर्द, बार-बार उल्टी या कुछ निगलने में तकलीफ जैसे लक्षण दिखें, तो तुरंत मेडिकल मदद लेनी चाहिए।

निष्कर्ष:

अंत में पूजा पिल्लई कहती हैं कि हम में से किसी को भी हिचकी को भी लगातार आती हिचकी को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए क्योंकि ये भविष्य में होने वाली गंभीर समस्याओं का संकेत हो सकती हैं।

FAQ

  • हिचकी आने पर क्या करना चाहिए?

    हिचकी आने पर कुछ देर ठहर जाएं और थोड़ा-थोड़ा पानी पिएं। इसके अलावा आप 5 मिनट गहरी सांस लेने की प्रैक्टिस कर सकते हैं जिससे हिचकी आना बंद हो जाती है।
  • तुरंत हिचकी कैसे बंद करें?

    तुरंत हिचकी रोकने के लिए ठंडा पानी पीकर डायाफ्राम को शांत करें और कुछ देर लंबी-लंबी सांस लें और इसे रोक लें। ऐसे लगभग 5 मिनट करें और आपकी हिचकी रूक जाएगी।

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Pallavi Kumari

चीफ सब-एडिटर

पल्लवी,  हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 8 साल का अनुभव रखती हैं। शुरुआती कई सालों तक All India Radio में सक्रिय रहीं, फिर विभिन्न वेब पोर्ट्ल्स जैसे TheHealthsite, Indiatv और Jansatta के लिए हेल्थ, लाइफस्टाइल, धर्म, स्त्री विमर्श और साहित्य से जुड़े विषयों पर खूब लिखा और संपादन किया। फिलहाल ओनलीमायहेल्थ में चीफ सब एडिटर के पद पर रहते हुए ये हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े गंभीर विषयों को आमजन की सरल-सहज भाषा में परोसने का काम कर रही हैं। इन लेखों को विश्वसनीय और तथ्यपरक बनाने के लिए ये न सिर्फ विषयों पर गहन शोध करती हैं बल्कि, एक्सपर्ट्स और डॉक्टर्स से बात भी करती हैं। Editorial Policy: पल्लवी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Sep 08, 2026 22:09 IST

    Published By : Pallavi Kumari
    Reviewed By : Dr. Pooja Pillai